Facebook और YouTube को डीपफेक्स पर मिली केंद्र सरकार से चेतावनी

फेसबुक और यूट्यूब सहित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को यह बताया गया है कि देश के कानून के तहत डीपफेक्स और ऐसे कंटेंट पोस्ट करने पर प्रतिबंध है जो अश्लीलता या गलत जानकारी फैलाता है

Facebook और YouTube को डीपफेक्स पर मिली केंद्र सरकार से चेतावनी

हाल ही में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी डीपफेक्स को लेकर चेतावनी दी थी

ख़ास बातें
  • AI के इस्तेमाल से सेलेब्रिटीज के जाली वीडियो बनाने के मामले बढ़े हैं
  • इस तरह के वीडियो को डीपफेक कहा जाता है
  • सरकार इसके खिलाफ नए रेगुलेशंस बनाने की तैयारी कर रही है
विज्ञापन
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स Facebook और YouTube को डीपफेक्स को लेकर केंद्र सरकार ने चेतावनी दी है। फेसबुक और यूट्यूब सहित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को यह बताया गया है कि देश के कानून के तहत डीपफेक्स और ऐसे कंटेंट पोस्ट करने पर प्रतिबंध है जो अश्लीलता या गलत जानकारी फैलाता है। 

Reuters की एक रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि मिनिस्टर ऑफ स्टेट फॉर IT Rajeev Chandrasekhar ने एक मीटिंग में यह चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि बहुत सी सोशल मीडिया कंपनियों ने पिछले वर्ष लागू किए गए रूल्स के बावजूद अपने यूजर्स के लिए नियमों और शर्तों को अपडेट नहीं किया है। इन रूल्स के तहत बच्चों के लिए हानिकारक, अश्लीलता या एक अन्य व्यक्ति की नकल करने वाले कंटेंट पर प्रतिबंध लगाया गया है। चंद्रशेखर का कहना था कि इन कंपनियों को इन रूल्स को लेकर जागरूकता बढ़ानी चाहिए और यूजर्स को लॉग इन करने पर यह बताना चाहिए कि वे इस तरह का कंटेंट पोस्ट नहीं कर सकते। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के इस्तेमाल से नेताओं और सेलेब्रिटीज के जाली वीडियो बनाने के मामले बढ़े हैं। इस तरह के वीडियो को डीपफेक कहा जाता है। सरकार इसके खिलाफ नए रेगुलेशंस बनाने की तैयारी कर रही है। इन रेगुलेशंस के तहत, डीपफेक्स बनाने वाले और इसे होस्ट करने वाले प्लेटफॉर्म पर जुर्माना लगाया जा सकता है। 

इस सप्ताह की शुरुआत में टेलीकॉम और IT मिनिस्टर Ashwini Vaishaw ने डीपफेक्स को लोकतंत्र के लिए एक खतरा बताया हथा। अश्विनी ने विभिन्न स्टेकहोल्डर्स के साथ मीटिंग के बाद कहा था, "लोकतंत्र के लिए डीपफेक्स एक नया खतरा है। इससे समाज और इसके संस्थानों की विश्वसनीयता कमजोर हो सकती है।" इन स्टेकहोल्डर्स में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स, सॉफ्टवेयर कंपनियों के संगठन नैस्कॉम के प्रतिनिधि और AI की फील्ड से जुड़े प्रोफेसर शामिल थे। 

अश्विनी ने बताया था, "हम डीपफेक्स के लिए रेगुलेशंस बनाने की शुरुआत कर रहे हैं।" उनका कहना था कि सरकार चार बिंदुओं - डीपफेक्स की पहचान, ऐसे कंटेंट को फैलने से रोकने, रिपोर्टिंग की प्रक्रिया को मजबूत करने और इस मुद्दे पर जागरूकता बढ़ाने पर कार्य करेगी। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी डीपफेक्स को लेकर चेतावनी दी थी। मोदी ने बताया था कि उन्होंने चैटजीपीटी की टीम से डीपफेक की पहचान करने और ऐसे वीडियो के इंटरनेट पर प्रसारित होने पर चेतावनी जारी करने को कहा है। 
 
Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

आकाश आनंद

Gadgets 360 में आकाश आनंद डिप्टी न्यूज एडिटर हैं। उनके पास प्रमुख ...और भी

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. Dyson CameraJet: आ गया कैमरे वाला टूथब्रश! AI पता लगाएगा कहां है गंदगी, फिर वहीं करेगा सफाई
  2. स्मार्टफोन से भी पतला Power Bank! 8 सितंबर को भारत आ रहा Xiaomi का मैग्नेटिक वायरलेस चार्जिंग वाला पावर बैंक
  3. ताइवानी कंपनी Optoma ने भारत में पेश की 55-98 इंच की प्रोफेशनल डिस्प्ले, जानें कहां होगा इस्तेमाल
  4. SIR Draft List 2026: वोटर लिस्ट में अपना नाम ऐसे करें चेक, अगर कट गया है तो क्या करें? यहां जानें सब कुछ
  5. फर्जी SIM खरीदी, IMEI से छेड़छाड़ किया तो होगी 3 साल की सजा और 50 लाख जुर्माना
  6. एक ही मशीन से फर्श, सोफा और कार की सफाई! Dreame H12 Dual FlexReach भारत में हुआ लॉन्च
  7. boltt के दोनों स्मार्टफोन की सेल आज से शुरू, मिल रहा तगड़ा डिस्काउंट भी
  8. एक मशीन में 2 ड्रम और 34 वॉशिंग मोड्स! Xiaomi की नई Mini Washing Machine हुई लॉन्च
  9. Samsung Galaxy Book6 लैपटॉप लॉन्च, 14 इंच डिस्प्ले के साथ Intel Core 5 प्रोसेसर से लैस
  10. पोर्न ऐप के नाम पर साइबर ठगी, पैसों की लूट, Facebook ऐड से डाउनलोड हो रहे APK फाइल, I4C ने दी चेतावनी
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »