TRG की नई AI रैंकिंग में भारत ने चीन को पछाड़ते हुए 6th पोजिशन हासिल की। इंडिया के पास 1.2M H100 equivalents की AI कंप्यूटिंग पावर है, जबकि चीन 400K पर अटक गया।
अमेरिका अभी भी 39.7M H100 इक्विवेलेंट और 19.8K MW कैपेसिटी के साथ टॉप पर
Artificial Intelligence की रेस अब सिर्फ टेक्नोलॉजी तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि ये देशों की पावर और डॉमिनेंस दिखाने का नया पैमाना बन चुकी है। TRG Data Centers की ताजा रिसर्च ने साफ कर दिया है कि 2025 तक भारत ने AI पावर में चीन को पछाड़कर 6th पोजिशन हासिल कर ली है। यही नहीं, इस रिपोर्ट में अमेरिका, UAE और सऊदी अरब जैसे देश टॉप पर हैं, लेकिन सबसे बड़ी सरप्राइजिंग एंट्री रही इंडिया की, जिसने पहली बार China को पीछे छोड़ दिया।
TRG ने अपनी रिसर्च रिपोर्ट में AI सुपरपावर्स की रैंकिंग शेयर की। इसमें भारत भी मौजूद है और टॉप 10 देशों में शामिल है। ये लिस्ट सिर्फ सुपरकंप्यूटर्स की संख्या या पावर पर आधारित नहीं है। इसके लिए चार बड़े फैक्टर्स को जोड़ा गया AI Supercomputing Power, यानी H100 इक्विवेलेंट और उनकी कुल पावर कैपेसिटी (MW)। AI Companies Activity, यानी कितनी AI कंपनियां एक्टिव हैं, AI Workforce Engagement, यानी कितने लोग AI में इन्वॉल्व हैं और Government AI Readiness Index, यानी सरकार AI को लेकर कितनी तैयार है।
इसमें 746 AI क्लस्टर्स का डेटा लिया गया है, जिसमें प्रोसेसर टाइप, कंप्यूटिंग कैपेसिटी, पावर और सेक्टर ओनरशिप तक शामिल था।
अगर रॉ कंप्यूटर पावर को देखा जाए तो चीन के पास इंडिया से ज्यादा क्लस्टर (230 बनाम 8) और ज्यादा AI चिप्स भी हैं। लेकिन उसकी कुल AI पावर सिर्फ 400K H100 इक्विवेलेंट रही, जबकि इंडिया की AI कंप्यूटिंग पावर 1.2M H100 इक्विवेलेंट्स तक पहुंच चुकी है। यही नहीं, इंडिया ने गवर्नमेंट रेडीनेस और AI इकोसिस्टम डेप्थ में भी बढ़त बनाई। इसीलिए फाइनल रैंकिंग में India 6th और China 7th पायदान पर है।
अमेरिका अभी भी 39.7M H100 इक्विवेलेंट और 19.8K MW कैपेसिटी के साथ सबसे बड़ा AI सुपरपावर बना हुआ है। UAE और सऊदी अरब ने टॉप 3 में जगह बनाई, जबकि South Korea, France और फिर India उसके बाद आते हैं। आखिरी पायदान पर रहते हुए Germany टॉप-10 को पूरा करता है।
TRG की यह रिपोर्ट बताती है कि AI इंफ्रास्ट्रक्चर में ग्लोबल निवेश $200B तक पहुंच चुका है और हर देश सुपरकंप्यूटिंग पावर बनाने में लगा है। ऐसे में इंडिया का टॉप-6 में आना ये दिखाता है कि आने वाले सालों में देश AI की ग्लोबल स्ट्रैटेजी में और बड़ा रोल निभाने का दमखम रखता है।
TRG ने 746 AI clusters का डेटा लेकर कंप्यूट पावर (H100 equivalents), पावर कैपेसिटी, AI कंपनियों की संख्या, वर्कफोर्स एंगेजमेंट और गवर्नमेंट रेडीनेस को आधार बनाया।
भले ही चीन के पास ज्यादा clusters और chips हैं, लेकिन इंडिया की कंप्यूट पावर (1.2M H100 equivalents) तीन गुना ज्यादा रही। साथ ही इकोसिस्टम और रेडीनेस में भी इंडिया आगे रहा।
अमेरिका (39.7M H100 equivalents), UAE (23.1M) और सऊदी अरब (7.2M) टॉप-3 AI सुपरपावर बने।
इंडिया के पास 8 clusters, 493K AI chips और 1.2M H100 equivalents की कंप्यूटिंग पावर है।
रिपोर्ट के मुताबिक, 2025 तक AI इंफ्रास्ट्रक्चर में ग्लोबल निवेश $200B से ज्यादा हो चुका है।
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