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Police - ख़बरें

  • CJP Protest में इस्तेमाल हुए बिना इंटरनेट चलने वाले मैसेजिंग ऐप्स? जानें कैसे काम करती है यह टेक्नोलॉजी
    दिल्ली में हालिया घटनाओं के बाद Bluetooth Messaging Apps एक बार फिर चर्चा में आ गए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दिल्ली पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि क्या प्रदर्शनकारियों ने इंटरनेट बंद होने के दौरान ऐसे ऐप्स का इस्तेमाल किया था। ये ऐप्स Bluetooth Low Energy (BLE) और Mesh Network तकनीक के जरिए बिना मोबाइल डेटा, Wi-Fi या सेल्युलर नेटवर्क के भी मैसेज भेज सकते हैं। Bitchat, Bridgefy और Briar जैसे ऐप्स इसी तरह की तकनीक का उपयोग करते हैं। हालांकि, पुलिस ने अब तक किसी विशेष ऐप के इस्तेमाल की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और जांच जारी है।
  • CJP के 'Chalo Sansad' मार्च के बीच दिल्ली के कुछ इलाकों में बंद हुआ इंटरनेट!
    'Chalo Sansad' मार्च के बीच Cockroach Janta Party (CJP) ने आरोप लगाया है कि दिल्ली के कुछ हिस्सों में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं। पार्टी का दावा है कि प्रदर्शन से जुड़ी जानकारी लोगों तक पहुंचने से रोकने के लिए ऐसा किया गया। वहीं, दिल्ली पुलिस ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि संसद मार्च की अनुमति नहीं दी गई है और नई दिल्ली जिले में निषेधाज्ञा लागू है। प्रदर्शन के दौरान जंतर-मंतर और संसद मार्ग पर भारी पुलिस बल तैनात रहा। फिलहाल, इंटरनेट बंद होने के दावों पर दिल्ली पुलिस या सरकार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
  • ChatGPT बना ठगो का नया हथियार! AI से सरकारी वेबसाइट बनाकर लाखों की ठगी
    बिजनौर पुलिस ने HSRP बुकिंग के नाम पर साइबर ठगी करने वाले एक संगठित गिरोह का खुलासा किया है। दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक, यह गैंग 15 राज्यों में दर्ज 29 साइबर धोखाधड़ी के मामलों से जुड़ा है। आरोपियों ने GoDaddy के जरिए डोमेन लेकर सरकारी HSRP पोर्टल जैसी दिखने वाली फर्जी वेबसाइटें तैयार की थीं। पुलिस का कहना है कि वेबसाइट के डिजाइन और तकनीकी काम में ChatGPT समेत अन्य AI टूल्स का भी इस्तेमाल किया गया। मामले में सात आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और डिजिटल साक्ष्यों की जांच जारी है।
  • रोबोट पुलिसवाले की गई नौकरी, डिपार्टमेंट ने 1 साल से पहले ही दिखा दिया बाहर का रास्ता
    अमेरिका के ओहायो राज्य के डबलिन शहर ने "DubBot" नाम के रोबोट पुलिसवाले को समय से पहले रिटायर कर दिया है। यह रोबोट जुलाई 2025 से एक पार्किंग गैरेज में गश्त कर रहा था और इसका मकसद अपराध रोकने, पुलिस ऑपरेशन्स को सपोर्ट करने और सार्वजनिक सुरक्षा को बेहतर बनाना था। हालांकि शहर प्रशासन ने पाया कि यह प्रोजेक्ट उनकी परिचालन जरूरतों को पूरा नहीं कर रहा है, जिसके बाद इसे सेवा से हटा दिया गया। DubBot को बनाने वाली कंपनी Knightscope को वापस भेज दिया गया है। शहर ने इस प्रोजेक्ट पर पहले साल में 1,28,080 डॉलर खर्च किए थे।
  • 81 साल के पिता ने बेटे को बचाया ‘डिजिटल अरेस्ट’ से, ऐन वक्त पर रोकी ₹12 लाख की ठगी
    पुणे के निगडी इलाके में एक 81 वर्षीय व्यक्ति ने अपने बेटे को 12 लाख रुपये की साइबर ठगी से बचा लिया। ठगों ने खुद को मुंबई पुलिस अधिकारी बताकर “डिजिटल अरेस्ट” का डर दिखाया और वीडियो कॉल के जरिए पैसे ट्रांसफर कराने की कोशिश की। इंजीनियर को शक होने पर उन्होंने अपने पिता को जानकारी दी, जिन्होंने तुरंत पुलिस को सूचित किया। पुलिस के पहुंचते ही ठगों ने कॉल काट दी। इस घटना में साइबर अवेयरनेस सेशन और मोबाइल ऐप की जानकारी ने अहम भूमिका निभाई।
  • GTA में फ्री पुलिस कार! ऐसे पाएं Bravado Buffalo STX और ढेर सारे रिवॉडर्स्
    GTA Online के नए अपडेट में GTA+ सब्सक्राइबर्स के लिए कई खास ऑफर्स जोड़े गए हैं। इसमें Bravado Buffalo STX Pursuit पुलिस व्हीकल को फ्री में दिया जा रहा है, जो 9 अप्रैल से उपलब्ध होगा। इसके अलावा Dispatch Work, Bail Office मिशन्स और अन्य एक्टिविटीज पर डबल और ट्रिपल GTA$ और RP रिवॉर्ड्स मिलेंगे। कई इन-गेम आइटम्स जैसे पेंट और कपड़े भी मुफ्त दिए जा रहे हैं, जबकि ammo और body armour पर डिस्काउंट मिलेगा।
  • क्रिप्टो स्कैम में हैदराबाद के कंसल्टेंट के साथ 3.5 करोड़ रुपये से ज्यादा की ठगी
    हैदराबाद के कोंडापुर के रहने वाले इस पीड़ित ने बताया है कि दो वर्ष पहले उनसे एक जालसाज ने संपर्क कर एक पोर्टल pc.omnifxpro.com पर एकाउंट खोलने के लिए कहा था। " उन्होंने बताया कि खुद को नव्या बताने वाली यह जालसाज बाद में काजल मिश्रा के नाम के साथ ऑनलाइन दिखी थी। इसके बाद उनसे खुद को महिला के तौर पर दिखाने वाले दो अन्य जालसाजों ने भी ठगी की है।
  • डीपफेक और सेक्सटॉर्शन से बचाव के लिए गुरुग्राम पुलिस ने शुरू किया Digital Saheli, ऐसे होगी महिलाओं की मदद
    Digital Saheli में महिलाओं की सुरक्षा के लिए 8 महिला पुलिस कर्मियों की एक टीम के साथ 24 घंटे काम करेगी। ग्रुरुग्राम के सेक्टर 51 स्थित महिला पुलिस स्टेशन में पुलिस आयुक्त विकास कुमार अरोड़ा द्वारा शुरू की गई इस सेल की स्थापना एक निजी संस्था रीत के साथ साझेदारी में की गई है। डिजिटल सहेली पहल से संबंधित जानकारी समेत स्थानीय पुलिस की अन्य सर्विस भी डिपार्टमेंट के चैटबॉट नंबर +91 95999 64777 के जरिए एक्सेस की जा सकती हैं।
  • क्या आप भी Mobile पर ये App यूज कर रहे हैं? 1 ऐप, हजारों नंबर और करोड़ों का स्कैम!
    गौतमबुद्ध नगर पुलिस ने ई-चालान सिस्टम से जुड़े एक साइबर फ्रॉड की जांच के दौरान WinGo नाम के एक ऐप को लेकर गंभीर खुलासा किया है। पुलिस के मुताबिक, यह ऐप कथित तौर पर “टेलीकॉम म्यूल ऐज़ ए सर्विस” मॉडल पर काम कर रहा है, जिसमें आम लोगों के मोबाइल नंबर और SIM कार्ड का इस्तेमाल कर साइबर ठगी को अंजाम दिया जाता है। यूजर्स को आसान कमाई का लालच देकर उनके नंबर से फर्जी SMS भेजे जाते हैं। पुलिस ने ऐसे ऐप्स से दूर रहने की सलाह दी है।
  • Republic Day Parade 2026: ट्रैफ‍िक, पार्किंग से लेकर पब्लिक मैनेजमेंट तक, इस तरह AI करेगा पुल‍िस की मदद
    Republic Day Parade और Beating Retreat समारोह को देखते हुए Delhi Traffic Police ने इस बार ट्रैफिक मैनेजमेंट के लिए टेक्नोलॉजी पर खास जोर दिया है। Kartavya Path पर आने वाले आमंत्रित मेहमानों और दर्शकों की सुविधा के लिए AI से तैयार एनिमेटेड वीडियो, QR कोड बेस्ड पार्किंग सिस्टम, Google Maps और Mappls नेविगेशन सपोर्ट और नया कार-कॉलिंग सिस्टम लागू किया गया है। इसके साथ ही 22 पार्किंग लॉट, 12 हेल्प डेस्क और सिक्योरिटी स्टाफ के लिए शटल सर्विस भी शुरू की गई है, ताकि 26 जनवरी को ट्रैफिक और भीड़ को आसानी से मैनेज किया जा सके।
  • धूप-धूल में नहीं खड़ा होगा इंसान, चीन का ट्रैफिक संभालेगी रोबोट पुलिस
    AiMOGA Robotics ने चीन के वुहू शहर में Intelligent Police Unit R001 नाम का ह्यूमनॉइड ट्रैफिक रोबोट तैनात किया है। यह रोबोट ट्रैफिक सिग्नल्स, रोड मॉनिटरिंग और बिहेवियरल रिमाइंडर्स जैसे कामों में पुलिस की मदद करेगा। R001 को ट्रैफिक आइलैंड पर लगाया गया है, जहां यह स्टैंडर्ड हैंड सिग्नल्स देकर ट्रैफिक फ्लो बनाए रखने में सहयोग करता है। कंपनी के मुताबिक, इसका मकसद ऑन-ग्राउंड पुलिसकर्मियों का बोझ कम करना और ह्यूमन-रोबोट कोलैबोरेशन को रियल कंडीशंस में टेस्ट करना है।
  • भारतीय इंजीनियर का AI हेलमेट हुआ वायरल, नियम तोड़ते ही ट्रैफिक पुलिस को जाएगी डिटेल
    बेंगलुरु की ट्रैफिक समस्याओं से परेशान एक भारतीय टेकी ने अनोखा AI जुगाड़ तैयार किया है। इस इंजीनियर ने अपने हेलमेट को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से लैस ट्रैफिक मॉनिटरिंग डिवाइस में बदल दिया, जो रियल टाइम में ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन पकड़ता है। यह सिस्टम बिना हेलमेट ड्राइविंग जैसे मामलों को लोकेशन और सबूत के साथ रिकॉर्ड कर सीधे पुलिस को रिपोर्ट भेज देता है। सोशल मीडिया पर यह इनोवेशन तेजी से वायरल हो रहा है और लोग इसे “पीक बेंगलुरु इनोवेशन” बता रहे हैं।
  • Digtal Arrest Case: पुलिस इंस्पेक्टर बनकर 85 वर्ष के बुजुर्ग से ठगे 9 करोड़, इस तरह के स्कैम से सावधान!
    मुंबई से सामने आए एक चौंकाने वाले साइबर फ्रॉड मामले में 85 वर्षीय बुजुर्ग को “डिजिटल अरेस्ट” का डर दिखाकर करीब 9 करोड़ रुपये की ठगी की गई। ठगों ने खुद को पुलिस अधिकारी बताकर मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकी फंडिंग जैसे गंभीर आरोप लगाए। WhatsApp वीडियो कॉल, फर्जी कोर्ट और RBI दस्तावेजों के जरिए पीड़ित पर मानसिक दबाव बनाया गया। डर के चलते बुजुर्ग ने अपनी सेविंग्स, म्यूचुअल फंड और FD तोड़कर अलग-अलग खातों में रकम ट्रांसफर कर दी। बैंक कर्मचारी की सतर्कता से मामला उजागर हुआ।
  • ट्रैवल कर रहे हैं तो संभल जाइए! फर्जी होटल बुकिंग वेबसाइट के जरिए हुआ बड़ा स्कैम, जानें पूरा मामला
    Delhi Police की Crime Branch ने एक फर्जी होटल बुकिंग वेबसाइट से जुड़े साइबर फ्रॉड मामले का खुलासा किया है। इस केस में पुलिस ने मुख्य आरोपी प्रतोष कुमार को गिरफ्तार किया है, जो खुद को पॉपुलर होटल बुकिंग प्लेटफॉर्म का कस्टमर सपोर्ट बताकर लोगों को ठग रहा था। Times of India की रिपोर्ट के मुताबिक, आरोपी ने OTP और UPI डिटेल्स हासिल कर एक अमेरिकी नागरिक से 57,186 रुपये की ठगी की। जांच में सामने आया कि आरोपी पिछले कई सालों से इस तरह के फ्रॉड को अंजाम दे रहा था और उसके मोबाइल नंबर कई साइबर शिकायतों से जुड़े पाए गए।
  • हाथ में iPad, बॉडी पर कैमरा, अब बिहार पुलिस बनेगी Digital Police! देखिए कैसे बदलेगा पूरा सिस्टम
    डिजिटल इंडिया के दौर में अब पुलिस भी फाइलों के ढेर से बाहर निकल रही है। बिहार पुलिस जल्द ही हाई-टेक अपग्रेडेशन की ओर कदम बढ़ाने वाली है, जहां थानों से लेकर फील्ड तक हर काम मोबाइल, लैपटॉप और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर शिफ्ट होगा। अब न तो मोटी-मोटी फाइलों का अंबार दिखेगा और न ही दर्जनों रजिस्टरों में डेटा तलाशने की झंझट। केस डॉक्यूमेंट्स और सबूत पेपरलेस फॉर्मेट में डिजिटली सेव होंगे, जिससे केस हैंडलिंग तेज और पारदर्शी हो सकेगी। खास बात ये है कि पुलिस मौके पर ही टैबलेट और कैमरे से रिपोर्टिंग कर पाएगी और सारी जानकारी रियल-टाइम सर्वर पर सेव होगी। यानी आने वाले दिनों में बिहार पुलिस का चेहरा पूरी तरह डिजिटल और टेक-ड्रिवन दिखेगा।

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