• होम
  • विज्ञान
  • ख़बरें
  • 12 लाख से ज्यादा वस्तुएं घूम रहीं हमारे आसमान में! 1200 की हुई पृथ्वी से टक्कर, अब आ रहा बड़ा खतरा ...

12 लाख से ज्यादा वस्तुएं घूम रहीं हमारे आसमान में! 1200 की हुई पृथ्वी से टक्कर, अब आ रहा बड़ा खतरा ...

मनुष्य लगातार पृथ्वी की निचली कक्षा में स्पेसक्राफ्ट और सैटेलाइट्स भेजता जा रहा है।

12 लाख से ज्यादा वस्तुएं घूम रहीं हमारे आसमान में! 1200 की हुई पृथ्वी से टक्कर, अब आ रहा बड़ा खतरा ...

स्पेस में 12 लाख से ज्यादा ऐसी वस्तुएं हैं जो साइज में 1 सेंटीमीटर से बड़ी हैं।

ख़ास बातें
  • निचली कक्षा में इस वक्त 6000 टन सामग्री मौजूद है
  • पुराने सैटेलाइट्स, स्पेसक्राफ्ट्स के टुकड़े और अन्य तरह का मलबा मंडरा रहा
  • ऑर्बिट में तैरते सैटेलाइट्स और ISS को नुकसान की संभावना बढ़ी
विज्ञापन
पृथ्वी की अंतरिक्ष आयु के लिए एक बड़ा खतरा पैदा होता जा रहा है। मनुष्य लगातार पृथ्वी की निचली कक्षा में स्पेसक्राफ्ट और सैटेलाइट्स भेजता है। इसके चलते पृथ्वी की कक्षा में भीड़ लगातार बढ़ती जा रही है। यहां हजारों की संख्या में सैटेलाइट्स घूम रहे हैं जो पृथ्वी पर महत्वपूर्ण जानकारी भेजते हैं। लेकिन इसी के साथ यहां पर अंतरिक्षीय कचरा भी घूम रहा है। इनमें पुराने सैटेलाइट्स, स्पेसक्राफ्ट्स के टुकड़े और अन्य तरह का मलबा मंडरा रहा है जो लगातार बढ़ता ही जा रहा है। 

यूरोपियन स्पेस एजेंसी द्वारा जारी की गई स्पेस सेफ्टी रिपोर्ट में स्पेस कचरे और पृथ्वी के ऑर्बिट में बढ़ती जा रही अत्यधिक भीड़ के बारे में जिक्र किया गया है। हर साल कक्षा में कमर्शियल सैटेलाइट्स की संख्या बढ़ती जा रही है। इसी के हाथ अक्षत सैटेलाइट्स या रॉकेट बॉडी अब पृथ्वी के वायुमंडल में दिन में लगभग तीन बार से ज्यादा पुन: प्रवेश कर रहे हैं। बढ़ते लॉन्च ट्रैफिक और बड़े स्तर की सौर गतिविधि के साथ, पुनः प्रवेश करने वाली वस्तुओं की संख्या और आकार भी बढ़ रहा है। अकेले साल 2024 में 1200 के लगभग वस्तुओं ने पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश किया। 

रिपोर्ट में कहा गया है कि इनमें 12 लाख से ज्यादा ऐसी वस्तुएं हैं जो साइज में 1 सेंटीमीटर से बड़ी हैं। ये वस्तुएं ऐसी हैं जो वर्तमान में ऑर्बिट में तैरते सैटेलाइट्स और इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) को नुकसान पहुंचा सकती हैं। यह स्थिति बहुत चिंताजनक है। अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि आज यदि स्पेसफ्लाइट ऑपरेशंस पूरी तरह से रोक भी दिए जाएं, तो भी निचले ऑर्बिट में नया मलबा तेजी से बढ़ेगा। क्योंकि यहां पर लगातार पुराने मलबे का विखंडन हो रहा है और टूटकर नए मलबे के टुकड़े वायुमंडल में प्रवेश कर रहे हैं। 

अंतरिक्ष के मलबे का यूं तेजी से इकट्ठा होना पहले ही टकराव प्रपात (collision cascading) की संभावना को जन्म दे चुका है। इसे कैसलर सिन्ड्रॉम (Kessler Syndrome) कहा जाता है। नासा के वैज्ञानिक Donald J. Kessler ने 1978 में इसकी संभावना जता थी। यह एक काल्पनिक परिदृश्य है जो अब जल्द ही सच साबित हो सकता है। 

कैसलर सिंड्रोम पूर्वानुमान लगाता है कि जब पृथ्वी की निचली कक्षा (जो कि हमारे ग्रह से लगभग 100-1,200 मील ऊपर है) में वस्तुओं का घनत्व एक निश्चित गंभीर स्तर तक पहुंच जाएगा तो इससे टकरावों की एक श्रृंखलाबद्ध प्रतिक्रिया शुरू हो जाएगी। यह घटना निचली कक्षा को मानव उपयोग के लिए अनुपयुक्त बना सकती है और स्पेस एज को रोक सकती है। नासा के अनुसार, निचली कक्षा में इस वक्त 6000 टन सामग्री मौजूद है। अब प्राइवेट खिलाड़ियों के आ जाने से यह और ज्यादा बढ़ सकती है। 
 
Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

हेमन्त कुमार

हेमन्त कुमार Gadgets 360 में सीनियर सब-एडिटर हैं और विभिन्न प्रकार के ...और भी

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News
Turbo Read

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. Xiaomi 17 Max में होगी 8,000mAh की पावरफुल बैटरी, 200 मेगापिक्सल प्राइमरी कैमरा 
  2. OnePlus के इस प्रीमियम फोन को ₹8,000 सस्ता खरीदने का मौका, यहां जानें पूरी डील
  3. PS Plus May धमाका! Red Dead Redemption 2 समेत फ्री मिलेंगे ये 7 बड़े गेम्स
  4. Microsoft Windows 11 की स्पीड बढ़ाने के लिए लाएगी macOS वाला तरीका, तेजी से खुलेंगे ऐप्स!
  5. क्रिप्टो मार्केट में गिरावट, Bitcoin का प्राइस 80,000 डॉलर से नीचे
  6. iQOO Z11 भारत में लॉन्च के लिए तैयार! 165Hz डिस्प्ले, दमदार Snapdragon प्रोसेसर से हो सकता है लैस
  7. Google Pay में UPI पिन भूल गए हैं तो बिना डेबिट कार्ड ऐसे कर पाएंगे रीसेट, जानें प्रक्रिया
  8. Redmi Turbo 5 जल्द होगा भारत में लॉन्च, डुअल रियर कैमरा यूनिट
  9. Vivo, Realme के सस्ते स्मार्टफोन भारत में होंगे लॉन्च, 50MP कैमरा, 6000mAh तक बैटरी!
  10. MakeMyTrip लाई AI ट्रैवल असिस्टेंट Myra 2.0, अब एक वॉयस कमांड में बुकिंग का सारा झंझट खत्म!
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »