• होम
  • विज्ञान
  • ख़बरें
  • Solar Flare Blast : 21 साल बाद सूर्य में सबसे बड़ा विस्‍फोट! क्‍या पृथ्‍वी पर आएगी ‘मुसीबत’? जानें

Solar Flare Blast : 21 साल बाद सूर्य में सबसे बड़ा विस्‍फोट! क्‍या पृथ्‍वी पर आएगी ‘मुसीबत’? जानें

Solar Flare Blast : अगर सोलर फ्लेयर की दिशा पृथ्‍वी की ओर हुई तो दुनियाभर में रेडियो ब्‍लैकआउट हो सकता है।

Solar Flare Blast : 21 साल बाद सूर्य में सबसे बड़ा विस्‍फोट! क्‍या पृथ्‍वी पर आएगी ‘मुसीबत’? जानें

Photo Credit: spaceweather

एक्‍स क्‍लास सोलर फ्लेयर को सबसे पावरफुल माना जाता है।

ख़ास बातें
  • सूर्य में हुआ बहुत बड़ा विस्‍फोट
  • यह एक्‍स कैटिगरी का सोलर फ्लेयर था
  • 21 साल बाद हुआ इतना बड़ा विस्‍फोट
विज्ञापन
Solar Flare Blast : सूर्य में हो रहे विस्‍फोट वैज्ञानिकों को चौंका रहे हैं। बीते कुछ वर्षों में यह घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं, जिसकी प्रमुख वजह सोलर मैक्सिमम है। यह ऐसा पीरियड है, जिसमें सूर्य बहुत ज्‍यादा उत्तेजित हो जाता है। उसमें विस्‍फोट होते हैं। 23 जुलाई को यूरोप के सोलर ऑर्बिटर (SolO) स्‍पेसक्राफ्ट ने एक ऐसे ही विस्‍फोट का पता लगाया। वैज्ञानिकों को X14 कैटिगरी के सोलर फ्लेयर की जानकारी मिली, जो सूर्य के सुदूर इलाके से निकला। यह इस साेलर साइकल का सबसे पावरफुल फ्लेयर था। इससे बड़ा विस्‍फोट सूर्य में साल 2003 में रिकॉर्ड किया गया था। 

स्‍पेसडॉटकॉम की रिपोर्ट के अनुसार, अगर सोलर फ्लेयर की दिशा पृथ्‍वी की ओर हुई तो दुनियाभर में रेडियो ब्‍लैकआउट हो सकता है। एक्‍स क्‍लास सोलर फ्लेयर को सबसे पावरफुल माना जाता है। यह एम क्‍लास सोलर फ्लेयर के मुकाबले 10 गुना ज्‍यादा एनर्जी के साथ विस्‍फोट करते हैं। 

सोलर ऑर्बिटर स्‍पेसक्राफ्ट के डेटा को परखने वाले साइंटिस्‍ट सैमुअल क्रुकर का कहना है कि यह बहुत बड़ा सोलर फ्लेयर था। इसी तरह के बड़ा फ्लेयर इस साल 20 मई को भी दिखा था। दोनों फ्लेयर सूर्य के सुदूर इलाके से आए हैं। 

खास बात है कि मौजूदा सोलर फ्लेयर के साथ एक बहुत बड़ा कोरोनल मास इजेक्शन (CME) भी निकला था, जिसके NASA के सोलर एंड हेलियोस्फेरिक ऑब्जर्वेटरी ने ट्रैक किया। हालांकि इसका फोकस हमारी पृथ्‍वी की ओर नहीं था, वरना धरती पर एक और सौर तूफान आ सकता था। 
 

Whai is Coronal Mass ejection  

कोरोनल मास इजेक्शन (CME) सौर प्लाज्मा के बड़े बादल होते हैं। सौर विस्फोट के बाद ये बादल अंतरिक्ष में सूर्य के मैग्‍नेटिक फील्‍ड में फैल जाते हैं। जब इनकी दिशा की पृथ्‍वी की ओर होती है, तो यह जियो मैग्‍नेटिक यानी भू-चुंबकीय गड़बड़ी पैदा कर सकते हैं। इनकी वजह से सैटेलाइट्स में शॉर्ट सर्किट हो सकता है और पावर ग्रिड पर असर पड़ सकता है। ये पृथ्‍वी की कक्षा में मौजूद अंतरिक्ष यात्रियों को भी खतरे में डाल सकते हैं। 

 

What is Solar Flare 

जब सूर्य की चुंबकीय ऊर्जा रिलीज होती है, तो उससे निकलने वाली रोशनी और पार्टिकल्‍स से सौर फ्लेयर्स बनते हैं। ये फ्लेयर्स हमारे सौर मंडल में अबतक के सबसे शक्तिशाली विस्फोट हैं, जिनमें अरबों हाइड्रोजन बमों की तुलना में ऊर्जा रिलीज होती है। 
 
Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. 5000 रुपये सस्ती कीमत में खरीदें Motorola का फ्लिप फोन, 2026 का गजब ऑफर
  2. Realme P4 Lite जल्द होगा भारत में लॉन्च, 6.74 इंच डिस्प्ले
  3. Poco X8 Pro में हो सकता है MediaTek Dimensity 8500 Ultra चिपसेट, Geekbench पर हुई लिस्टिंग
  4. 17 फरवरी को भारत में आ रहा है Lava Bold N2, लॉन्च से पहले टीज किए स्पेसिफिकेशन्स
  5. PM Modi ने AI Impact Summit 2026 का किया उद्घाटन, 3 दिन चलेगा दुनिया का बड़ा AI समिट
  6. iPhone 17e से लेकर MacBook, iPad होंगे इस साल लॉन्च, जानें क्या है Apple का प्लान
  7. Lyne Startup 35 दमदार पावर बैंक लॉन्च, 10000mAh बैटरी और 20000mAh बैटरी के साथ दमदार फीचर्स
  8. लैपटॉप-फोन के लिए आया Portronics का 8-in-1 हब, HDMI और SSD दोनों सपोर्ट के साथ, जानें कीमत
  9. AI टैलेंट रखने वालों को Reliance Jio का खुला निमंत्रण, बिना किसी झंझट के मिलेगी जॉब!
  10. दुनिया की 10000mAh बैटरी वाली टॉर्च, 2500 लुमेन तक फ्लैशलाइट के साथ भयंकर सर्दी में करेगी काम
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »