Mobile Security

Mobile Security - ख़बरें

  • 50 ऐप्स में मिला खतरनाक वायरस, पूरा फोन अपने कंट्रोल में ले सकते हैं हैकर्स!
    Android यूजर्स के लिए बड़ा खतरा सामने आया है, जहां Google Play Store के 50 ऐप्स में NoVoice मालवेयर पाया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, इन ऐप्स को 23 लाख से ज्यादा बार डाउनलोड किया गया था। यह मालवेयर यूजर्स के डिवाइस में घुसकर डेटा चोरी कर सकता है और सिस्टम पर कंट्रोल हासिल कर सकता है। खास बात यह है कि यह Play Store के जरिए फैला, जिससे इसकी गंभीरता और बढ़ जाती है। फिलहाल Google ने इन ऐप्स को हटा दिया है और यूजर्स को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
  • WhatsApp प्राइवेसी सेटिंग्स की फुल गाइड, यहां समझे अकाउंट को सेफ रखने के सभी तरीके
    WhatsApp में कई प्राइवेसी सेटिंग्स दी गई हैं, जो यूजर्स को अपनी पर्सनल जानकारी कंट्रोल करने की सुविधा देती हैं। इसमें Last Seen, Profile Photo, Status, Groups और Read Receipts जैसे ऑप्शन्स शामिल हैं, जिन्हें “Everyone” से लेकर “Nobody” तक कस्टमाइज किया जा सकता है। इसके अलावा Two-Step Verification, End-to-End Encrypted Backup और App Lock जैसे फीचर्स सिक्योरिटी को और मजबूत बनाते हैं। अगर इन सेटिंग्स को सही तरीके से सेट किया जाए, तो यूजर अपनी चैट्स और प्रोफाइल को अनजान लोगों से काफी हद तक सुरक्षित रख सकते हैं।
  • Samsung यूजर्स अलर्ट! Galaxy S26 के लॉन्च से पहले बंद हुआ इन स्मार्टफोन्स में अपडेट, कहीं आपका मोबाइल तो शामिल नहीं!
    Galaxy S26 सीरीज का लॉन्च अब काफी नजदीक बताया जा रहा है लेकिन S सीरीज के ही एक लाइनअप में कंपनी ने लॉन्च से ठीक पहले अपडेट्स देना बंद कर दिया है। यह सीरीज है कंपनी की Galaxy S21 सीरीज जिसे सैमसंग ने जनवरी 2021 में लॉन्च किया था। सीरीज में कंपनी ने तीन फ्लैगशिप स्मार्टफोन्स मॉडल Samsung Galaxy S21, Galaxy S21 Plus और टॉप वेरिएंट Galaxy S21 Ultra को लॉन्च किया था।
  • अलर्ट सीरियस है! 40 फीसदी से ज्यादा फोन खतरे में, Google के नए डेटा ने बढ़ाई चिंता
    Google ने नया Android distribution डेटा जारी किया है, जिसमें सामने आया है कि 40 फीसदी से ज्यादा Android स्मार्टफोन्स अब नए मैलवेयर और स्पाइवेयर अटैक्स के खतरे में हैं। कंपनी के मुताबिक Android 12 और उससे पुराने वर्जन को अब क्रिटिकल सिक्योरिटी अपडेट नहीं मिलते। दिसंबर में कलेक्ट किए गए डेटा के अनुसार, सिर्फ करीब 58 फीसदी फोन ही फिलहाल सपोर्टेड Android वर्जन पर चल रहे हैं। Google ने यूजर्स को सलाह दी है कि अगर फोन Android 13 या उससे नए वर्जन पर अपडेट नहीं हो सकता, तो नए डिवाइस पर अपग्रेड करना बेहतर रहेगा।
  • OnePlus 15R में लेटेस्ट OxygenOS अपडेट, आए बाईपास चार्जिंग जैसे कई धांसू फीचर्स
    OnePlus 15R में कंपनी ने लेटेस्ट OxygenOS अपडेट 16.0.2.401 रोलआउट दिया है। ग्लोबल यूजर्स समेत भारतीय यूजर्स के लिए भी यह अपडेट मिल रहा है। कंपनी ने इसमें बाईपास चार्जिंग फीचर को जोड़ा है। अब गेमिंग करते टाइम आपको चार्जर हटाने की जरूरत नहीं होगी। फोन सीधे ही पावर लेता रहेगा। इससे फोन हीट नहीं होता है और हैवी यूज में बैटरी की हेल्थ भी बनी रहती है। AI फीचर्स पहले से ज्यादा स्मार्ट हो गए हैं।
  • तुरंत फोन अपडेट नहीं किया तो खतरा! भारतीय साइबर सिक्योरिटी एजेंसी की चेतावनी
    CERT-In ने Android यूजर्स के लिए एक अहम सिक्योरिटी अलर्ट जारी किया है। यह चेतावनी Google Android में सामने आए क्रिटिकल Dolby से जुड़े बग के बाद आई है। CERT-In के मुताबिक, यह खामी Android Dolby UDC वर्जन 4.5 से 4.13 तक को प्रभावित करती है और इससे रिमोट कोड एक्जीक्यूशन का खतरा बन सकता है। इस बग को लेकर Google पहले ही जनवरी 2026 का Android Security Bulletin जारी कर चुका है। अब CERT-In ने यूजर्स और संगठनों से बिना देरी किए लेटेस्ट सिक्योरिटी पैच इंस्टॉल करने की अपील की है।
  • UPI के यूजर्स की संख्या हो सकती है दोगुनीः RBI
    UPI को ऑपरेट करने वाली नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के प्रमोटर्स में RBI शामिल है। भारत में कुल डिजिटल ट्रांजैक्शंस में UPI की हिस्सेदारी 80 प्रतिशत स अधिक की है। दुनिया में भारत डिजिटल तरीके से सबसे तेज पेमेंट्स करने वाला देश है। विदेश में भी कुछ देशों में इस पेमेंट सर्विस का इस्तेमाल किया जा रहा है।
  • सरकार मांग रही है स्मार्टफोन का सीक्रेट एक्सेस? सोर्स कोड मामले पर फैक्ट चेक में निकला बड़ा ट्विस्ट
    भारत सरकार ने स्मार्टफोन कंपनियों से सोर्स कोड एक्सेस लेने की खबरों को सिरे से खारिज कर दिया है। PIB Fact Check ने सोशल मीडिया पर साफ किया कि सरकार ने Apple, Samsung या Xiaomi जैसी कंपनियों को सोर्स कोड साझा करने के लिए मजबूर करने का कोई प्रस्ताव नहीं रखा है। यह सफाई Reuters की एक रिपोर्ट के बाद आई, जिसमें नए मोबाइल सिक्योरिटी नियमों के तहत सोर्स कोड एक्सेस की बात कही गई थी। सरकार के मुताबिक, फिलहाल मोबाइल सिक्योरिटी को लेकर सिर्फ इंडस्ट्री के साथ स्टेकहोल्डर कंसल्टेशन चल रहा है और कोई अंतिम नियम तय नहीं किए गए हैं।
  • सरकार मांग रही है मोबाइल का सोर्स कोड? Apple-Samsung ने जताई नाराजगी
    भारत सरकार स्मार्टफोन सिक्योरिटी को मजबूत करने के लिए नए नियमों पर विचार कर रही है, जिसके तहत Apple और Samsung जैसी कंपनियों से मोबाइल सॉफ्टवेयर का सोर्स कोड एक्सेस मांगा जा सकता है। Reuters की रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार करीब 83 नए सिक्योरिटी स्टैंडर्ड लागू करने की तैयारी में है। इनमें बड़े सॉफ्टवेयर अपडेट की जानकारी पहले देने और कुछ सिस्टम लेवल बदलाव भी शामिल हैं। टेक कंपनियों का कहना है कि ऐसा करने से उनकी प्रॉप्रायटरी टेक्नोलॉजी और यूजर प्राइवेसी को खतरा हो सकता है। फिलहाल इस प्रस्ताव पर सरकार और कंपनियों के बीच बातचीत जारी है।
  • घर में बेकार पड़ा है पुराना फोन? चंद स्टेप्स में उसे बनाएं सिक्योरिटी कैमरा, देखें फुल गाइड
    अगर आपके पास कोई पुराना स्मार्टफोन बेकार पड़ा है, तो उसे आप सिक्योरिटी कैमरा की तरह इस्तेमाल कर सकते हैं। सही ऐप्स और बेसिक सेटअप की मदद से Android या iPhone दोनों को निगरानी के लिए बदला जा सकता है। इस तरीके में लाइव वीडियो फीड, मोशन डिटेक्शन और अलर्ट जैसे फीचर्स मिलते हैं, जिससे घर या ऑफिस की सिक्योरिटी बढ़ाई जा सकती है। इंटरनेट कनेक्शन और चार्जिंग की व्यवस्था के साथ यह तरीका काफी किफायती साबित होता है। महंगे CCTV सिस्टम की बजाय पुराने फोन को सिक्योरिटी टूल बनाना एक स्मार्ट ऑप्शन है।
  • स्मार्टफोन्स में प्री-इंस्टॉल्ड नहीं होगा Sanchar Saathi ऐप, सरकार ने वापस लिया ऑर्डर
    विपक्षी दलों ने सरकार के इस आदेश का कड़ा विरोध किया था। कांग्रेस सहित विपक्षी दलों ने कहा था कि इससे नागरिकों के प्राइवेसी से जुड़े अधिकारों का उल्लंघन होगा और इस ऐप का इस्तेमाल लोगों की जासूसी करने के लिए हो सकता है। हालांकि, इस विवाद के बाद टेलीकॉम मिनिस्टर Jyotiraditya Scindia ने बताया था कि स्मार्टफोन्स में इस ऐप को डिलीट किया जा सकेगा।
  • स्मार्टफोन्स में Sanchar Saathi ऐप को डिलीट करने का मिलेगा ऑप्शनः टेलीकॉम मिनिस्टर
    स्मार्टफोन मैन्युफैक्चरर्स को इन बदलावों को लागू करने के लिए 90 दिनों की समयसीमा दी गई है। इस ऑर्डर के तहत, नया मोबाइल डिवाइस (Android या iPhone) को खरीदने पर सरकार का संचार साथी ऐप पहले से उसमें इंटीग्रेटेड होगा। DoT के ऑर्डर में यह भी कहा गया है कि यूजर्स को डिवाइसेज के पहली बार सेटअप करने के दौरान यह ऐप तुरंत दिखना चाहिए।
  • Aadhaar ऐप में यूजर्स को जल्द मिलेगा मोबाइल नंबर अपडेट करने का फीचर, सेंटर पर जाने की नहीं होगी जरूरत 
    इस फीचर के लिए यूजर की पहचान की पुष्टि फेश ऑथेंटिकेशन और OTP के जरिए की जाएगी। इससे आधार से जुड़े मोबाइल नंबर को अपडेट करने के लिए व्यक्तिगत तौर पर ऑथराइज्ड सेंटर पर जाने की जरूरत नहीं रहेगी। आधार नंबर को अपडेट करने की मौजूदा प्रक्रिया में यूजर्स को एनरोलमेंट सेंटर पर जाकर कतार में खड़ा होना पड़ता और इसके लिए पेपरवर्क की भी जरूरत होती है।
  • Aadhaar के डेटाबेस में दूर होगी गड़बड़ियां, 2 करोड़ से ज्यादा मृत लोगों की ID हुई डिसएबल
    यूनीक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (UIDAI) ने आधार के डेटाबेस को अपडेट करने के लिए मृत लोगों से जुड़े दो करोड़ से ज्यादा आधार नंबर्स को डीएक्टिवेट किया है। UIDAI ने मृत्यु पंजीकरण के अलावा रजिस्ट्रेशन जनरल ऑफ इंडिया, केंद्र सरकार के मंत्रालयों और विभागों और राज्य सरकारों की ओर से मिले डेटा का आधार के रिकॉर्ड से मिलान करने के बाद ये डीएक्टिवेशन किए हैं।
  • आपके नाम पर जारी SIM के गलत इस्तेमाल के लिए आप होंगे जिम्मेदार!
    जाली दस्तावेजों, फ्रॉड के जरिए SIM कार्ड खरीदने वाले भी मुश्किल में फंस सकते हैं। अगर किसी व्यक्ति के नाम पर जारी SIM कार्ड को गैर कानूनी गतिविधियों में शामिल किसी अपराधी को दिया जाता है जो जिसके नाम पर वह SIM कार्ड जारी किया गया है, वह व्यक्ति भी दोषी माना जा सकता है। DoT ने मोबाइल सब्सक्राइबर्स को कॉलिंग लाइन आइडेंटिटी में बदलाव करने वाले मोबाइल एप्लिकेशंस का इस्तेमाल नहीं करने की भी सलाह दी है।

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