WhatsApp ने फरवरी 2025 में 97 लाख से अधिक भारतीय अकाउंट्स को बैन किया था। यह कार्रवाई प्लेटफॉर्म पर बढ़ते ऑनलाइन धोखाधड़ी, फर्जीवाड़े और दुरुपयोग के मामलों से निपटने के लिए की गई है। इनमें से 14 लाख से अधिक अकाउंट्स को प्रोएक्टिवली बैन किया गया, यानी इन्हें किसी यूजर की रिपोर्ट मिलने से पहले ही हटा दिया गया। Meta के स्वामित्व वाला मैसेजिंग प्लेटफॉर्म समय-समय पर ऐसी कार्रवाई करता रहता है।
WhatsApp ने अपनी मंथली सेफ्टी
रिपोर्ट में खुलासा किया कि 9,967,000 भारतीय अकाउंट्स को IT नियम 2021 के तहत बैन किया गया। ये नियम डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को यूजर्स की शिकायतों को प्रभावी ढंग से संभालने और हानिकारक एक्टिविटीज के खिलाफ कदम उठाने के लिए बाध्य करते हैं। रिपोर्ट के अनुसार, फरवरी 2025 में WhatsApp को 17,649 यूजर्स की शिकायतें मिलीं, जिनमें से 427 अकाउंट्स के खिलाफ कार्रवाई की गई। इसके अलावा, प्लेटफॉर्म ने भारत की Grievance Appellate Committee से प्राप्त दो निर्देशों का पालन भी किया।
इससे पहले जनवरी 2025 में, WhatsApp ने 99 लाख से अधिक भारतीय अकाउंट्स को
बैन किया था। लगातार इतने बड़े पैमाने पर बैन किए जाने से यह स्पष्ट होता है कि भारत में स्पैम, फर्जीवाड़ा और नियमों के उल्लंघन के मामलों में तेजी आई है। भारत में 500 मिलियन से अधिक यूजरबेस के साथ, WhatsApp अपने प्लेटफॉर्म की सेफ्टी और प्राइवेसी को प्राथमिकता देने का दावा करता है।
कंपनी का कहना है कि इसके लिए कंपनी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, एडवांस टेक्नोलॉजी, डेटा साइंटिस्ट्स और एक्सपर्ट्स का निवेश किया है।
WhatsApp यूजर्स को अनजाने में बैन होने से बचने के लिए कुछ सावधानियां बरतने की सलाह देता है। किसी को ग्रुप में जोड़ने से पहले उनकी अनुमति लें और बिना सहमति दोबारा न जोड़ें। स्पैम मैसेजिंग, ऑटो-रिप्लाई टूल्स या थर्ड-पार्टी WhatsApp वर्जन का इस्तेमाल न करें, क्योंकि यह अकाउंट बैन का कारण बन सकता है। केवल विश्वसनीय सोर्स से मिले मैसेज ही फॉरवर्ड करें और ब्रॉडकास्ट लिस्ट का जरूरत से ज्यादा उपयोग न करें। सबसे अहम, फेक न्यूज, उत्पीड़न या किसी अवैध गतिविधि में शामिल होने से बचें, वरना WhatsApp आपके अकाउंट को स्थायी रूप से बैन कर सकता है।