वित्त राज्यमंत्री Pankaj Chaudhary ने लोकसभा में बताया कि देश में VDA सहित गैर कानूनी गतिविधियों के खिलाफ एक बड़े अभियान में ED ने 26 लोगों को गिरफ्तार किया है
पिछले कुछ वर्षों में क्रिप्टो से जुड़े स्कैम के मामले तेजी से बढ़े हैं
पिछले कुछ वर्षों में क्रिप्टोकरेंसीज का मार्केट तेजी से बढ़ा है। इसके साथ ही क्रिप्टो से जुड़े अपराध के मामलों में भी बढ़ोतरी हो रही है। एन्फोर्समेंट डायरेक्टरेट (ED) ने इनअपराध के मामलों से मिली 4,189.9 करोड़ रुपये की रकम को अटैच किया है। इसके अलावा इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने अज्ञात वर्चुअल डिजिटल एसेट्स (VDA) से मिले लगभग 889 करोड़ रुपये का खुलासा किया है।
वित्त राज्यमंत्री Pankaj Chaudhary ने लोकसभा में यह जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि देश में VDA सहित गैर कानूनी गतिविधियों के खिलाफ एक बड़े अभियान में ED ने 26 लोगों को गिरफ्तार किया है और एक आरोपी को भगोड़ा इकोनॉमिक ऑफेंडर घोषित किया गया है। एक मीडिया रिपोर्ट में बताया गया है कि ED की ओर से 22 अभियोजन शिकायतें भी दाखिल की गई हैं। इसके साथ ही सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेज (CBDT) ने क्रिप्टो ट्रांजैक्शंस की स्क्रूटनी को बढ़ाया है। CBDT ने संदिग्ध क्रिप्टो ट्रांजैक्शंस को पकड़ने के लिए मारे गए छापों में लगभग 889 करोड़ रुपये की रकम का खुलासा किया है।
संसद में चौधरी ने बताया कि डिजिटल एसेट्स में ट्रेडिंग या इनवेस्टमेंट करने वाले टैक्सपेयर्स को CBDT ने 44,057 कम्युनिकेशंस भेजे हैं। इन लोगों ने अपने इनकम टैक्स रिटर्न में इन ट्रांजैक्शंस की जानकारी नहीं दी थी। देश में VDA सेगमेंट रेगुलेटेड नहीं होने के कारण एन्फोर्समेंट और टैक्स से जुड़ी एजेंसियों की सरकार कैपेसिटी बढ़ा रही है। प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग ( PMLA) के तहत क्रिप्टोकरेंसीज को शामिल करने का उद्देश्य निगरानी बढ़ाना, मनी लॉन्ड्रिंग के रिस्क पर लगाम लगाना और इन ट्रांजैक्शंस को ट्रेस करने के सिस्टम में सुधार करना है। चौथरी ने कहा कि क्रिप्टो ट्रांजैक्शंस को लेकर बॉर्डर्स की बंदिश नहीं होने के कारण से इसे लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर समन्वय बढ़ाने और समान मापदंडों की जरूरत है।
हाल ही में होम मिनिस्ट्री ने बताया था कि सायबर क्रिमिनल्स ने बहुत से क्रिप्टो एक्सचेंजों के जरिए लगभग 624 करोड़ रुपये की रकम को खपाया है। पिछले वर्ष की शुरुआत से इस वर्ष सितंबर तक सायबर क्रिमिनल्स ने कम से कम 27 क्रिप्टो एक्सचेंजों के जरिए इस गैर कानूनी रकम को भेजा है। होम मिनिस्ट्री के तहत आने वाले इंडियन सायबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) के रिकॉर्ड्स से पता चला है कि 2024-2025 के दौरान अपराध से मिली 25 करोड़ रुपये से अधिक की रकम को 12 विदेशी क्रिप्टो एक्सचेंजों के जरिए डेबिट और क्रेडिट कार्ड के इस्तेमाल से ट्रांसफर किया गया है।
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