एपल के आईफोन की मैन्युफैक्चरिंग में फॉक्सकॉन की बड़ी हिस्सेदारी है। इसके पास भारत के साथ ही चीन में मैन्युफैक्चरिंग प्लांट्स हैं। कर्नाटक सरकार ने इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन एंड मैन्युफैक्चरिंग (ESDM) सेक्टर के लिए स्पेशल स्कीम के तहत फॉक्सकॉन को यह इंसेटिव दिया है। पिछले वर्ष फॉक्सकॉन ने भारत में अपनी सब्सिडियरी में लगभग 1,200 करोड़ रुपये का इनवेस्टमेंट किया था।
देश में ऑटोमोटिव टेक्नोलॉजी के लोकलाइजेशन को बढ़ावा देने के लिए यह स्कीम शुरू की गई थी।
Ola Electric ने बताया है कि उसकी सब्सिडियरी Ola Electric Technologies को मिनिस्ट्री ऑफ हेवी इंडस्ट्रीज से ऑटोमोबाइल और ऑटो कंपोनेंट्स की PLI स्कीम के तहत 73.74 करोड़ रुपये की सब्सिडी मिली है। इस स्कीम में इससे पहले बड़ी ऑटोमोबाइल कंपनियों को Tata Motors और Mahindra & Mahindra को सब्सिडी मिली थी।
फरवरी में Tata Motors की EV सेल्स वर्ष-दर-वर्ष आधार पर लगभग 23 प्रतिशत घटकर 5,343 यूनिट्स की थी। इस वित्त वर्ष में कंपनी की देश और इंटरनेशनल मार्केट में EV की सेल्स लगभग 12 प्रतिशत कम होकर लगभग 58,293 यूनिट्स की है। एक अनुमान के अनुसार, पिछले वर्ष दिसंबर में टाटा मोटर्स की इस मार्केट में हिस्सेदारी घटकर लगभग 56 प्रतिशत की है
इसमें अधिक पावरफुल इलेक्ट्रिक मोटर दी गई है। हालांकि, इसके कुछ पार्ट्स कंपनी की एंट्री-लेवल की इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल RV1 के समान हैं। RV BlazeX का शुरआती प्राइस लगभग 1.15 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) का है। कंपनी ने इसके लिए बुकिंग लेनी शुरू कर दी है। इस इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल के लिए 499 रुपये में बुकिंग कराई जा सकती है।
कंपनी ने अगले 45 दिनों तक कस्टमर्स के लिए कुछ बेनेफिट्स की घोषणा की है। इनमें एक्सचेंज बोनस के साथ ही 100 प्रतिशत तक फाइनेंस शामिल है। टाटा मोटर्स ने EV के लिए चार्जिंग स्टेशंस की संख्या को दो वर्षों में दोगुना करने की योजना बनाई है। हाल ही में कंपनी ने बताया था कि 2027 तक इन चार्जिंग स्टेशंस को बढ़ाकर लगभग चार लाख तक पहुंचाया जाएगा।
पिछले वर्ष कुल व्हीकल्स में EV की लगभग 7.4 प्रतिशत की थी। यह आंकड़ा वित्त वर्ष 2030 तक बढ़कर 30-35 प्रतिशत पर पहुंचने का अनुमान है। केंद्र सरकार और राज्य सरकारों की ओर से EV की सेल्स बढ़ाने के लिए इंसेंटिव दिए जा रहे हैं। दुनिया भर में पिछले वर्ष प्रत्येक चार व्हीकल्स की बिक्री में एक EV था। अमेरिका और चीन के बाद दुनिया में भारत तीसरा सबसे बड़ा ऑटोमोबाइल मार्केट है।
वाहन पोर्टल के 15 जनवरी के डेटा के अनुसार, इस महीने के पहले पखवाड़े में कंपनी ने लगभग 6,655 यूनिट्स की बिक्री की है। यह 18 प्रतिशत मार्केट शेयर के बराबर है। पिछले वर्ष की शुरुआत में ओला इलेक्ट्रिक का मार्केट शेयर 50 प्रतिशत से अधिक का था। इस सेगमेंट में Bajaj Auto और TVS Motor ने ओला इलेक्ट्रिक को पीछे छोड़ा है।
सरकार ने इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ाने के लिए 41,200 करोड़ रुपये से अधिक की स्कीम लॉन्च की थी। इसमें मैन्युफैक्चरर्स को सब्सिडी दी गई थी। इस स्कीम के कुछ हिस्से का एलोकेशन नहीं किया गया है। इसका कारण कुछ कंपनियों का मैन्युफैक्चरिंग के अनुमानित टारगेट को पूरा नहीं करना था। सरकार ने Apple और Samsung जैसी कंपनियों को मैन्युफैक्चरिंग बढ़ाने के लिए काफी इंसेंटिव दिए हैं।
चौथी तिमाही में रिकॉर्ड डिलीवरी करने के बावजूद टेस्ला की सेल्स में कमी हुई है। बिलिनेयर Elon Musk की कंपनी ने पिछले वर्ष लगभग 17.9 लाख व्हीकल्स बेचे हैं। EV कंपनियों के लिए चुनौतियां बढ़ रही हैं। डिमांड कम होने से इनकी सेल्स पर असर पड़ रहा है। अमेरिका में Donald Trump की अगुवाई आगामी सरकार EV पर सब्सिडी को घटा सकती है। इससे इस सेगमेंट में डिमांड पर बड़ा असर हो सकता है।
दिसंबर में इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स के सेगमेंट में बजाज ऑटो की हिस्सेदारी बढ़कर लगभग 25 प्रतिशत की हो गई है। यह इससे पिछले महीने की तुलना में लगभग तीन प्रतिशत की बढ़ोतरी है। वाहन पोर्टल के डेटा के अनुसार, दिसंबर में ओला इलेक्ट्रिक की रिटेल सेल्स लगभग पांच प्रतिशत घटकर लगभग 19 प्रतिशत की है। TVS Motor ने लगभग 23 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ अपना दूसरा स्थान बरकरार रखा है।
ओला इलेक्ट्रिक ने शुक्रवार को स्टॉक एक्सचेंज को फाइलिंग में बताया कि कंपनी के चीफ मार्केटिंग ऑफिसर, Anshul Khandelwal और चीफ टेक्नोलॉजी एंड प्रोडक्ट ऑफिसर, Suvonil Chatterjee ने इस्तीफा दिया है। इससे पहले भी कुछ सीनियर एग्जिक्यूटिव्स ने इस्तीफा दिया था। पिछले महीने ओला इलेक्ट्रिक ने सैंकड़ों वर्कर्स की छंटनी भी की थी।
कंपनी ने अपने स्टोर्स की संख्या को चार गुना बढ़ाने के मौके पर इस डिस्काउंट की घोषणा की है। इसके इलेक्ट्रिक स्कूटर्स की S1 रेंज पर 7,000 रुपये तक का डिस्काउंट दिया जा रहा है। इलेक्ट्रिक स्कूटर्स की बैटरी पर 8 वर्ष या 80,000 किलोमीटर की 7,000 रुपये की वॉरंटी को मुफ्त दिया जाएगा। कंपनी के MoveOS पर 6,000 रुपये का बेनेफिट है।
रोड ट्रांसपोर्ट एंड हाइवेज मिनिस्टर Nitin Gadkari ने बताया कि देश की EV इंडस्ट्री 2030 तक लगभग 20 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच सकती है। यह इंडस्ट्री अभी 4.50 लाख करोड़ रुपये की है। अगले पांच वर्षों में इस इंडस्ट्री में रोजगार के लगभग पांच करोड़ अवसर बनने की संभावना है। EV की सेल्स को बढ़ाने के लिए हाल ही में केंद्र सरकार ने 14,335 करोड़ रुपये की दो योजनाओं को स्वीकृति दी है।
कंपनी EV के लिए जल्द एक नया ब्रांड लॉन्च कर सकती है। इस सेगमेंट में कंपनी के पास चेतक इलेक्ट्रिक, इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर और इलेक्ट्रिक कार्गो थ्री-व्हीलर मौजूद हैं। अगली तिमाही में कंपनी इस सेगमेंट में नए प्रोडक्ट लॉन्च करेगी। बजाज ऑटो को इलेक्ट्रिक चेतक, इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर और इलेक्ट्रिक कार्गो थ्री-व्हीलर की सेल्स में बढ़ोतरी होने की उम्मीद है।
देश में EV के लिए पब्लिक चार्जिंग की डिमांड को पूरा करने के लिए 2030 तक लगभग 16,000 करोड़ रुपये के कैपिटल एक्सपेंडिचर की जररूत है। EV को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार की ओर से भी उपाय किए गए हैं। FICCI EV पब्लिक चार्जि्ंग इंफ्रास्ट्रक्चर रोडमैप 2030 रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है। इस रिपोर्ट में 700 से अधिक शहरों का विश्लेषण किया गया था।