In Space

In Space - ख़बरें

  • स्टोरेज हो गई फुल? बिना फोटो डिलीट करे ऐसे करें फ्री
    कई बार फोन की स्टोरेज फुल हो जाती है और हमें समय रहते पता भी नहीं लग पाता। स्टोरेज फुल होने के चलते फोन धीमा हो सकता है, या फिर हैंग भी होने लगता है। ऐसे में इसे खाली करना जरूरी हो जाता है। ऐप कैशे क्लियर करना, बिना इस्तेमाल की ऐप्स को बंद या डिलीट करना, फोटो को क्लाउड स्टोरेज में सेव करना जैसे स्टेप्स के साथ आप स्टोरेज को खाली कर सकते हैं।
  • itel ZENO 20 भारत में लॉन्च: 5000mAh बैटरी, 128GB तक स्टोरेज और बड़ा डिस्प्ले, कीमत Rs 5,999 से शुरू
    भारत में बजट स्मार्टफोन की रेंज में एक नया ऑप्शन जुड़ गया है। itel ने ZENO 20 लॉन्च किया है, जिसे अल्ट्रा-ड्यूरेबिलिटी, AI असिस्टेंट और स्टाइलिश डिजाइन के साथ पेश किया गया है। itel ZENO 20 को कंपनी ने दो वेरिएंट्स में पेश किया है - 64GB स्टोरेज के साथ 3GB RAM और 128GB स्टोरेज के साथ 4GB RAM और दोनों की कीमत क्रमश: 5,999 रुपये और 6,899 रुपये है। फोन को Starlit Black, Space Titanium और Aurora Blue कलर ऑप्सन में Amazon के जरिए 25 अगस्त से खरीदा जा सकता है। बेस और हाई-एंड दोनों वेरिएंट्स में क्रमश: 250 रुपये और 300 रुपये के कूपन भी मिलेंगे।
  • 400km ऊपर अंतरिक्ष में चीनी वैज्ञानिकों को मिला यह रहस्यमय सूक्ष्म जीव!
    चीन के वैज्ञानिकों को अंतरिक्ष में एक नए बैक्टीरिया के बारे में पता चला है। तियांगोंग स्पेस स्टेशन पर वैज्ञानिकों ने बैक्टीरिया की इस नई प्रजाति को खोजा है। नए बैक्टीरिया स्ट्रेन को Niallia tiangongensis नाम दिया गया है। यह स्ट्रेन शेनझोउ 15 मिशन के दौरान तियांगोंग की सतहों से एकत्र किए गए सूक्ष्मजीव नमूनों में पाया गया था, जो जून 2023 में पृथ्वी पर वापस आया था।
  • Itel का सस्ता फोन Itel A90 भारत में 4GB रैम, 5000mAh बैटरी के साथ Rs 6,499 में लॉन्च, जानें खास फीचर्स
    Itel A90 को कंपनी ने भारत में लॉन्च कर दिया है। यह Itel का लेटेस्ट स्मार्टफोन है जो ऑक्टाकोर चिपसेट के साथ पेश किया गया है। फोन में 4GB रैम दी गई है और 5000mAh बैटरी है। इसमें 6.6 इंच का डिस्प्ले है जिसमें डाइनेमिक बार फीचर भी कंपनी ने दिया है। फोन 13 मेगापिक्सल के मेन रियर कैमरा के साथ आता है। कीमत Rs. 6,499 से शुरू होती है।
  • NASA अंतरिक्ष में इस काम के लिए दे रही 26 करोड़ रुपये!
    नासा ने अपने स्पेस मिशनों से जुड़ी एक समस्या का समाधान मांगा है जिसमें इंसानों के मल को रिसाइकल करना होगा। यानी मल, मूत्र और यहां तक कि स्पेस मिशन में अंतरिक्ष यात्रियों द्वारा की जाने वाली उल्टी को भी रिसाइकल करने का तरीका निकालना है। नासा ने LunaRecycle Challenge के तहत यह ईनाम देने की घोषणा की है। जो भी व्यक्ति समाधान निकालेगा उसे 25.82 करोड़ रुपये का ईनाम दिया जाएगा।
  • 12 लाख से ज्यादा वस्तुएं घूम रहीं हमारे आसमान में! 1200 की हुई पृथ्वी से टक्कर, अब आ रहा बड़ा खतरा ...
