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Orbit - ख़बरें

  • Elon Musk की टेंशन बढ़ाएगा Amazon! सैटेलाइट से सीधे फोन तक इंटरनेट, भारत में भी होगी एंट्री?
    Amazon ने अमेरिकी FCC से 5,105 नए Low Earth Orbit (LEO) सैटेलाइट लॉन्च करने की मंजूरी मांगी है। कंपनी Amazon Leo प्रोजेक्ट के तहत Direct-to-Device (D2D) तकनीक विकसित कर रही है, जिससे बिना मोबाइल टावर के सीधे स्मार्टफोन पर मैसेज, कॉल और डेटा सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी। इस कदम को Starlink के लिए बड़ी चुनौती माना जा रहा है। फिलहाल Amazon ने भारत में इस सेवा के लॉन्च की घोषणा नहीं की है। वहीं भारत में Starlink, OneWeb और Jio की सैटेलाइट इंटरनेट सेवाएं भी अभी शुरुआती चरण में हैं और व्यावसायिक विस्तार का इंतजार कर रही हैं।
  • लॉन्च सही, लेकिन सैटेलाइट पहुंचा कहीं और! जानें क्या हुआ Blue Origin के मिशन में
    Blue Origin के New Glenn रॉकेट की हालिया लॉन्चिंग फेल हो गई, जिससे सैटेलाइट सही ऑर्बिट में नहीं पहुंच पाया। कंपनी के मुताबिक, अपर स्टेज के एक इंजन ने पर्याप्त थ्रस्ट नहीं दिया, जिसके चलते मिशन प्रभावित हुआ। यह लॉन्च फ्लोरिडा से किया गया था और फर्स्ट स्टेज बूस्टर सफलतापूर्वक लैंड भी कर गया था। घटना के बाद रॉकेट की आगे की लॉन्चिंग फिलहाल रोक दी गई है और जांच जारी है। यह सैटेलाइट AST SpaceMobile के नेटवर्क का हिस्सा बनने वाला था, जो डायरेक्ट सैटेलाइट-टू-स्मार्टफोन कनेक्टिविटी पर काम कर रहा है।
  • TVS Motor के iQube, Orbiter इलेक्ट्रिक स्कूटर्स की सेल्स 44 प्रतिशत बढ़ी
    कंपनी ने मार्च में 38,877 इलेक्ट्रिक स्कूटर्स की बिक्री की है। पिछले वर्ष के इसी महीने में आंकड़ा 26,935 यूनिट्स का था। इस मार्केट में कंपनी को Bajaj Auto और Ather Energy से कड़ी टक्कर मिल रही है। पिछले फाइनेंशियल ईयर में इस मार्केट में TVS Motor का पहला स्थान रहा है। कंपनी ने लगभग 3,30,145 यूनिट्स की बिक्री की है।
  • TVS के Orbiter इलेक्ट्रिक स्कूटर का शुरुआती प्राइस 49,999 रुपये हुआ, कंपनी ने दिया BaaS का ऑप्शन
    BaaS का ऑप्शन चुनने पर इलेक्ट्रिक स्कूटर की शुरुआती कॉस्ट कम हो जाती है और कंपनी की ओर से कस्टमर्स को लंबी अवधि की बैटरी एश्योरेंस की भी पेश की जाती है। हालांकि, इसमें बैटरी के लिए अलग से रेंटल चुकाना होता है। इस ऑप्शन के बिना Orbiter V1 का प्राइस 84,500 रुपये (एक्स-शोरूम, दिल्ली) का होगा। यह इलेक्ट्रिक स्कूटर 1.8 kWh और 3.1 kWh के बैटरी के विकल्पों में उपलब्ध है।
  • अब अंतरिक्ष में चला पाएंगे iPhone, NASA ने दी अनुमति, मिलेगी चांद और वायुमंडल की अनोखी फोटो
    NASA एडमिनिस्ट्रेटर जेरेड आइजैकमान ने खुलासा किया है कि क्रू-12 और आर्टेमिस II के एस्ट्रोनॉट को iPhone और अन्य एडवांस स्मार्टफोन को अंतरिक्ष में और उससे आगे ले जाने की अनुमति दी जाएगी। NASA के एस्ट्रोनॉट लंबे समय से स्पेस स्टेशन से शानदार फोटो लेते रहे हैं, लेकिन हाथ में स्मार्टफोन होने से वीडियो बनाने की सुविधा भी मिल जाएगी। यह खास तौर पर तब उपयोगी होगा जब एस्ट्रोनॉट कोई प्रयोग कर रहे हों या विंडो से बाहर देख रहे होंगे और उस दौरान कोई खास या अनोखी घटना घटित हो।
  • गगनयान मिशन जल्द होगा टेस्ट फ्लाइट के लिए तैयार, ISRO ने दी जानकारी
    इस मिशन में तीन एस्ट्रोनॉट्स के क्रू को 400 किलोमीटर के ऑर्बिट में तीन दिन के लिए भेजा जाएगा और इसके बाद उनकी समुद्र पर सुरक्षित वापसी होगी। भारत की योजना अंतरिक्ष में अपना स्टेशन बनाने की भी इस स्टेशन का नाम "भारत अंतरिक्ष स्टेशन" होगा। इसकी स्थापना 2035 तक हो सकती है। भारत की योजना अंतरिक्ष में अपना स्टेशन बनाने की भी है।
  • TVS 28 अगस्त को लेकर आ रहा है 'बजट' इलेक्ट्रिक स्कूटर, जानें किस प्राइस पर हो सकता है लॉन्च?
    TVS Motor भारत में अपने इलेक्ट्रिक स्कूटर पोर्टफोलियो को और मजबूत करने जा रही है। कंपनी 28 अगस्त को नया मॉडल लॉन्च करेगी, जिसका नाम TVS Orbiter होने की उम्मीद है। यह स्कूटर कंपनी की iQube सीरीज़ से नीचे प्लेस होगा और कीमत भी कम रखी जाएगी। माना जा रहा है कि यह Ola S1X और Vida VX2 जैसे बजट EV स्कूटरों को सीधी चुनौती देगा।
  • सोलर तूफानों से Elon Musk की Starlink के सैटेलाइट्स आसमान से गिर रहे
    अमेरिकी स्पेस एजेंसी NASA के Goddard Space Flight Centre में स्पेस फिजिसिस्ट, Denny Oliveira ने पिछले कुछ वर्षों में धरती पर वापस गिरे स्टारलिंक के 523 सैटेलाइट्स पर एक स्टडी की अगुवाई की है। इस स्टडी में पता चला है कि सूर्य में विस्फोटों से बनने वाले जियोमैग्नेटिक तूफानों से वातावरण में खिंचाव बढ़ता है और इससे सैटेलाइट्स ऑर्बिट से गिरकर तेजी से वातावरण में दोबारा एंट्री करते हैं।
  • अंतरिक्ष में रचा इतिहास! Elon Musk की SpaceX ने दिखाया पृथ्वी का अनदेखा हिस्सा, देखें वीडियो
    पृथ्वी के उत्तरी और दक्षिणी ध्रुवों पर परिक्रमा करने में मनुष्य ने कामयाबी हासिल कर ली है। और इसी की बदौलत पहली बार अंतरिक्ष से पृथ्वी की उस जगह की तस्वीरें सामने आई हैं जो अब से पहले कभी नहीं देखी गई थी। स्पेस से पहली बार पृथ्वी के ध्रुवों का नजारा तस्वीरों में कैद हुआ है जिसे Elon Musk की कंपनी SpaceX ने अपने प्राइवेट मिशन Fram2 के तहत अंजाम दिया है।
  • NASA के मार्स रिकॉनिसेंस ऑर्बिटर (MRO) को मंगल पर दिखा धूल में दबा यह स्पेसक्राफ्ट!
    NASA के मार्स रिकॉनिसेंस ऑर्बिटर ने रिटायर्ड स्पेसक्राफ्ट इनसाइट लैंडर (InSight lander) को देखा जो कि पूरी तरह से लाल ग्रह की धूल में ढका हुआ था। MRO के HiRISE कैमरा ने ये तस्वीरें ली हैं। तस्वीरें बताती हैं कि कैसे कुछ समय पहल मंगल पर एक्टिव रहा लैंडर अब ग्रह की सतह पर दब गया है। यह वैसी ही रेत और धूल है जो कि पूरे ग्रह पर भी दिखाई देती है।
  • अंतरिक्ष में कूड़ा कहां और कैसे फेंकते हैं एस्‍ट्रोनॉट? देखें Photo
    अंतरिक्ष से आई लेटेस्‍ट तस्‍वीर में एक एस्‍ट्रोनॉट को ‘कूड़ा’ फेंकते हुए देखा जा सकता है। एक रूसी अंतरिक्ष यात्री, आईएसएस के रोबोटिक आर्म पर अटैच होकर अंतरिक्ष में बाहर निकला। उसने उन पुराने इक्विपमेंट्स को अंतरिक्ष में फेंक दिया, जिन्‍हें 19 दिसंबर की स्‍पेसवॉक के दौरान बदला गया था।
  • अंतरिक्ष से पानी में लैंड करेंगे भारतीय एस्‍ट्रोनॉट तो क्‍या होगा? इसरो ने की टेस्टिंग, देखें फोटोज
    भारत अपने गगनयान मिशन को बेहतर बनाने के लिए काम कर रहा है। बीते सप्‍ताह एक नकली गगनयान क्रू मॉड्यूल को पानी में डालकर उसे उठाया गया। यह एक प्रकार की एक्‍सरसाइज थी यह देखने के लिए कि जब एस्‍ट्रोनॉट्स अंतरिक्ष से पानी में लैंड करेंगे, तब किस प्रकार की तैयारियां चाहिए होंगी। इसरो ने इंडियन नेवी के साथ मिलकर आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम के तट पर बंगाल की खाड़ी में यह एक्‍सरसाइज की।
  • चलो 'शुक्र है'! भारत सरकार ने ISRO के 'शुक्रयान-1' मिशन को दी मंजूरी, 2028 में भरेगा उड़ान
    केंद्र सरकार ने भारत ने शुक्र ग्रह मिशन को हरी झंडी दे दी है। ISRO ने इसे वीनस ऑर्बिटर मिशन (VOM) नाम दिया है। शुक्रयान-1 इस मिशन का पहला भाग होगा जो 2028 में लॉन्च होगा। इसी के साथ सरकार ने भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन (BAS) को भी मंजूरी दे दी है। यह भारत का अपना स्पेस स्टेशन होगा। ISRO के निदेशक नीलेश एम देसाई ने यह जानकारी साझा की।
  • पृथ्वी का 'दूसरा चांद' होने वाला है गायब! 30 साल बाद फिर लौटेगा ...
    धरती का 'दूसरा चांद' अब गायब होने वाला है! यह एक छोटा एस्टरॉयड है जिसका नाम Asteroid 2024 PT5 है। अब यह 25 नवंबर को पृथ्वी की कक्षा को छोड़ देगा। यह 2055 में धरती के पास वापस लौटेगा। यह सिर्फ 33 फीट साइज का है। चूंकि पृथ्वी का गुरुत्वाकर्षण बहुत शक्तिशाली है इसलिए इसके ऑर्बिट में हल्का बदलाव हो जाएगा और उसके बाद यह पृथ्वी की कक्षा को छोड़कर चला जाएगा।
  • मंगल ग्रह पर दिखा ‘डरावना स्‍माइली’, स्‍पेस एजेंसी ने बताया तस्‍वीर का सच
    यूरोपीय स्‍पेस एजेंसी (ESA) ने मंगल ग्रह पर दिखी एक तस्‍वीर को शेयर किया है। यह एक डरावना स्‍माइली चेहरा है, जो असल में क्लोराइड नमक का भंडार है। इमेज को एक्सोमार्स ट्रेस गैस ऑर्बिटर (ExoMars Trace Gas Orbiter) ने कैप्‍चर किया। ईएसए ने बताया है कि मंगल ग्रह पर कभी नदियां, झीलों और शायद महासागरों की मौजूदगी थी। वहां मिले क्‍लोराइड नमक के भंडार से ग्रह के अतीत का पता लगाने में मदद मिल सकती है।

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