Intel ने किया 1,000 गुना तेज क्रिप्टो माइनिंग चिप बनाने का दावा

इंटेल का नया कस्टम कंप्यूट ग्रुप एनर्जी एफिशिएंट एक्सेलरेटर्स के नजरिए के साथ ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी के डिवेलपमेंट में योगदान देगा

Intel ने किया 1,000 गुना तेज क्रिप्टो माइनिंग चिप बनाने का दावा

क्रिप्टो माइनिंग और ब्लॉकचेन्स के लिए बड़ी मात्रा में कंप्यूटिंग पावर की जरूरत होती है

ख़ास बातें
  • कंपनी का यह प्रोजेक्ट पहले "Bonanza" कोडनेम के साथ लीक हुआ था
  • नया क्रिप्टो माइनिंग चिप इस वर्ष के अंत में उपलब्ध होगा
  • चीन जैसे कुछ देशों ने बिटकॉइन माइनिंग पर रोक लगा दी है
विज्ञापन
ग्लोबल टेक्नोलॉजी कंपनी Intel एक नए चिप के साथ ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी में इनवेस्टमेंट कर रही है। कंपनी का दावा है कि अन्य चिप्स की तुलना में यह लगभग 1,000 गुना तेज है। Intel के एक्सेलरेटेड कंप्यूटिंग सिस्टम्स एंड ग्राफिक्स ग्रुप के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट, राजा कोडुरी ने बताया कि नया क्रिप्टो माइनिंग चिप इस वर्ष के अंत में उपलब्ध होगा। इसके शुरुआती क्लाइंट्स में अमेरिकी इलेक्ट्रिक पावर कंपनी GRIID Infrastructure, क्रिप्टो माइनिंग फर्म Argo Blockchain और Jack Dorsey की अगुवाई वाली Block शामिल होंगे।

कोडुरी ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि इंटेल का नया कस्टम कंप्यूट ग्रुप एनर्जी एफिशिएंट एक्सेलरेटर्स के नजरिए के साथ ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी के डिवेलपमेंट में योगदान देगा। उन्होंने बताया कि क्रिप्टो माइनिंग और ब्लॉकचेन्स के लिए बड़ी मात्रा में कंप्यूटिंग पावर की जरूरत होती है जिससे एनर्जी की काफी खपत होती है। इस समस्या से निपटने के लिए कंपनी का लक्ष्य एनर्जी एफिशिएंट चिप्स बनाना है। कोडुरी ने कहा, "हमारे कस्टमर्स बेहतर सॉल्यूशंस चाहते हैं और इस वजह से हम बड़े स्तर पर एनर्जी एफिशिएंट कंप्यूटिंग टेक्नोलॉजीज डिवेलप करने की कोशिश कर रहे हैं।"

नए एप्लिकेशन स्पेसिफिक इंटीग्रेटेड सर्किट (ASIC) को विशेषतौर पर क्रिप्टो माइनिंग के लिए डिजाइन किया गया है। कंपनी का यह प्रोजेक्ट पहले "Bonanza" कोडनेम के साथ लीक हुआ था। इंटेल ने अब यह पुष्टि कर दी है कि इन ब्लॉकचेन एक्सेलरेटर्स को इस वर्ष के अंत में पेश किया जाएगा। क्रिप्टोग्राफी और हैशिंग तकनीक पर दशकों की रिसर्च की मदद से कंपनी को विश्वास है कि ये नए अल्ट्रा लो-वोल्टेज क्रिप्टो माइनिंग चिप अन्य क्रिप्टो माइनिंग चिप्स की तुलना में प्रति वॉट 1,000 गुना बेहतर प्रदर्शन करने में सक्षम होंगे।

क्रिप्टो माइनिंग में इलेक्ट्रिसिटी की खपत बहुत अधिक होने के कारण चीन जैसे कुछ देशों ने बिटकॉइन माइनिंग पर रोक लगा दी है। अमेरिका में भी क्रिप्टो माइनिंग से इलेक्ट्रिसिटी की खपत बढ़ने का विरोध किया जा रहा है। ईरान ने भी हाल ही में इलेक्ट्रिसिटी की अधिक खपत के कारण क्रिप्टो माइनिंग एक्टिविटीज पर तीन महीने की रोक लगाई है। ईरान की अथॉरिटीज अवैध बिटकॉइन माइनिंग सेंटर्स पर नियंत्रण करेंगी, जो 600 मेगावॉट से अधिक इलेक्ट्रिसिटी का इस्तेमाल करते हैं। इंटेल का यह चिप अगर इस मुश्किल का हल निकालने में सक्षम होता है तो इससे क्रिप्टो माइनिंग में तेजी आ सकती है।

भारतीय एक्सचेंजों में क्रिप्टोकरेंसी की कीमतें

Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

ये भी पढ़े: Crypto, Bitcoin, Chip, Intel, Energy, America, Crypto Mining
Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स के मार्केट में TVS Motor का पहला स्थान बरकरार, जुलाई में बेची 52,000 से ज्यादा यूनिट्स
  2. एडवांस हार्डवेयर का पिटारा, फिर भी दुनिया का सबसे हल्का लैपटॉप! लॉन्च हुआ Huawei MateBook Pro S
  3. Oppo F35 Pro में हो सकती है 10,000mAh की पावरफुल बैटरी, भारत में जल्द होगा लॉन्च
  4. iQOO Z11 में मिलेगा 3D कर्व्ड डिस्प्ले, भारत में जल्द होगा लॉन्च
  5. ₹1 हजार से कम में ब्लूटूथ, कॉल रिकॉर्डिंग और वायरलेस FM रेडियो! itel Ace 3 Heera फोन लॉन्च
  6. Redmi K100 Pro में होगी 8,580mAh सिलिकॉन-कार्बन बैटरी, 200 मेगापिक्सल का प्राइमरी कैमरा
  7. Zebronics ने 160W साउंड, 2 वायरलेस माइक्रोफोन और RGB लाइट्स के साथ पेश किया पार्टी स्पीकर, जानें कीमत
  8. Realme 16x 5G जल्द होगा भारत में लॉन्च, 7,000mAh बैटरी
  9. Apple ने भारत में सिर्फ 9 आईफोन बेचकर कमाया 28 फोन जितना पैसा, जानें कैसे?
  10. आपको भी परेशान करते हैं 140 सीरीज वाले नंबर? TRAI ने 3 महीने में ब्लॉक कीं 148 करोड़ कॉल्स
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »