• होम
  • इंटरनेट
  • ख़बरें
  • WhatsApp, Telegram जैसे ऐप्स पर करना होगा प्रत्येक छह घंटे में लॉगिन, जल्द लागू होगा रूल!

WhatsApp, Telegram जैसे ऐप्स पर करना होगा प्रत्येक छह घंटे में लॉगिन, जल्द लागू होगा रूल!

इस रूल में WhatsApp, Telegram या Arattai जैसे कम्युनिकेशन ऐप्स से जुड़ी वेब कनेक्टिविटी प्रत्येक छह घंटे पर रीसेट होगी

WhatsApp, Telegram जैसे ऐप्स पर करना होगा प्रत्येक छह घंटे में लॉगिन, जल्द लागू होगा रूल!

इस प्रकार का एक सिक्योरिटी फीचर Google Pay और PhonePe जैसे पेमेंट सर्विसेज से जुड़े ऐप्स में मौजूद है

ख़ास बातें
  • इससे WhatsApp जैसे इंस्टेंट मैसेजिंग ऐप्स पर लगातार लॉगिन नहीं रह सकेगा
  • इस रूल के तहत, प्रत्येक छह घंटे में इन ऐप्स पर लॉग आउट हो जाएगा
  • इससे ऑनलाइन फ्रॉड और डिजिटल अरेस्ट के मामलों पर लगाम लगाई जा सकेगी
विज्ञापन

सायबर फ्रॉड के बढ़ते मामलों से निपटने के लिए मैसेजिंग ऐप्स पर लॉगिन से जुड़ा एक नया रूल जल्द लागू हो सकता है। इसमें WhatsApp जैसे इंस्टेंट मैसेजिंग ऐप्स पर लगातार लॉगिन नहीं रह सकेगा। इस रूल के तहत, प्रत्येक छह घंटे में इन ऐप्स पर लॉग आउट हो जाएगा। इसके बाद यूजर को दोबारा लॉगिन करना होगा। 

एक मीडिया रिपोर्ट में बताया गया है कि टेलीकॉम डिपार्टमेंट ( DoT) ने WhatsApp, Telegram, Signal और Snapchat जैसे ओवर-द-टॉप कम्युनिकेशन प्लेटफॉर्म्स को 90 दिनों के अंदर 'SIM बाइंडिग' प्रोटोकॉल को लागू करने का निर्देश दिया है। टेलीकम्युनिकेशंस (टेलीकॉम सायबर सिक्योरिटी) रूल्स के तहत जारी किए गए इस निर्देश का टारगेट ऑनलाइन फ्रॉड और डिजिटल अरेस्ट के बढ़ते मामलों पर लगाम लगाना है। इससे कॉरपोरेट वर्कर्स की मुश्किल बढ़ सकती है क्योंकि वे WhatsApp Web पर कई दिनों तक लगातार लॉगिन नहीं रह सकेंगे। इसके लिए प्रत्येक छह घंटे के बाद लॉगिन करना होगा। 

इस रूल में WhatsApp, Telegram या Arattai जैसे कम्युनिकेशन ऐप्स से जुड़ी वेब कनेक्टिविटी प्रत्येक छह घंटे पर रीसेट होगी। इन ऐप्स के दोबारा एक्सेस के लिए यूजर्स को स्मार्टफोन के जरिए एक QR कोड को स्कैन करने जैसे तरीके से दोबारा ऑथेंटिकेट करना होगा। इससे यह पक्का किया जा सकेगा कि जो व्यक्ति किसी कम्युनिकेशन ऐप पर वेब सेशन का इस्तेमाल कर रहा है वह उस एकाउंट से जुड़े SIM का वास्तविक एक्सेस रखता है। इससे दूरदराज के इलाकों से आपराधिक गतिविधियों को चलाने वाले स्कैमर्स पर नियंत्रण किया जा सकेगा। 

इस प्रकार का एक सिक्योरिटी फीचर Google Pay और PhonePe जैसे पेमेंट सर्विसेज से जुड़े ऐप्स में पहले से एक स्टैंडर्ड के तौर पर मौजूद है। इस सिस्टम में यूजर्स का एकाउंट फिजिकल SIM कार्ड से सीधे तौर पर जुड़ जाता है और SIM को हटाए जाने या इसके इनएक्टिव होने पर मैसेजिंग ऐप कार्य नहीं करेगा। हालांकि, इससे कॉरपोरेट वर्कर्स और इंटरनेशनल ट्रैवलर्स के लिए मुश्किल हो सकती है। इस रूल को लागू करने के लिए इन ऐप्स को 90 दिनों की समयसीमा दी गई है। हाल ही में देश में सायबर फ्रॉड के बड़े सिंडिकेट को पकड़ा गया है। इसमें पीड़ितों को इनवेस्टमेंट से जुड़े फ्रॉड और डिजिटल अरेस्ट के जरिए ठगा जाता था। इस मामले में दुबई में मौजूद अपराधियों तक लगभग पांच करोड़ रुपये की क्रिप्टोकरेंसी से जुड़ी ट्रेल का खुलासा हुआ है। 

Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

आकाश आनंद

Gadgets 360 में आकाश आनंद डिप्टी न्यूज एडिटर हैं। उनके पास प्रमुख ...और भी

संबंधित ख़बरें

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News
Turbo Read

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. ₹5000 सस्ता मिल रहा Xiaomi का 50MP कैमरा, 6500mAh बैटरी वाला फोन
  2. Oppo Reno 16 vs Xiaomi 17T vs Vivo X200T: जानें कौन सा है बेस्ट?
  3. इंटरनेशनल PC की शिपमेंट्स में बड़ी गिरावट, Lenovo का पहला रैंक बरकरार
  4. Motorola Edge 70 Max में होगी सबसे बड़ी बैटरी, 7100mAh के साथ सिंगल चार्ज में चलेगा 58 घंटे!
  5. Hisense लाई ऐसा फोन जिससे अलग हो जाती है स्क्रीन! Hisense A10 के जानें फीचर्स
  6. मोबाइल की महंगी मार! Rs 8 हजार बढ़ गई Samsung Galaxy M47 फोन की कीमत
  7. Vivo ने सस्ता फोन Vivo Y05e किया लॉन्च, 5150mAh बैटरी से लैस, जानें कीमत
  8. Acer ने लॉन्च किया 2 डिस्प्ले वाला फोन! 64MP कैमरा, 5000mAh बैटरी, जानें सबकुछ
  9. मोबाइल नेटवर्क गया तो इस देश में ट्रेनें हो गईं ठप! भारत में भी हो सकता है? जानें
  10. 5000mAh बैटरी वाला Xiaomi फोन 21 हजार सस्ता खरीदें! Flipkart पर भारी डिस्काउंट
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »