चीन में सरकार की सख्ती से युवाओं ने छोड़ी गेमिंग की लत

चीन ने अपनी युवा जनसंख्या में गेमिंग की लत की समस्या का समाधान करने का दावा किया है। पिछले वर्ष चीन में रेगुलेटर्स ने इस समस्या के समाधान के लिए नए रूल्स बनाए थे

चीन में सरकार की सख्ती से युवाओं ने छोड़ी गेमिंग की लत

गेमिंग फर्मों प्रशंसा ने इस लत को छुड़ाने के लिए सिस्टम बनाए थे

ख़ास बातें
  • पिछले वर्ष चीन के रेगुलेटर्स ने गेमिंग के लिए नए रूल्स बनाए थए
  • युवाओं के लिए एक सप्ताह में तीन घंटे से अधिक गेम खेलने पर पाबंदी लगी थी
  • इन रूल्स का उल्लंघन करने वाली गेमिंग फर्मों पर सख्ती की गई थी
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पिछले कुछ वर्षों में युवाओं के बीच ऑनलाइन गेमिंग काफी लोकप्रिय हुई है। हालांकि, गेमिंग की लत से बहुत से युवाओं पर बड़ा असर भी पड़ रहा है। चीन ने अपनी युवा जनसंख्या में गेमिंग की लत की समस्या का समाधान करने का दावा किया है। पिछले वर्ष चीन में रेगुलेटर्स ने इस समस्या के समाधान के लिए नए रूल्स बनाए थे। 

चीन में गेमिंग इंडस्ट्री की एसोसिएशन ने एक रिपोर्ट में इस समस्या को दूर करने का दावा किया है। इस रिपोर्ट को ऑनलाइन गेम पब्लिशिंग रेगुलेटर, चाइना गेम इंडस्ट्री रिसर्च इंस्टीट्यूट से जुड़ी चाइना गेम इंडस्ट्री ग्रुप कमेटी और डेटा प्रोवाइडर CNG ने तैयार किया है। पिछले वर्ष लागू हुए नए रूल्स में 18 वर्ष से कम आयु के युवाओं के एक सप्ताह में तीन घंटे से अधिक वीडियो गेम्स खेलने पर रोक लगाई गई थी। इसके बाद मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया था कि युवाओं की गेमिंग की लत को छुड़ाने के लिए नए रूल्स में कमियों को दूर करने की जरूरत है। इस बारे में चीन की कम्युनिट पार्टी के समाचार पत्र पीपल्स डेली में बताया गया था, "कुछ ऑनलाइन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म्स पर गेम एकाउंट के रेंटल और सेल्स का कारोबार हो रहा है। इससे यूजर्स बिना पाबंदियों के एकाउंट रेंट पर लेकर या खरीदकर ऑनलाइन गेम्स खेल सकते हैं।" 

पिछले वर्ष चीन में टेक्नोलॉजी सेक्टर से जुड़ी कंपनियों पर रेगुलेटर्स ने सख्ती की थी। इनमें गेमिंग इंडस्ट्री से जुड़ी कंपनियां भी शामिल था। गेमिंग की लत पर लगाम लगाने से जुड़ी रिपोर्ट में बताया गया है कि 75 प्रतिशत से अधिक युवा एक सप्ताह में तीन घंटे से कम गेम्स खेल रहे हैं। इस सफलता के लिए गेमिंग फर्मों की प्रशंसा की गई है जिन्होंने इस लत को छुड़ाने के लिए सिस्टम बनाए थे। 

भारत में केंद्र सरकार ऑनलाइन गेमिंग पर गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) बढ़ा सकती है। हालांकि, इसके साथ ही गेमिंग पर GST लगाने के लिए रकम को कैलकुलेट करने के फॉर्मूला में बदलाव किया जा सकता है। ऑनलाइन गेमिंग पर GST की मौजूदा दर 18 प्रतिशत है। राज्यों के वित्त मंत्रियों का समूह (GoM) ऑनलाइन गेमिंग पर 28 प्रतिशत का टैक्स लगाने का सुझाव दे सकता है। इसमें गेम ऑफ स्किल या गेम ऑफ चांस दोनों प्रकार की गेमिंग के लिए समान GST होगा। GoM की रिपोर्ट को जल्द ही विचार के लिए GST काउंसिल को दिया जा सकता है।
 
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आकाश आनंद

Gadgets 360 में आकाश आनंद डिप्टी न्यूज एडिटर हैं। उनके पास प्रमुख ...और भी

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