• होम
  • electric vehicle
  • ख़बरें
  • इलेक्ट्रिक व्हीकल की बैटरी के लिए चीन की BYD के साथ Apple ने मिलाया था हाथ 

इलेक्ट्रिक व्हीकल की बैटरी के लिए चीन की BYD के साथ Apple ने मिलाया था हाथ 

BYD की कारों में Blade सिस्टम का इस्तेमाल होता है। इन दोनों कंपनियों के बीच टाई-अप की योजना लगभग एक दशक पहले बनाई गई थी

इलेक्ट्रिक व्हीकल की बैटरी के लिए चीन की BYD के साथ Apple ने मिलाया था हाथ 

पिछले कुछ वर्षों में इलेक्ट्रिक व्हीकल्स की बिक्री तेजी से बढ़ी है

ख़ास बातें
  • एपल ने इस प्रोजेक्ट को कैंसल कर दिया है
  • दोनों कंपनियों के बीच इस टाई-अप का खुलासा नहीं किया गया था
  • BYD की इलेक्ट्रिक कारों में Blade सिस्टम का इस्तेमाल किया जाता है
विज्ञापन
अमेरिकी डिवाइसेज मेकर Apple की इलेक्ट्रिक कार बनाने के प्रोजेक्ट में चीन की ऑटोमोबाइल कंपनी BYD के साथ वर्षों तक कार्य किया गया था। एपल ने इस प्रोजेक्ट को कैंसल कर दिया है। इसके लिए कंपनी ने BYD के साथ मिलकर लंबी रेंज की बैटरी डिवेलप करने पर कार्य किया था। 

Bloomberg ने इस बारे में जानकारी रखने वाले लोगों के हवाले से बताया कि एपल और चीन की BYD ने लिथियम आयरन फॉस्फेट सेल्स के इस्तेमाल वाला बैटरी सिस्टम बनाने के लिए टाई-अप किया था। इस टेक्नोलॉजी का डिजाइन लंबी रेंज वाली और सुरक्षित इलेक्ट्रिक व्हीकल्स बैटरीज के लिए था। हालांकि, एपल के पास BYD की मौजूदा Blade बैटरीज में इस्तेमाल होने वाली किसी टेक्नोलॉजी का मालिकाना हक नहीं है। इस टाई-अप से यह पता चलता है कि एपल ने इलेक्ट्रिक कार बनाने के अपने प्रोजेक्ट में कितनी प्रगति की थी। पिछले एक दशक में कंपनी ने इस प्रोजेक्ट पर बड़ा खर्च किया था। 

हालांकि, दोनों कंपनियों के बीच इस टाई-अप का खुलासा नहीं किया गया था। इस बारे में एपल और BYD के प्रवक्ताओं ने कोई टिप्पणी करने से मना कर दिया हालांकि, BYD ने ई-मेल से दिए एक स्टेटमेंट में बताा कि Blade बैटरी का कॉन्सेप्ट उसके इंजीनियर्स का था। इस बैटरी पर BYD के पूरे पेटेंट और अन्य राइट्स हैं। BYD की कारों में Blade सिस्टम का इस्तेमाल होता है। इन दोनों कंपनियों के बीच टाई-अप की योजना लगभग एक दशक पहले बनाई गई थी। 

एपल अपने इलेक्ट्रिक कार के प्रोजेक्ट के लिए कोर टेक्नोलॉजीज की तलाश कर रही थी। कंपनी के एग्जिक्यूटिव्स को BYD के इंजीनियर्स ने Blade बैटरी के शुरुआती वर्जन को दिखाया था। एपल को इस टेक्नोलॉजी की एनर्जी स्टोरेज की क्षमताएं और सुरक्षा बेहतर लगी थी। इसके बाद कंपनी ने EV की रेंज बढ़ाने के लिए इसमें कस्टमाइजेशन की मांग की थी। एपल इससे पहले विभिन्न बैटरीज पर कार्य कर रही थी। इनमें निकेल और अल्कालाइन जैसे एलिमेंट्स का इस्तेमाल किया जा रहा था। कंपनी ने बैटरी पैक डिजाइन और इंजीनियरिंग में भी काफी इनवेस्टमेंट किया था। यह बैटरी में जितने अधिक हो सकें उतने सेल लगाना चाहती थी। पिछले कुछ वर्षों में इलेक्ट्रिक व्हीकल्स की बिक्री तेजी से बढ़ी है। अमेरिका और चीन EV के बड़े मार्केट्स में शामिल हैं। 
Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

आकाश आनंद

Gadgets 360 में आकाश आनंद डिप्टी न्यूज एडिटर हैं। उनके पास प्रमुख ...और भी

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. किचन में पड़ी इस छोटी सी चीज से बढ़ जाती है Wi-Fi स्पीड? जानें कैसे काम करती है ये वायरल ट्रिक
  2. Oppo Find X10 Pro Max में हो सकता है MediaTek Dimensity 9600 Pro चिपसेट  
  3. Xiaomi Pad 9 के लॉन्च की तैयारी, 9,720mAh हो सकती है बैटरी
  4. स्टूडेंट्स Samsung के इस ऑफर से न चूकें! प्रीमियम फोन, लैपटॉप और AI डिवाइसेज सस्ते में लेने का मौका
  5. Redmi Watch 6 Active, Watch 6 Lite की कीमत और स्पेसिफिकेशंस लॉन्च से पहले लीक!
  6. 6500mAh बैटरी वाले Tecno Camon 50 Ultra 5G की सेल हुई लाइव, ऑफर में ₹3 हजार का डिस्काउंट
  7. फोन के बाद अब Credit Card भी बेच रहा Samsung, शॉपिंग पर कैशबैक और बड़े रिवॉर्ड्स! रजिस्ट्रेशन शुरू
  8. भारतीय मार्केट में Google ला रहा है बिना स्क्रीन वाला फिटनेस ट्रैकर, लॉन्च से पहले Amazon पर हुआ लिस्ट
  9. Redmi Note 17 कब होगा भारत में लॉन्च, स्पेसिफिकेशंस का हुआ खुलासा
  10. ₹7 हजार से कम में 200 इंच स्क्रीन पर देखें सिनेमा! XElectron ने भारत में लॉन्च किया नया प्रोजेक्टर
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »