• होम
  • टेलीकॉम
  • ख़बरें
  • सैटेलाइट स्पेक्ट्रम पॉलिसी से कंज्यूमर्स को ब्रॉडबैंड इंटरनेट के लिए मिलेंगे ज्यादा ऑप्शन 

सैटेलाइट स्पेक्ट्रम पॉलिसी से कंज्यूमर्स को ब्रॉडबैंड इंटरनेट के लिए मिलेंगे ज्यादा ऑप्शन 

रिलायंस जियो को चिंता है कि स्टारलिंक से उसे कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ेगा और उसके ब्रॉडबैंड कस्टमर्स स्टारलिंक के पास जा सकते हैं

सैटेलाइट स्पेक्ट्रम पॉलिसी से कंज्यूमर्स को ब्रॉडबैंड इंटरनेट के लिए मिलेंगे ज्यादा ऑप्शन 

केंद्र सरकार ने इंटरनेशनल ट्रेंड के अनुसार इस स्पेक्ट्रम को एलोकेट करने का फैसला किया है

ख़ास बातें
  • यह सर्विस शुरू करने के लिए स्टारलिंक से सरकार से अनुमति मांगी थी
  • केंद्र सरकार ने इस स्पेक्ट्रम को एलोकेट करने का फैसला किया है
  • रिलायंस जियो ने इसके लिए प्रतिस्पर्धा की समान स्थितियां चाहती थी
विज्ञापन
केंद्र सरकार ने सैटेलाइट स्पेक्ट्रम का ऑक्शन करने के बजाय इसे एलोकेट करने का फैसला किया है। टेलीकॉम मिनिस्टर Jyotiraditya Scindia का कहना है कि इससे कंज्यूमर्स को अधिक विकल्प मिलेंगे। उन्होंने Reliance Jio की इस आशंका को गलत बताया है कि इससे Elon Musk की Starlink को फायदा होगा। 

देश में यह सर्विस शुरू करने के लिए स्टारलिंक से सरकार से अनुमति मांगी थी। पिछले कुछ महीनों से सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस के लिए स्पेक्ट्रम को दिए जाने के प्रोसेस को लेकर स्टारलिंक का Mukesh Ambani की रिलायंस जियो के साथ विवाद चल रहा था। सैटेलाइट स्पेक्ट्रम के लिए रिलायंस जियो ने ऑक्शन करने की मांग रखी थी। हालांकि, सरकार ने इंटरनेशनल ट्रेंड के अनुसार इस स्पेक्ट्रम को एलोकेट करने का फैसला किया है। एनालिस्ट्स का कहना है कि इस स्पेक्ट्रम का ऑक्शन करने पर अधिक इनवेस्टमेंट करने की जरूरत होती और इससे इंटरनेशनल टेलीकॉम कंपनियां पीछे हट सकती थी। ई-कॉमर्स और टेक्नोलॉजी कंपनी Amazon की एक यूनिट ने भी देश में सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस लॉन्च करने के लिए अप्रूवल मांगा था। 

रिलायंस जियो इसके लिए प्रतिस्पर्धा की समान स्थितियां चाहती थी। कंपनी को चिंता है कि स्टारलिंक से उसे कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ेगा और उसके ब्रॉडबैंड कस्टमर्स स्टारलिंक के पास जा सकते हैं। इस बारे में सिंधिया ने कहा, "टेलीकॉम मिनिस्टर के तौर पर मेरा कार्य यह सुनिश्चित करना है कि कंज्यूमर्स के पास अधिक विकल्प उपलब्ध हों।" रिलायंस जियो की आशंकाओं के बारे में पूछने पर, सिंधिया ने किसी कंपनी का नाम लिए बिना कहा, "टेक्नोलॉजी स्थिर नहीं रहती। कंपनियों को बदलाव करने की जरूरत होती है।" 

सैटेलाइट इंटरनेट सर्विसेज शुरू करने के लिए टेलीकॉम कंपनियों को सिक्योरिटी क्लीयरेंस लेने के साथ ही कई मिनिस्ट्रीज से अप्रूवल लेने की जरूरत होगी। रिलायंस जियो ने दूरदराज के चार क्षेत्रों को अपनी JioSpaceFiber सर्विस से कनेक्ट किया है। ये क्षेत्र गुजरात में गिर, छत्तीसगढ़ में कोरबा, ओडिशा में नबरंगपुर और असम में जोरहाट, ONGC हैं। विदेशी इंटरनेट सर्विस कंपनियों ने इस स्पेक्ट्रम के लिए लाइसेंस देने की डिमांड की थी। इन कंपनियों का मानना है कि अगर भारत में इसके लिए नीलामी होती है तो अन्य देशों में भी इस प्रोसेस को लागू किया जा सकता है।  इससे इन कंपनियों को कॉस्ट में बढ़ोतरी का सामना करना पड़ सकता है। 
Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

आकाश आनंद

Gadgets 360 में आकाश आनंद डिप्टी न्यूज एडिटर हैं। उनके पास प्रमुख ...और भी

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News
Turbo Read

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. Tata Electronics के iPhone प्लांट को बंद करने की चेतावनी, ये है कारण...
  2. iPhone 18 Pro Max के कलर्स फिर हुए लीक! 'डार्क चैरी' की होगी धूम?
  3. OTT Releases This Week: भूत बंगला, माँ है ना, वायरल हिट, राख जैसी फिल्मों की होगी इस हफ्ते धूम!
  4. क्लाइमेट चेंज धीमी कर रहा है पृथ्वी की गति! हो सकता है बड़ा खतरा
  5. iPhone 17 Pro हो गया 22 हजार रुपये सस्ता! Flipkart सेल में सबसे धांसू ऑफर
  6. OPPO Reno 16 सीरीज की भारत में लॉन्च डेट कंफर्म! 200MP कैमरा, 7000mAh बैटरी जैसे हो सकते हैं फीचर्स
  7. 11,000mAh बैटरी के साथ Honor X80 Pro Max जल्द हो सकता है लॉन्च, चार रंगों में देगा दस्तक!
  8. 10 हजार सस्ता खरीदें Xiaomi का 64MP कैमरा वाला फोन! आ गई धमाका डील
  9. दुनिया के पहले ट्रिलिनेयर बने Elon Musk, SpaceX के शेयर्स ने बढ़ाई वेल्थ
  10. Samsung Galaxy A27 5G में हो सकता है 6.7 इंच डिस्प्ले, 5,000mAh की बैटरी
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »