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Privacy News - ख़बरें

  • आप Netflix देख रहे हैं, लेकिन Netflix भी आपको देख रहा है”: डिजिटल जासूसी के आरोप में घिरा प्लेटफॉर्म
    Netflix के खिलाफ अमेरिका के टेक्सास राज्य में केस दर्ज किया गया है। टेक्सास अटॉर्नी जनरल Ken Paxton ने आरोप लगाया है कि कंपनी यूजर्स और बच्चों का डेटा उनकी जानकारी के बिना इकट्ठा कर रही थी। शिकायत में कहा गया है कि Netflix यूजर्स की गतिविधियों को रिकॉर्ड कर रहा था और auto-play जैसे फीचर्स की मदद से लोगों को लंबे समय तक प्लेटफॉर्म पर बनाए रखता था। रिपोर्ट्स के मुताबिक अधिकारियों ने कंपनी पर डेटा प्रोसेसिंग और टार्गेटेड एडवर्टाइजमेंट के लिए जानकारी इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है। हालांकि Netflix ने इन सभी आरोपों को गलत बताया है।
  • अब Aadhaar कार्ड साथ रखने की जरूरत नहीं! Google Wallet में आया बड़ा ID अपडेट
    Google ने Google Wallet में नया अपडेट जारी करते हुए Aadhaar Verifiable Credentials का सपोर्ट जोड़ दिया है। UIDAI के साथ पार्टनरशिप के तहत यूजर्स अब अपनी Aadhaar बेस्ड डिजिटल पहचान को सीधे डिवाइस में स्टोर कर सकते हैं। कंपनी के मुताबिक इससे बिना फिजिकल डॉक्युमेंट के तेज और आसान वेरिफिकेशन संभव होगा। इसके साथ selective disclosure जैसे प्राइवेसी फीचर्स भी दिए गए हैं, जिससे जरूरत के अनुसार ही जानकारी शेयर होगी। वहीं Google “ID pass” फीचर को भी बढ़ा रहा है, जिसमें पासपोर्ट डिटेल्स से डिजिटल ID बनाई जा सकती है। यह फीचर फिलहाल भारत समेत कुछ देशों में उपलब्ध है।
  • iPhone यूजर्स ध्यान दें! Apple ने फिक्स किया बड़ा बग, डिलीट नोटिफिकेशन भी हो रहे थे एक्सेस
    Apple ने iOS 26.4.2 अपडेट जारी किया है, जिसमें नोटिफिकेशन सिस्टम से जुड़ी एक बड़ी खामी को ठीक किया गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस बग की वजह से डिलीट किए गए पुश नोटिफिकेशन्स डिवाइस में स्टोर रह सकते थे, जिन्हें एक्सेस किया जा सकता था। इस समस्या का इस्तेमाल कानून प्रवर्तन एजेंसियां भी कर सकती थीं। Apple ने इस अपडेट में इंप्रूव्ड डेटा रिडेक्शन फीचर जोड़ा है, जिससे डिलीट नोटिफिकेशन सही तरीके से हटेंगे। यह अपडेट iPhone 11 और इसके बाद के मॉडल्स के लिए उपलब्ध है।
  • मोबाइल में Aadhaar ऐप पहले से इंस्टॉल करने का प्लान कैंसिल, सरकार ने वापस लिया प्रस्ताव!
    केंद्र सरकार ने स्मार्टफोन में आधार ऐप को पहले से इंस्टॉल करना अनिवार्य बनाने की योजना को रद्द कर दिया है। UIDAI के मुताबिक, इस प्रस्ताव की समीक्षा आईटी मंत्रालय ने की और इसे लागू न करने का फैसला लिया गया। इस योजना के तहत हर स्मार्टफोन में आधार ऐप पहले से मौजूद होता, लेकिन मोबाइल कंपनियों ने लागत, सुरक्षा और ग्लोबल कम्पैटिबिलिटी को लेकर चिंता जताई थी। रिपोर्ट्स के अनुसार, Apple और Samsung जैसी कंपनियों ने इसका विरोध किया था। अब यूजर्स को जरूरत पड़ने पर आधार ऐप खुद डाउनलोड करना होगा और यह अनिवार्य नहीं रहेगा।
  • WhatsApp पर अब बिना नंबर के होगी चैट, जानें कैसे काम करता है यूजरनेम फीचर
    WhatsApp ने यूजरनेम फीचर का रोलआउट शुरू कर दिया है, जिससे यूजर्स बिना मोबाइल नंबर शेयर किए भी चैट कर सकेंगे। फिलहाल यह फीचर सीमित यूजर्स के लिए उपलब्ध है और धीरे-धीरे सभी तक पहुंचाया जाएगा। रिपोर्ट के मुताबिक, यूजर्स एक यूनिक यूजरनेम सेट कर सकेंगे, जिससे उन्हें आसानी से सर्च किया जा सकेगा। यह फीचर प्राइवेसी को बेहतर बनाने के लिए लाया जा रहा है और इसमें कुछ कैरेक्टर नियम भी तय किए गए हैं।
  • आपके फोन में हो सकता है नकली WhatsApp ऐप! Meta ने यूजर्स को भेजा अलर्ट
    Meta ने WhatsApp के लिए नए स्कैम और फ्रॉड प्रोटेक्शन टूल्स पेश किए हैं, जिनमें डिवाइस लिंकिंग वॉर्निंग सिस्टम शामिल है। कंपनी ने एक फेक WhatsApp ऐप को लेकर भी अलर्ट जारी किया है, जिसका इस्तेमाल करीब 200 यूजर्स की जासूसी के लिए किया गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक यह ऐप सोशल इंजीनियरिंग के जरिए यूजर्स को डाउनलोड कराया गया। Meta का कहना है कि WhatsApp की ऑफिशियल ऐप और एन्क्रिप्शन सुरक्षित हैं और यह किसी सिस्टम कमजोरी का मामला नहीं है। कंपनी यूजर्स को केवल भरोसेमंद प्लेटफॉर्म से ऐप डाउनलोड करने की सलाह दे रही है।
  • सीक्रेट मैसेज भेजने वालों के लिए WhatsApp ला रहा बड़ा फीचर, जानें कैसे करेगा काम
    WhatsApp एक नए प्राइवेसी फीचर “After reading” पर काम कर रहा है, जिसमें मैसेज पढ़ने के 15 मिनट बाद अपने आप डिलीट हो जाएंगे। रिपोर्ट्स के मुताबिक यह फीचर Android बीटा वर्जन में देखा गया है और अभी टेस्टिंग स्टेज में है। अगर मैसेज नहीं खोला जाता है, तो वह 24 घंटे बाद अपने आप एक्सपायर हो जाएगा। कंपनी के मुताबिक यह फीचर यूजर्स को ज्यादा प्राइवेसी देगा, खासकर जब वे OTP, पासवर्ड या अन्य संवेदनशील जानकारी शेयर करते हैं। यह read receipts बंद होने पर भी काम करेगा।
  • WhatsApp पर बच्चों की चैट अब पैरेंट्स की नजर में, ऐसे एक्टिवेट करें नया कंट्रोल फीचर
    WhatsApp ने बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए Parent Managed Accounts नाम का नया फीचर पेश किया है। इस फीचर के जरिए माता पिता या गार्जियन बच्चों के WhatsApp अकाउंट की सेटिंग्स और कम्युनिकेशन को कंट्रोल कर सकेंगे। पैरेंट्स यह तय कर सकेंगे कि बच्चे को कौन मैसेज कर सकता है और वह किन ग्रुप्स में शामिल हो सकता है। इसके अलावा अनजान कॉन्टैक्ट से आने वाले मैसेज रिक्वेस्ट की समीक्षा भी की जा सकेगी। कंपनी के मुताबिक इस फीचर को एक्सेस करने के लिए Parent PIN की जरूरत होगी और चैट्स पहले की तरह एंड टू एंड एन्क्रिप्शन के साथ सुरक्षित रहेंगी।
  • वॉयस असिस्टेंट बना जासूस? नहीं मानी गलती, लेकिन फिर भी 623 करोड़ का जुर्माना भरेगा Google
    Google ने अपने वॉयस असिस्टेंट से जुड़े एक प्राइवेसी मामले को निपटाने के लिए 68 मिलियन डॉलर का सेटलमेंट करने पर सहमति जताई है। Reuters की रिपोर्ट के मुताबिक, इस केस में आरोप लगाया गया था कि Google Assistant बिना यूजर्स की अनुमति के उनकी बातचीत रिकॉर्ड करता था और उस डेटा का इस्तेमाल विज्ञापनों सहित अन्य उद्देश्यों के लिए किया गया। हालांकि, कंपनी ने सेटलमेंट में किसी भी तरह की गलती स्वीकार नहीं की है। यह मामला “false accepts” से जुड़ा था, जहां असिस्टेंट बिना वेक वर्ड के एक्टिव होने के आरोपों के घेरे में था।
  • अब छूटेंगे हैकर्स के पसीने! WhatsApp में आया हाई-सिक्योरिटी फीचर, एक क्लिक में लग जाएगा लॉकडाउन
    Meta ने WhatsApp यूजर्स की सुरक्षा बढ़ाने के लिए Strict Account Settings नाम का नया फीचर पेश किया है। यह फीचर खास तौर पर उन यूजर्स के लिए डिजाइन किया गया है, जिन्हें उनके काम या पहचान की वजह से एडवांस साइबर अटैक्स का खतरा रहता है। फीचर ऑन करने पर WhatsApp की कई सेटिंग्स अपने आप सबसे सख्त लेवल पर लॉक हो जाती हैं, जिससे अनजान लोगों से आने वाले अटैचमेंट्स और कॉल्स ब्लॉक हो जाते हैं। यह फीचर Settings > Privacy > Advanced में मिलेगा और आने वाले हफ्तों में धीरे-धीरे रोलआउट किया जाएगा।
  • AI से की गई बातें कंपनी सुन रही है? मार्केट में आया नया प्राइवेट चैटबॉट, फ्री में करें यूज
    Signal के फाउंडर Moxie Marlinspike ने Confer नाम का एक नया AI चैटबॉट पेश किया है, जिसे प्राइवेसी-फर्स्ट सर्विस के तौर पर डिजाइन किया गया है। आम AI चैटबॉट्स की तरह इसमें की गई बातचीत सर्वर पर readable नहीं होती। Confer में चैट रिक्वेस्ट्स लोकली एन्क्रिप्ट होती हैं और cryptographic keys यूजर के डिवाइस पर ही रहती हैं। सर्वर साइड पर Trusted Execution Environment का इस्तेमाल किया गया है, जिससे AI प्रोसेस आइसोलेटेड हार्डवेयर एनवायरनमेंट में रन होता है। Marlinspike ने AI कंपनियों पर यूजर डेटा को स्टोर, मॉनेटाइज और विज्ञापनों के लिए इस्तेमाल करने की चिंता भी जताई है।
  • Apple पर लगा जासूसी का आरोप, यूजर्स को देगी Rs 815 करोड़ का मुआवजा!
    Apple पर जासूसी का आरोप लगा है। जिसके चलते कंपनी अब इस मामले की सेटलमेंट करने के लिए तैयार हो गई है। मामले के तहत Apple को 95 मिलियन डॉलर का भुगतान करना होगा। Apple पर आरोप था कि कंपनी Siri के माध्यम से बिना अनुमति के, यूजर्स की बातचीत सुनती है, और जिसके लिए उसने Siri को गुप्त तरीके से एक्टिवेट किया।
  • इन कारणों से मोबाइल से होता है डेटा लीक, बचने के लिए हम बता रहे हैं जरूरी बातें
    हम आपको उन कुछ अहम पहलुओं को बता रहे हैं, जिनका ध्यान रख कर आप खुद को इस तरह के लीक्स से बचा सकते हैं।
  • WhatsApp Feature : जिसे चाहेंगे उसी को दिखेंगे ऑनलाइन, ऐसे करें इस्तेमाल
    WhatsApp new feature : कंपनी यह फीचर ‘प्राइवेसी’ (Privacy) सेगमेंट में लाई है। फीचर ऑन करने के बाद आप यह तय कर सकेंगे कि किसे आपको अपना ऑनलाइन स्‍टेटस दिखाना है।
  • Whatsapp Privacy Policy : वॉट्सऐप की नीति को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई अब 17 जनवरी को
    Whatsapp Privacy Policy : दो छात्रों ने याचिका में कहा है कि यूजर्स की डिटेल को फेसबुक या किसी और से शेयर करना उनकी निजता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का हनन है।

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