Microsoft AI CEO ने कहा कि बहुत जल्द वर्कफोर्स में बड़ा बदलाव देखने को मिलने वाला है और कंप्यूटर पर काम करने वाले लगभग सभी लोग खतरे में हो सकते हैं।
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AI के एडवांस होने के चलते बहुत जल्द वर्कफोर्स में बड़ा बदलाव देखने को मिलने वाला है- एक्सपर्ट
AI Job Cuts: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से नौकरियां जाने वाली हैं? यह सवाल हर किसी की जुबान पर है। एक्सपर्ट्स कह रहे हैं कि जाहिर तौर पर AI के आने से कई जगहों पर इंसानों की जरूरत खत्म होगी और बड़े पैमाने पर कंपनियां अपने वर्कफोर्स में कटौती करती नजर आएंगीं। इसकी शुरूआत Amazon जैसी टेक दिग्गज कंपनियां कर चुकी हैं। अब इसी कड़ी में Microsoft के AI सीईओ मुस्तफा सुलेमान का बयान भी आया है। AI एक्सपर्ट का कहना है कि अगले एक साल में AI अधिकतर व्हाइट कॉलर जॉब्स पर कब्जा कर चुका होगा। आइए जानते हैं क्या हैं इस बयान के मायने।
Microsoft AI के मुस्तफा सुलेमान का बयान आया है कि आने वाले 1 साल के भीतर, यानी 2027 तक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के चलते अधिकतर व्हाइट कॉलर जॉब्स खत्म होने के कगार पर होंगीं। इससे न सिर्फ कोडर (Coder) बल्कि वकील, अकाउंटेंट जैसे पेशेवर भी प्रभावित होंगे। फाइनेंशियल टाइम्स को दिए इंटरव्यू में सुलेमान ने कहा कि Microsoft प्रोफेशनल-ग्रेड AGI (आर्टिफिशियल जनरल इंटेलिजेंस) के साथ एंटरप्राइज मार्केट में बड़ा हिस्सा हासिल करने की कोशिश में है। यह एक ऐसा AI मॉडल होगा जो लगभग वे सभी काम कर सकेगा जो एक नौकरी वाला इंसान कर सकता है।
आर्टिफिशियल जनरल इंटेलिजेंस (AGI) से Microsoft अपने ग्राहकों को ऐसे शक्तिशाली AI टूल उपलब्ध करवा सकेगा जो एक प्रोफेशनल के रूटीन काम भी कर सकेगा। सुलेमान ने कहा कि बहुत जल्द वर्कफोर्स में बड़ा बदलाव देखने को मिलने वाला है और कंप्यूटर पर काम करने वाले लगभग सभी लोग खतरे में हो सकते हैं।
मस्तफा सुलेमान ने व्हाइट कॉलर जॉब्स पर सबसे पहले गाज गिरने की बात कही है। उन्होंने कहा, व्हाइट-कॉलर नौकरियां, यानी ऐसी जॉब्स जिनमें कर्मचारी कंप्यूटर के सामने बैठकर काम करते हैं, इसके खतरे में आने वाले हैं। फिर चाहे वे वकील हों, अकाउंटेंट हों, प्रोजेक्ट मैनेजर हों या मार्केटिंग विशेषज्ञ हों। इनमें से अधिकांश कार्य अगले 12 से 18 महीनों के भीतर AI द्वारा पूरी तरह से स्वचालित (automated) हो जाएंगे।
सुलेमान ने इशारा दिया कि जैसे जैसे AI एडवांस होता जाएगा इसके और अधिक एडवांस मॉडल बनाना आसान होता जाएगा। ये ऐसे मॉडल होंगे जो खास कामों के लिए तैयार किए जा सकेंगे। नया मॉडल बनाना पॉडकास्ट बनाने या ब्लॉग लिखने जितना ही आसान होगा। भविष्य में पृथ्वी पर प्रत्येक संस्थान और व्यक्ति की जरूरत के अनुरूप AI मॉडल डिजाइन करना संभव होगा।
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