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Safety App - ख़बरें

  • Instagram पर आया प्राइवेट फोटो शेयरिंग फीचर Instants, जल्द लॉन्च होगा अलग ऐप
    Instagram ने Instants नाम का नया फीचर पेश किया है, जो रियल टाइम और बिना एडिट की गई फोटो शेयरिंग पर आधारित है। इस फीचर में यूजर्स सिर्फ उसी समय क्लिक की गई फोटो Close Friends या Mutual followers को भेज पाएंगे। गैलरी से फोटो अपलोड करने की अनुमति नहीं होगी। शेयर की गई फोटो देखने के बाद गायब हो जाएगी और 24 घंटे बाद दोबारा एक्सेस नहीं की जा सकेगी। कंपनी के मुताबिक इसमें स्क्रीनशॉट और स्क्रीन रिकॉर्डिंग सपोर्ट भी नहीं दिया गया है। Instagram ने Teen अकाउंट्स के लिए पैरेंटल कंट्रोल्स और सेफ्टी टूल्स भी शामिल किए हैं। फिलहाल फीचर का ग्लोबल रोलआउट शुरू हो गया है।
  • गलत उम्र डालकर अकाउंट चलाना पड़ेगा भारी, बच्चों की सेफ्टी के लिए Meta ने लगाई AI पुलिस!
    Meta ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर टीन यूजर्स की सुरक्षा बढ़ाने के लिए नए AI-पावर्ड एज डिटेक्शन फीचर्स का ऐलान किया है। कंपनी अब पोस्ट, फोटो, कैप्शन और अन्य एक्टिविटी के आधार पर संभावित टीन यूजर्स की पहचान करेगी, भले ही उन्होंने अकाउंट में गलत उम्र दर्ज की हो। ऐसे यूजर्स को ऑटोमैटिकली Teen Account प्रोटेक्शन में डाला जाएगा, जहां सेंसिटिव कंटेंट और अनजान लोगों के मैसेज पर लिमिट्स लागू होंगी। जरूरत पड़ने पर यूजर्स को सरकारी आईडी या फेसियल एज एस्टिमेशन टूल्स के जरिए एज वेरिफिकेशन भी करना होगा।
  • UPI से गलत जगह भेज दिया पैसा? तुरंत करें ये काम, वरना वापस मिलना मुश्किल
    UPI के जरिए गलत अकाउंट में पैसे ट्रांसफर हो जाना एक आम समस्या बनती जा रही है, लेकिन सही समय पर कदम उठाकर पैसे वापस पाए जा सकते हैं। ऐसे मामलों में सबसे पहले रिसीवर से संपर्क करने की कोशिश करनी चाहिए। अगर जवाब न मिले, तो UPI ऐप या बैंक में शिकायत दर्ज करनी होती है। इसके अलावा NPCI और बैंकिंग ओम्बड्समैन के जरिए भी मदद ली जा सकती है। हालांकि UPI ट्रांजैक्शन तुरंत होते हैं और रिवर्सल आसान नहीं होता, इसलिए जल्दी एक्शन लेना जरूरी है। सही प्रक्रिया अपनाकर पैसे रिकवर करने की संभावना बढ़ाई जा सकती है।
  • हर UPI यूजर को पता होनी चाहिए ये 7 सिक्योरिटी टिप्स, नहीं तो एक गलती पड़ेगी भारी!
    UPI पेमेंट आज के समय में सबसे आसान और तेज तरीका बन चुका है, लेकिन इसके साथ फ्रॉड का खतरा भी बढ़ा है। कई यूजर्स छोटी-छोटी गलतियों के कारण अपने पैसे गंवा देते हैं। ऐसे में UPI ऐप में मौजूद कुछ जरूरी सेटिंग्स को ऑन रखना बेहद जरूरी है, जैसे App Lock, ट्रांजैक्शन अलर्ट और डेली लिमिट सेट करना। इसके अलावा अनजान रिक्वेस्ट और फर्जी ऐप्स से बचना भी जरूरी है। सही सावधानी और सेटिंग्स के जरिए आप अपने अकाउंट को सुरक्षित रख सकते हैं और फ्रॉड के रिस्क को काफी हद तक कम कर सकते हैं।
  • Facebook-Instagram पर बच्चे AI से क्या बात कर रहे हैं? अब आप रख सकेंगे नजर, Meta लाया नया फीचर
    Meta ने Facebook, Instagram और Messenger पर नया parental control फीचर पेश किया है, जिससे माता-पिता अपने बच्चों के AI इस्तेमाल को मॉनिटर कर सकते हैं। “Insights” टैब के जरिए parents पिछले 7 दिनों में पूछे गए सवालों के टॉपिक्स देख सकते हैं, हालांकि पूरी चैट नहीं दिखाई जाती। कंपनी के मुताबिक, यह फीचर teens के लिए AI अनुभव को सुरक्षित और उम्र के अनुसार बेहतर बनाने के लिए लाया गया है। फिलहाल यह फीचर कुछ देशों में उपलब्ध है और जल्द ही अन्य मार्केट्स में भी रोलआउट किया जाएगा।
  • आपके फोन में हो सकता है नकली WhatsApp ऐप! Meta ने यूजर्स को भेजा अलर्ट
    Meta ने WhatsApp के लिए नए स्कैम और फ्रॉड प्रोटेक्शन टूल्स पेश किए हैं, जिनमें डिवाइस लिंकिंग वॉर्निंग सिस्टम शामिल है। कंपनी ने एक फेक WhatsApp ऐप को लेकर भी अलर्ट जारी किया है, जिसका इस्तेमाल करीब 200 यूजर्स की जासूसी के लिए किया गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक यह ऐप सोशल इंजीनियरिंग के जरिए यूजर्स को डाउनलोड कराया गया। Meta का कहना है कि WhatsApp की ऑफिशियल ऐप और एन्क्रिप्शन सुरक्षित हैं और यह किसी सिस्टम कमजोरी का मामला नहीं है। कंपनी यूजर्स को केवल भरोसेमंद प्लेटफॉर्म से ऐप डाउनलोड करने की सलाह दे रही है।
  • AI स्कैम गैंग्स की हिट लिस्ट में भारत दूसरे नंबर पर, Meta की इस रिपोर्ट में सामने आया पूरा फ्रॉड गेम
    Meta की 2026 Adversarial Threat Report में बताया गया है कि ऑनलाइन स्कैम अब पहले से ज्यादा एडवांस हो चुके हैं और इनमें AI का बड़ा रोल है। स्कैमर्स अब फेक प्रोफाइल, डीपफेक और नेचुरल बातचीत के जरिए लोगों को आसानी से झांसा दे रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक ये ठगी अब एक पूरी इंडस्ट्री की तरह काम कर रही है, जिसमें अलग-अलग स्टेज पर प्लानिंग की जाती है। साउथईस्ट एशिया से ऑपरेट होने वाले बड़े स्कैम नेटवर्क्स भारत समेत कई देशों को टारगेट कर रहे हैं। इसके अलावा फेक रेंटल और फेक फ्यूनरल जैसे नए स्कैम भी सामने आए हैं।
  • पूरे परिवार को मिलेगी डिजिटल स्कैम से सुरक्षा! जानें क्या है Trucaller का नया Family Protection फीचर
    Truecaller ने भारत में Family Protection फीचर लॉन्च किया है, जिसका उद्देश्य ऑनलाइन स्कैम और संदिग्ध कॉल से यूजर्स की सुरक्षा बढ़ाना है। इस फीचर के जरिए परिवार का एक सदस्य एडमिन बनकर पूरे परिवार की डिजिटल सुरक्षा सेटिंग्स को मैनेज कर सकता है। इसमें रियल टाइम फ्रॉड अलर्ट, रिमोट कॉल हैंग अप और साझा ब्लॉक लिस्ट जैसे फीचर्स शामिल हैं। कंपनी के मुताबिक यह फीचर Android और iOS दोनों प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है और इसका बेसिक वर्जन मुफ्त में इस्तेमाल किया जा सकता है।
  • ChatGPT को बनाएं फोन का सिक्योरिटी गार्ड! चुटकी में पता लगाएगा स्कैम, जानें हिडन फीचर
    ChatGPT में एक ऐसा ऐप छुपा है जो आपके डिवाइस के लिए सिक्योरिटी गार्ड का काम कर सकता है। यह फीचर Malwarebytes के नाम से आता है। आपको बता दें कि Malwarebytes मालवेयर का पता लगाने और उसे हटाने के लिए सबसे भरोसेमंद सॉफ्टवेयर माना जाता है। अच्छी खबर यह है कि अब यह ऐप आपको ChatGPT में भी मिलता है।
  • दिल्ली में रोज 50+ लोग लापता? मोबाइल की सेटिंग्स से लेकर SOS Apps तक, ये हैं सेफ्टी के जरूरी तरीके
    दिल्ली में 2026 की शुरुआत के साथ ही लापता मामलों में तेज बढ़ोतरी सामने आई है। दिल्ली पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक जनवरी के पहले 15 दिनों में 807 लोगों के गायब होने की रिपोर्ट दर्ज की गई है। ऐसे हालात में स्मार्टफोन सिर्फ कॉल और मैसेज का जरिया नहीं, बल्कि एक अहम सेफ्टी टूल बन जाता है। फोन में मौजूद SOS अलर्ट, लाइव लोकेशन शेयरिंग और इमरजेंसी कॉन्टैक्ट फीचर्स को ऑन रखकर आप इमर्जेंसी के समय तुरंत मदद तक पहुंच सकते हैं। इस फीचर में Android, iPhone और जरूरी ऐप्स की जानकारी दी गई है।
  • बच्चों की ऑनलाइन सेफ्टी के लिए सोशल मीडिया बैन? इस देश ने किया एलान
    स्पेन में 16 साल से कम उम्र के बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल पर रोक लगाने को लेकर चर्चा तेज हो गई है। सरकार ने बच्चों को ऑनलाइन खतरों से बचाने के लिए यह प्रस्ताव सामने रखा है, लेकिन फिलहाल इसे कानून के तौर पर लागू नहीं किया गया है। प्रस्ताव के तहत सोशल मीडिया कंपनियों को सख्त एज-वेरिफिकेशन सिस्टम लागू करने की जिम्मेदारी दी जा सकती है। इस कदम को बच्चों की मानसिक सेहत और डिजिटल सुरक्षा से जोड़कर देखा जा रहा है।
  • WinGo साइबर फ्रॉड केस ने खोली आंखें, कहीं आप भी न बन जाएं स्कैम का हिस्सा, इन बातों का रखें ध्यान
    WinGo ऐप से जुड़े साइबर फ्रॉड के खुलासे के बाद पुलिस और सरकार ने आम यूजर्स को सतर्क रहने की सलाह दी है। जांच में सामने आया है कि आसान कमाई का दावा करने वाले ऐप्स यूजर्स के मोबाइल नंबर और SMS एक्सेस का दुरुपयोग कर साइबर ठगी को अंजाम दे रहे हैं। ऐसे मामलों में अनजाने यूजर्स भी स्कैम नेटवर्क का हिस्सा बन सकते हैं। सरकार ने संदिग्ध ऐप्स से दूर रहने, अनावश्यक परमिशन न देने और किसी भी साइबर फ्रॉड की स्थिति में तुरंत शिकायत दर्ज कराने की अपील की है।
  • बड़ी टेंशन खत्म! बच्चों का WhatsApp जल्द पैरेंट्स के कंट्रोल में, नया फीचर करेगा सब मैनेज
    WhatsApp बच्चों की सेफ्टी को ध्यान में रखते हुए पैरेंटल कंट्रोल और सेकेंडरी अकाउंट फीचर पर काम कर रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस सिस्टम के तहत पैरेंट्स बच्चों के लिए लिमिटेड WhatsApp अकाउंट बना सकेंगे, जिसमें अनजान कॉन्टैक्ट्स से बातचीत की अनुमति नहीं होगी। नए फीचर में पैरेंट्स को कुछ एक्टिविटी विजिबिलिटी मिलेगी, लेकिन मैसेज और कॉल्स एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन के तहत सुरक्षित रहेंगे। सेकेंडरी अकाउंट्स में Updates टैब और Chat Lock जैसे फीचर्स नहीं मिलेंगे। फिलहाल यह फीचर डेवलपमेंट स्टेज में है और भविष्य के अपडेट में रोलआउट किया जा सकता है।
  • एक टच में डिजिटल अरेस्ट, स्कैम से बचाएगा 'Kill Switch', UPI और बैंक ऐप्स में मिलेगा इमरजेंसी बटन
    डिजिटल अरेस्ट स्कैम्स के बढ़ते मामलों के बीच केंद्र सरकार एक बड़े तकनीकी समाधान पर काम कर रही है। गृह मंत्रालय की ओर से गठित हाई-लेवल कमेटी UPI और बैंकिंग ऐप्स में एक ‘किल स्विच’ फीचर जोड़ने के प्रस्ताव पर विचार कर रही है। Indian Express की रिपोर्ट के मुताबिक, यह इमरजेंसी बटन किसी संभावित ऑनलाइन ठगी के दौरान यूजर को तुरंत सभी बैंक ट्रांजैक्शन्स रोकने की सुविधा देगा। इस कदम का मकसद उन मामलों को रोकना है, जहां स्कैमर्स वीडियो कॉल और फर्जी पुलिस पहचान के जरिए लोगों से पैसे ट्रांसफर करवाते हैं।
  • बच्चों का WhatsApp अब माता-पिता के कंट्रोल में? नया फीचर बदल सकता है सब कुछ
    WhatsApp बच्चों और युवाओं की ऑनलाइन सेफ्टी को बेहतर बनाने के लिए पैरेंटल कंट्रोल फीचर पर काम कर रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, इसमें सेकेंडरी अकाउंट का कॉन्सेप्ट होगा, जो पैरेंट या गार्जियन के अकाउंट से लिंक रहेगा। पैरेंट कुछ प्राइवेसी सेटिंग्स और कॉन्टैक्ट कंट्रोल कर पाएंगे, लेकिन मैसेज और कॉल कंटेंट पूरी तरह प्राइवेट रहेगा। डिफॉल्ट तौर पर यह अकाउंट सिर्फ कॉन्टैक्ट्स से बातचीत की अनुमति देगा। फिलहाल फीचर बीटा स्टेज में है और इसके रोलआउट की टाइमलाइन सामने नहीं आई है।

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