• होम
  • विज्ञान
  • ख़बरें
  • सूर्य से नजरें मिला रहा भारत का ‘आदित्‍य’! 178 दिनों में हासिल की यह कामयाबी, आप भी जानें

सूर्य से नजरें मिला रहा भारत का ‘आदित्‍य’! 178 दिनों में हासिल की यह कामयाबी, आप भी जानें

Aditya L1 Mission : आदित्य एल-1 स्‍पेसक्राफ्ट को पिछले साल 2 सितंबर को लॉन्च किया गया था। 6 जनवरी 2024 को इसने L1 पॉइंट की हेलो कक्षा में प्रवेश किया था।

सूर्य से नजरें मिला रहा भारत का ‘आदित्‍य’! 178 दिनों में हासिल की यह कामयाबी, आप भी जानें
ख़ास बातें
  • Aditya L1 Mission का अहम पड़ाव पूरा
  • पहली हेलो ऑर्बिट की अपनी परिक्रमा को पूरा किया
  • भारतीय स्‍पेस एजेंसी ने दी जानकारी
विज्ञापन
Aditya L1 Mission : भारत के पहले सौर मिशन ‘आदित्य-एल1' (Aditya L1) स्‍पेसक्राफ्ट ने सूर्य और पृथ्वी के L1 पॉइंट यानी लैंग्रेज पॉइंट के चारों ओर पहली हेलो ऑर्बिट की अपनी परिक्रमा को पूरा कर लिया है। भारतीय स्‍पेस एजेंसी (इसरो) (ISRO) ने यह जानकारी दी है। लैग्रेंज पॉइंट 1 की दूरी पृथ्‍वी से 15 लाख किलोमीटर दूर सूर्य की तरफ है। यही वह जगह है जहां तैनात रहकर आदित्‍य एल-1, सूर्य में होने वाली गतिविधियों को ट्रैक कर रहा है। आदित्य एल-1 स्‍पेसक्राफ्ट को पिछले साल 2 सितंबर को लॉन्च किया गया था। 6 जनवरी 2024 को इसने L1 पॉइंट की हेलो कक्षा में प्रवेश किया था।
 

इसरो का कहना है कि हेलो कक्षा में आदित्य एल-1 स्‍पेसक्राफ्ट को एल-1 पॉइंट के चारों ओर एक चक्कर पूरा करने में 178 दिन लगते हैं। इसरो ने बताया कि हेलो कक्षा में घूमने के दौरान आदित्‍य एल-1 कई फोर्सेज यानी बलों के संपर्क में आता है, जिससे इसके कक्षा से बाहर जाने की आशंका रहती है। 

एजेंसी ने बताया कि आदित्य-एल1 को इस कक्षा को बनाए रखने के लिए 22 फरवरी और 7 जून को दो बार उसके रूट में बदलाव किया गया। मंगलवार को तीसरी बार भी ऐसा किया गया ताकि स्‍पेसक्राफ्ट एल1 के चारों ओर दूसरे हेलो ऑर्बिट में सफर करता रहे। 
 

क्‍या है आदित्‍य एल1 का मकसद 

मिशन का मकसद सूर्य के फोटोस्‍फीयर, क्रोमोस्‍फीयर और कोरोना को स्‍टडी करना है। यह भारत की पहली स्‍पेस बेस्‍ड ऑब्‍जर्वेट्री है। सूर्य में होने वाली घटनाओं जैसे- कोरोनल मास इजेक्‍शन, सोलर फ्लेयर पर आदित्‍य की विशेष नजर है। 
 

क्‍या है सूर्य-पृथ्‍वी का एल1 पॉइंट 

एल1 पॉइंट पृथ्‍वी से 15 लाख किलोमीटर दूर है। यहां से सूर्य पर हमेशा नजर रखी जा सकती है। आदित्‍य स्‍पेसक्राफ्ट अपने साथ 7 साइंटिफ‍िक इंस्‍ट्रूमेंट्स लेकर गया है। ये सभी स्‍वेदशी हैं और भारत के विभ‍िन्‍न विभागों द्वारा तैयार किए गए हैं। इंस्‍ट्रूमेंट्स की मदद से सूर्य के अलग-अलग हिस्‍सों को स्‍टडी किया जा रहा है। 
 
Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. Oppo Reno 14 5G को Rs 6000 सस्ता खरीदने का मौका, 6000mAh बैटरी, 50MP मेन कैमरा
  2. Oppo Find X10 Pro में मिल सकते हैं 200 मेगापिक्सल के डुअल कैमरा
  3. Yamaha ने भारत में लॉन्च किया EC-06 इलेक्ट्रिक स्कूटर, जानें प्राइस, स्पेसिफिकेशंस
  4. Samsung Galaxy S26 Ultra की 36 लाख यूनिट्स की हो सकती है मैन्युफैक्चरिंग, कंपनी को ज्यादा डिमांड की उम्मीद
  5. मोबाइल कैमरा का सीन बदल जाएगा? Oppo के फ्लैगशिप में मिलेंगे 200MP के 2 कैमरे!
  6. सुप्रीम कोर्ट की WhatsApp को चेतावनी, 'कानून नहीं मानना तो भारत से बाहर जाएं'
  7. ऐप चाइनीज, UPI हमारा! AliPay+ के साथ पार्टनरशिप पर सरकारों के बीच बातचीत शुरू
  8. iQOO 15R जल्द होगा भारत में लॉन्च, 7,600mAh की होगी बैटरी
  9. Redmi K90 Ultra में लगा होगा पंखा, बैटरी होगी इतनी बड़ी कि खत्म हो जाएगी चार्जिंग की टेंशन!
  10. मात्र 8,999 रुपये में खरीदें सैमसंग फोन, 10 हजार का कैशबैक अलग से, गजब है फ्लिपकार्ट पर Galaxy Days ऑफर
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »