Microsoft Ai

Microsoft Ai - ख़बरें

  • Infosys के प्रॉफिट में गिरावट, नए लेबर कोड का पड़ा बड़ा असर
    इंफोसिस का तीसरी तिमाही में रेवेन्यू 8.89 प्रतिशत बढ़कर 45,479 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। पिछले फाइनेंशियल ईयर की समान अवधि में लगभग 41,764 करोड़ रुपये का था। कंपनी ने बताया है कि पिछली तिमाही में नए लेबर कोड के लागू होने उसे 1,289 करोड़ रुपये के असाधारण चार्ज के लिए प्रोविजन करना पड़ा है। हालांकि, कंपनी के लिए डील की पाइपलाइन मजबूत रही है।
  • क्या AI छीन लेगा 2026 में आपकी नौकरी! इन 40 पदों पर खतरा, जानें क्या आप भी हैं शामिल?
    अब 2025 खत्म हो रहा है और 2026 बस आने वाला है तो ऐसे में लोगों के मन में सवाल होंगे कि एआई के ज्यादा एडवांस होने से क्या इंसानों द्वारा किए जाने वाली नौकरियां खत्म हो जाएंगी या नहीं। टेक दिग्गज माइक्रोसॉफ्ट ने एक लिस्ट जारी की थी, जिसमें उन 40 नौकरियों को शामिल किया गया जो कि एआई निसंदेह खत्म कर सकता है।
  • भारत में IT हायरिंग 16 प्रतिशत बढ़ी, AI स्किल्स की ज्यादा डिमांड
    देश में IT इंडस्ट्री में हायरिंग में ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCC) का योगदान बढ़कर कुल डिमांड का लगभग 27 प्रतिशत हो गया है। प्रोडक्ट फर्मों ने भी हायरिंग बढ़ाई है। IT सर्विस और कंसल्टिंग ने हायरिंग में मामूली ग्रोथ दर्ज की है। स्टार्टअप हायरिंग में बढ़ोतरी घटकर सिंगल डिजिट की रह गई है। इसका बड़ा कारण फंडिंग में कमी है।
  • Microsoft के चीफ Satya Nadella ने बनाया क्रिकेट ऐप, विराट कोहली को चुना बेस्ट कैप्टन
    लीडरशिप और टीम वर्क जैसे स्किल्स को सिखाने का श्रेय नडेला ने क्रिकेट को दिया है। अमेरिका में एक प्रोफेशनल T20 क्रिकेट टीम, Seattle Orcas के वह को-ओनर भी हैं। बेंगलुरु में माइक्रोसॉफ्ट के एक इवेंट के दौरान नडेला ने दिखाया कि कैसे उनका ऐप प्रत्येक फैसले को लेकर रिसर्च करता है और इसकी शुरुआत बेस्ट कैप्टन को चुनने से हुई है।
  • भारत में AI इंफ्रास्ट्रक्चर में 1.5 लाख करोड़ रुपये का इनवेस्टमेंट करेगी Microsoft 
    इस वर्ष की शुरुआत में देश में माइक्रोसॉफ्ट ने क्लाउड और AI इंफ्रास्ट्रक्चर में अगले दो वर्षों में तीन अरब डॉलर का इनवेस्टमेंट करने की जानकारी दी थी। अगले पांच वर्षों में देश में लगभग एक करोड़ लोगों को यह AI से जुड़े स्किल्स की ट्रेनिंग देगी। भारत में माइक्रोसॉफ्ट के पास 22,000 से अधिक वर्कर्स हैं। कंपनी के गुरूग्राम, नोएडा, बेंगलुरु, हैदराबाद, पुणे और कुछ अन्य शहरों में ऑफिस हैं।
  • ChatGPT का अमीर यूजर्स कर रहे हैं सबसे ज्यादा उपयोग, जानें क्यों हो रहा उनके बीच लोकप्रिय?
    बिजनेस इंटेलिजेंस फर्म मॉर्निंग कंसल्ट की एक स्टडी के अनुसार, हाई इनकम वाले यूजर्स एआई टूल्स पर तेजी से निर्भर हो रहे हैं, जिनकी जिनकी सालाना इनकम $100,000 (लगभग 85 लाख रुपये) से ज्यादा है। सबसे खास बात यह है कि सबसे पसंदीदा टूल ChatGPT है, जिसके बाद Gemini और Microsoft Copilot आते हैं।
  • TCS में हजारों वर्कर्स की छंटनी पर बढ़ा विरोध, IT वर्कर्स यूनियन ने किया प्रदर्शन
    इस छंटनी के खिलाफ IT & ITES Democratic Employees Association (IIDEA) ने मंगलवार को बेंगलुरु में कंपनी के व्हाइटफील्ड कैम्पस के सामने विरोध प्रदर्शन किया है। इससे पहले Union of IT and ITES Employees ने कहा था कि वर्कर्स को इस्तीफा देने के लिए मजबूर किया जा रहा है। हालांकि, TCS ने इन आरोपों को गलत बताया है।
  • TCS में वर्कर्स की छंटनी को लेकर बढ़ा विवाद, एंप्लॉयी यूनियन ने लगाया प्रेशर डालने का आरोप
    Karnataka State IT/ITES Union (KITU) के जनरल सेक्रेटरी, Suhas Adiga ने बताया कि यूनियन ने TCS के खिलाफ कर्नाटक के एडिशनल कमिश्नर ऑफ लेबर के पास इंडस्ट्रियल डिस्प्यूट का एक मामला दर्ज कराया है। इस मामले की अगली सुनवाई 15 अक्टूबर को होनी है। TCS ने इन आरोपों को गलत बताया है। कंपनी का कहना है कि छंटनी का असर उसकी वर्कफोर्स के दो प्रतिशत तक सीमित है।
  • आपका नाम, लोकेशन और हिस्ट्री सब हो रहा है ट्रैक, डेटा कलेक्शन के टेस्ट में Chrome+ Gemini की जोड़ी अव्वल!
    Google ने हाल ही में अपने Chrome ब्राउजर में Gemini AI को इंटीग्रेट करने की घोषणा की, जिससे यूजर्स के लिए ब्राउजिंग और टास्क मैनेजमेंट आसान हो जाएगा। हालांकि सुविधा जितनी आकर्षक है, उतना ही जरूरी है कि यूजर्स समझें कि इस इंटीग्रेशन के चलते कितनी व्यक्तिगत जानकारी इकट्ठा हो रही है। एक रिसर्च ने पांच प्रमुख एजेंटिक AI ब्राउजर्स पर डेटा प्राइवेसी को एनालाइज किया है और इसमें Chrome सबसे डेटा-हंग्री ब्राउजर के रूप में सामने आया है, यानी यह यूजर्स का सबसे ज्यादा डेटा इकट्ठा करता हुआ पाया गया है। चलिए विस्तार से जानते हैं।
  • AI रिसर्च असिस्टेंट्स के जवाबों के भरोसे हो तो ये खबर आपके लिए है, नई स्टडी ने खोली पोल!
    Salesforce और Microsoft की रिसर्च ने चेताया है कि AI सिस्टम्स पर आंख मूंदकर भरोसा करना जोखिम भरा है। DeepTRACE फ्रेमवर्क से पता चला कि कई टूल्स अधूरे और एकतरफा जवाब देते हैं, जिनमें गलत या गैरजरूरी रेफरेंस शामिल होते हैं। GPT-5 deep research mode ने बेहतर परफॉर्म किया, लेकिन अभी कोई भी सिस्टम पूरी तरह बैलेंस्ड नहीं है।
  • 2025 में Free AI कोर्स से बढ़ाएं अपनी स्किल्स: Google, AWS, Microsoft जैसे टॉप ट्रेनिंग प्रोग्राम बिल्कुल फ्री में सीखें
    आज के डिजिटल दौर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI की डिमांड तेजी से बढ़ रही है। अगर आप AI सीखना चाहते हैं लेकिन पैसे खर्च नहीं करना चाहते, तो कई बड़ी टेक कंपनियां मुफ्त कोर्सेज पेश कर रही हैं। Google, IBM, Microsoft जैसी कंपनियों ने ऐसे ऑनलाइन कोर्स तैयार किए हैं जिनसे शुरुआती से लेकर एडवांस लेवल तक की जानकारी हासिल की जा सकती है। इन कोर्सेज में मशीन लर्निंग, डीप लर्निंग, डेटा साइंस और AI के अन्य एप्लीकेशन्स की ट्रेनिंग शामिल होती है। चलिए इनके बारे में विस्तार से जानते हैं।
  • Computer पर अब नहीं होगी Keyboard और Mouse की जरूरत....
    Microsoft ने विंडोज 2030 विजन नाम की एक वीडियो जारी किया है, जिसमें दिखाया गया है कि कैसे भविष्य में कंप्यूटर का काम करने का तरीका और यूजर्स का उसको इनपुट देने का तरीका बिलकुल बदल जाएगा। अगले 5 सालों में विंडोज ऑपरेटिंग सिस्टम में होने वाले बड़े बदलावों को दिखाया गया है, जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को शामिल करने पर खास ध्यान दिया गया है।
  • AI से कौन सी नौकरी जाएगी? Microsoft की रिपोर्ट से बड़ा खुलासा!
    Microsoft की लेटेस्ट रिसर्च से ये साफ होता जा रहा है कि AI, खासतौर पर Copilot जैसे चैटबॉट्स, अब सिर्फ रिसर्च या टूल नहीं रहे, बल्कि ये असल कामकाजी दुनिया को भी बदलने की दिशा में बढ़ रहे हैं। कंपनी ने अपनी Bing Copilot चैटबॉट सर्विस पर हुए 2 लाख से ज्यादा अनोनिमाइज्ड इंटरैक्शन को स्टडी किया, जिससे यह समझने की कोशिश की गई कि किन जॉब्स में AI सबसे ज्यादा असर डाल सकता है। इस स्टडी का नाम "Working with AI: Measuring the Occupational Implications of Generative AI" है और यह फिलहाल प्री-प्रिंट फॉर्म में उपलब्ध है।
  • उत्तर प्रदेश का यह शहर बनने जा रहा है AI City, सरकार ने किया 10,732 करोड़ रुपये का निवेश
    उत्तर प्रदेश सरकार ने लखनऊ को देश का सबसे एडवांस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सिटी बनाने के लिए 10,732 करोड़ रुपये की बड़ी निवेश स्कीम शुरू कर दी है। IndiaAI मिशन के तहत मिली इस फंडिंग से शहर को ग्लोबल लेवल का टेक हब बनाया जाएगा, जिसमें सिर्फ कही-सुनी नहीं, रियल इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवेलपमेंट, AI इनोवेशन और स्किल ट्रेनिंग पर पूरा फोकस किया गया है। यह प्रोजेक्ट जुलाई 2025 में कैबिनेट अप्रूव हुआ है और इसका असर अगले कुछ महीनों में सड़कों से लेकर स्टार्टअप्स और सरकारी सिस्टम तक साफ नजर आएगा।
  • टेक कंपनियों ने हजारों लोगों को नौकरी से निकाला, AI आपके लिए भी खतरा?
    2025 में टेक्नोलॉजी इंडस्ट्री में एक बार फिर छंटनी की आंधी चली है। TCS, Microsoft और Intel जैसी दिग्गज कंपनियों ने अपने हजारों कर्मचारियों को अलविदा कह दिया है और इसकी सबसे बड़ी वजह बताई जा रही है AI और ऑटोमेशन का बढ़ता रोल। इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स के मुताबिक, यह ट्रेंड “AI restructure” या “AI transformation” की वजह से तेज हो रहा है, जहां कई पुराने रोल्स अब गैर-जरूरी हो गए हैं।

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