सोशल मीडिया पर वायरल अलर्ट के बाद Gmail यूजर्स से अपनी स्मार्ट फीचर्स सेटिंग्स चेक करने की अपील की जा रही है।
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Gmail यूजर्स के लिए AI और प्राइवेसी को लेकर नया अलर्ट सामने आया
अगर आप Gmail इस्तेमाल करते हैं, तो यह खबर आपके लिए अहम हो सकती है। हाल ही में सोशल मीडिया पर एक चेतावनी तेजी से वायरल हुई है, जिसमें दावा किया गया है कि Gmail यूजर्स के ईमेल और अटैचमेंट्स का इस्तेमाल AI ट्रेनिंग के लिए किया जा सकता है, अगर कुछ खास सेटिंग्स को मैन्युअली बंद नहीं किया गया। इस अलर्ट के बाद एक बार फिर डेटा प्राइवेसी और AI के बढ़ते दखल को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।
यह दावा इंजीनियरिंग यूट्यूबर डेवि जोन्स की ओर से किया गया है, जिन्होंने कहा कि कई यूजर्स को बिना साफ सहमति के ऐसे फीचर्स में “ऑटोमैटिकली ऑप्ट-इन” कर दिया गया है। उनके मुताबिक, Gmail में मौजूद स्मार्ट फीचर्स ईमेल कंटेंट तक एक्सेस लेते हैं और इन्हें बंद करने के लिए दो अलग-अलग जगहों पर सेटिंग बदलनी पड़ती है। उन्होंने इसे एक तरह का “डिजिटल ट्रोजन हॉर्स” तक करार दिया।
जोन्स के अनुसार, डेस्कटॉप या लैपटॉप पर Gmail खोलने के बाद सबसे पहले “See all settings” में जाकर “Smart features in Gmail, Chat, and Meet” को बंद करना होगा। इसके बाद “Manage Workspace smart feature settings” में जाकर Google Workspace से जुड़ी स्मार्ट फीचर्स की परमिशन भी हटानी पड़ती है। मोबाइल यूजर्स के लिए भी इसी तरह इनबॉक्स मेन्यू से “Data privacy” सेक्शन में जाकर दोनों स्मार्ट फीचर्स को ऑफ करने का विकल्प दिया गया है।
IMPORTANT message for everyone using Gmail.
— Dave Jones (@eevblog) November 19, 2025
You have been automatically OPTED IN to allow Gmail to access all your private messages & attachments to train AI models.
You have to manually turn off Smart Features in the Setting menu in TWO locations.
Retweet so every is aware. pic.twitter.com/54FKcr4jO2
हालांकि, इन सेटिंग्स को बंद करने का असर सिर्फ AI तक सीमित नहीं रहता। ऐसा करने पर Ask Gemini, स्मार्ट कंपोज, ऑटो कैटेगरी जैसे Promotions और Social टैब, साथ ही स्पेलिंग और ग्रामर चेक जैसे कई पॉपुलर फीचर्स भी बंद हो जाते हैं। यानी ज्यादा प्राइवेसी के बदले कुछ सुविधाओं से समझौता करना पड़ सकता है।
इस पूरे विवाद के बीच Google की ओर से सफाई भी सामने आई है। कंपनी के प्रवक्ता ने हफपोस्ट से कहा है कि सोशल मीडिया पर चल रही रिपोर्ट्स “भ्रामक” हैं। Google का कहना है कि Gmail के स्मार्ट फीचर्स कई सालों से मौजूद हैं और Gmail कंटेंट का इस्तेमाल Gemini AI को ट्रेन करने के लिए नहीं किया जाता। साथ ही, कंपनी ने यह भी कहा कि वह अपनी सर्विस और पॉलिसी में बदलाव को लेकर ट्रांसपेरेंसी बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। फिलहाल, ये सेटिंग्स लाइव हैं और यूजर्स के पास इन्हें मैन्युअली कंट्रोल करने का ऑप्शन मौजूद है।
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