• होम
  • electric vehicle
  • ख़बरें
  • EV बनाने वाली कंपनियों की पेट्रोल से चलने वाली टू व्हीलर्स पर टैक्स लगाने की मांग

EV बनाने वाली कंपनियों की पेट्रोल से चलने वाली टू-व्हीलर्स पर टैक्स लगाने की मांग

EV बनाने वाली कंपनियों ने नेशनल ग्रीन ट्राइब्यूनल से फ्यूल से चलने वाले टू-व्हीलर्स पर 'ग्रीन टैक्स' लगाने की मांग की है

EV बनाने वाली कंपनियों की पेट्रोल से चलने वाली टू-व्हीलर्स पर टैक्स लगाने की मांग

केंद्र सरकार के सब्सिडी घटाने से इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स की बिक्री घट सकती है

ख़ास बातें
  • सब्सिडी घटने से इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स के प्राइसेज बढ़ गए हैं
  • इस सेगमेंट से जुड़ी कंपनियों के लिए कारोबार करना बहुत मुश्किल हो गया है
  • पिछले कुछ वर्षों में इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स की बिक्री बढ़ी है
विज्ञापन
पिछले कुछ वर्षों में देश में इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV) की बिक्री तेजी से बढ़ी है। हालांकि, केंद्र सरकार ने FAME II सब्सिडी में कटौती करने से इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स की डिमांड में कमी होने की आशंका है। EV बनाने वाली कंपनियों ने नेशनल ग्रीन ट्राइब्यूनल (NGT) से फ्यूल से चलने वाले टू-व्हीलर्स पर 'ग्रीन टैक्स' लगाने की मांग की है। इसके साथ ही इन कंपनियों ने सब्सिडी में कमी को लेकर आशंका भी जताई है। 

सोसाइटी ऑफ मैन्युफैक्चरर्स ऑफ इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (SMEV) ने अपनी याचिका में कहा है कि मिनिस्ट्री ऑफ हेवी इंडस्ट्रीज की ओर से सब्सिडी में कमी किए जाने से EV सेक्टर की ग्रोथ में रुकावट आने के साथ ही एनवायरमेंट पर भी बुरा असर पड़ने की आशंका है। मिनिस्ट्री ने FAME II को 75 प्रतिशत घटा दिया है। इससे इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स के प्राइसेज बढ़ गए हैं। SMEV ने बताया कि उसने NGT से फ्यूल बेस्ड टू-व्हीलर्स पर ग्रीन टैक्स लगाने का निवेदन किया है। इससे एनवायरमेंटल के अनुकूल व्हीकल्स की बिक्री बढ़ाने में मदद मिलेगी और पॉल्यूशन को घटाया जा सकेगा। 

इस बारे में SMEV की ओर से जारी बयान में कहा गया है, "दुनिया भर में इलेक्ट्रिक व्हीकल्स पर सब्सिडी दी जाती है जिससे पॉल्यूशन नहीं फैलाने वाले व्हीकल्स को बढ़ाया जा सके। मिनिस्ट्री का फैसला इस उद्देश्य के विपरीत है।" मिनिस्ट्री के इस फैसले से बहुत से OEM को वित्तीय मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि 1,200 करोड़ रुपये से अधिक की सब्सिडी रुक गई है। इसके अलावा सब्सिडी के पिछले भुगतान को भी वापस करने की मांग हो रही है। SMEV का कहना है कि सब्सिडी में कटौती से इस सेगमेंट से जुड़ी कंपनियों के लिए कारोबार करना बहुत मुश्किल हो गया है। 

देश में पिछले फाइनेंशियल ईयर में 7,79,000 हाई-स्पीड इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स की बिक्री हुई थी, जिनके लिए FAME 2 सब्सिडी दी गई थी। इस वर्ष के इकोनॉमिक सर्वे में बताया गया था कि देश में इलेक्ट्रिक व्हीकल्स का मार्केट 2030 तक बढ़कर एक करोड़ यूनिट्स सालाना का हो सकता है। इससे लगभग पांच करोड़ डायरेक्ट और इनडायरेक्ट जॉब्स मिलने की संभावना है। पिछले वर्ष दिसंबर में सेल्स के लिहाज से जापान और जर्मनी को पीछे छोड़कर दुनिया में भारत तीसरा सबसे बड़ा ऑटोमोबाइल मार्केट बन गया था। 
 
Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

आकाश आनंद

Gadgets 360 में आकाश आनंद डिप्टी न्यूज एडिटर हैं। उनके पास प्रमुख ...और भी

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. Google के AI पर खुद DeepMind को नहीं भरोसा? नौकरी के लिए जारी किया खास अलर्ट
  2. Samsung Galaxy S26 FE में मिल सकती है 6.7 इंच AMOLED स्क्रीन, Exynos 2500 चिपसेट
  3. OnePlus Nord 6 खरीदने का बेस्ट मौका? यहां मिल रही है ₹11 हजार तक की छूट
  4. ऑनलाइन ऑर्डर ट्रैक करने के लिए Google Wallet कैसे करें इस्तेमाल
  5. AI को Gym की क्लास बुक करने को कहा, उसने वेबसाइट हैक कर वेटिंग लिस्ट ही बदल डाली!
  6. Xiaomi 18 में मिल सकती है 7,200mAh बैटरी, 5 कलर्स के ऑप्शन
  7. Acer ने भारत में Nitro, Predator और Aspire लैपटॉप किए लॉन्च, जानें फीचर्स, कीमत ₹39,999 से शुरू
  8. क्रिप्टो मार्केट पर बढ़ा प्रेशर, बिटकॉइन का प्राइस 64,000 डॉलर से नीचे
  9. Hotel का Free WiFi अच्छा लगता है? चुटकी में हैकर्स के हाथ लग सकता है आपका पासवर्ड और प्राइवेट डेटा
  10. Hisense ने भारत में लॉन्च किए 75-इंच साइज तक के MiniLED TV, ऑफर में ₹10 हजार तक डिस्काउंट!
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »