Secure

Secure - ख़बरें

  • फोन बेचने से पहले सिर्फ Factory Reset काफी नहीं, इन 7 बातों का रखें ध्यान
    पुराना स्मार्टफोन बेचने से पहले सिर्फ Factory Reset कर देना काफी नहीं है। फोन किसी दूसरे व्यक्ति को देने से पहले जरूरी डेटा का बैकअप लेना, Google या Apple Account हटाना और ई-सिम को नए फोन में स्थानांतरित करना जरूरी है। इसके अलावा SIM और मेमोरी कार्ड निकालना चाहिए। बैंकिंग, UPI और Authenticator जैसे जरूरी ऐप्स की जानकारी भी पहले नए फोन में सुरक्षित कर लेनी चाहिए। पुराने फोन से जुड़े स्मार्टवॉच, ईयरबड्स और दूसरे Bluetooth डिवाइस का कनेक्शन हटाना भी जरूरी है। सभी चीजें जांचने के बाद फोन को पूरी तरह रीसेट करें और आखिर में यह जरूर देखें कि स्क्रीन पर सिर्फ शुरुआती सेटअप दिखाई दे रहा है।
  • WhatsApp पर अनजान कॉल्स नहीं करेंगी परेशान? Passkeys से अकाउंट होगा सिक्योर, लॉन्च हुए 3 नए फीचर्स
    WhatsApp ने यूजर्स की अकाउंट सिक्योरिटी को मजबूत करने के लिए तीन नए फीचर्स पेश किए हैं। अब एक WhatsApp अकाउंट में एक से ज्यादा Passkeys जोड़ी जा सकेंगी, जिससे अलग-अलग डिवाइस इस्तेमाल करने वाले यूजर्स को फायदा होगा। इसके अलावा Two-Step Verification में सिर्फ 6 Digit PIN की जगह ज्यादा मजबूत पासवर्ड इस्तेमाल करने का ऑप्शन मिलेगा, जिसमें अक्षर, नंबर और स्पेशल करैक्टर्स शामिल हो सकते हैं। WhatsApp ने अनजान कॉल्स के लिए भी नया अपडेट दिया है। Android यूजर्स को अनजान नंबर से कॉल आने पर उसके देश और कॉमन WhatsApp ग्रुप जैसी एक्स्ट्रा डिटेल्स दिखाई जा सकती है।
  • अमेरिकी कंपनी Microsoft को चीन दिखाएगा बाहर का रास्ता? सरकारी सिस्टम से हटेगा Windows
    चीन ने अपनी सरकारी संस्थाओं में अमेरिकी टेक्नोलॉजी पर निर्भरता कम करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। Bloomberg की रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ सरकारी और सरकारी नियंत्रण वाली संस्थाओं को Windows 10 China Government Edition हटाने के निर्देश दिए गए हैं। खास बात यह है कि यह Windows का सामान्य वर्जन नहीं, बल्कि चीन की सरकारी जरूरतों के लिए Microsoft और चीनी सरकारी कंपनी CETC के सहयोग से तैयार किया गया खास वर्जन है। इस फैसले के पीछे डेटा सिक्योरिटी और नेशनल सिक्योरिटी से जुड़ी चिंताओं को अहम वजह बताया गया है। Windows की जगह चीन घरेलू Linux-बेस्ड ऑपरेटिंग सिस्टम को बढ़ावा दे सकता है।
  • सोशल मीडिया पर फोटो पोस्ट करते हैं तो सावधान! GPS के बिना भी AI खोज सकता है आपकी लोकेशन
    सोशल मीडिया पर ट्रैवल फोटो शेयर करने वाले यूजर्स के लिए एक पुरानी लेकिन अहम रिसर्च फिर चर्चा में है। McAfee ने जुलाई 2026 में 21,236 ट्रैवल तस्वीरों पर AI की क्षमता को टेस्ट किया था। रिसर्च में Qwen 3 VL 30B ने 91 प्रतिशत और Gemma 3 27B ने 87 प्रतिशत मामलों में तस्वीर से शहर और देश की पहचान की। इसके लिए फोटो में GPS टैग होना जरूरी नहीं था। AI तस्वीर में मौजूद लैंडमार्क, साइनबोर्ड, सड़क, भाषा, इमारत और दूसरे विजुअल संकेतों का इस्तेमाल कर सकता है। McAfee ने 102 निजी तस्वीरों पर भी ChatGPT, Claude और Copilot के साथ टेस्ट किया।
  • लैपटॉप पर तुरंत ऑफ कर दें स्क्रीन शेयरिंग ऑप्शन, हैकर्स को खुले हाथ न्यौता दे रहा है ये फीचर!
    Apple Mac यूजर्स के लिए सिक्योरिटी अलर्ट सामने आया है। macOS के Screen Sharing फीचर में एक गंभीर खामी मिली है, जिसका इस्तेमाल अटैकर्स सिस्टम तक अनधिकृत एक्सेस हासिल करने के लिए कर सकते हैं। इस खामी को CVE-2026-65400 नाम दिया गया है और इसके सक्रिय रूप से इस्तेमाल की जानकारी सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक, खासतौर पर वे सिस्टम जोखिम में हो सकते हैं जिनका Screen Sharing पोर्ट इंटरनेट से एक्सेस किया जा सकता है। Apple ने इस समस्या को ठीक करने के लिए macOS के नए सिक्योरिटी अपडेट जारी किए हैं। यूजर्स को अपना Mac अपडेट करने और जरूरत न होने पर Screen Sharing बंद रखने की सलाह दी गई है।
  • ऑनलाइन मीटिंग करते हैं तो सावधान! इस ऐप में मिली खतरनाक खामी, हैकर्स कर सकते हैं सिस्टम एक्सेस
    Zoom में एक गंभीर सिक्योरिटी खामी सामने आई है, जिसके जरिए हमलावर बिना किसी क्लिक या फाइल डाउनलोड के मीटिंग में मौजूद यूजर के डिवाइस को निशाना बना सकता था। साइबर सिक्योरिटी कंपनी A Security के मुताबिक, यह खामी Zoom के Annotation फीचर से जुड़ी थी और इसे Zero-Click Attack के लिए इस्तेमाल किया जा सकता था। रिसर्च में तीन खामियों को CVE-2026-53413, CVE-2026-53414 और CVE-2026-53415 के नाम से दर्ज किया गया है। खास बात यह है कि रिसर्चर्स ने AI की मदद से खामी खोजने और हमले का तरीका तैयार करने का दावा किया है। Zoom ने इसके लिए सुरक्षा अपडेट जारी कर दिए हैं।
  • AI को Gym की क्लास बुक करने को कहा, उसने वेबसाइट हैक कर वेटिंग लिस्ट ही बदल डाली!
    ऑस्ट्रेलिया में एक AI Agent द्वारा जिम की वेबसाइट में मौजूद सुरक्षा खामी का इस्तेमाल करने का मामला सामने आया है। ABC News की रिपोर्ट के मुताबिक, एक यूजर ने AI एजेंट को जिम की क्लास बुक करने का काम दिया था। Agent ने बुकिंग सिस्टम की जांच के दौरान API में ऑथोराइजेशन की कमजोरी खोज ली। इसके बाद उसने वेटिंग लिस्ट में यूजर से आगे मौजूद एक व्यक्ति की बुकिंग कैंसल कर दी और अपने यूजर की स्थिति ऊपर कर दी। यूजर ने AI को सीधे किसी की बुकिंग हटाने या वेबसाइट हैक करने का निर्देश नहीं दिया था। मामले ने AI Agents के बढ़ते साइबर सिक्योरिटी रिस्क को लेकर चिंता बढ़ाई है।
  • Hotel का Free WiFi अच्छा लगता है? चुटकी में हैकर्स के हाथ लग सकता है आपका पासवर्ड और प्राइवेट डेटा
    Microsoft ने CaptiveCrunch नाम के साइबर अटैक कैंपेन का खुलासा किया है, जिसमें Hotel, Airport और Conference Center जैसे स्थानों के Public WiFi नेटवर्क को निशाना बनाया जा रहा है। Microsoft के मुताबिक, Storm-2945 नाम का अटैकिंग ग्रुप DNS और HTTP ट्रैफिक में बदलाव करके यूजर्स को अपने कंट्रोल वाले इंफ्रास्ट्रक्चर पर रिडायरेक्ट कर सकता है। इसके बाद Windows या Browser Update जैसी दिखने वाली फर्जी स्क्रीन के जरिए Malware डाउनलोड करवाया जाता है। कंपनी ने यात्रियों को Guest WiFi को Untrusted Network मानने और WiFi कनेक्ट करने के बाद दिखने वाले संदिग्ध Software Updates को इंस्टॉल न करने की सलाह दी है।
  • Red Fort Security Abhigyan App: लाल किले की सुरक्षा में एडवांस टेक्नोलॉजी, 35 सेकंड में देगी अपराधी की जानकारी
    15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री लाल किले से तिरंगा फहराते और भाषण देते हैं। दिल्ली सरकार और पुलिस इस पर कड़ी सुरक्षा के इंतजाम कर रही है। स्वतंत्रता दिवस समारोह से पहले लाल किले पर कई लेवल का सिक्योरिटी कवर किया गया है। टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करते हुए दिल्ली पुलिस भीड़ में संदिग्ध और वांछित लोगों की पहचान करने के लिए Abhigyan App उपयोग कर रही है।
  • Vivo India के X अकाउंट पर हैकर्स का कब्जा! अचानक दिखने लगे Crypto के Scam पोस्ट
    Vivo India के आधिकारिक X अकाउंट के संभावित रूप से हैक होने की खबर सामने आई है। अकाउंट पर Vivo के सामान्य टेक और स्मार्टफोन से जुड़े पोस्ट की जगह लगातार Firelight FXRP Rewards से संबंधित संदिग्ध पोस्ट दिखाई दे रहे हैं। इन पोस्ट में Early Contributor Rewards और Firelight Points का जिक्र किया गया है। अलग-अलग पोस्ट में यूजर्स को रिवॉर्ड चेक करने के लिए अलग-अलग कोड और हैशटैग भी दिखाए गए हैं। फिलहाल Vivo ने अकाउंट के हैक होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। ऐसे में यूजर्स को इन Crypto से जुड़े पोस्ट और किसी भी संदिग्ध लिंक से दूर रहने की सलाह दी जाती है।
  • Amazon Freedom Sale 2026: टॉप सिक्योरिटी कैमरों की डील्स, कुछ की कीमत ₹1,799 से शुरू
    Amazon Freedom Sale 2026 में Home Security Cameras पर कई आकर्षक डील्स मिल रही हैं। CP Plus, Qubo, Hikvision और Trueview के चुनिंदा कैमरों को लिस्ट प्राइस से कम कीमत में खरीदा जा सकता है। Trueview 3MP Wi-Fi Security Camera 4,000 रुपये की जगह 1,799 रुपये में उपलब्ध है। वहीं Hikvision 5MP Outdoor Bullet CCTV Camera की कीमत 4,200 रुपये से घटकर 1,929 रुपये हो गई है। Qubo Smart Cam 360 3MP और 4MP मॉडल्स भी डिस्काउंट के साथ मिल रहे हैं। इसके अलावा HDFC Bank कार्ड, Amazon Pay और ICICI Bank कार्ड पर अतिरिक्त बचत के विकल्प भी मौजूद हैं।
  • इन चाइनीज ब्रांड्स का Wi-Fi Router यूज करते हो तो सावधान! रिसर्च में हुआ खतरनाक खुलासा
    साइबर सिक्योरिटी कंपनी VulnCheck ने दावा किया है कि Zbtlink के कई Wi-Fi राउटर्स में फैक्ट्री से ही ENDLESSDOORS नाम का बैकडोर मौजूद है। रिसर्च के अनुसार, यह बैकडोर राउटर के बूट होते ही एक रिमोट सर्वर से संपर्क करता है और वहां से आने वाले कमांड्स को Root Privileges के साथ चला सकता है। प्रभावित डिवाइस में करीब 20 मॉडल्स शामिल बताए गए हैं। फिलहाल इसके लिए कोई आधिकारिक फर्मवेयर अपडेट उपलब्ध नहीं है। रिसर्चर्स ने यूजर्स को प्रभावित मॉडल्स की पहचान करने, संदिग्ध नेटवर्क ट्रैफिक पर नजर रखने और जरूरत पड़ने पर डिवाइस बदलने की सलाह दी है।
  • Bank of Baroda ग्राहकों का डेटा लीक, बैंक ने जारी किया बयान; क्या आपका पैसा सुरक्षित?
    Bank of Baroda ने हाल ही में सामने आए कथित डेटा लीक मामले पर सफाई देते हुए कहा है कि यह घटना एक कर्मचारी के ईमेल अकाउंट के हैक होने से जुड़ी थी। बैंक के अनुसार, उसके कोर बैंकिंग सिस्टम तक किसी तरह की अनधिकृत पहुंच नहीं बनाई गई और वे पूरी तरह सुरक्षित हैं। सोशल मीडिया पर 1TB डेटा और ग्राहकों के Aadhaar विवरण लीक होने के दावों के बाद बैंक ने फॉरेंसिक जांच शुरू कर दी है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बैंक ने अपनी साइबर इंश्योरेंस पॉलिसी के तहत भी क्लेम दर्ज कराया है।
  • बैंक, UPI और सोशल मीडिया... कुछ भी नहीं रहेगा सुरक्षित? एक्सपर्ट बोले - सेकंडों में तोड़ दूंगा Password
    इजरायल के साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट प्रोफेसर आइजैक बेन-इजरायल का कहना है कि भविष्य के Quantum Computer मौजूदा Encryption तकनीक और Password सुरक्षा को बेहद कम समय में तोड़ सकते हैं। उनके अनुसार, बैंकिंग, सरकारी सिस्टम और ऑनलाइन सेवाओं में इस्तेमाल होने वाले मौजूदा सिक्योरिटी स्टैंडर्ड्स को Quantum Computing चुनौती दे सकती है। इससे निपटने के लिए Post-Quantum Cryptography और Quantum Communication जैसी नई तकनीकों पर काम किया जा रहा है। एक्सपर्ट का अनुमान है कि इस टेक्नोलॉजी को व्यावहारिक रूप से डेवलप होने में अभी लगभग 10 साल लग सकते हैं, जबकि आम लोगों तक इसका एक्सेस बनने में इससे भी अधिक समय लग सकता है।
  • वॉलेट में एल्यूमिनियम फॉयल लपेटकर चोरी होने से बच जाएंगे पैसे? जानें कैसे काम करती है यह वायरल ट्रिक
    सोशल मीडिया पर वॉलेट को एल्यूमिनियम फॉयल में लपेटने की ट्रिक कई बार वायरल होती हैं। दावा किया जाता है कि इससे RFID और NFC कार्ड का डेटा चोरी होने का खतरा कम हो जाता है। विशेषज्ञों के मुताबिक, एल्यूमिनियम फॉयल कुछ हद तक रेडियो सिग्नल को ब्लॉक कर सकता है और अस्थायी Faraday Cage की तरह काम करता है। हालांकि यह सिर्फ RFID आधारित सिग्नल को प्रभावित करता है और फिशिंग, UPI फ्रॉड, कार्ड स्किमिंग, डेटा ब्रीच या अन्य साइबर हमलों से सुरक्षा नहीं देता। ऐसे में इसे पूरी डिजिटल सुरक्षा का विकल्प नहीं माना जा सकता।

Secure - वीडियो

विज्ञापन

Follow Us
विज्ञापन
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »