Fake

Fake - ख़बरें

  • Fake Traffic Challan Scam: 500 रुपये बचाने गए और गंवा दिए लाखों, ऐसे बचें इस नए साइबर स्कैम से
    देश में फेक ट्रैफिक चालान स्कैम तेजी से फैल रहा है, जिसमें साइबर ठग नकली मैसेज भेजकर लोगों को निशाना बना रहे हैं। हाल के मामलों में पुणे के एक दुकानदार से करीब 2.76 लाख रुपये और दिल्ली के एक व्यक्ति से 2.49 लाख रुपये की ठगी हुई। इन मैसेज में चालान भरने के नाम पर लिंक दिया जाता है, जिस पर क्लिक करने से यूजर की बैंकिंग जानकारी चोरी हो जाती है। पुलिस के मुताबिक कई मामलों में रिमोट एक्सेस के जरिए फोन का कंट्रोल भी ले लिया जाता है। ऐसे में किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करने से पहले सावधानी बरतना जरूरी है।
  • असली वेबसाइट पर नकली नंबर: कैसे एक क्लिक से आपका बैंक अकाउंट हो जाएगा खाली!
    आजकल साइबर स्कैम सिर्फ फिशिंग मेल या नकली वेबसाइट तक सीमित नहीं रहे - अटैकर्स अब इलिगिटिमेट वेबसाइटों और सर्च/URL पैरामीटर्स का गलत यूज कर रहे हैं ताकि यूजर को भरोसा दिलाकर पैसा और एक्सेस चुरा सकें। इसी जून में भी खबर सामने आई थी कि कई बड़े नामों, जिनमें बैंक ऑफ अमेरिका, Netflix और Microsoft जैसे दिग्गज भी शामिल है, कि साइट्स पर इसी तरह के अटैक देखे गए, जहां खराब URLs के जरिए पेजों में फेक सपोर्ट नंबर और मालिशियस कंटेंट इंजेक्ट किया गया। इससे यूजर्स ने धोखे में आकर फोन करके स्कैमर्स से बात की और कई मामलों में पर्सनल/फाइनेंशियल डेटा लीक हुआ। चलिए आपको इसके बारे में विस्तार से बताते हैं।
  • फेक ट्रैफिक चालान के चक्कर में युवक के साथ हुआ 4 लाख से ज्यादा का फ्रॉड, आप न करना ऐसी गलती
    दिल्ली में हाल ही में एक व्यक्ति के साथ फेक ट्रैफिक चालान के नाम पर बड़ा धोखा हुआ है। पीड़ित को वॉट्सऐप के जरिए फर्जी चालान भेजा गया जो कि बिलकुल आधिकारिक दिखने वाला लग रहा था, जिसमें 1 हजार रुपये का ट्रैफिक चालान का भुगतान करना था। सरकारी चालान होने के चलते युवक ने उस लिंक पर क्लिक किया और उसके बाद उसे अपने पैसे गंवाने पड़े।
  • WhatsApp पर FREE 'क्रिसमस गिफ्ट'! मिले ऐसा मैसेज तो हो जाएं सावधान
    Christmas 2025 पर आपको जरा सावधान रहने की जरूरत है। आपकी खुशियों में हैकर्स ठगी की सेंध लगा सकते हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक क्रिसमस 2025 पर एक दूसरे को बधाई संदेश भेजते और रिसीव करते समय सावधानी बरतने की जरूरत है। हैकर्स और साइबर ठग क्रिसमस के मौके पर गिफ्ट के रूप में झांसेदार लिंक आपको भेजकर आपके साथ धोखाधड़ी कर सकते हैं। मेलिशियस या फेक गिफ्ट लिंक (Fake Gift Link) लिंक भेजकर आपके अकाउंट को मिनटों में खाली किया जा सकता है।
  • दिल्ली में यहां बन रहे थे नकली Samsung Galaxy फोन, पुलिस ने किया पर्दाफाश, जानें सबकुछ
    दिल्ली में पुलिस ने करोल बाग में नकली सैमसंग स्मार्टफोन बनाने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए सैकड़ों स्मार्टफोन के साथ कई लोगों को गिरफ्तार किया है। यह ग्रुप मदरबोर्ड, कैमरे, बैटरी और फ्रेम जैसे कई पार्ट्स विदेशों से (मुख्यतौर पर चीन) से मंगवा रहा था। इन पार्ट्स को पुराने या सामान्य पार्ट्स के साथ मिलाकर ऐसे फोन बनाए जाते थे जो कि सैमसंग के प्रीमियम स्मार्टफोन जैसे कि Galaxy S Ultra  लाइनअप और Galaxy Fold और Flip सीरीज जैसे नजर आते थे।
  • क्रिप्टोकरेंसी में पैसा लगाने वाले सावाधान! भारत में 26 फर्जी क्रिप्टो वेबसाइट्स का भंडाफोड़
    Enforcement Directorate ने देशभर में फैले एक बड़े क्रिप्टो इन्वेस्टमेंट स्कैम का खुलासा करते हुए 26 फर्जी वेबसाइट्स को रेड-फ्लैग किया है। ED के मुताबिक, ये प्लेटफॉर्म्स खुद को वैध क्रिप्टो इन्वेस्टमेंट साइट्स बताकर लोगों को हाई रिटर्न का लालच दे रहे थे। शुरुआती तौर पर छोटे मुनाफे दिखाकर निवेशकों का भरोसा जीता गया और बाद में अकाउंट फ्रीज व एक्स्ट्रा चार्ज के नाम पर ठगी की गई। एजेंसी का कहना है कि यह नेटवर्क सालों से एक्टिव था और इसमें करोड़ों रुपये के लेनदेन का शक है।
  • ट्रैवल कर रहे हैं तो संभल जाइए! फर्जी होटल बुकिंग वेबसाइट के जरिए हुआ बड़ा स्कैम, जानें पूरा मामला
    Delhi Police की Crime Branch ने एक फर्जी होटल बुकिंग वेबसाइट से जुड़े साइबर फ्रॉड मामले का खुलासा किया है। इस केस में पुलिस ने मुख्य आरोपी प्रतोष कुमार को गिरफ्तार किया है, जो खुद को पॉपुलर होटल बुकिंग प्लेटफॉर्म का कस्टमर सपोर्ट बताकर लोगों को ठग रहा था। Times of India की रिपोर्ट के मुताबिक, आरोपी ने OTP और UPI डिटेल्स हासिल कर एक अमेरिकी नागरिक से 57,186 रुपये की ठगी की। जांच में सामने आया कि आरोपी पिछले कई सालों से इस तरह के फ्रॉड को अंजाम दे रहा था और उसके मोबाइल नंबर कई साइबर शिकायतों से जुड़े पाए गए।
  • 1,000 करोड़ की ठगी और 111 फर्जी कंपनियां, कैसे CBI ने इस बड़े साइबर फ्रॉड का किया खुलासा, यहां जानें
    CBI ने देशभर में एक्टिव एक बड़े इंटरनेशनल साइबर फ्रॉड नेटवर्क का खुलासा किया है, जो फर्जी लोन ऐप्स, नकली इनवेस्टमेंट स्कीम्स, झूठे जॉब ऑफर्स और ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म्स के जरिए लोगों को ठग रहा था। जांच एजेंसी ने इस मामले में 17 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है, जिनमें चार विदेशी नागरिक और 58 कंपनियां शामिल हैं। CBI के मुताबिक, यह रैकेट Ponzi और MLM मॉडल पर काम कर रहा था। जांच में 111 शेल कंपनियों और 1,000 करोड़ रुपये से ज्यादा के संदिग्ध ट्रांजैक्शन का भी खुलासा हुआ है।
  • Cyber Fraud: वीडियो कॉल पर फर्जी अधिकारी बनकर BLO से ठगे Rs 53,000! जानें पूरा मामला
    मेरठ के मवाना में एक स्कूल शिक्षक, जो इस समय BLO की जिम्मेदारी संभाल रहे थे, एक नए साइबर फ्रॉड का शिकार बन गए। एक अनजान व्यक्ति ने वीडियो कॉल पर खुद को जिला कार्यक्रम अधिकारी (DPRO) बताया और SIR फॉर्म सबमिशन को लेकर फटकार लगाते हुए लॉगिन डिटेल्स मांग लीं। शिक्षक को शुरू में शक हुआ, लेकिन कॉलर के आधिकारिक व्यवहार ने उन्हें भरोसे में ले लिया। कुछ ही घंटों बाद शिक्षक के फोन पर बैंक संदेश आने बंद हो गए और बाद में पता चला कि चार ट्रांजेक्शंस में कुल 53,000 रुपये खाते से निकल चुके थे। मवाना पुलिस ने शिकायत मिलने की पुष्टि की है और जांच शुरू कर दी है।
  • फेक DigiLocker ऐप को लेकर सरकार की चेतावनी, स्कैम से बचाव के लिए करें ये काम
    फेक DigiLocker ऐप्स का इस्तेमाल यूजर्स को चूना लगाने और निजी जानकारी चुराने के लिए किया जा रहा है। सिर्फ एक ही असली DigiLocker ऐप है, जिसे भारत सरकार के नेशनल ई-गवर्नेंस डिविजन द्वारा जारी किया गया है। यूजर्स को डेवलपर्स द्वारा सामान्य नामों से उपलब्ध करवाए जाने वाले ऐप्स से बचने के लिए कहा गया है। यूजर्स से सरकारी वेबसाइट पर उपलब्ध ऑफिशियल लिंक से ऐप डाउनलोड करने के लिए कहा है।
  • नकली फोन बनाने की फैक्टरी! 1,800 से ज्यादा मोबाइल बरामद!
    दिल्ली पुलिस ने करोल बाग की एक बिल्डिंग में चल रही नकली मोबाइल फोन मैन्युफैक्चरिंग और IMEI छेड़छाड़ यूनिट का पर्दाफाश किया है। छापे में 1,826 मोबाइल फोन, IMEI लिखने वाले सॉफ्टवेयर, स्कैनिंग डिवाइस और हजारों मोबाइल पार्ट्स जब्त किए गए। पुलिस ने पांच लोगों को गिरफ्तार किया, जो कबाड़ी बाजार से पुराने फोन खरीदकर चीन से आए नए बॉडी पार्ट्स के साथ उन्हें असेंबल करते थे। बाद में IMEI नंबर सॉफ्टवेयर के जरिए बदले जाते थे। आरोपियों ने बताया कि वे पिछले दो साल से यह रैकेट चला रहे थे। पुलिस अब सप्लाई चेन, डिस्ट्रिब्यूशन नेटवर्क और खरीदारों की पहचान पर जांच कर रही है।
  • Black Friday Scam: 2,000 से ज्यादा 'फर्जी' वेबसाइट पकड़ी गईं, कहीं आपका बैंक अकाउंट न हो जाए खाली!
    Black Friday और हॉलिडे सेल्स के बीच CloudSEK ने चेतावनी दी है कि 2,000 से ज्यादा फेक हॉलिडे-थीम्ड स्टोर इंटरनेट पर सक्रिय हो चुके हैं। रिपोर्ट में दो बड़े स्कैम क्लस्टर मिले - पहला 750 से ज्यादा Amazon-जैसी साइट्स और दूसरा .shop डोमेन्स पर बने कई ब्रांड-इमिटेशन स्टोर। ये साइट्स एक जैसे टेम्पलेट, एक जैसे बैनर और अर्जेंसी मैसेज दिखाकर यूज़र को फंसाती हैं। सबसे खतरनाक हिस्सा उनका पेमेंट सिस्टम है, जहां checkout पेज से भुगतान किसी फर्जी ‘shell merchant’ साइट पर भेज दिया जाता है। CloudSEK ने ऐसे कई संकेत बताए हैं जिनसे खरीदार ये फेक स्टोर पहचान सकते हैं।
  • AI का खतरा, Google Nano Banana Pro ने बनाए फेक PAN और Aadhaar: सोशल मीडिया पर बड़ी चर्चा
    एआई से प्रकट होने वाली नई दिक्कत सामने आ रही है, जिसमें एआई का उपयोग करके आसानी से फेक दस्तावेज तैयार किए जा सकते हैं। हाल ही में एक एक्स यूजर्स ने फेक PAN और Aadhaar कार्ड बनाने के लिए इस AI टूल के गलत इस्तेमाल का खुलासा किया है। X पर सोमवार को हरवीन सिंह चड्ढा नाम के एक यूजर्स ने शेयर किया है कि यह AI टूल काफी प्रभावशाली है, लेकिन काफी बेहतर तरीके से फेक पहचान पत्र बना सकता है
  • सरकार का AI सिस्टम कर रहा है काम, अब तक 2 करोड़ फर्जी मोबाइल कनेक्शन हो चुके हैं ब्लॉक!
    भारत में बढ़ते साइबर फ्रॉड और फर्जी कॉल्स को रोकने के लिए डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकम्यूनिकेशंस (DoT) ने अब तक 2 करोड़ से ज्यादा मोबाइल कनेक्शन बंद कर दिए हैं। विभाग के सचिव डॉ. नीरज मित्तल के मुताबिक, नई पहल जैसे संचार साथी पोर्टल और डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म ने कॉल स्पूफिंग जैसी समस्याओं पर काफी हद तक लगाम लगाई है, जिसकी वजह से ऐसे कॉल्स में 97% की कमी आई है। AI-आधारित सिस्टम की मदद से लाखों फर्जी कनेक्शन और हजारों प्वॉइंट ऑफ सेल भी खत्म किए जा चुके हैं।
  • "आपका मोबाइल सिम हो जाएगा बंद" इस नोटिस के बारे में जरूर पढ़ें...
    अगर आपके पास भी हाल ही में एक ऐसा मैसेज या नोटिस आया है जिसमें लिखा है कि आपका SIM बंद हो सकता है क्योंकि आपने KYC अपडेट नहीं किया, और वो BSNL या TRAI के नाम से भेजा गया है, तो सावधान हो जाइए। यह पूरी तरह से फर्जी नोटिस है। सरकार की ओर से साफ कर दिया गया है कि BSNL ने ऐसा कोई नोटिस जारी नहीं किया है और TRAI का इससे कोई लेना-देना नहीं है।

Fake - वीडियो

विज्ञापन

Follow Us
विज्ञापन
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »