• होम
  • ऐप्स
  • ख़बरें
  • Google की बिलिंग से नाराज शार्क टैंक के जज अनुपम मित्तल, PMO से लगाई गुहार

Google की बिलिंग से नाराज शार्क टैंक के जज अनुपम मित्तल, PMO से लगाई गुहार

गूगल पर इससे पहले भी कॉम्पिटिशन कमीशन ऑफ इंडिया ( CCI) के ऑर्डर का उल्लंघन करने का आरोप लग चुका है

Google की बिलिंग से नाराज शार्क टैंक के जज अनुपम मित्तल, PMO से लगाई गुहार

पिछले कुछ महीनों से गूगल को विवादों का सामना करना पड़ रहा है

ख़ास बातें
  • गूगल ने ऐप डिवेलपर्स के लिए बिलिंग के तरीके में बदलाव किया है
  • CCI ने कंपनी को ऐप डिवेलपर्स के लिए अनुचित शर्त नहीं लागू करने को कहा था
  • ऐप डिवेलपर्स ने गूगल के कमीशन वसूलने के तरीको को गलत बताया है
विज्ञापन
इंटरनेट सर्च इंजन Google को पिछले कुछ महीनों से भारत में विवादों का मुश्किलों का सामना करना पड़ा है। शार्क टैंक इंडिया के जज और कारोबारी Anupam Mittal ने गूगल के बिलिंग सिस्टम को "गैर कानूनी" करार देते हुए इसे चलाने वाली Alphabet को 'डिजिटल ईस्ट इंडिया कंपनी' बताया है। उन्होंने कहा कि गूगल ने देश के कानूनों का उल्लंघन किया है। 

इसके साथ ही मित्तल ने उम्मीद जताई कि इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) की ओर से ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने ट्वीट कर कहा, "गूगल से कॉल आई है जिसमें भारतीय डिवेलपर्स के लिए उनकी पेमेंट्स को अनिवार्य बताया गया है। यह भारतीय कानूनों का उल्लंघन है। मुझे उम्मीद है कि 'PMO' इस पर ध्यान देगा। यह डिजिटल ईस्ट इंडिया कंपनी है।" हाल ही में गूगल की ओर से पॉलिसी में बदलाव किया गया था। गूगल के वैकल्पिक बिलिंग सिस्टम को चुनने पर भी सर्विस फीस चुकानी होगी लेकिन यह स्टैंडर्ड फीस की तुलना में चार प्रतिशत कम होगी। 

गूगल पर इससे पहले भी कॉम्पिटिशन कमीशन ऑफ इंडिया ( CCI) के ऑर्डर का उल्लंघन करने और वैकल्पिक बिलिंग सिस्टम को चुनने वाले ऐप डिवेलपर्स से 11-26 प्रतिशत तक कमीशन वसूलने का आरोप लगा था। अलायंस ऑफ डिजिटल इंडिया फाउंडेशन (ADIF) ने CCI सहित अथॉरिटीज से इस मामले को देखने और यह सुनिश्चित करने का निवेदन किया था कि गूगल इस ऑर्डर का पूरी तरह पालन करे। 

डिजिटल स्टार्टअप्स से जुड़े पॉलिसी थिंक टैंक ADIF ने एक स्टेटमेंट में कहा था, "हाल ही में गूगल ने ऐप डिवेलपर्स के लिए बिलिंग के तरीके में बदलाव किया है। कंपनी ने बताया है है कि अगर कोई यूजर वैकल्पिक बिलिंग सिस्टम के जरिए भुगतान करता है तो Google play की सर्विस फीस चार प्रतिशत घट जाएगी। इससे गूगल की सर्विस का इस्तेमाल नहीं करने पर भी ऐप डिवेलपर्स को कंपनी को कमीशन चुकाने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।" ADIF का कहना था कि इससे CCI के ऑर्डर का गूगल पूरी तरह से उल्लंघन कर रही है।  CCI ने कंपनी को निर्देश दिया था कि उसे ऐप डिवेलपर्स पर ऐसी कोई शर्त नहीं लगानी चाहिए जो अनुचित या भेदभाव वाली हो। इसका कोई कारण नहीं बताया गया है कि यूजर के थर्ड-पार्टी प्रोसेसिंग सर्विस का इस्तेमाल करने पर भी कंपनी 11-26 प्रतिशत की कमीशन क्यों ले रही है। 
Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

आकाश आनंद

Gadgets 360 में आकाश आनंद डिप्टी न्यूज एडिटर हैं। उनके पास प्रमुख ...और भी

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. Android डिवाइस पर सुरक्षित तरीके से VPN कैसे करें इस्तेमाल, डाटा चोरी का नहीं रहेगा खतरा
  2. WhatsApp का iPad यूजर्स को तोहफा! अब खत्म हो गई अकाउंट लॉगिन से जुड़ी बड़ी परेशानी, नए फीचर्स का कमाल
  3. Samsung Galaxy Z Flip 8 के लॉन्च के बाद ₹10 हजार सस्ता मिल रहा Galaxy Z Flip 7
  4. Samsung Galaxy Z Flip 8 vs Motorola Razr 60 Ultra vs Infinix Zero Flip: जानें कौन सा फोन है बेस्ट?
  5. Samsung Galaxy Z Fold 8 Ultra vs Vivo X Fold 6 vs Google Pixel 10 Pro Fold: जानें कौन सा फोल्डेबल है बेस्ट?
  6. Nokia 123 Shield बजट फीचर फोन हुआ लॉन्च, 19 दिन की बैटरी, IP65 रेटिंग से लैस
  7. 13 इंच बड़ा टैबलेट Honor Pad X9 Max लॉन्च हुआ 10,001mAh बैटरी के साथ, जानें कीमत
  8. Bajaj Auto बढ़ाएगी Chetak इलेक्ट्रिक स्कूटर की मैन्युफैक्चरिंग, इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल भी होगी लॉन्च
  9. Samsung ने लॉन्च किए स्मार्ट ग्लासेज, बिल्ट-इन कैमरा, AI फीचर्स
  10. CJP Protest में इस्तेमाल हुए बिना इंटरनेट चलने वाले मैसेजिंग ऐप्स? जानें कैसे काम करती है यह टेक्नोलॉजी
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »