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  • Artemis II Launch: जानें NASA के SLS रॉकेट की ताकत, जिससे आज शुरू होगा नया Moon मिशन
    NASA का Artemis II मिशन लॉन्च के करीब है और इसे 1 अप्रैल 2026 (US टाइम) के लिए टारगेट किया गया है। यह मिशन 50 साल से ज्यादा समय बाद इंसानों को चंद्रमा के आसपास ले जाएगा। इसमें चार अंतरिक्ष यात्री Orion spacecraft के जरिए डीप स्पेस में जाएंगे। लॉन्च Kennedy Space Center से Space Launch System रॉकेट के साथ होगा। भारत में यह लॉन्च 2 अप्रैल को तड़के करीब 3:54 बजे (अनुमानित) देखा जा सकता है।
  • 53 साल बाद इंसान फिर चांद की ओर! NASA ने शुरू की उलटी गिनती, जानें क्या है Artemis II मिशन
    NASA ने Artemis II मिशन के लिए काउंटडाउन शुरू कर दिया है, जो करीब 53 साल बाद इंसानों को चांद की ओर ले जाएगा। यह मिशन Space Launch System रॉकेट के जरिए लॉन्च होगा और इसमें चार अंतरिक्ष यात्री शामिल होंगे। मिशन में चांद पर लैंडिंग नहीं होगी, बल्कि यह एक फ्लाईबाय मिशन होगा, जिसमें अंतरिक्ष यात्री चांद की कक्षा में जाकर वापस लौटेंगे। इससे पहले Apollo प्रोग्राम के तहत 1972 में आखिरी बार इंसान चांद पर गया था।
  • NASA के चांद मिशन में एस्ट्रोनॉट्स के हाथ में होगा खास बैंड, जानें कैसे करेगा काम
    NASA का Artemis II मिशन 2 अप्रैल 2026 को लॉन्च होने वाला है, जो Apollo के बाद पहला crewed deep-space मिशन होगा। इस मिशन में चार astronauts चांद के आसपास यात्रा करेंगे। खास बात यह है कि इस बार “Archer” स्टडी के तहत astronauts रिस्टबैंड पहनेंगे, जो उनकी नींद, स्ट्रेस, मूवमेंट और टीमवर्क से जुड़ा डेटा रिकॉर्ड करेंगे। कंपनी के मुताबिक यह रिसर्च भविष्य के Moon और Mars मिशन के लिए अहम साबित हो सकती है, क्योंकि इससे डीप स्पेस में इंसानों के व्यवहार और हेल्थ पर पड़ने वाले असर को समझने में मदद मिलेगी।
  • धरती से टकराने से पहले रोके जाएंगे एस्टेरॉयड! जानिए क्या है Blue Origin का बड़ा मिशन
    Jeff Bezos की कंपनी Blue Origin ने NASA और Caltech के साथ मिलकर NEO Hunter मिशन पर काम शुरू किया है, जिसका उद्देश्य पृथ्वी को एस्टेरॉयड जैसे खतरों से बचाना है। यह मिशन Blue Ring स्पेसक्राफ्ट प्लेटफॉर्म पर आधारित होगा, जो पहले एस्टेरॉयड का अध्ययन करेगा और जरूरत पड़ने पर उसकी दिशा बदलने की कोशिश करेगा। इसके लिए आयन बीम और टक्कर जैसी तकनीकों का इस्तेमाल किया जाएगा। मिशन के दौरान छोटे सैटेलाइट्स डेटा इकट्ठा करेंगे और “Slamcam” इम्पैक्ट को रिकॉर्ड करेगा।
  • 2600 फीट बड़े एस्टरॉयड की NASA ने बदल दी दिशा!
    NASA का DART यानी डबल एस्टरॉयड री-डायरेक्शन टेस्ट स्पेसक्राफ्ट एक ऐसा स्पेसक्राफ्ट है जो ग्रह की रक्षा का परीक्षण करने के लिए बनाया गया है। यह नियोजित तरीके से एस्टरॉयड से टकराया जाता है और उसकी दिशा बदली जाती है। सितंबर 2022 में इसकी टक्कर Dimorphos से कराई गई थी।
  • चांद से टकराने वाला है विशाल एस्टेरॉयड? NASA की नई रिपोर्ट ने साफ किया पूरा मामला
    NASA के James Webb Space Telescope ने एस्टेरॉयड 2024 YR4 को लेकर नई ऑब्जर्वेशन की हैं, जिनसे वैज्ञानिकों ने इसकी कक्षा को पहले से ज्यादा सटीक तरीके से मापा है। पहले आशंका जताई जा रही थी कि यह एस्टेरॉयड 2032 में चांद से टकरा सकता है, लेकिन अब नई गणनाओं के बाद यह संभावना लगभग खत्म हो गई है। वैज्ञानिकों के मुताबिक यह एस्टेरॉयड बेहद धुंधला है और मौजूदा समय में इसे ट्रैक करना आसान नहीं है। Webb Telescope की संवेदनशीलता की वजह से वैज्ञानिक इसकी स्थिति को बेहतर तरीके से माप पाए, जिससे भविष्य में इसकी सटीक स्थिति का अनुमान लगाना संभव हुआ।
  • NASA के चांद मिशन पर स्पीड ब्रेकर! लॉन्च पैड से हट सकता है Artemis II, जानें कारण
    NASA ने Artemis II मिशन के तहत SLS रॉकेट और Orion स्पेसक्राफ्ट को लॉन्च पैड से हटाने की तैयारी शुरू कर दी है। 21 फरवरी को अपर स्टेज में हीलियम फ्लो में रुकावट दर्ज की गई थी। एजेंसी संभावित कारणों की जांच कर रही है, जिनमें ग्राउंड और रॉकेट इंटरफेस तथा वाल्व से जुड़ी दिक्कत शामिल है। अगर रोलबैक होता है तो मार्च लॉन्च विंडो प्रभावित हो सकती है, हालांकि अप्रैल विंडो को बचाने की कोशिश की जा रही है।
  • 400 फीट साइज का एस्टरॉयड आज पहुंच रहा धरती के पास! मचेगी तबाही?
    नासा ने आज एक बड़े एस्टरॉयड के लिए अलर्ट जारी किया है। यह चट्टान कुछ ही घंटों में धरती के करीब आने वाली है। इसका नाम एस्टरॉयड 2025 YU15 है जो कि 410 फीट चौड़ा है। नासा ने इसके आकार की तुलना एक बड़ी बिल्डिंग से की है। एस्टरॉयड को 2025 में खोजा गया था। यह 21 फरवरी को पृथ्वी के करीब से गुजरने वाला है। जब यह धरती के सबसे करीबी बिंदु पर होगा तो धरती और एस्टरॉयड के बीच की दूरी सिर्फ 58.9 लाख किलोमीटर होगी।
  • 700 फीट की चट्टान धरती से टकराएगी? नासा ने जारी किया एस्टरॉयड अलर्ट
    अंतरिक्ष एजेंसी NASA की ओर से आज 700 फीट के एस्टरॉयड के पृथ्वी की ओर आने का अलर्ट जारी किया गया है। नासा की जेट प्रॉपल्शन लेबोरेटरी की ओर से आज Asteroid 2026 BX4 को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। JPL के अनुसार यह दैत्याकार चट्टानी टुकड़ा आज पृथ्वी की ओर बढ़ रहा है। जब यह अपने ऑर्बिट में घूमते हुए धरती के सबसे करीबी बिंदु पर पहुंच जाएगा तो इसकी दूरी 29.40 लाख किलोमीटर रह जाएगी।
  • ब्रह्मांड का सबसे पुराना पता अब मिला, NASA के टेलीस्कोप ने बदली यूनिवर्स की समझ
    NASA ने बताया है कि James Webb Space Telescope ने अब तक की सबसे दूर स्थित गैलेक्सी MoM-z14 को देखा है। यह गैलेक्सी बिग बैंग के सिर्फ 280 मिलियन साल बाद मौजूद थी और इसकी रोशनी को धरती तक पहुंचने में करीब 13.5 अरब साल लगे हैं। वैज्ञानिकों के मुताबिक, यह खोज ब्रह्मांड के शुरुआती दौर यानी कॉस्मिक डॉन को समझने में मदद करती है। MoM-z14 उम्मीद से ज्यादा चमकदार और विकसित पाई गई है, जिसने शुरुआती ब्रह्मांड को लेकर बनी कई थ्योरी पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
  • 100 फीट बड़े एस्टरॉयड से आज धरती को खतरा!
    पृथ्वी के करीब आज एक बड़ा चट्टानी टुकड़ा पहुंच रहा है। NASA की JPL ने एक हवाई जहाज जितने बड़े एस्टरॉयड के लिए अलर्ट जारी किया है। इसका नाम एस्टरॉयड 2026 CC है जो कि 100 फीट चौड़ा है। जब यह धरती के सबसे करीबी बिंदु पर होगा तो धरती और एस्टरॉयड के बीच की दूरी सिर्फ 6.10 लाख किलोमीटर होगी।
  • NASA के ऐतिहासिक Artemis II मिशन लॉन्च में होगी देरी! बताई वजह
    Artemis II मिशन को नासा ने मार्च तक के लिए टाल दिया है। चांद पर खोज का यह महत्वपूर्ण मिशन पहले 8 फरवरी को लॉन्च होने वाला था। नासा ने बताया कि उसने वेट ड्रेस रिहर्सल किया है। Space.com के अनुसार, यह ऐसा टेस्ट होता है जिसमें अंतरिक्ष यात्रियों को चंद्रमा के चारों ओर एक अभूतपूर्व पथ पर छोड़ देने के लिए विशाल रॉकेट सिस्टम का परीक्षण किया जाता है। नासा ने कहा कि ठंडे मौसम के कारण परीक्षण के दौरान कई समस्याओं का सामना करना पड़ा।
  • 100 फीट बड़े 4 एस्टरॉयड धरती से टकराने वाले हैं? जानें NASA का अलर्ट
    जेट प्रॉपल्शन लेबोरेटरी (JPL) की ओर से आज 4 एस्टरॉयड्स के लिए अलर्ट जारी किया गया है। ये एस्टरॉयड धरती के करीब आने वाले हैं। ये 100 फीट तक बड़े हैं। इस साइज का कोई एस्टरॉयड अगर पृथ्वी से टकरा जाता है तो भारी तबाही ला सकता है।
  • धरती में कहां से आया था पानी? अब चांद की मिट्टी से निकली बिल्कुल नई कहानी
    NASA की एक नई स्टडी ने धरती पर पानी की उत्पत्ति को लेकर अहम जानकारी दी है। अपोलो मिशनों के दौरान चांद से लाए गए सैंपल्स के विश्लेषण में वैज्ञानिकों को संकेत मिले हैं कि उल्कापिंडों ने धरती पर सिर्फ सीमित मात्रा में पानी पहुंचाया था। रिसर्च के मुताबिक, पृथ्वी का अधिकांश पानी उसके बनने के शुरुआती दौर में मौजूद मटेरियल से ही आया था। इस स्टडी में ट्रिपल ऑक्सीजन आइसोटोप्स का इस्तेमाल किया गया, जिससे अरबों साल पुराने इम्पैक्ट्स का रिकॉर्ड समझना संभव हुआ है।
  • Asteroid Alert: बिजली सी स्पीड वाले 2 बड़े एस्टरॉयड का आज पृथ्वी की तरफ निशाना
    अंतरिक्ष एजेंसी NASA एस्टरॉयड्स लगातार ट्रैक करती है क्योंकि कई बार ये पृथ्वी के बहुत नजदीक से गुजरते हैं। नासा ने आज फिर से 2 बड़े एस्ट्रॉयड के पृथ्वी के करीब आने का अलर्ट जारी किया है। इनमें से एक एस्टरॉयड किसी घर के जितना बड़ा बताया गया है जबकि दूसरा एस्टरॉयड हवाई जहाज जितना बड़ा बताया गया है।

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