• होम
  • ऐप्स
  • ख़बरें
  • आपके फोन में हो सकता है नकली WhatsApp ऐप! Meta ने यूजर्स को भेजा अलर्ट

आपके फोन में हो सकता है नकली WhatsApp ऐप! Meta ने यूजर्स को भेजा अलर्ट

Meta ने WhatsApp के लिए नए सुरक्षा फीचर्स लॉन्च किए हैं और फेक ऐप के जरिए जासूसी के मामले को लेकर यूजर्स को चेतावनी दी है।

आपके फोन में हो सकता है नकली WhatsApp ऐप! Meta ने यूजर्स को भेजा अलर्ट

Photo Credit: Unsplash/ Grant Davies

WhatsApp पर फेक ऐप के जरिए जासूसी को लेकर Meta की चेतावनी

ख़ास बातें
  • Meta ने WhatsApp के लिए नए स्कैम प्रोटेक्शन फीचर्स लॉन्च किए
  • फेक ऐप से करीब 200 यूजर्स को बनाया गया निशाना
  • कंपनी ने ऑफिशियल WhatsApp ऐप को सुरक्षित बताया
विज्ञापन

Meta ने WhatsApp के लिए नए स्कैम और फ्रॉड प्रोटेक्शन टूल्स पेश किए हैं, जिनमें एक नया डिवाइस लिंकिंग वॉर्निंग सिस्टम शामिल है। कंपनी के मुताबिक यह फीचर यूजर्स को अलर्ट करेगा अगर कोई संदिग्ध व्यक्ति उनके अकाउंट को रिमोट तरीके से एक्सेस करने की कोशिश करता है। इसी बीच कंपनी ने एक फेक WhatsApp ऐप को लेकर भी चेतावनी दी है, जिसका इस्तेमाल कथित तौर पर करीब 200 Android और iPhone यूजर्स की जासूसी के लिए किया गया, खासकर इटली में।

ANSA को दिए गए बयान में Meta ने बताया कि इस फेक ऐप के जरिए यूजर्स को निशाना बनाया गया और प्रभावित अकाउंट्स को डिस्कनेक्ट कर दिया गया है। कंपनी ने यूजर्स को संभावित प्राइवेसी और सिक्योरिटी जोखिमों के बारे में भी अलर्ट किया है।

रिपोर्ट के मुताबिक यह फेक WhatsApp ऐप Asigint ने बनाया था, जो Sio Spa Group का हिस्सा है। कंपनी का कहना है कि हैकर्स ने सोशल इंजीनियरिंग तकनीकों का इस्तेमाल कर सीमित संख्या में यूजर्स को धोखा दिया और उन्हें ऑफिशियल WhatsApp ऐप के नाम पर यह स्पायवेयर डाउनलोड कराया। इसके जरिए यूजर्स के डिवाइस और अकाउंट तक रिमोट एक्सेस हासिल करने की कोशिश की गई।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि Meta इस मामले में संबंधित फर्म को औपचारिक चेतावनी भेजने की तैयारी कर रही है, ताकि किसी भी तरह की गलत इरादे से की गई एक्टिविटीज को रोका जा सके।

इटली की La Repubblica की रिपोर्ट के अनुसार कंपनी का कहना है कि यह स्पायवेयर WhatsApp की किसी तकनीकी कमजोरी का फायदा नहीं उठाता है। यानी ऑफिशियल WhatsApp ऐप, उसकी इंफ्रास्ट्रक्चर और एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन फिलहाल सुरक्षित हैं। कंपनी यूजर्स को सलाह दे रही है कि वे ऐप केवल भरोसेमंद प्लेटफॉर्म से ही डाउनलोड करें।

इस फेक ऐप के जरिए हैकर्स को यूजर्स के चैट्स और पर्सनल डेटा तक पहुंच मिल सकती थी, क्योंकि इसमें एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन का सपोर्ट नहीं होता। ऐसे में यह यूजर्स की प्राइवेसी और सिक्योरिटी के लिए बड़ा खतरा बन सकता है।

Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

नितेश पपनोई Nitesh has almost seven years of experience in news writing and reviewing tech products like smartphones, headphones, and smartwatches. At Gadgets 360, he is covering all ...और भी
Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News
Turbo Read

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. Xiaomi ने नया कॉर्डलैस वैक्यूम क्लीनर किया लॉन्च, 2600mAh बैटरी के साथ 75 मिनट लगातार क्लीनिंग, जानें कीमत
  2. Apple के आगामी iPhones में मिल सकता है 200 मेगापिक्सल का कैमरा 
  3. गेमिंग के लिए लॉन्च हुआ Redmi K Pad 2 टैबलेट, इसमें है 3K डिस्प्ले, 9100mAh बैटरी और कूलिंग सिस्टम
  4. Vivo Y600 Pro में होगी सबसे बड़ी 10,200mAh की बैटरी, 27 अप्रैल को है लॉन्च, जानें सबकुछ
  5. Honor 600, Honor 600 Pro हुए लॉन्च, 7000mAh बैटरी, 200MP कैमरा
  6. 700W पावर और वायरलेस सेटअप! boAt ने भारत में लॉन्च किया Aavante Prime X साउंड सिस्टम
  7. Google Pixel का अप्रैल अपडेट बना सिरदर्द, यूजर्स बोले - 'फोन कुछ घंटों में हो रहा डाउन'
  8. Bitcoin में जोरदार तेजी, 78,000 डॉलर से ज्यादा हुआ प्राइस
  9. Vivo X300 Ultra और Vivo X300 FE अगले महीने होंगे भारत में लॉन्च, ट्रिपल रियर कैमरा यूनिट 
  10. OpenAI ने बेहतर इमेज जनरेशन और रीजनिंग कैपेसिटी के साथ ChatGPT Images 2.0 किया पेश
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »