ट्रंप के बिटकॉइन रिजर्व बनाने के ऑर्डर से क्रिप्टो मार्केट में भारी गिरावट

हाल ही में अमेरिका की सरकार ने क्रिप्टो सेगमेंट के लिए रेगुलेटरी फ्रेमवर्क तैयार करने का फैसला किया था

ट्रंप के बिटकॉइन रिजर्व बनाने के ऑर्डर से क्रिप्टो मार्केट में भारी गिरावट

दूसरी सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी Ether में लगभग 3.70 प्रतिशत की गिरावट थी

ख़ास बातें
  • बिटकॉइन का स्ट्रैटेजिक रिजर्व बनाने के ऑर्डर पर ट्रंप ने साइन किए हैं
  • Bitcoin में लगभग 1.60 प्रतिशत का नुकसान था
  • दूसरी सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी Ether में लगभग 3.70 प्रतिशत की गिरावट थी
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पिछले कुछ सप्ताह से क्रिप्टो मार्केट पर अमेरिकी प्रेसिडेंट Donald Trump के फैसलों से वोलैटिलिटी है। ट्रंप ने बिटकॉइन का स्ट्रैटेजिक रिजर्व बनाने के ऑर्डर पर साइन किए हैं। हालांकि, इससे क्रिप्टो मार्केट में निराशा है और बिटकॉइन सहित बहुत सी क्रिप्टोकरेंसीज के प्राइसेज गिरे हैं। 

मार्केट वैल्यू के लिहाज से सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी Bitcoin में लगभग 1.60 प्रतिशत का नुकसान था। इस रिपोर्ट को पब्लिश किए जाने पर इंटरनेशनल क्रिप्टो एक्सचेंज Binance पर बिटकॉइन का प्राइस लगभग 89,142 डॉलर पर था। दूसरी सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी Ether में लगभग 3.70 प्रतिशत की गिरावट थी। Ether का प्राइस लगभग 2,197 डॉलर पर ट्रेड कर रहा था। इसके अलावा Solana, XRP, Polkadot, Stellar, Litecoin और Cardano के प्राइस घटे हैं। पिछले एक दिन में क्रिप्टो का मार्केट कैपिटलाइजेशन चार प्रतिशत से अधिक कम होकर लगभग 2.88 लाख करोड़ डॉलर पर था। 

अमेरिका के स्ट्रैटेजिक बिटकॉइन रिजर्व में सरकार की ओर से जब्त किए गए बिटकॉइन शामिल होंगे। क्रिप्टो मार्केट का अनुमान था कि इस रिजर्व के लिए अमेरिकी सरकार की ओर से बिटकॉइन की खरीदारी की जाएगी और इससे डिमांड मजबूत होगी। हालांकि, ट्रंप ने जिस एग्जिक्यूटिव ऑर्डर पर साइन किए हैं उसमें यह स्पष्ट किया गया है कि क्रिप्टोकरेंसी खरीदने के लिए टैक्सपेयर्स की रकम का इस्तेमाल नहीं होगा। इस ऑर्डर में यह भी कहा गया है कि स्ट्रैटेजिक रिजर्व में जमा किए गए बिटकॉइन को बेचा नहीं जाएगा। इसका मतलब है कि अमेरिका की सरकार बिटकॉइन की सप्लाई का एक हिस्सा सर्कुलेशन से बाहर कर रही है। 

हाल ही में अमेरिका की सरकार ने क्रिप्टो सेगमेंट के लिए रेगुलेटरी फ्रेमवर्क तैयार करने का फैसला किया था। ट्रंप ने अपने चुनाव प्रचार के दौरान Bitcoin का रिजर्व और क्रिप्टो के पक्ष में पॉलिसी बनाने का संकेत दिया था। हालांकि, बिटकॉइन का रिजर्व बनाने की योजना को लेकर फेडरल रिजर्व ने असहमति जताई थी। अमेरिका के सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन (SEC) ने बताया था कि क्रिप्टोकरेंसीज के लिए रेगुलेटरी फ्रेमवर्क तैयार करने के उद्देश्य से एक टास्क फोर्स बनाई गई है। अमेरिका की पिछली सरकार ने क्रिप्टो से जुड़ी बहुत सी फर्मों के खिलाफ रूल्स के उल्लंघन का आरोप लगाकर कार्रवाई की थी। इन फर्मों में Coinbase और Kraken शामिल थी। इन फर्मों ने रूल्स के उल्लंघन के आरोप को गलत बताया था। 


 

भारतीय एक्सचेंजों में क्रिप्टोकरेंसी की कीमतें

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आकाश आनंद

Gadgets 360 में आकाश आनंद डिप्टी न्यूज एडिटर हैं। उनके पास प्रमुख ...और भी

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