इन टेलीकॉम कंपनियों ने कहा है कि अगर सैटेलाइट स्पेक्ट्रम का प्राइस कम रखा जाता है तो इससे उनके बिजनेस को नुकसान होगा। इससे बिलिनेयर Elon Musk की Starlink जैसी सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस उपलब्ध कराने वाली कंपनियों को फायदा हो सकता है। टेलीकॉम रेगुलेटर ने सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर्स के लिए उनके वार्षिक रेवेन्यू का चार प्रतिशत केंद्र सरकार को भुगतान करने का प्रपोजल दिया है।
इस नेक्स्ट-जेनरेशन टेलीकॉम नेटवर्क के लिए पेटेंट की फाइलिंग्स में टॉप छह देशों में भारत शामिल हो गया है। केंद्र सरकार की ओर से 6G से जुड़े प्रोजेक्ट्स को बढ़ावा दिया जा रहा है। मिनिस्टर ऑफ स्टेट फॉर कम्युनिकेशंस, Chandra Sekhar Pemmasani ने भारत 6G कॉन्फ्रेंस में बताया कि इससे जुड़े 110 से अधिक प्रोजेक्ट्स के लिए 300 करोड़ रुपये से अधिक की फंडिंग को स्वीकृति दी गई है।
टेलीकॉम मार्केट में Reliance Jio का पहला स्थान बरकरार है। हालांकि, Vodafone Idea को सब्सक्राइबर्स की संख्या के लिहाज से बड़ा नुकसान हुआ है। TRAI के डेटा के अनुसार, रिलायंस जियो को मार्च में लगभग 21.74 लाख नए सब्सक्राइबर्स मिले हैं। कंपनी के सब्सक्राइबर्स की कुल संख्या लगभग 49.97 करोड़ हो गई है। दूसरी सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी Bharti Airtel ने मार्च में लगभग 12.50 लाख नए सब्सक्राइबर जोड़े हैं।
Tata Group की कंपनी Tejas Networks ने BSNL को एक लाख 4G साइट्स के लिए टेलीकॉम इक्विपमेंट की सप्लाई का ऑर्डर पूरा कर दिया है। यह ऑर्डर 7,492 करोड़ रुपये का था। BSNL का लक्ष्य जून में 4G सर्विस को लॉन्च करने का है। इसके बाद कंपनी 4G साइट्स को अपग्रेड कर 5G नेटवर्क लॉन्च करेगी। Reliance Jio और Bharti Airtel जैसी बड़ी टेलीकॉम कंपनियों का 5G नेटवर्क देश के बड़े हिस्से में मौजूद है।
पिछले कुछ वर्षों में इस सरकारी टेलीकॉम के लाखों कस्टमर्स ने Reliance Jio और Bharti Airtel जैसी बड़ी टेलीकॉम कंपनियों की ओर शिफ्ट हुए हैं। इससे BSNL को रेवेन्यू का बड़ा नुकसान हुआ है। कंपनी की 5G सर्विस जल्द लॉन्च की जा सकती है। हाल ही में टेलीकॉम डिपार्टमेंट ने BSNL को 61,000 करोड़ रुपये का स्पेक्ट्रम एलोकेट किया है।
हाल ही में BSNL को 700 MHz और 3,300 MHz जैसे प्रीमियम बैंड्स में स्पेक्ट्रम मिल था, जो 5G के लिए महत्वपूर्ण है। Reliance Jio और भारती एयरटेल जैसी प्राइवेट टेलीकॉम कंपनियों का 5G नेटवर्क देश के बड़े हिस्से में मौजूद है। इन कंपनियों का मुकाबला करने के लिए BSNL को जल्द 5G सर्विस लॉन्च करने की जरूरत है। कंपनी के 4G नेटवर्क को जून से 5G पर अपग्रेड करने की योजना है।
भारती एयरटेल ने डेटा की बढ़ती डिमांड को पूरा करने के लिए कवरेज बढ़ाने की योजना बनाई है। इसके साथ ही कंपनी ने 4G नेटवर्क में नया इनवेस्टमेंट नहीं करने का फैसला किया है।पिछली तिमाही के अंत में कंपनी के पास 12 करोड़ सब्सक्राइबर्स का 5G बेस था। स्मार्टफोन की कुल शिपमेंट्स में 5G स्मार्टफोन्स की हिस्सेदारी बढ़कर 80 प्रतिशत से अधिक हो गई है।
Bharti Enterprises के वाइस चेयरमैन, Rajan Bharti Mittal ने बताया कि कंपनी स्पेक्ट्रम एलोकेशन का इंतजार कर रही है। गुजरात और तमिलनाडु में कंपनी के दो स्टेशंस तैयार हैं। अनुमति मिलने के बाद इस सर्विस को लॉन्च किया जाएगा। उन्होंने कहा कि भारती एंटरप्राइसेज ने 635 सैटेलाइट लॉन्च किए हैं और कंपनी अन्य देशों में सर्विसेज उपलब्ध करा रही है।
टेलीकॉम मिनिस्टर Jyotiraditya Scindia का कहना है कि इससे कंज्यूमर्स को अधिक विकल्प मिलेंगे। उन्होंने Reliance Jio की इस आशंका को गलत बताया है कि इससे Elon Musk की Starlink को फायदा होगा। पिछले कुछ महीनों से सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस के लिए स्पेक्ट्रम को दिए जाने के तरीके को लेकर स्टारलिंक का Mukesh Ambani की रिलायंस जियो के साथ विवाद चल रहा था।
इसके लिए कंपनी अपने कुछ मौजूदा बैंड्स में 4G स्पेक्ट्रम की रीफार्मिंग करेगी। भारती एयरटेल ने इसके लिए अपने मौजूदा 4G बेस स्टेशंस को अपग्रेड करने की भी तैयारी की है। नेटवर्क को अपग्रेड करने के लिए कंपनी ने नोकिया और एरिक्सन को बड़े कॉन्ट्रैक्ट भी दिए हैं। एयरटेल ने 2,300 Hz, 1,800 MHz और 900 Hz बैंड्स में 4G स्पेक्ट्रम की रीफार्मिंग करने की योजना बनाई है।
यह स्पेक्ट्रम कंपनी ने 2016 में खरीदा था। इस बकाया रकम के लिए Bharti Airtel को आठ प्रतिशत से ज्यादा का इंटरेस्ट रेट चुकाना पड़ रहा था। कंपनी ने स्टॉक एक्सचेंज को फाइलिंग में बताया है कि उसने इस कैलेंडर ईयर में 28,000 करोड़ रुपये से अधिक की स्पेक्ट्रम की बकाया रकम चुकाई है। इस महीने की शुरुआत में एयरटेल ने बताया था कि उसके नेटवर्क पर 8 अरब से ज्यादा स्पैम कॉल्स की चेतावनी दी गई है।
एयरटेल ने फिनलैंड की टेलीकॉम इक्विपमेंट मेकर Nokia को करोड़ों डॉलर का कॉन्ट्रैक्ट दिया है। नोकिया ने बताया कि इस डील में उसके 5G AirScale पोर्टफोलियो से इक्विपमेंट का इस्तेमाल करना शामिल है। एयरटेल ने बताया है कि उसकी योजना अपनी कवरेज और कैपेसिटी को बढ़ाने की है। इसके लिए नोकिया को यह कॉन्ट्रैक्ट दिया गया है।
टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) ने सैटेलाइट स्पेक्ट्रम का ऑक्शन नहीं, बल्कि इसे एलोकेट करने की योजना बनाई है। पिछले महीने टेलीकॉम मिनिस्टर Jyotiraditya Scindia ने बताया था कि केंद्र सरकार वैश्विक चलनों के अनुसार, इस स्पेक्ट्रम को एलोकेट करेगी। हालांकि, इसके साथ ही उनका कहना था कि इस बारे में अंतिम नोटिफिकेशन TRAI से फीडबैक मिलने के बाद जारी होगा।
दोनों कंपनियों के बीच इसके लिए बातचीत चल रही है। हालांकि, Tata Play की DTH सर्विस घाटे में चल रही है। इस बिजनेस को खरीदने से भारती एयरटेल की डिजिटल TV के सेगमेंट में मौजूदगी बढ़ेगी। कंपनी को इस सेगमेंट में DishTV और कुछ अन्य कंपनियों से कॉम्पिटिशन का सामना करना पड़ रहा है।
कंपनी ने 2016 में लगभग 17,852 करोड़ रुपये में स्पेक्ट्रम खरीदा था। हालांकि, भारती एयरटेल ने यह नहीं बताया है कि इस भुगतान के बाद उसे कितनी बकाया रकम चुकानी है। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने सरकार की बकाया रकम के दोबारा कैलकुलेशन के टेलीकॉम कंपनियों के निवेदन को ठुकरा दिया था। मौजूदा वर्ष की पहली तिमाही में भारती एयरटेल ने 2012 और 2015 की स्पेक्ट्रम फीस का पूरा भुगतान कर दिया था।