AI एक्सपर्ट के मुताबिक ज्यादातर नौकरियां खत्म हो सकती हैं, लेकिन कुछ रोल्स अभी बच सकते हैं।
Photo Credit: Unsplash
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर जहां ज्यादातर चर्चा आज भी नए टूल्स, ऑटोमेशन और प्रोडक्टिविटी तक सीमित है, वहीं कुछ एक्सपर्ट्स इसे इंसान के भविष्य के लिए सबसे बड़ा खतरा मान रहे हैं। हाल ही में एक AI रिसर्चर ने दावा किया है कि अगले पांच सालों में ज्यादातर इंसानी नौकरियां खत्म हो सकती हैं और 2045 तक दुनिया एक ऐसे तकनीकी मोड़ पर पहुंच सकती है, जहां से वापसी मुमकिन नहीं होगी। उनका कहना है कि यह बदलाव किसी भी पिछली इंडस्ट्रियल क्रांति से बिल्कुल अलग होगा, क्योंकि इस बार इंसानों के लिए कोई नया काम बचने वाला नहीं है।
यह चेतावनी लातविया मूल के कंप्यूटर साइंटिस्ट और AI सेफ्टी एक्सपर्ट Roman Yampolskiy ने दी है, जो अमेरिका की University of Louisville में प्रोफेसर हैं। उन्होंने यह बातें The Diary of a CEO में इंटरव्यू के दौरान कहीं, जिसे Steven Bartlett होस्ट करते हैं। याम्पोल्स्की के मुताबिक, आर्टिफिशियल जनरल इंटेलिजेंस यानी AGI 2027 तक आ सकती है और इसके बाद रोजगार की स्थिति बेहद गंभीर हो जाएगी। उनका दावा है कि आने वाले पांच सालों में सिर्फ व्हाइट कॉलर ही नहीं, बल्कि फिजिकल लेबर भी पूरी तरह ऑटोमेट हो सकती है।
उन्होंने कहा कि इस बार हालात अलग होंगे, क्योंकि पहले की टेक्नोलॉजिकल क्रांतियों में मशीनें इंसानों के लिए टूल का काम करती थीं, लेकिन AI खुद इंसानों की जगह लेने में सक्षम होगी। उनके अनुसार, ऐसा कोई जॉब नहीं बचेगा जिसे ऑटोमेट न किया जा सके। यहां तक कि कंटेंट क्रिएशन, मीडिया और पॉडकास्टिंग जैसे काम भी मशीनें ज्यादा तेजी और सटीकता से कर पाएंगी।
हालांकि, याम्पोल्स्की मानते हैं कि कुछ बेहद सीमित रोल्स बच सकते हैं। मसलन, वे लोग जो जानबूझकर इंसान से बनी चीजों को प्राथमिकता देते हैं, जैसे हैंडमेड प्रोडक्ट्स। इसके अलावा, काउंसलिंग जैसे प्रोफेशन जहां इंसानी अनुभव अहम है, वहां इंसानों की जरूरत रह सकती है। साथ ही, AI को समझने और दूसरों तक समझाने वाले इंटरमीडियरी रोल्स और रेगुलेशन से जुड़े काम भी कुछ समय तक टिक सकते हैं।
इस चेतावनी को और गंभीर बनाते हुए जर्नलिस्ट और इंटरव्यू होस्ट Mario Nawfal ने X पर लिखा कि AI को लेकर सबसे ज्यादा डर उन्हीं लोगों में है, जो इसे बना रहे हैं। उनके मुताबिक, कई AI साइंटिस्ट और एग्जीक्यूटिव्स हालात की गंभीरता को समझते हुए पहले से तैयारी कर रहे हैं, जबकि आम लोग अभी भी बेखबर हैं। उन्होंने AI को एलियन इंटेलिजेंस से तुलना करते हुए कहा कि फर्क बस इतना है कि इस बार इंसान खुद इसे बना रहा है।
याम्पोल्स्की का मानना है कि 2045 तक टेक्नोलॉजिकल सिंगुलैरिटी आ सकती है, जहां AI इतनी तेजी से खुद को बेहतर बनाएगी कि इंसान न तो उसे समझ पाएगा और न ही कंट्रोल कर पाएगा। उनके मुताबिक, सबसे बड़ा खतरा टेक्नोलॉजी नहीं, बल्कि वह दुनिया होगी जहां इंसानी मेहनत, फैसले और मौजूदगी आर्थिक रूप से जरूरी ही नहीं रह जाएगी।
लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।
विज्ञापन
विज्ञापन
Samsung Galaxy Watch 9 (44mm, LTE)
Starts from ₹44,999
Samsung Galaxy Watch 9 (40mm, LTE)
Starts from ₹37,999
Samsung Galaxy Watch 9 (40mm)
Starts from ₹37,999
Haier M70 Mini LED 65-inch
Starts from ₹74,990
CMF Buds Neo True Wireless Stereo (TWS) Earphones
Starts from ₹2,199
Xiaomi TV FX Mini LED 65
Starts from ₹64,999
Xiaomi की इस नई SUV में छत पर खुल जाएगा पूरा टेंट, देगी 1705 Km की टोटल रेंज, जानें कीमत
1,461km तक टोटल रेंज, हाई-टेक फीचर्स वाली Xiaomi SkyNomad SUV हुई लॉन्च, कीमत ₹30 लाख से कम!
Xiaomi Pad 9 Pro Max हुआ लॉन्च; 12000mAh बैटरी, 120W चार्जिंग के साथ मिलेगी 16GB RAM, जानें कीमत
6000mAh बैटरी, 256GB स्टोरेज ₹30 हजार से कम में! Motorola Edge 60 Pro पर मिल रही है डील