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Fake - ख़बरें

  • बच्चों के फोन में छिपे ऐप्स कैसे पहचानें? हर पैरेंट को पता होनी चाहिए ये ट्रिक्स
    स्मार्टफोन बच्चों की जिंदगी का बड़ा हिस्सा बन चुके हैं, लेकिन इसके साथ डिजिटल सुरक्षा की चिंता भी बढ़ी है। कई बार बच्चे App Hider, Vault या Fake Calculator जैसे ऐप्स इस्तेमाल करते हैं, जो फोन में छिपे रहते हैं। ऐसे में माता-पिता फोन की Settings, App List और Battery Usage की मदद से संदिग्ध ऐप्स की पहचान कर सकते हैं। एक्सपर्ट्स का मानना है कि डिजिटल पेरेंटिंग में बच्चों की जासूसी करने के बजाय उनसे खुलकर बात करना ज्यादा जरूरी है। इसके अलावा Google Family Link और Apple Screen Time जैसे Official Tools भी बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा में मदद कर सकते हैं।
  • एक क्लिक और बैंक अकाउंट खाली! जानें क्या है सिम-स्वैप और फिशिंग स्कैम, कैसे करें बचाव
    भारत में सिम-स्वैप और फिशिंग जैसे साइबर फ्रॉड तेजी से बढ़ रहे हैं। इन स्कैम्स में अपराधी लोगों की निजी जानकारी, ओटीपी और फर्जी वेबसाइट्स का इस्तेमाल करके बैंक अकाउंट तक पहुंच बना लेते हैं। सिम-स्वैप स्कैम में यूजर का मोबाइल नंबर अपराधी अपने कंट्रोल में ले लेता है, जबकि फिशिंग में फर्जी लिंक और नकली वेबसाइट के जरिए लॉगिन डिटेल्स चोरी की जाती हैं। साइबर एक्सपर्ट्स के मुताबिक ऐसे मामलों में सतर्क रहना बेहद जरूरी है। यूजर्स को अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचना चाहिए और ऐप बेस्ड ऑथेंटिकेटर व सिम लॉक जैसे सेफ्टी फीचर्स का इस्तेमाल करना चाहिए।
  • Amazon Shopping Hacks: ये 6 ट्रिक्स सीख लीं तो गलत प्रोडक्ट कभी नहीं खरीदेंगे!
    Amazon पर खरीदारी करते समय ज्यादातर लोग Reviews और Star Ratings पर भरोसा करते हैं, लेकिन हर Review असली या उपयोगी नहीं होता। कई बार अलग-अलग वेरिएंट्स के Reviews एक साथ दिखते हैं, जबकि कुछ Reviews दूसरे देशों के यूजर्स के भी हो सकते हैं। इसके अलावा फेक और बिना Verified Purchase वाले Reviews भी प्लेटफॉर्म पर मौजूद रहते हैं। ऐसे में गलत प्रोडक्ट खरीदने का खतरा बढ़ जाता है। इस आर्टिकल में बताया गया है कि Amazon पर Verified Purchase, Image Reviews, Variant Filters और Latest Reviews जैसे फीचर्स का इस्तेमाल करके सही और भरोसेमंद फीडबैक कैसे देखा जा सकता है।
  • अलर्ट! Oppo, OnePlus, Realme के नकली फोन बनाने वाली फैक्ट्री का भंडाफोड़, कहीं आपके साथ भी हो न जाए ठगी!
    Oppo, OnePlus और Realme के नकली स्मार्टफोन बनाने वाली एक फैक्ट्री का भंडाफोड़ हुआ है। यह फैक्ट्री दिल्ली में स्थित बताई गई है जो कि करोल बाग एरिया में है। ANI की रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने करोल बाग के दो गोदामों में छोपेमारी कर उन्हें सील कर दिया। यहां से दो लोगों की गिरफ्तारी हुई है।
  • Great Summer Sale 2026: Amazon का ये हिडन टूल बताएगा डील सच में सस्ती है या नहीं!
    Amazon Great Summer Sale 2026 लाइव हो चुकी है और इस दौरान कई प्रोडक्ट्स पर बड़े डिस्काउंट दिखाए जा रहे हैं। हालांकि कई बार सेल में दिखाई गई कीमतें असली बचत नहीं होतीं। ऐसे में Amazon का Price Insights फीचर यूजर्स के लिए काम आ सकता है। यह टूल किसी भी प्रोडक्ट की पिछले 30 दिनों से 1 साल तक की कीमत हिस्ट्री दिखाता है, जिससे पता चलता है कि मौजूदा डील सच में सस्ती है या नहीं। यह फीचर Rufus AI के साथ काम करता है और यूजर्स को प्राइस ग्राफ, लोएस्ट प्राइस और दूसरे समान प्रोडक्ट्स की जानकारी भी देता है।
  • आपके फोन में हो सकता है नकली WhatsApp ऐप! Meta ने यूजर्स को भेजा अलर्ट
    Meta ने WhatsApp के लिए नए स्कैम और फ्रॉड प्रोटेक्शन टूल्स पेश किए हैं, जिनमें डिवाइस लिंकिंग वॉर्निंग सिस्टम शामिल है। कंपनी ने एक फेक WhatsApp ऐप को लेकर भी अलर्ट जारी किया है, जिसका इस्तेमाल करीब 200 यूजर्स की जासूसी के लिए किया गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक यह ऐप सोशल इंजीनियरिंग के जरिए यूजर्स को डाउनलोड कराया गया। Meta का कहना है कि WhatsApp की ऑफिशियल ऐप और एन्क्रिप्शन सुरक्षित हैं और यह किसी सिस्टम कमजोरी का मामला नहीं है। कंपनी यूजर्स को केवल भरोसेमंद प्लेटफॉर्म से ऐप डाउनलोड करने की सलाह दे रही है।
  • AI स्कैम गैंग्स की हिट लिस्ट में भारत दूसरे नंबर पर, Meta की इस रिपोर्ट में सामने आया पूरा फ्रॉड गेम
    Meta की 2026 Adversarial Threat Report में बताया गया है कि ऑनलाइन स्कैम अब पहले से ज्यादा एडवांस हो चुके हैं और इनमें AI का बड़ा रोल है। स्कैमर्स अब फेक प्रोफाइल, डीपफेक और नेचुरल बातचीत के जरिए लोगों को आसानी से झांसा दे रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक ये ठगी अब एक पूरी इंडस्ट्री की तरह काम कर रही है, जिसमें अलग-अलग स्टेज पर प्लानिंग की जाती है। साउथईस्ट एशिया से ऑपरेट होने वाले बड़े स्कैम नेटवर्क्स भारत समेत कई देशों को टारगेट कर रहे हैं। इसके अलावा फेक रेंटल और फेक फ्यूनरल जैसे नए स्कैम भी सामने आए हैं।
  • Fake Traffic Challan Scam: 500 रुपये बचाने गए और गंवा दिए लाखों, ऐसे बचें इस नए साइबर स्कैम से
    देश में फेक ट्रैफिक चालान स्कैम तेजी से फैल रहा है, जिसमें साइबर ठग नकली मैसेज भेजकर लोगों को निशाना बना रहे हैं। हाल के मामलों में पुणे के एक दुकानदार से करीब 2.76 लाख रुपये और दिल्ली के एक व्यक्ति से 2.49 लाख रुपये की ठगी हुई। इन मैसेज में चालान भरने के नाम पर लिंक दिया जाता है, जिस पर क्लिक करने से यूजर की बैंकिंग जानकारी चोरी हो जाती है। पुलिस के मुताबिक कई मामलों में रिमोट एक्सेस के जरिए फोन का कंट्रोल भी ले लिया जाता है। ऐसे में किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करने से पहले सावधानी बरतना जरूरी है।
  • असली वेबसाइट पर नकली नंबर: कैसे एक क्लिक से आपका बैंक अकाउंट हो जाएगा खाली!
    आजकल साइबर स्कैम सिर्फ फिशिंग मेल या नकली वेबसाइट तक सीमित नहीं रहे - अटैकर्स अब इलिगिटिमेट वेबसाइटों और सर्च/URL पैरामीटर्स का गलत यूज कर रहे हैं ताकि यूजर को भरोसा दिलाकर पैसा और एक्सेस चुरा सकें। इसी जून में भी खबर सामने आई थी कि कई बड़े नामों, जिनमें बैंक ऑफ अमेरिका, Netflix और Microsoft जैसे दिग्गज भी शामिल है, कि साइट्स पर इसी तरह के अटैक देखे गए, जहां खराब URLs के जरिए पेजों में फेक सपोर्ट नंबर और मालिशियस कंटेंट इंजेक्ट किया गया। इससे यूजर्स ने धोखे में आकर फोन करके स्कैमर्स से बात की और कई मामलों में पर्सनल/फाइनेंशियल डेटा लीक हुआ। चलिए आपको इसके बारे में विस्तार से बताते हैं।
  • फेक ट्रैफिक चालान के चक्कर में युवक के साथ हुआ 4 लाख से ज्यादा का फ्रॉड, आप न करना ऐसी गलती
    दिल्ली में हाल ही में एक व्यक्ति के साथ फेक ट्रैफिक चालान के नाम पर बड़ा धोखा हुआ है। पीड़ित को वॉट्सऐप के जरिए फर्जी चालान भेजा गया जो कि बिलकुल आधिकारिक दिखने वाला लग रहा था, जिसमें 1 हजार रुपये का ट्रैफिक चालान का भुगतान करना था। सरकारी चालान होने के चलते युवक ने उस लिंक पर क्लिक किया और उसके बाद उसे अपने पैसे गंवाने पड़े।
  • WhatsApp पर FREE 'क्रिसमस गिफ्ट'! मिले ऐसा मैसेज तो हो जाएं सावधान
    Christmas 2025 पर आपको जरा सावधान रहने की जरूरत है। आपकी खुशियों में हैकर्स ठगी की सेंध लगा सकते हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक क्रिसमस 2025 पर एक दूसरे को बधाई संदेश भेजते और रिसीव करते समय सावधानी बरतने की जरूरत है। हैकर्स और साइबर ठग क्रिसमस के मौके पर गिफ्ट के रूप में झांसेदार लिंक आपको भेजकर आपके साथ धोखाधड़ी कर सकते हैं। मेलिशियस या फेक गिफ्ट लिंक (Fake Gift Link) लिंक भेजकर आपके अकाउंट को मिनटों में खाली किया जा सकता है।
  • दिल्ली में यहां बन रहे थे नकली Samsung Galaxy फोन, पुलिस ने किया पर्दाफाश, जानें सबकुछ
    दिल्ली में पुलिस ने करोल बाग में नकली सैमसंग स्मार्टफोन बनाने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए सैकड़ों स्मार्टफोन के साथ कई लोगों को गिरफ्तार किया है। यह ग्रुप मदरबोर्ड, कैमरे, बैटरी और फ्रेम जैसे कई पार्ट्स विदेशों से (मुख्यतौर पर चीन) से मंगवा रहा था। इन पार्ट्स को पुराने या सामान्य पार्ट्स के साथ मिलाकर ऐसे फोन बनाए जाते थे जो कि सैमसंग के प्रीमियम स्मार्टफोन जैसे कि Galaxy S Ultra  लाइनअप और Galaxy Fold और Flip सीरीज जैसे नजर आते थे।
  • क्रिप्टोकरेंसी में पैसा लगाने वाले सावाधान! भारत में 26 फर्जी क्रिप्टो वेबसाइट्स का भंडाफोड़
    Enforcement Directorate ने देशभर में फैले एक बड़े क्रिप्टो इन्वेस्टमेंट स्कैम का खुलासा करते हुए 26 फर्जी वेबसाइट्स को रेड-फ्लैग किया है। ED के मुताबिक, ये प्लेटफॉर्म्स खुद को वैध क्रिप्टो इन्वेस्टमेंट साइट्स बताकर लोगों को हाई रिटर्न का लालच दे रहे थे। शुरुआती तौर पर छोटे मुनाफे दिखाकर निवेशकों का भरोसा जीता गया और बाद में अकाउंट फ्रीज व एक्स्ट्रा चार्ज के नाम पर ठगी की गई। एजेंसी का कहना है कि यह नेटवर्क सालों से एक्टिव था और इसमें करोड़ों रुपये के लेनदेन का शक है।
  • ट्रैवल कर रहे हैं तो संभल जाइए! फर्जी होटल बुकिंग वेबसाइट के जरिए हुआ बड़ा स्कैम, जानें पूरा मामला
    Delhi Police की Crime Branch ने एक फर्जी होटल बुकिंग वेबसाइट से जुड़े साइबर फ्रॉड मामले का खुलासा किया है। इस केस में पुलिस ने मुख्य आरोपी प्रतोष कुमार को गिरफ्तार किया है, जो खुद को पॉपुलर होटल बुकिंग प्लेटफॉर्म का कस्टमर सपोर्ट बताकर लोगों को ठग रहा था। Times of India की रिपोर्ट के मुताबिक, आरोपी ने OTP और UPI डिटेल्स हासिल कर एक अमेरिकी नागरिक से 57,186 रुपये की ठगी की। जांच में सामने आया कि आरोपी पिछले कई सालों से इस तरह के फ्रॉड को अंजाम दे रहा था और उसके मोबाइल नंबर कई साइबर शिकायतों से जुड़े पाए गए।
  • 1,000 करोड़ की ठगी और 111 फर्जी कंपनियां, कैसे CBI ने इस बड़े साइबर फ्रॉड का किया खुलासा, यहां जानें
    CBI ने देशभर में एक्टिव एक बड़े इंटरनेशनल साइबर फ्रॉड नेटवर्क का खुलासा किया है, जो फर्जी लोन ऐप्स, नकली इनवेस्टमेंट स्कीम्स, झूठे जॉब ऑफर्स और ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म्स के जरिए लोगों को ठग रहा था। जांच एजेंसी ने इस मामले में 17 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है, जिनमें चार विदेशी नागरिक और 58 कंपनियां शामिल हैं। CBI के मुताबिक, यह रैकेट Ponzi और MLM मॉडल पर काम कर रहा था। जांच में 111 शेल कंपनियों और 1,000 करोड़ रुपये से ज्यादा के संदिग्ध ट्रांजैक्शन का भी खुलासा हुआ है।

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