आरोग्य सेतु ऐप किसने बनाया? सरकार को पता नहीं...

सौरव दास द्वारा दायर की गई याचिका में कहा गया है कि NIC, NeGD और MeitY आरोग्य सेतु ऐप के निर्माण से संबंधित जानकारी देने में असमर्थ रहे हैं।

आरोग्य सेतु ऐप किसने बनाया? सरकार को पता नहीं...
ख़ास बातें
  • Aarogya Setu से संबंधित RTI सौरव दास द्वारा दायर की गई थी
  • RTI आवेदन का जवाब देने में असमर्थ रही NIC
  • केंद्रीय सूचना आयोग ने NeGD CPIO को ज़ारी किया कारण बताओ नोटिस
विज्ञापन
कोरोना वायरस महामारी के दौरान भारत में जहां हर जगह Aarogya Setu ऐप अनिवार्य कर दिया गया था, अब इस ऐप को लेकर सवालिया-निशान खड़े हो रहे हैं। जी हां, हाल ही में एक आरटीआई में ऐप से संबंधित कुछ जानकारी मांगी गई थी, जिसका जवाब देने में नेशनल इन्फॉर्मेटिक सेंटर (NIC) असमर्थ रही। केंद्रीय सूचना आयोग ने मंगलवार को नेशनल इन्फॉर्मेटिक सेंटर (NIC) से सवाल किया है कि उनकी वेबसाइट पर Aarogya Setu ऐप का नाम होने के बावजूद वह इस ऐप को बनाने वाले के बारे में जानकारी देने में कैसे असमर्थ रहे हैं। आयोग ने विभिन्न चीफ पब्लिक इन्फॉर्मेशन ऑफिसर्स (CPIOs) के साथ-साथ नेशनल ई-गवर्नेंस डिविज़न (NeGD), मिनिस्ट्री ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (MeitY) और NIC को कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग ऐप से संबंधित आरटीआई आवेदन का स्पष्ट जवाब न देने के संबंध में कारण बताओ नोटिस ज़ारी किया है।

एक्टिविस्ट सौरव दास द्वारा NIC के खिलाफ शिकायत पर एक्शन लेते हुए आयोग ने NIC CPIO से सवाल किया है कि वह याचिकाकर्ता द्वारा दायर की गई RTI आवेदन का स्पष्ट उत्तर क्यों नहीं दे पाए। आपको बता दें, इसकी जानकारी सबसे पहले लीगल केस ट्रेसिंग वेबसाइट LiveLaw.in द्वारा दी गई थी।

सूचना आयुक्त ने आदेश में कहा, "आयोग CPIO, NIC को आदेश देता है कि वह लिखित में यह स्पष्ट करें कि वेबसाइट https://aarogyasetu.gov.in/ को gov.in डोमेन नेम के साथ कैसे क्रिएट किया गया, यदि उनके पास इसके बारे में कोई जानकारी थी ही नहीं।"

दास द्वारा दायर की गई याचिका में कहा गया है कि NIC, NeGD और MeitY आरोग्य सेतु ऐप के निर्माण से संबंधित जानकारी देने में असमर्थ रहे हैं। बता दें, शिकायतकर्ता ने ऐप के प्रस्ताव की उत्पत्ति, इसे मिली मंजूरी की डिटेल्स, इसमें शामिल कंपनियों, व्यक्तियों व सरकारी विभागों के साथ-साथ ऐप को डेवलप करने वाले लोगों के बीच हुई बातचीत की कॉपी जैसी जानकारी मांगी थी।

सरकारी निकायों को दिशा-निर्देश देने के अलावा, आयोग ने अपने फैसले में यह भी उल्लेख किया कि NeGD CPIO यह स्प्ष्ट नहीं कर सका कि RTI आवेदन का जवाब देने में उन्हें लगभग दो महीने की देरी क्यों हुई, वो भी यह जवाब देने में कि मांगी गई जानकारी उनके विभाग के पास नहीं है।
Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

संबंधित ख़बरें

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. Acer ने भारत में लॉन्च किया नया TravelLite लैपटॉप, 14 इंच डिस्प्ले, 5 मेगापिक्सल कैमरा
  2. OnePlus Ace 7 सीरीज में मिलेगा डुअल-एयरफ्लो डिजाइन, 3 कलर्स के ऑप्शन
  3. Samsung Galaxy S27 Pro, S27 Ultra में होगी 5,700mAh तक बैटरी! यहां हुआ खुलासा
  4. iQOO Neo 12 में मिलेगी 9,000mAh बैटरी, Snapdragon 8 Elite Gen 5 चिपसेट
  5. AI सेल्फी देखकर बता देगा आपकी हेल्थ कैसी है! कैंसर रोगियों के लिए बड़ी खबर
  6. Apple के पहले फोल्डेबल स्मार्टफोन की भारत में शुरू हुई बिक्री, जानें प्राइस, ऑफर्स
  7. NVIDIA के सीईओ ने पेश किए माइक्रोडक रोबोट, AI से चलते हैं, जानें क्या काम करेंगे
  8. Oppo Find X10 ग्लोबल मार्केट में लॉन्च, 200MP दो कैमरा, 7150mAh बैटरी जैसे फीचर्स
  9. Oppo Reno 17 सीरीज के लॉन्च की तैयारी, NBTC पर हुई लिस्टिंग
  10. अब itel के फीचर फोन से बिना इंटरनेट भी कर पाएंगे PhonePe की डिजिटल पेमेंट, कीमत ₹1200 से भी कम
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »