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Microsoft Ai - ख़बरें

  • इन 5 AI टूल्स को यूज करना सीख गए, तो गूगल सर्च करने की जरूरत ही नहीं पड़ेगी!
    AI टूल्स ने सर्च करने का तरीका पूरी तरह बदल दिया है। अब यूजर्स सिर्फ जानकारी नहीं, बल्कि सीधे जवाब और काम पूरा करने वाले समाधान चाहते हैं। ChatGPT, Google Gemini, Perplexity AI, Microsoft Copilot और Neurorank जैसे प्लेटफॉर्म्स सर्च को आसान बनाने के साथ-साथ प्रोडक्टिविटी भी बढ़ा रहे हैं। ये टूल्स कंटेंट लिखने, जानकारी समझने, रिसर्च करने और प्लानिंग जैसे कामों में मदद करते हैं। वहीं Neurorank जैसे टूल्स AI में ब्रांड विजिबिलिटी को समझने पर फोकस करते हैं। कुल मिलाकर, AI अब सिर्फ सर्च इंजन नहीं, बल्कि डिजिटल असिस्टेंट बन चुका है।
  • Layoffs 2026: AI की दौड़ में नौकरियां जा रही हैं? 1 महीने में 45,800 जॉब गईं, 87% केवल टेक से!
    ग्लोबल टेक इंडस्ट्री में मार्च 2026 के दौरान बड़े पैमाने पर छंटनी देखने को मिली है। रिपोर्ट्स के मुताबिक इस महीने करीब 45,800 कर्मचारियों की नौकरी गई है। कंपनियां अब AI, डेटा सेंटर और चिप्स में निवेश बढ़ा रही हैं, जिसके चलते वर्कफोर्स कम किया जा रहा है। Meta, Microsoft, Oracle और Snap जैसी कंपनियां इस ट्रेंड का हिस्सा हैं। डेटा यह भी दिखाता है कि साल की शुरुआत से अब तक हजारों कर्मचारी प्रभावित हुए हैं। एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह बदलाव इंडस्ट्री के AI-ड्रिवन फेज की ओर बढ़ने का संकेत है।
  • 20 हजार नौकरियां खत्म करेंगीं Meta, Microsoft! AI बन रहा बड़ी वजह
    Meta और Microsoft जैसी कंपनियां 20 हजार से ज्यादा नई छंटनियां करने वाली हैं। टेक कंपनियां लगातार AI में निवेश को बढ़ा रही हैं और वर्कफोर्स को घटा रही हैं। ये छंटनियां इसी हफ्ते में होने की संभावना है।
  • Amazon ने 14,000 वर्कर्स की छंटनी से किया इनकार, मीडिया रिपोर्ट्स को गलत बताया
    एमेजॉन में छंटनी की योजना के बारे में शुरुआत में एक जॉब फोरम Blind पर पोस्ट किया गया था। इस पोस्ट में कहा गया था यह जानकारी एक सूत्र से मिली है। पिछले वर्ष एमेजॉन के CEO, Andy Jassy ने कहा था कि कंपनी के फंक्शंस में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इंटीग्रेशन बढ़ने से कुछ डिविजंस में कम वर्कर्स की जरूरत होगी। एमेजॉन ने कहा कि ये रिपोर्ट्स गलत हैं और तथ्य पर आधारित नहीं हैं।
  • AI सर्च में आगे रहना है तो ब्रांड्स को क्या करना होगा? ये प्लेटफॉर्म आएंगे काम
    आज सर्च का तरीका तेजी से बदल रहा है और ChatGPT, Google Gemini जैसे प्लेटफॉर्म्स पर यूजर्स को सीधे जवाब मिलने लगे हैं। ऐसे में ब्रांड्स के लिए जरूरी हो गया है कि उनका कंटेंट सिर्फ लिंक के रूप में नहीं, बल्कि AI के जवाब का हिस्सा बने। Neurorank जैसे टूल्स इस बदलाव को समझने में मदद करते हैं, जबकि Microsoft Copilot जैसे प्लेटफॉर्म्स पर भरोसेमंद और साफ कंटेंट ज्यादा अहम हो गया है।
  • 12 महीनों में AI के हत्थे चढ़ सकती हैं वकील, प्रोजेक्ट मैनेजर जैसी जॉब्स! Microsoft AI CEO का बयान
    Microsoft AI के मुस्तफा सुलेमान का बयान आया है कि आने वाले 1 साल के भीतर, यानी 2027 तक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के चलते अधिकतर व्हाइट कॉलर जॉब्स खत्म होने के कगार पर होंगीं। इससे न सिर्फ कोडर (Coder) बल्कि वकील, अकाउंटेंट जैसे पेशेवर भी प्रभावित होंगे।
  • Infosys के प्रॉफिट में गिरावट, नए लेबर कोड का पड़ा बड़ा असर
    इंफोसिस का तीसरी तिमाही में रेवेन्यू 8.89 प्रतिशत बढ़कर 45,479 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। पिछले फाइनेंशियल ईयर की समान अवधि में लगभग 41,764 करोड़ रुपये का था। कंपनी ने बताया है कि पिछली तिमाही में नए लेबर कोड के लागू होने उसे 1,289 करोड़ रुपये के असाधारण चार्ज के लिए प्रोविजन करना पड़ा है। हालांकि, कंपनी के लिए डील की पाइपलाइन मजबूत रही है।
  • क्या AI छीन लेगा 2026 में आपकी नौकरी! इन 40 पदों पर खतरा, जानें क्या आप भी हैं शामिल?
    अब 2025 खत्म हो रहा है और 2026 बस आने वाला है तो ऐसे में लोगों के मन में सवाल होंगे कि एआई के ज्यादा एडवांस होने से क्या इंसानों द्वारा किए जाने वाली नौकरियां खत्म हो जाएंगी या नहीं। टेक दिग्गज माइक्रोसॉफ्ट ने एक लिस्ट जारी की थी, जिसमें उन 40 नौकरियों को शामिल किया गया जो कि एआई निसंदेह खत्म कर सकता है।
  • भारत में IT हायरिंग 16 प्रतिशत बढ़ी, AI स्किल्स की ज्यादा डिमांड
    देश में IT इंडस्ट्री में हायरिंग में ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCC) का योगदान बढ़कर कुल डिमांड का लगभग 27 प्रतिशत हो गया है। प्रोडक्ट फर्मों ने भी हायरिंग बढ़ाई है। IT सर्विस और कंसल्टिंग ने हायरिंग में मामूली ग्रोथ दर्ज की है। स्टार्टअप हायरिंग में बढ़ोतरी घटकर सिंगल डिजिट की रह गई है। इसका बड़ा कारण फंडिंग में कमी है।
  • Microsoft के चीफ Satya Nadella ने बनाया क्रिकेट ऐप, विराट कोहली को चुना बेस्ट कैप्टन
    लीडरशिप और टीम वर्क जैसे स्किल्स को सिखाने का श्रेय नडेला ने क्रिकेट को दिया है। अमेरिका में एक प्रोफेशनल T20 क्रिकेट टीम, Seattle Orcas के वह को-ओनर भी हैं। बेंगलुरु में माइक्रोसॉफ्ट के एक इवेंट के दौरान नडेला ने दिखाया कि कैसे उनका ऐप प्रत्येक फैसले को लेकर रिसर्च करता है और इसकी शुरुआत बेस्ट कैप्टन को चुनने से हुई है।
  • भारत में AI इंफ्रास्ट्रक्चर में 1.5 लाख करोड़ रुपये का इनवेस्टमेंट करेगी Microsoft 
    इस वर्ष की शुरुआत में देश में माइक्रोसॉफ्ट ने क्लाउड और AI इंफ्रास्ट्रक्चर में अगले दो वर्षों में तीन अरब डॉलर का इनवेस्टमेंट करने की जानकारी दी थी। अगले पांच वर्षों में देश में लगभग एक करोड़ लोगों को यह AI से जुड़े स्किल्स की ट्रेनिंग देगी। भारत में माइक्रोसॉफ्ट के पास 22,000 से अधिक वर्कर्स हैं। कंपनी के गुरूग्राम, नोएडा, बेंगलुरु, हैदराबाद, पुणे और कुछ अन्य शहरों में ऑफिस हैं।
  • ChatGPT का अमीर यूजर्स कर रहे हैं सबसे ज्यादा उपयोग, जानें क्यों हो रहा उनके बीच लोकप्रिय?
    बिजनेस इंटेलिजेंस फर्म मॉर्निंग कंसल्ट की एक स्टडी के अनुसार, हाई इनकम वाले यूजर्स एआई टूल्स पर तेजी से निर्भर हो रहे हैं, जिनकी जिनकी सालाना इनकम $100,000 (लगभग 85 लाख रुपये) से ज्यादा है। सबसे खास बात यह है कि सबसे पसंदीदा टूल ChatGPT है, जिसके बाद Gemini और Microsoft Copilot आते हैं।
  • TCS में हजारों वर्कर्स की छंटनी पर बढ़ा विरोध, IT वर्कर्स यूनियन ने किया प्रदर्शन
    इस छंटनी के खिलाफ IT & ITES Democratic Employees Association (IIDEA) ने मंगलवार को बेंगलुरु में कंपनी के व्हाइटफील्ड कैम्पस के सामने विरोध प्रदर्शन किया है। इससे पहले Union of IT and ITES Employees ने कहा था कि वर्कर्स को इस्तीफा देने के लिए मजबूर किया जा रहा है। हालांकि, TCS ने इन आरोपों को गलत बताया है।
  • TCS में वर्कर्स की छंटनी को लेकर बढ़ा विवाद, एंप्लॉयी यूनियन ने लगाया प्रेशर डालने का आरोप
    Karnataka State IT/ITES Union (KITU) के जनरल सेक्रेटरी, Suhas Adiga ने बताया कि यूनियन ने TCS के खिलाफ कर्नाटक के एडिशनल कमिश्नर ऑफ लेबर के पास इंडस्ट्रियल डिस्प्यूट का एक मामला दर्ज कराया है। इस मामले की अगली सुनवाई 15 अक्टूबर को होनी है। TCS ने इन आरोपों को गलत बताया है। कंपनी का कहना है कि छंटनी का असर उसकी वर्कफोर्स के दो प्रतिशत तक सीमित है।
  • आपका नाम, लोकेशन और हिस्ट्री सब हो रहा है ट्रैक, डेटा कलेक्शन के टेस्ट में Chrome+ Gemini की जोड़ी अव्वल!
    Google ने हाल ही में अपने Chrome ब्राउजर में Gemini AI को इंटीग्रेट करने की घोषणा की, जिससे यूजर्स के लिए ब्राउजिंग और टास्क मैनेजमेंट आसान हो जाएगा। हालांकि सुविधा जितनी आकर्षक है, उतना ही जरूरी है कि यूजर्स समझें कि इस इंटीग्रेशन के चलते कितनी व्यक्तिगत जानकारी इकट्ठा हो रही है। एक रिसर्च ने पांच प्रमुख एजेंटिक AI ब्राउजर्स पर डेटा प्राइवेसी को एनालाइज किया है और इसमें Chrome सबसे डेटा-हंग्री ब्राउजर के रूप में सामने आया है, यानी यह यूजर्स का सबसे ज्यादा डेटा इकट्ठा करता हुआ पाया गया है। चलिए विस्तार से जानते हैं।

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