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Secure - ख़बरें

  • 'पैसे नहीं दिए तो सब लीक...', Tata Electronics को हैकर्स की धमकी; 630GB डेटा, Apple-Tesla सीक्रेट्स खतरे में?
    Apple और Tesla की सप्लायर Tata Electronics साइबर सिक्योरिटी घटना को लेकर चर्चा में है। कंपनी ने स्वीकार किया है कि कुछ हफ्ते पहले उसके कुछ सिस्टम्स प्रभावित हुए थे। वहीं World Leaks नाम के एक रैनसमवेयर ग्रुप ने दावा किया है कि उसने कंपनी का 630GB से ज्यादा डेटा चुराकर डार्क वेब पर प्रकाशित कर दिया है। साइबर सिक्योरिटी रिसर्चर्स के अनुसार, कथित लीक में Apple और Tesla से जुड़े दस्तावेज भी शामिल हो सकते हैं। इस घटना के बाद Apple ने जांच शुरू कर दी है। हालांकि, लीक हुए दस्तावेजों की प्रामाणिकता की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
  • WhatsApp पर आ रही इस फाइल से रहें सावधान, हैक हो सकता है आपका PC
    WhatsApp यूजर्स को निशाना बनाने वाला एक नया मालवेयर कैंपेन सामने आया है। एक साइबर सिक्योरिटी कंपनी के रिसर्चर्स ने खुलासा किया है कि अटैकर्स WhatsApp Desktop और WhatsApp Web यूजर्स को मालिशियस फाइल्स भेजकर उनके सिस्टम तक एक्सेस हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं। यह कैंपेन कई देशों में देखा गया है, जिनमें मलेशिया, ब्राजील, सिंगापुर, ताइवान और वियतनाम शामिल हैं।Kaspersky ग्लोबल रिसर्च एंड एनालेसिस टीम (GReAT) ने जून 2026 में इस कैंपेन का खुलासा किया। रिसर्च के अनुसार, अटैकर पहले से हैक किए गए WhatsApp अकाउंट्स का इस्तेमाल कर रहे हैं। इन अकाउंट्स से उनके कॉन्टैक्ट्स को मालिशियस VBScript फाइल्स भेजी जाती हैं। चूंकि मैसेज किसी जान-पहचान वाले व्यक्ति के अकाउंट से आता है, इसलिए रिसीवर के फाइल खोलने की संभावना बढ़ जाती है।
  • GTA 6 गेम के चक्कर में खाली हो जाएगा आपका बैंक अकाउंट! फैल रहे हैं नकली इमेल
    GTA 6 की रिलीज से पहले गेमर्स को निशाना बनाकर नए ऑनलाइन स्कैम सामने आए हैं। Cybersecurity कंपनी NordVPN के मुताबिक, कई फर्जी वेबसाइट्स और ईमेल्स GTA 6 Beta Access और Early Access देने का दावा कर रहे हैं। इन स्कैम्स के जरिए साइबर अपराधी यूजर्स की पर्सनल जानकारी, गेमिंग अकाउंट्स और बैंकिंग डिटेल्स चुरा सकते हैं। कुछ मामलों में फर्जी डाउनलोड फाइल्स में मालवेयर भी पाया गया है, जो हमलावरों को डिवाइस तक रिमोट एक्सेस दे सकता है। फिलहाल Rockstar Games ने किसी भी आधिकारिक GTA 6 Beta Program की घोषणा नहीं की है।
  • रोबोट पुलिसवाले की गई नौकरी, डिपार्टमेंट ने 1 साल से पहले ही दिखा दिया बाहर का रास्ता
    अमेरिका के ओहायो राज्य के डबलिन शहर ने "DubBot" नाम के रोबोट पुलिसवाले को समय से पहले रिटायर कर दिया है। यह रोबोट जुलाई 2025 से एक पार्किंग गैरेज में गश्त कर रहा था और इसका मकसद अपराध रोकने, पुलिस ऑपरेशन्स को सपोर्ट करने और सार्वजनिक सुरक्षा को बेहतर बनाना था। हालांकि शहर प्रशासन ने पाया कि यह प्रोजेक्ट उनकी परिचालन जरूरतों को पूरा नहीं कर रहा है, जिसके बाद इसे सेवा से हटा दिया गया। DubBot को बनाने वाली कंपनी Knightscope को वापस भेज दिया गया है। शहर ने इस प्रोजेक्ट पर पहले साल में 1,28,080 डॉलर खर्च किए थे।
  • आपका पुराना स्मार्टफोन बन जाएगा होम सिक्योरिटी कैमरा, बस अपनाएं ये तरकीब
    आप घर पर मौजूदा पुराने स्मार्टफोन को होम सिक्योरिटी कैमरा में तब्दील कर सकते हैं। आप पुराने फोन, एक स्टेबल इंटरनेट कनेक्शन और एक सिक्योरिटी कैमरा ऐप की मदद से एक आसान मॉनिटरिंग सिस्टम तैयार कर सकते हैं। यह सेटअप आपको खास सिक्योरिटी हार्डवेयर खरीदे बिना घर के एंट्री पॉइंट, लिविंग एरिया, पालतू जानवरों या बच्चों पर नजर रखने में मदद कर सकता है।
  • WhatsApp हैक हो गया? दिल्ली पुलिस ने बताई ##21# कोड वाली जरूरी ट्रिक
    WhatsApp अकाउंट हैक होने के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। कई बार यूजर्स अचानक अपने अकाउंट से लॉगआउट हो जाते हैं और उनका WhatsApp किसी दूसरे डिवाइस पर इस्तेमाल होने लगता है। ऐसे में सबसे पहले कॉल और मैसेज फॉरवर्डिंग को बंद करना जरूरी माना जाता है। इसके लिए ##21# USSD कोड डायल किया जा सकता है। इसके बाद Meta के आधिकारिक शिकायत फॉर्म के जरिए अकाउंट रिकवरी की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। सही जानकारी देने और जांच पूरी होने के बाद यूजर अपने नंबर और OTP की मदद से दोबारा अकाउंट एक्सेस कर सकता है।
  • Elon Musk की स्टारलिंक को भारत में लगा झटका, सर्विस के लॉन्च में हो सकती है देरी!
    बिलिनेयर Elon Musk की इस कंपनी को देश में लगभग एक वर्ष पहले ग्लोबल मोबाइल पर्सनल कम्युनिकेशन बाय सैटेलाइट (GMPCS) लाइसेंस दिया गया था। हालांकि, इस लाइसेंस से कंपनी को सिर्फ अपने कामकाज के लिए तैयारी करने और एग्रीमेंट्स साइन करने की अनुमति मिली थी। स्टारलिंक को सर्विस लॉन्च करने से पहले अतिरिक्त रेगुलेटरी और सिक्योरिटी क्लीयरेंसेज की जरूरत है।
  • कहीं कोई चोरी-छिपे आपका Wi-Fi तो नहीं चला रहा? ऐसे करें चेक
    Wi-Fi की स्पीड अचानक कम हो जाए या डेटा जल्दी खत्म होने लगे, तो यह संकेत हो सकता है कि कोई अनजान व्यक्ति आपके नेटवर्क का इस्तेमाल कर रहा है। ऐसे में राउटर की सेटिंग्स या मोबाइल ऐप की मदद से जुड़े हुए डिवाइस चेक किए जा सकते हैं। अगर कोई संदिग्ध डिवाइस दिखाई दे, तो तुरंत पासवर्ड बदलना, WPA2/WPA3 सिक्योरिटी ऑन करना और डिवाइस ब्लॉक करना जरूरी है। इस गाइड में बताया गया है कि आप अपने Wi-Fi नेटवर्क की सुरक्षा कैसे जांच सकते हैं।
  • Instagram यूजर्स सावधान! 20 हजार से ज्यादा अकाउंट हुए हैक, Meta ने मानी गलती
    Meta ने स्वीकार किया है कि उसके AI आधारित Instagram अकाउंट रिकवरी सिस्टम में मौजूद एक खामी के कारण 20 हजार से ज्यादा अकाउंट्स प्रभावित हुए। रिपोर्ट्स के अनुसार हमलावरों ने High Touch Support (HTS) टूल का गलत फायदा उठाकर पासवर्ड रीसेट लिंक हासिल किए और अकाउंट्स का कंट्रोल अपने हाथ में ले लिया। Meta ने प्रभावित सिस्टम को बंद कर दिया है और अतिरिक्त सिक्योरिटी जांच लागू की है। घटना के बाद AI आधारित कस्टमर सपोर्ट सिस्टम की सुरक्षा को लेकर नए सवाल उठने लगे हैं।
  • Smartphone Hacks: फोन खो जाए तो कैसे मिलेगा? अभी ऑन कर लें यह जरूरी सेटिंग
    स्मार्टफोन में आज बैंकिंग ऐप्स, फोटो, वीडियो और कई जरूरी जानकारियां मौजूद रहती हैं। ऐसे में फोन खोना बड़ी परेशानी बन सकता है। Android यूजर्स के लिए Google Find My Device नाम का फीचर देता है, जिसकी मदद से खोए हुए फोन की लोकेशन ट्रैक की जा सकती है। इसके अलावा फोन को रिंग कराया जा सकता है, लॉक किया जा सकता है और जरूरत पड़ने पर डेटा भी मिटाया जा सकता है। हालांकि इसके लिए फोन में पहले से Find My Device, Location और इंटरनेट कनेक्शन जैसी जरूरी सेटिंग्स ऑन होना जरूरी है। इस लेख में पूरा तरीका बताया गया है।
  • सरकार दे रही फ्री Cyber Security Course, सिर्फ 2.5 घंटे में मिलेगा सर्टिफिकेट, ऐसे करें अप्लाई
    भारत सरकार के Indian Cyber Crime Coordination Centre (I4C) ने फ्री ऑनलाइन Cyber Security Course शुरू किया है। यह कोर्स गृह मंत्रालय के तहत तैयार किया गया है और इसका मकसद लोगों को साइबर फ्रॉड से बचने के तरीके सिखाना है। कोर्स में फेक लिंक, स्कैम कॉल्स, डिजिटल पेमेंट सुरक्षा और सोशल मीडिया के सुरक्षित इस्तेमाल जैसे विषय शामिल हैं। इसे करीब 2.5 घंटे में पूरा किया जा सकता है और सफल प्रतिभागियों को सर्टिफिकेट भी दिया जाएगा।
