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Experiment - ख़बरें

  • जब 99% नौकरियां होंगी खतरे में, ये 5 तरह के काम करने वालों की हो जाएगी मौज!
    आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच AI सेफ्टी एक्सपर्ट रोमन याम्पोल्स्की ने चेतावनी दी है कि आने वाले सालों में ज्यादातर इंसानी नौकरियां खत्म हो सकती हैं। उनके मुताबिक, AI के सामने ऐसा कोई काम नहीं है जिसे ऑटोमेट न किया जा सके। हालांकि, उन्होंने यह भी बताया कि कुछ बेहद सीमित रोल्स ऐसे हैं, जो इंसानों की पसंद, अनुभव या AI की वजह से कुछ समय तक बने रह सकते हैं। लेकिन ये रोल्स आज के वर्कफोर्स का बहुत छोटा हिस्सा ही संभाल पाएंगे।
  • फोन रिपेयर के नाम पर 16 हजार का बिल, यूजर ने AI की मदद से 1,450 में कर दिया ठीक!
    एक X यूजर का अनुभव सोशल मीडिया पर चर्चा में है, जिसमें स्मार्टफोन रिपेयर को लेकर ऑफिशियल सर्विस सेंटर्स की डायग्नोसिस प्रक्रिया पर सवाल उठे हैं। यूजर के फोन के लिए सर्विस सेंटर ने 16,000 रुपये का अनुमान दिया था, जबकि AI टूल Gemini की सलाह पर लोकल रिपेयर शॉप से वही समस्या सिर्फ 1,450 रुपये में ठीक हो गई। यह मामला दिखाता है कि हर तकनीकी खराबी में महंगा रिप्लेसमेंट जरूरी नहीं होता। ऐसे में रिपेयर से पहले सही जानकारी और सेकेंड ओपिनियन लेना यूजर्स के लिए अहम साबित हो सकता है।
  • चश्मे से होगी पार्किंग टिकट की पेमेंट, Xiaomi ने कई नए फीचर्स के साथ रिलीज किया अपडेट
    Xiaomi ने AI Glasses के लिए Pioneer Experience Beta Program शुरू किया है, जिसमें 200 यूजर्स को वॉयस पार्किंग पेमेंट, नई चार्जिंग सेटिंग्स और सिस्टम फिक्सेज का जल्दी एक्सेस मिलेगा। जून में लॉन्च हुए इन ग्लासेस में 12MP कैमरा, AR1 चिप, ट्रांसलेशन, स्मार्ट-कंट्रोल और इलेक्ट्रोक्रोमिक लेंस जैसे फीचर्स मौजूद हैं।
  • कबूतरों में लगा दी चिप! ड्रोन की तरह होंगे रिमोट से कंट्रोल
    रूसी कंपनी Neiry ने कबूतरों को ड्रोन की तरह इस्तेमाल करने का सफल टेस्ट किया है। इन कबूतरों के दिमाग में इलेक्ट्रॉड फिट किए गए जो कि उनकी पीठ पर लगी कंट्रोल यूनिट से जुड़े हुए थे। यह कंट्रोल यूनिट पूरी तरह से सोलर पावर पर चलती है। यानी कबूतर हवा में उड़ेंगे और सूर्य की रोशनी से कंट्रोल यूनिट को पावर मिलती रहेगी। इस चिप से वैज्ञानिक उनकी दिशा को कंट्रोल कर सकते हैं। यानी कबूतरों का रिमोट कंट्रोल अब इंसानों के हाथ में होगा
  • भारतीय एस्ट्रोनॉट शुभांशु शुक्ला की ऐतिहासिक स्पेस मिशन के बाद धरती पर हुई वापसी, प्रधानमंत्री मोदी ने दी बधाई
    इस मिशन के क्रू ने ISS पर कई एक्सपेरिमेंट्स किए हैं। इनमें से सात एक्सपेरिमेंट्स की अगुवाई शुक्ला ने की थी। इन एस्ट्रोनॉट्स के साथ शून्य ग्रेविटी के उनके संकेतक के तौर पर Joy कहे जाने वाले एक स्वैन टॉय को भी भेजा गया था। इस मिशन से भारतीय स्पेस एजेंसी ISRO को गगनयान की तैयारी के लिए महत्वपूर्ण सबक मिल सकते हैं।
  • भारतीय एस्ट्रोनॉट शुभांशु शुक्ला 14 जुलाई को शुरू करेंगे धरती पर वापसी की यात्रा
    इस मिशन के पायलट की जिम्मेदारी शुक्ला ने सभाली है, जबकि और मिशन कमांडर के तौर पर कमान Peggy Whitson के पास थी। अनडॉकिंग के कई घंटे बाद Axiom-4 मिशन का स्पलैशडाउन अमेरिका के कैलिफोर्निया में प्रशांत महासागर के तट के निकट होगा। Axiom-4 मिशन में 31 देशों की भागीदारी है इस मिशन को सुरक्षा के साथ ISS पर पहुंचाने के लिए NASA और Axiom Space ने कड़ी तैयारी की थी।
  • टेक्नोलॉजी की दुनिया से आपके लिए आज की 5 महत्वपूर्ण खबरें
    अमेरिका में कैलिफोर्निया के Kennedy Space Centre से बुधवार को SpaceX का Falcon 9 रॉकेट इस मिशन के स्पेसक्राफ्ट Dragon के साथ बुधवार को 12.01 PM पर लॉन्च किया गया था। इस स्पेसक्राफ्ट की लगभग 29 घंटे की उड़ान के बाद गुरुवार को 4.01 पर ISS के साथ डॉकिंग हुई है। Axiom-4 मिशन के क्रू के सदस्य ISS पर कई एक्सपेरिमेंट्स करेंगे।
  • भारतीय एस्ट्रोनॉट शुभांशु शुक्ला पहुंचे स्पेस स्टेशन, Dragon स्पेसक्राफ्ट की हुई डॉकिंग
    Axiom-4 मिशन के क्रू के सदस्य ISS पर कई एक्सपेरिमेंट्स करेंगे। इनमें से सात एक्सपेरिमेंट्स की अगुवाई शुक्ला करेंगे। इस मिशन में 31 देशों की भागीदारी है इस मिशन को सुरक्षा के साथ ISS पर पहुंचाने के लिए NASA और अमेरिकी स्पेस इंफ्रास्ट्रक्चर डिवेलपर Axiom Space ने कड़ी तैयारी की थी। इन एस्ट्रोनॉट्स के साथ शून्य ग्रेविटी के उनके संकेतक के तौर पर Joy कहे जाने वाले एक स्वैन टॉय को भी भेजा गया है।
  • Axiom-4 मिशन कल ISS पर पहुंचेगा, भारतीय एस्ट्रोनॉट शुभांशु शुक्ला हैं मिशन के पायलट
    Axiom-4 मिशन को धरती से लगभग 400 किलोमीटर ऊपर मौजूद ISS पर डॉकिंग करने में लगभग 29 घंटे लगेंगे। Falcon 9 रॉकेट पर स्थित SpaceX का Dragon स्पेसक्राफ्ट शुरुआत में ISS से नीचे के एक ऑर्बिट में पहुंचेगा। ISS के साथ डॉकिंग (जुड़ना) के लिए इस स्पेसक्राफ्ट को अपने रास्ते और ऊंचाई में बदलाव करने होंगे। यह प्रक्रिया आसान नहीं है क्योंकि ISS लगभग 28,000 km/h की रफ्तार से चक्कर लगा रहा है।
  • टेक्नोलॉजी की दुनिया से आपके लिए आज की 5 महत्वपूर्ण खबरें
    अमेरिकी स्पेस इंफ्रास्ट्रक्चर डिवेलपर Axiom Space ने बताया है कि पिछले 40 वर्षों से अधिक में यह पहली बार है कि जब अमेरिका की सरकार ने भारत, पोलैंड या हंगरी के एस्ट्रोनॉट्स वाली एक स्पेसफ्लाइट के लिए स्वीकृति दी है। भारत के पहले अंतरिक्ष यात्री Rakesh Sharma ने 1984 में अंतरिक्ष में पहुंचकर इतिहास बनाया था।
  • Axiom स्पेस मिशन के कल लॉन्च की तैयारी, भारतीय एस्ट्रोनॉट शुभांशु शुक्ला क्रू में शामिल
    NASA, Axiom Space औ बिलिनेयर Elon Musk की SpaceX ने इस मिशन के लिए 25 जून को बुधवार 12.01 PM (भारतीय समयानुसार) पर लॉन्च का टारगेट रखा है। अमेरिका में कैलिफोर्निया के Kennedy Space Centre से SpaceX का Falcon 9 रॉकेट इस मिशन के स्पेसक्राफ्ट Dragon के साथ उड़ान भरेगा। यह Dragon स्पेसक्राफ्ट की पहली और Falcon 9 रॉकेट की दूसरी उड़ान होगी।
  • भारतीय एस्ट्रोनॉट शुभांशु शुक्ला का स्पेस मिशन फिर टला, लॉन्च की नई तिथि का इंतजार
    Axiom-4 मिशन के जरिए ISS पर भारतीय एस्ट्रोनॉट, Shubhanshu Shukla के साथ अमेरिका की Peggy Whitson, पोलैंड के Slawosz Uznanski Wisniewski और हंगरी के Tibor Kapu को जाना है। अमेरिकी स्पेस एजेंसी NASA, Axiom Space और SpaceX की ओर से इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पर ऑपरेशनल और सेफ्टी से जुड़ी आशंकाओं को दूर किया जा रहा है।
  • भारत के एस्ट्रोनॉट शुभांशु शुक्ला को स्पेस में ले जाने वाला Axiom-4 मिशन 22 जून तक टला
    बिलिनेयर Elon Musk की रॉकेट कंपनी SpaceX ने बताया कि अमेरिकी स्पेस एजेंसी NASA और Axiom ने मिशन के लिए 22 जून के लॉन्च की तिथि तय की है। इस मिशन के टलने से NASA को ISS के Zvezda सर्विस मॉड्यूल के अंदर ऑपरेशंस की समीक्षा करने में सहायता मिलेगी। अमेरिका में कैलिफोर्निया के Kennedy Space Centre से SpaceX का Falcon 9 रॉकेट इस मिशन के स्पेसक्राफ्ट Dragon के साथ उड़ान भरेगा।
  • भारतीय एस्ट्रोनॉट शुभांशु शुक्ला को ISS पर ले जाने वाले Axiom-4 मिशन का 19 जून को लॉन्च
    Axiom Mission 4 को 12 जून को एक लीक की वजह से टाल दिया गया था। अमेरिकी स्पेस एजेंसी NASA, Axiom Space और बिलिनेयर Elon Musk की SpaceX ने इस मिशन के लॉन्च के लिए 19 जून को तय किया है। NASA ने बताया है कि Falcon 9 रॉकेट में लिक्विड ऑक्सिजन लीक की रिपेयर की गई है। इसके बाद SpaceX ने इसकी टेस्टिंग भी की है। अमेरिका में Kennedy Space Centre से इस रॉकेट को लॉन्च किया जाएगा।
  • धरती के लिए कभी खतरा बने एस्ट्रॉइड की चंद्रमा से टकराने की आशंका
    पिछले वर्ष इस एस्ट्रॉइड के धरती पर असर डालने की आशंका बनी थी। इस एस्ट्रॉइड को 2024 YR4 कहा जा रहा है। इसका व्यास लगभग 53-67 मीटर का है। इसका साइज 10 मंजिल की एक बिल्डिंग के समान है। पिछले वर्ष के अंत में इसका पता लगाया गया था। इसे Apollo प्रकार के एस्ट्रॉइड के तौर पर वर्गीकृत किया गया है। धरती से इस एस्ट्रॉइड को नहीं देखा जा सकता है क्योंकि टेलीस्कोप से इसे देखने के लिए इसकी दूरी बहुत अधिक है।

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