फोन में निजी डाटा से लेकर जरूरी सामग्री, सोशल मीडिया अकाउंट और बैंक ऐप्स मौजूद रहते हैं तो हैकर्स की नजर हमेशा बनी रहती है।
Photo Credit: Unsplash/Sanket Mishra
हैकर्स की नजर हमेशा फोन के डाटा पर रहती है।
टेक्नोलॉजी के इस दौरान में स्मार्टफोन किसी कंप्यूटर, फाइनेंशियल साथी, कैमरा और कम्युनिकेशन से लेकर कई कार्यों में मदद करते हैं। अब फोन में निजी डाटा से लेकर जरूरी सामग्री, सोशल मीडिया अकाउंट और बैंक ऐप्स मौजूद रहते हैं तो हैकर्स की नजर हमेशा बनी रहती है। इंटरनेट से कनेक्ट होने के बाद आप हैकर्स को पूरी तरह खुद से दूर नहीं कर सकते हैं, लेकिन अगर आप समय रहते जान जाएंगे कि आपका फोन हैक हुआ है या नहीं तो खुद को संभावित खतरे से बचा पाएंगे। यहां हम आपको उन संकेतों के बारे में बता रहे हैं जो कि अगर आपको अपने फोन में नजर आते हैं तो आपका फोन हैक हो सकता है। आइए जानते हैं कि कैसे चेक करें आपका फोन हैक हुआ या नहीं।
बैटरी में तेजी से गिरावट या ओवरहीट होना
अगर आपके फोन की बैटरी तेजी से कम हो रही है तो संभावना है कि किसी हैकर द्वारा ऐप्स और स्पाईवेयर किया जा रहा है, जिससे बैकग्राउंड में लगातार एक्टिविटी होने पर जैसे कि डाटा भेजने और प्राप्त करने पर फोन लगातार काम करता है, जिससे बैटरी तेजी से खत्म होती है। इसके अलावा फोन ओवर हीट भी कर जाता है। बैटरी सेटिंग में जाकर आप चेक कर सकते हैं कि कोई अंजान ऐप लगातार बहुत ज्यादा पावर की खपत कर रही है।
डाटा और नेटवर्क एक्टिविटी
कई बार हैकर रिमोट एक्सेस टूल के जरिए फोन को हैक करने का प्रयास करते हैं या कर लेते हैं। सेटिंग में जाकर आप डाटा की खपत को मॉनिटर कर सकते हैं। अगर आपको कोई अंजान ऐप डाटा उपयोग करती हुई नजर आती है तो संभावना है कि फोन हैक हुआ है।
अजीब पॉप-अप आना या सेटिंग में बदलाव
कई बार एडवेयर या खतरनाक सॉफ्टवेयर आपकी बिना जानकारी के ही फोन में इंस्टॉल हो सकते हैं या परमिशन में बदलाव कर सकते हैं। आप चेक कर सकते हैं कि फोन में अंजान ऐप्स तो नहीं हैं, या अचानक परमिशन में बदलाव तो नहीं हुआ है। सेटिंग्स में कुछ बदलाव हुआ है तो जरूर ध्यान देना चाहिए।
फोन का स्लो होना
अगर आपका स्मार्टफोन स्लो हो गया है या अजीब तरीके से रीस्टार्ट हो रहा है या फिर ऐप्स बार-बार रुक रहे हैं तो संभावना है कि कुछ खतरा हो सकता है। खासतौर पर कुछ नया इंस्टॉल करने के बाद ऐसे बदलाव नजर आते हैं तो फोन हैक हो सकता है। मैलवेयर या हैकर की एक्टिविटी फोन की मेमोरी और सीपीयू पर ज्यादा दबाव डाल सकती हैं।
फोन में किसी संदिग्ध एक्टिविटी का दिखना
कई बार हैकर आपके फोन का उपयोग मैलवेयर फैलाने या आपके अकाउंट तक एक्सेस के लिए कर सकते हैं। ऐसे में आपको यह चेक करना है कि आपके नंबर से किसी को कोई मैसेज या कॉल तो नहीं हुआ। या फिर अंजान जगहों से ईमेल या सोशल मीडिया लॉगिन एक्टिविटी होना भी फोन के हैक होने की संभावना है।
लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।
विज्ञापन
विज्ञापन
Samsung Galaxy Watch 9 (44mm, LTE)
Starts from ₹44,999
Samsung Galaxy Watch 9 (40mm, LTE)
Starts from ₹37,999
Samsung Galaxy Watch 9 (40mm)
Starts from ₹37,999
CMF Buds Neo True Wireless Stereo (TWS) Earphones
Starts from ₹1,999
Amazfit Cheetah 2 Ultra
Starts from ₹54,999
JBL Tune 780NC Wireless Headphones
Starts from ₹7,999
Laser से 1 मिनट में 1,800 मच्छरों का सफाया! चीन की इस मशीन का प्री-ऑर्डर शुरू, जानें कैसे काम करती है टेक्नोलॉजी
Lava Agni 4N आज यूके के बाजार में लॉन्च हुआ, 5000mAh बैटरी, 50MP कैमरा जैसे फीचर्स से लैस
क्या फोन पर टूटा हुआ टेम्पर्ड ग्लास उपयोग करना चाहिए, जानें क्या होगा असर