  • क्या आपका फोन आपकी बातें सुन रहा है? तुरंत बदल दें ये 5 सेटिंग्स
    आज के समय में स्मार्टफोन यूजर्स की प्राइवेसी सबसे बड़ा मुद्दा बनती जा रही है। कई बार किसी प्रोडक्ट या जगह के बारे में बात करने के बाद उसी से जुड़े Ads सोशल मीडिया पर दिखने लगते हैं। इसकी बड़ी वजह माइक्रोफोन एक्सेस, लोकेशन ट्रैकिंग और पर्सनलाइज्ड विज्ञापन जैसी सेटिंग्स हो सकती हैं। यूजर्स Hey Google और Hey Siri जैसे फीचर्स बंद करके, माइक्रोफोन परमिशन चेक करके और ट्रैकिंग सेटिंग्स बदलकर अपनी प्राइवेसी बेहतर कर सकते हैं। इसके अलावा Android और iPhone दोनों में Ads ट्रैकिंग बंद करने और ऐप परमिशन सीमित करने के विकल्प भी मिलते हैं।
  • पुराने mAadhaar ऐप की होने वाली है छुट्टी! UIDAI ने दी नया ऐप इंस्टॉल करने की सलाह
    UIDAI ने पुष्टि की है कि मौजूदा mAadhaar ऐप को जल्द बंद किया जाएगा। इसके बदले नया Aadhaar ऐप पेश किया गया है, जिसमें QR आधारित पहचान वेरिफिकेशन, Selective Share और बायोमेट्रिक लॉक जैसे फीचर्स दिए गए हैं। नए ऐप की मदद से यूजर्स बिना पूरा Aadhaar नंबर शेयर किए जरूरी जानकारी साझा कर सकेंगे। ऐप में मोबाइल नंबर और पता अपडेट करने की सुविधा भी मिलेगी। इसके अलावा यूजर्स पांच फैमिली मेंबर्स तक जोड़ सकेंगे। UIDAI के मुताबिक नया Aadhaar ऐप 13 भारतीय भाषाओं को सपोर्ट करता है और Android व iOS दोनों प्लेटफॉर्म्स पर उपलब्ध है।
  • एक क्लिक और बैंक अकाउंट खाली! जानें क्या है सिम-स्वैप और फिशिंग स्कैम, कैसे करें बचाव
    भारत में सिम-स्वैप और फिशिंग जैसे साइबर फ्रॉड तेजी से बढ़ रहे हैं। इन स्कैम्स में अपराधी लोगों की निजी जानकारी, ओटीपी और फर्जी वेबसाइट्स का इस्तेमाल करके बैंक अकाउंट तक पहुंच बना लेते हैं। सिम-स्वैप स्कैम में यूजर का मोबाइल नंबर अपराधी अपने कंट्रोल में ले लेता है, जबकि फिशिंग में फर्जी लिंक और नकली वेबसाइट के जरिए लॉगिन डिटेल्स चोरी की जाती हैं। साइबर एक्सपर्ट्स के मुताबिक ऐसे मामलों में सतर्क रहना बेहद जरूरी है। यूजर्स को अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचना चाहिए और ऐप बेस्ड ऑथेंटिकेटर व सिम लॉक जैसे सेफ्टी फीचर्स का इस्तेमाल करना चाहिए।
  • फोन नहीं, अब लैपटॉप-PC से चोरी हो रहे OTP और SMS! निशाने पर है ये Windows फीचर
    Cisco Talos की नई रिपोर्ट के मुताबिक, नया Windows मैलवेयर Microsoft Phone Link ऐप को निशाना बनाकर यूजर्स के SMS और OTP चुराने की कोशिश कर रहा है। यह हमला सीधे स्मार्टफोन को हैक नहीं करता, बल्कि Windows PC में सिंक हुए मैसेज और नोटिफिकेशन तक पहुंच बनाता है। रिपोर्ट के अनुसार, CloudZ नाम का रिमोट एक्सेस टूल और Pheno plugin मिलकर इस गतिविधि को अंजाम दे रहे हैं। यह मैलवेयर Phone Link से जुड़े प्रोसेस को पहचानकर एक्टिव सेशन खोजता है और फिर डेटा इकट्ठा करने की कोशिश करता है। एक्सपर्ट्स ने इसे SMS-बेस्ड ऑथेंटिकेशन के लिए नया खतरा बताया है।

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