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Security Apps - ख़बरें

  • TRAI से क्यों भिड़ गया Truecaller? स्पैम कॉल्स को लेकर छिड़ी नई बहस
    Truecaller ने भारत के टेलीकॉम रेगुलेटर TRAI की एंटी-स्पैम नीतियों पर सवाल उठाए हैं। कंपनी का कहना है कि 1400 और 1600 नंबर सीरीज पर लागू नियमों के कारण वह कम्युनिटी-रिपोर्टेड स्पैम जानकारी नहीं दिखा पा रही है, जिससे यूजर्स का भरोसा कम हो रहा है। Truecaller के अनुसार, पिछले कुछ महीनों में इन नंबरों से आने वाली बड़ी संख्या में कॉल्स को यूजर्स ने नजरअंदाज या ब्लॉक किया है। वहीं, रिपोर्ट्स के मुताबिक TRAI कॉलर आईडी ऐप्स पर निगरानी बढ़ाने के लिए अतिरिक्त अधिकार भी चाहता है।
  • ई-रिक्शा के बाद अब ATM हो रहे हैं बंद? मोबाइल ऐप से कंट्रोल करने का वीडियो वायरल
    BAT BMS ऐप विवाद के बाद अब सोशल मीडिया पर एक नया वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में एक व्यक्ति मोबाइल ऐप के जरिए कथित तौर पर ATM मशीन को ऑन और ऑफ करता दिखाई देता है। इस वीडियो ने डिजिटल सिक्योरिटी को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, किसी बैंक, ATM ऑपरेटर या सरकारी एजेंसी ने इसकी पुष्टि नहीं की है।
  • BAT-BMS: ई-रिक्शा रोकने वाले ऐप्स पर सरकार का बड़ा एक्शन, स्टोर से तुरंत हटाने का आदेश
    केंद्र सरकार ने BAT BMS और Epoch Li-ion नाम के दो मोबाइल ऐप्स को Google Play Store और Apple App Store से हटाने का आदेश दिया है। इन बैटरी मैनेजमेंट ऐप्स का गलत इस्तेमाल कर कुछ लोग Bluetooth के जरिए चलते हुए ई-रिक्शा बंद कर रहे थे। MeitY सचिव एस. कृष्णन ने पुष्टि की है कि दोनों ऐप्स को हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। सरकार का कहना है कि ऐसे संभावित खतरनाक ऐप्स को सार्वजनिक प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होने से रोकने के लिए आगे भी कदम उठाए जाएंगे।
  • WhatsApp ने तोड़ी चुप्पी! Username फीचर पर उठे सवालों का एक-एक कर दिया जवाब
    WhatsApp ने अपने आने वाले Username फीचर को लेकर उठ रही प्राइवेसी और साइबर फ्रॉड की चिंताओं पर पहली बार विस्तार से सफाई दी है। X पर शेयर किए गए पोस्ट में कंपनी ने सात बड़े सवालों के जवाब दिए और कहा कि Username फीचर पूरी तरह ऑप्शनल होगा। कंपनी के मुताबिक, पब्लिक फिगर और सरकारी संस्थाओं के Username पहले से सुरक्षित रखे गए हैं, Username सर्च नहीं किया जा सकेगा और यूजर्स को Username Key जैसी अतिरिक्त सुरक्षा भी मिलेगी। WhatsApp का दावा है कि फीचर लॉन्च से पहले सभी जरूरी सेफ्टी उपाय लागू किए जा रहे हैं।
  • WhatsApp Username फीचर लॉन्च से पहले फंसा! सरकार को क्यों सता रही है बड़ी चिंता?
    WhatsApp इस साल के आखिर तक Username फीचर लॉन्च करने की तैयारी में है, लेकिन इससे पहले भारत सरकार इसके रोलआउट को लेकर कानूनी विकल्पों पर विचार कर रही है। ET की रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार को चिंता है कि इस फीचर की मदद से फर्जी पहचान (Impersonation) और साइबर फ्रॉड के मामले बढ़ सकते हैं। अगर जरूरत पड़ी तो डिजिटल फ्रॉड रोकने के लिए नया कानून भी लाया जा सकता है। दूसरी ओर, एक्सपर्ट्स का कहना है कि Username फीचर से मोबाइल नंबर शेयर करने की जरूरत कम होगी, लेकिन इससे Name Squatting और फर्जी अकाउंट्स का जोखिम भी बढ़ सकता है।
  • अब WhatsApp खुद बताएगा नंबर भरोसेमंद है या नहीं, आ रहा नया फीचर
    WhatsApp जल्द ही Android और iPhone यूजर्स के लिए नया सिक्योरिटी फीचर रोलआउट कर सकता है। WABetaInfo की रिपोर्ट के अनुसार, अब किसी अनजान नंबर के साथ चैट शुरू करने से पहले यूजर्स को एक वार्निंग स्क्रीन दिखाई जाएगी। इसमें नंबर से जुड़ी जानकारी जैसे उसका रजिस्ट्रेशन देश, कॉन्टैक्ट स्टेटस और कॉमन ग्रुप्स की जानकारी मिल सकती है। इसका मकसद यूजर्स को संभावित स्कैम और फर्जी मैसेज से बचाना है। WhatsApp का यह फीचर यूजर्स को चैट शुरू करने से पहले अतिरिक्त जानकारी देकर बेहतर फैसला लेने में मदद कर सकता है।
  • WhatsApp पर आ रही इस फाइल से रहें सावधान, हैक हो सकता है आपका PC
    WhatsApp यूजर्स को निशाना बनाने वाला एक नया मालवेयर कैंपेन सामने आया है। एक साइबर सिक्योरिटी कंपनी के रिसर्चर्स ने खुलासा किया है कि अटैकर्स WhatsApp Desktop और WhatsApp Web यूजर्स को मालिशियस फाइल्स भेजकर उनके सिस्टम तक एक्सेस हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं। यह कैंपेन कई देशों में देखा गया है, जिनमें मलेशिया, ब्राजील, सिंगापुर, ताइवान और वियतनाम शामिल हैं।Kaspersky ग्लोबल रिसर्च एंड एनालेसिस टीम (GReAT) ने जून 2026 में इस कैंपेन का खुलासा किया। रिसर्च के अनुसार, अटैकर पहले से हैक किए गए WhatsApp अकाउंट्स का इस्तेमाल कर रहे हैं। इन अकाउंट्स से उनके कॉन्टैक्ट्स को मालिशियस VBScript फाइल्स भेजी जाती हैं। चूंकि मैसेज किसी जान-पहचान वाले व्यक्ति के अकाउंट से आता है, इसलिए रिसीवर के फाइल खोलने की संभावना बढ़ जाती है।
  • WhatsApp हैक हो गया? दिल्ली पुलिस ने बताई ##21# कोड वाली जरूरी ट्रिक
    WhatsApp अकाउंट हैक होने के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। कई बार यूजर्स अचानक अपने अकाउंट से लॉगआउट हो जाते हैं और उनका WhatsApp किसी दूसरे डिवाइस पर इस्तेमाल होने लगता है। ऐसे में सबसे पहले कॉल और मैसेज फॉरवर्डिंग को बंद करना जरूरी माना जाता है। इसके लिए ##21# USSD कोड डायल किया जा सकता है। इसके बाद Meta के आधिकारिक शिकायत फॉर्म के जरिए अकाउंट रिकवरी की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। सही जानकारी देने और जांच पूरी होने के बाद यूजर अपने नंबर और OTP की मदद से दोबारा अकाउंट एक्सेस कर सकता है।
  • Instagram यूजर्स सावधान! 20 हजार से ज्यादा अकाउंट हुए हैक, Meta ने मानी गलती
    Meta ने स्वीकार किया है कि उसके AI आधारित Instagram अकाउंट रिकवरी सिस्टम में मौजूद एक खामी के कारण 20 हजार से ज्यादा अकाउंट्स प्रभावित हुए। रिपोर्ट्स के अनुसार हमलावरों ने High Touch Support (HTS) टूल का गलत फायदा उठाकर पासवर्ड रीसेट लिंक हासिल किए और अकाउंट्स का कंट्रोल अपने हाथ में ले लिया। Meta ने प्रभावित सिस्टम को बंद कर दिया है और अतिरिक्त सिक्योरिटी जांच लागू की है। घटना के बाद AI आधारित कस्टमर सपोर्ट सिस्टम की सुरक्षा को लेकर नए सवाल उठने लगे हैं।
  • पुराने mAadhaar ऐप की होने वाली है छुट्टी! UIDAI ने दी नया ऐप इंस्टॉल करने की सलाह
    UIDAI ने पुष्टि की है कि मौजूदा mAadhaar ऐप को जल्द बंद किया जाएगा। इसके बदले नया Aadhaar ऐप पेश किया गया है, जिसमें QR आधारित पहचान वेरिफिकेशन, Selective Share और बायोमेट्रिक लॉक जैसे फीचर्स दिए गए हैं। नए ऐप की मदद से यूजर्स बिना पूरा Aadhaar नंबर शेयर किए जरूरी जानकारी साझा कर सकेंगे। ऐप में मोबाइल नंबर और पता अपडेट करने की सुविधा भी मिलेगी। इसके अलावा यूजर्स पांच फैमिली मेंबर्स तक जोड़ सकेंगे। UIDAI के मुताबिक नया Aadhaar ऐप 13 भारतीय भाषाओं को सपोर्ट करता है और Android व iOS दोनों प्लेटफॉर्म्स पर उपलब्ध है।
  • WhatsApp Alert! ऐप में मिली बड़ी सिक्योरिटी खामी, तुरंत अपडेट नहीं किया तो...
    Meta ने WhatsApp के लिए नया सिक्योरिटी अपडेट जारी किया है, जिसमें दो खतरनाक कमजोरियों को ठीक किया गया है। कंपनी के मुताबिक, इन खामियों का इस्तेमाल करके संदिग्ध मैसेज या फाइल के जरिए यूजर्स के डिवाइस पर जोखिम वाला कंटेंट खोला जा सकता था। एक समस्या Android और iPhone वर्जन से जुड़ी थी, जबकि दूसरी Windows वर्जन में मिली थी। Meta का कहना है कि फिलहाल इन कमजोरियों के गलत इस्तेमाल के सबूत नहीं मिले हैं, लेकिन यूजर्स को जल्द से जल्द WhatsApp अपडेट करने की सलाह दी गई है। नया अपडेट Google Play Store, App Store और Microsoft Store पर उपलब्ध है।
  • हर UPI यूजर को पता होनी चाहिए ये 7 सिक्योरिटी टिप्स, नहीं तो एक गलती पड़ेगी भारी!
    UPI पेमेंट आज के समय में सबसे आसान और तेज तरीका बन चुका है, लेकिन इसके साथ फ्रॉड का खतरा भी बढ़ा है। कई यूजर्स छोटी-छोटी गलतियों के कारण अपने पैसे गंवा देते हैं। ऐसे में UPI ऐप में मौजूद कुछ जरूरी सेटिंग्स को ऑन रखना बेहद जरूरी है, जैसे App Lock, ट्रांजैक्शन अलर्ट और डेली लिमिट सेट करना। इसके अलावा अनजान रिक्वेस्ट और फर्जी ऐप्स से बचना भी जरूरी है। सही सावधानी और सेटिंग्स के जरिए आप अपने अकाउंट को सुरक्षित रख सकते हैं और फ्रॉड के रिस्क को काफी हद तक कम कर सकते हैं।
  • Samsung फोन रखते हैं तो ट्रैवल प्लानिंग हुई आसान! Samsung Wallet में आया Trips फीचर
    Samsung ने अपने Wallet ऐप में “Trips” फीचर पेश किया है, जो यूजर्स को ट्रैवल से जुड़े डॉक्युमेंट्स और बुकिंग्स को एक ही जगह पर मैनेज करने में मदद करता है। यह फीचर फ्लाइट टिकट, होटल बुकिंग, ट्रेन टिकट और अन्य डिटेल्स को ऑटोमैटिकली टाइमलाइन में ग्रुप करता है। यूजर्स मैन्युअली आइटम्स जोड़ सकते हैं और नोट्स भी सेव कर सकते हैं। Samsung के मुताबिक, यह फीचर Knox सिक्योरिटी प्लेटफॉर्म से सुरक्षित है। इसे अप्रैल 2026 से कुछ देशों में Samsung Galaxy डिवाइसेज पर रोलआउट किया जाएगा।
  • मोबाइल में Aadhaar ऐप पहले से इंस्टॉल करने का प्लान कैंसिल, सरकार ने वापस लिया प्रस्ताव!
    केंद्र सरकार ने स्मार्टफोन में आधार ऐप को पहले से इंस्टॉल करना अनिवार्य बनाने की योजना को रद्द कर दिया है। UIDAI के मुताबिक, इस प्रस्ताव की समीक्षा आईटी मंत्रालय ने की और इसे लागू न करने का फैसला लिया गया। इस योजना के तहत हर स्मार्टफोन में आधार ऐप पहले से मौजूद होता, लेकिन मोबाइल कंपनियों ने लागत, सुरक्षा और ग्लोबल कम्पैटिबिलिटी को लेकर चिंता जताई थी। रिपोर्ट्स के अनुसार, Apple और Samsung जैसी कंपनियों ने इसका विरोध किया था। अब यूजर्स को जरूरत पड़ने पर आधार ऐप खुद डाउनलोड करना होगा और यह अनिवार्य नहीं रहेगा।
  • 50 ऐप्स में मिला खतरनाक वायरस, पूरा फोन अपने कंट्रोल में ले सकते हैं हैकर्स!
    Android यूजर्स के लिए बड़ा खतरा सामने आया है, जहां Google Play Store के 50 ऐप्स में NoVoice मालवेयर पाया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, इन ऐप्स को 23 लाख से ज्यादा बार डाउनलोड किया गया था। यह मालवेयर यूजर्स के डिवाइस में घुसकर डेटा चोरी कर सकता है और सिस्टम पर कंट्रोल हासिल कर सकता है। खास बात यह है कि यह Play Store के जरिए फैला, जिससे इसकी गंभीरता और बढ़ जाती है। फिलहाल Google ने इन ऐप्स को हटा दिया है और यूजर्स को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

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