    पृथ्वी की अंतरिक्ष आयु के लिए एक बड़ा खतरा पैदा होता जा रहा है। मनुष्य लगातार पृथ्वी की निचली कक्षा में स्पेसक्राफ्ट और सैटेलाइट्स भेजता है। इसके चलते पृथ्वी की कक्षा में भीड़ लगातार बढ़ती जा रही है। इसी के साथ यहां पर अंतरिक्षीय कचरा भी घूम रहा है। इनमें पुराने सैटेलाइट्स, स्पेसक्राफ्ट्स के टुकड़े और अन्य तरह का मलबा मंडरा रहा है जो लगातार बढ़ता ही जा रहा है।
  • चीन ने अपने स्पेस स्टेशन में दी पाकिस्तानी को जगह! पहली बार भेजेगा विदेशी मेहमान
    चीन अपने स्पेस स्टेशन पर पाकिस्तान के अंतरिक्ष यात्री को मेहमान के रूप में भेजेगा। चीन ने तियांगोंग स्पेस स्टेशन पर पहले विदेशी मेहमान के तौर पर पाकिस्तान से एक अंतरिक्ष यात्री को भेजने की घोषणा की है। चीन की स्पेस एजेंसी CMSA के मुताबिक, चीन और पाकिस्तान ने एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। जिसमें चीन पाकिस्तानी अंतरिक्ष यात्रियों को स्पेस मिशन के लिए चुनेगा और उनको ट्रेनिंग भी देगा।
  • 7 साल पहले Elon Musk ने स्पेस में भेजी थी अपनी कार, अबतक चल चुकी इतने अरब किलोमीटर!
    Elon Musk की पर्सनल कार Tesla Roadster आज भी अंतरिक्ष में सूर्य के चक्कर लगा रही है। इस कार को Whereisroadster.com ट्रैक करती है जिसके मुताबिक यह स्पोर्ट्स कार 7 साल और 14 दिन से स्पेस में है। यह अबतक 56 खरब किलोमीटर की दूरी तय कर चुकी है। यह 557 दिन में सूरज का चक्कर लगाती है। इसे गलती से एस्टरॉयड के रूप में भी पहचाना जा चुका है।
  • 8 महीने से अंतरिक्ष में फंसी Sunita Williams की इस दिन होगी पृथ्वी पर वापसी!
    अंतरिक्ष में इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन में फंसे यात्री सुनीता विलियम्स और बच विलमोर अगले महीने धरती पर लौट सकते हैं। हाल ही में CNN को दिए एक इंटरव्यू में इन्होंने कहा कि Crew-10 मिशन 12 मार्च को पृथ्वी से रवाना होगा। मिशन मेंबर्स के ISS पर पहुंचने के बाद दोनों अंतरिक्ष यात्री लगभग एक हफ्ते बाद यानी 19 मार्च को पृथ्वी पर वापस लौटेंगे।
  • धरती से 400Km ऊपर से दिखा महाकुंभ का नजारा, Nasa ने शेयर की तस्‍वीरें
    यूपी के प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ 2025 में रोजाना लाखों की संख्‍या में लोग संगम पर स्‍नान के लिए पहुंच रहे हैं। इस नजारे को ना सिर्फ पृथ्‍वी से बल्कि अंतरिक्ष से भी देखा जा सकता है। नासा के अंतरिक्ष यात्री डॉन पेटिट ने इंटरनेशनल स्‍पेस स्‍टेशन (ISS) से इस आयोजन की तस्‍वीरें ली हैं। ISS हमारी धरती से 400 किलोमीटर ऊपर अंतरिक्ष में है।
  • अंतरिक्ष से दिखा महाकुंभ मेला, सामने आई तस्‍वीरें, जानें पूरी‍ डिटेल
    दुनिया का सबसे बड़ा धार्मिक मेला, प्रयागराज महाकुंभ (Prayagraj MahaKumbha) अंतरिक्ष से भी दिखाई दे रहा है। भारतीय स्‍पेस एजेंसी इसरो (ISRO) ने इंडियन सैटेलाइट्स का इस्‍तेमाल करके महाकुंभ की तस्वीरें ली हैं। इसरो की तस्वीरों में मेले में बनाए गए विशाल बुनियादी ढांचे को देखा जा सकता है। गौरतलब है कि प्रयागराज में महाकुंभ में 40 करोड़ लोगों के आने का अनुमान है।
  • विस्‍फोट के बाद ब्रह्मांड में फैली तारे की धूल, James Webb टेलीस्‍कोप ने किया कैप्‍चर, देखें 3D इमेज
    अंतरिक्ष में तैनात दुनिया का सबसे बड़ा टेलीस्‍कोप- जेम्‍स वेब (James Webb Space Telescope) हर रोज हमारे ब्रह्मांड को कैप्‍चर कर रहा है। नासा के टेलीस्‍कोप ने अब अंतरतारकीय (interstellar) धूल और गैस की ज्‍यादा डिटेल इमेज ली हैं, जिससे वैज्ञानिकों ने इंटरस्‍टेलर धूल और गैस की 3डी संरचना बनाई है। रिपोर्ट के अनुसार, करीब 350 साल पहले एक तारे के खत्‍म होने से यह रोशनी, गैस और धूल निकली जो अबतक काफी लंबा सफर तय कर चुकी है।
  • ISRO : क्‍या होती है स्पेस डॉकिंग? अंतरिक्ष में दो स्‍पेसक्राफ्ट जोड़ने से भारत को क्‍या फायदा होगा? जानें
    भारतीय स्‍पेस एजेंसी इसरो (ISRO) का Spadex मिशन कामयाब हो गया। कई दिनों से देशवासी जिसका इंतजार कर रहे थे, वह गुड न्‍यूज गुरुवार सुबह आई। इसरो ने बताया कि उसने अंतरिक्ष में सफलतापूर्वक दो स्‍पेसक्राफ्टों को आपस में जोड़ दिया है, जिसे स्‍पेस डॉकिंग कहा जाता है। ऐसा करने वाला भारत अब दुनिया का चौथा देश बन गया है। यह कामयाबी अबतक सिर्फ अमेरिका, रूस और चीन के नाम थी।
  • ISRO का एक और कमाल! अंतरिक्ष में उगा दिया लोबिया, देखें वीडियो
    भारत की स्पेस रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन (ISRO) ने एक बार फिर से अंतरिक्ष की दुनिया में कारनामा कर दिखाया है। इसरो ने स्पेस में लोबिया के बीजों को उगते दिखाया है। इसरो का कहना है कि केवल चार दिन में ही ये बीज माइक्रोग्रेविटी में अंकुरित हो गए। दरअसल यह संस्था के CROPS मिशन का हिस्सा है। भविष्य में दूसरे ग्रहों पर खेती की संभावनाओं को इसके जरिए तलाशा जा सकता है।
  • यूरोपियन स्पेस एजेंसी के स्पेसक्राफ्ट ने खींची बुध की अद्भुत तस्वीरें, ग्रह पर जमे हुए पानी के संकेत!
    सौरमंडल में सूर्य के सबसे नजदीक घूमने वाले ग्रह बुध को बेहद नजदीक से कैमरा में कैद किया गया है। यूरोपियन स्पेस एजेंसी का BepiColombo स्पेसक्राफ्ट बुध के सबसे नजदीक से गुजरा है। इसके बाद यह 2026 में इसकी कक्षा में प्रवेश करेगा। पता लगाएगा कि ग्रह पर केवल चट्टानों की एक पतली परत क्यों है, जबकि ग्रह के पास बहुत बड़ा लौह कोर है।

विज्ञापन

Follow Us
विज्ञापन
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »