Data Security

Data Security - ख़बरें

  • बैंक, UPI और सोशल मीडिया... कुछ भी नहीं रहेगा सुरक्षित? एक्सपर्ट बोले - सेकंडों में तोड़ दूंगा Password
    इजरायल के साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट प्रोफेसर आइजैक बेन-इजरायल का कहना है कि भविष्य के Quantum Computer मौजूदा Encryption तकनीक और Password सुरक्षा को बेहद कम समय में तोड़ सकते हैं। उनके अनुसार, बैंकिंग, सरकारी सिस्टम और ऑनलाइन सेवाओं में इस्तेमाल होने वाले मौजूदा सिक्योरिटी स्टैंडर्ड्स को Quantum Computing चुनौती दे सकती है। इससे निपटने के लिए Post-Quantum Cryptography और Quantum Communication जैसी नई तकनीकों पर काम किया जा रहा है। एक्सपर्ट का अनुमान है कि इस टेक्नोलॉजी को व्यावहारिक रूप से डेवलप होने में अभी लगभग 10 साल लग सकते हैं, जबकि आम लोगों तक इसका एक्सेस बनने में इससे भी अधिक समय लग सकता है।
  • वॉलेट में एल्यूमिनियम फॉयल लपेटकर चोरी होने से बच जाएंगे पैसे? जानें कैसे काम करती है यह वायरल ट्रिक
    सोशल मीडिया पर वॉलेट को एल्यूमिनियम फॉयल में लपेटने की ट्रिक कई बार वायरल होती हैं। दावा किया जाता है कि इससे RFID और NFC कार्ड का डेटा चोरी होने का खतरा कम हो जाता है। विशेषज्ञों के मुताबिक, एल्यूमिनियम फॉयल कुछ हद तक रेडियो सिग्नल को ब्लॉक कर सकता है और अस्थायी Faraday Cage की तरह काम करता है। हालांकि यह सिर्फ RFID आधारित सिग्नल को प्रभावित करता है और फिशिंग, UPI फ्रॉड, कार्ड स्किमिंग, डेटा ब्रीच या अन्य साइबर हमलों से सुरक्षा नहीं देता। ऐसे में इसे पूरी डिजिटल सुरक्षा का विकल्प नहीं माना जा सकता।
  • भारत के सबसे बड़े परमाणु प्लांट से जुड़ा डेटा लीक? हजारों डॉक्यूमेंट्स पहुंचे डार्क वेब पर!
    भारत के सबसे बड़े कुडनकुलम न्यूक्लियर पावर प्लांट से जुड़े कथित संवेदनशील डॉक्यूमेंट्स डार्क वेब पर लीक होने का दावा किया गया है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, रैनसमवेयर ग्रुप World Leaks ने करीब 19 हजार फाइलें अपलोड की हैं, जिनमें कथित तौर पर ब्लूप्रिंट, सप्लायर डिटेल्स और अन्य रिकॉर्ड शामिल हैं। हालांकि, इन दस्तावेजों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। इस बीच Reliance Group ने थर्ड-पार्टी डेटा सेंटर Yotta के सर्वर पर अपने डेटा में Partial Breach की पुष्टि की है और कहा है कि मामले की जानकारी सरकार को दे दी गई है।
  • UMANG App में यूजर्स का डेटा खतरे में? सरकारी ऐप की सिक्योरिटी को लेकर बड़ा दावा
    एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि केंद्र सरकार के UMANG पोर्टल में कई सुरक्षा खामियां मौजूद थीं, जिनकी वजह से EPFO, LPG बुकिंग और Aadhaar से जुड़ी जानकारी जोखिम में पड़ सकती थी। साइबर सिक्योरिटी रिसर्चर्स के मुताबिक, ये कमजोरियां लंबे समय से मौजूद हो सकती हैं। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने इन खामियों की पुष्टि करते हुए कहा है कि जरूरी सुधार और सुरक्षा उपाय लागू किए जा रहे हैं। मंत्रालय के अनुसार, संबंधित APIs में मौजूद प्लेन टेक्स्ट डेटा को एन्क्रिप्ट किया गया है और सिस्टम की लगातार निगरानी की जा रही है।
  • Digital Arrest में ₹4 हजार करोड़ से ज्यादा गंवा चुके हैं भारतीय, आप भी भूलकर न करें ये गलतियां
    भारत में Digital Arrest Scam तेजी से बढ़ता साइबर अपराध बन गया है। सरकार के आंकड़ों के विश्लेषण के अनुसार, 2022 से मई 2026 के बीच इस तरह की ठगी से जुड़े 2.97 लाख से ज्यादा मामले दर्ज हुए और लोगों को 4,057.7 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। ठग खुद को पुलिस, CBI, ED या दूसरी सरकारी एजेंसियों का अधिकारी बताकर लोगों को वीडियो कॉल पर डराते हैं और उनसे पैसे ट्रांसफर करा लेते हैं। साइबर क्राइम एजेंसियां साफ कर चुकी हैं कि भारत में Digital Arrest जैसी कोई कानूनी प्रक्रिया नहीं है। ऐसे में किसी भी संदिग्ध कॉल पर सतर्क रहना जरूरी है।
  • 'पैसे नहीं दिए तो सब लीक...', Tata Electronics को हैकर्स की धमकी; 630GB डेटा, Apple-Tesla सीक्रेट्स खतरे में?
    Apple और Tesla की सप्लायर Tata Electronics साइबर सिक्योरिटी घटना को लेकर चर्चा में है। कंपनी ने स्वीकार किया है कि कुछ हफ्ते पहले उसके कुछ सिस्टम्स प्रभावित हुए थे। वहीं World Leaks नाम के एक रैनसमवेयर ग्रुप ने दावा किया है कि उसने कंपनी का 630GB से ज्यादा डेटा चुराकर डार्क वेब पर प्रकाशित कर दिया है। साइबर सिक्योरिटी रिसर्चर्स के अनुसार, कथित लीक में Apple और Tesla से जुड़े दस्तावेज भी शामिल हो सकते हैं। इस घटना के बाद Apple ने जांच शुरू कर दी है। हालांकि, लीक हुए दस्तावेजों की प्रामाणिकता की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
  • Instagram यूजर्स सावधान! 20 हजार से ज्यादा अकाउंट हुए हैक, Meta ने मानी गलती
    Meta ने स्वीकार किया है कि उसके AI आधारित Instagram अकाउंट रिकवरी सिस्टम में मौजूद एक खामी के कारण 20 हजार से ज्यादा अकाउंट्स प्रभावित हुए। रिपोर्ट्स के अनुसार हमलावरों ने High Touch Support (HTS) टूल का गलत फायदा उठाकर पासवर्ड रीसेट लिंक हासिल किए और अकाउंट्स का कंट्रोल अपने हाथ में ले लिया। Meta ने प्रभावित सिस्टम को बंद कर दिया है और अतिरिक्त सिक्योरिटी जांच लागू की है। घटना के बाद AI आधारित कस्टमर सपोर्ट सिस्टम की सुरक्षा को लेकर नए सवाल उठने लगे हैं।
  • भारत में स्पैम कॉल्स का कहर: 66% कॉल Spam, रोज 2-3 कॉल, दुनिया में 5वां स्थान!
    Truecaller की लेटेस्ट रिपोर्ट के अनुसार, भारत दुनिया का पांचवां सबसे ज्यादा स्पैम कॉल झेलने वाला देश है। देश में स्पैम इंटेंसिटी 66% दर्ज की गई है, यानी हर तीन में से दो अनजान कॉल स्पैम हो सकती हैं। रिपोर्ट बताती है कि भारत में टेलीमार्केटिंग कॉल्स के साथ-साथ फ्रॉड कॉल्स भी तेजी से बढ़ रही हैं। हर दिन कई यूजर्स को 2–3 स्पैम कॉल्स मिलना आम हो गया है, जिससे अनजान नंबर पर भरोसा कम होता जा रहा है। यह ट्रेंड दिखाता है कि स्पैम अब सिर्फ परेशानी नहीं, बल्कि एक बड़ा कम्युनिकेशन इश्यू बन चुका है।
  • खोए-चोरी हुए फोन को 2 मिनट में कहीं से भी करें लॉक, जानें आसान तरीका
    फोन खो जाने या चोरी होने पर डेटा सुरक्षित रखना सबसे जरूरी होता है। ऐसे में Android और iPhone दोनों में ऐसे फीचर्स मिलते हैं, जिनसे आप दूर बैठकर फोन को लॉक कर सकते हैं। Android में Find My Device और iPhone में Find My फीचर की मदद से यह काम आसानी से किया जा सकता है। इसके जरिए फोन को लॉक करने के साथ-साथ मैसेज दिखाना या जरूरत पड़ने पर डेटा डिलीट करना भी संभव है। हालांकि इसके लिए कुछ सेटिंग्स पहले से ऑन होना जरूरी है। सही जानकारी से आप अपने फोन और डेटा को सुरक्षित रख सकते हैं।
  • पॉपुलर ट्रैवल बुकिंग ऐप पर साइबर अटैक, WhatsApp पर टारगेट हो रहे हैं यूजर्स!
    Booking.com ने कन्फर्म किया है कि एक सिक्योरिटी ब्रीच में कुछ यूजर्स की पर्सनल और बुकिंग डिटेल्स तक अनऑथराइज्ड एक्सेस हो सकता है। इसमें नाम, ईमेल, फोन नंबर और बुकिंग से जुड़ी जानकारी शामिल है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कुछ यूजर्स को पहले ही फिशिंग मैसेज मिल चुके हैं, जिससे संकेत मिलता है कि हैकर्स इस डेटा का गलत इस्तेमाल कर सकते हैं। कंपनी ने कहा है कि उसने इस गतिविधि को कंट्रोल करने के लिए कदम उठाए हैं और प्रभावित बुकिंग्स के PIN अपडेट किए गए हैं। हालांकि कितने यूजर्स प्रभावित हुए, इसकी जानकारी सामने नहीं आई है।
  • GTA 6 डेवलपर Rockstar Games पर साइबर अटैक, डेटा लीक की धमकी, हैकर्स ने मांगी फिरौती!
    Rockstar Games ने एक थर्ड-पार्टी डेटा ब्रीच की पुष्टि की है, जिसमें कंपनी की कुछ सीमित जानकारी एक्सेस की गई है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, ShinyHunters नाम के हैकर ग्रुप ने सिस्टम में सेंध लगाई और फिरौती की मांग की है। हालांकि Rockstar का कहना है कि यह डेटा नॉन-मटेरियल है और इसका असर प्लेयर्स या कंपनी के ऑपरेशन्स पर नहीं पड़ा है। यह घटना GTA 6 के लॉन्च से पहले सामने आई है, जिससे एक बार फिर सिक्योरिटी को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
  • 50 ऐप्स में मिला खतरनाक वायरस, पूरा फोन अपने कंट्रोल में ले सकते हैं हैकर्स!
    Android यूजर्स के लिए बड़ा खतरा सामने आया है, जहां Google Play Store के 50 ऐप्स में NoVoice मालवेयर पाया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, इन ऐप्स को 23 लाख से ज्यादा बार डाउनलोड किया गया था। यह मालवेयर यूजर्स के डिवाइस में घुसकर डेटा चोरी कर सकता है और सिस्टम पर कंट्रोल हासिल कर सकता है। खास बात यह है कि यह Play Store के जरिए फैला, जिससे इसकी गंभीरता और बढ़ जाती है। फिलहाल Google ने इन ऐप्स को हटा दिया है और यूजर्स को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
  • सरकार के 16.68 लाख ईमेल Zoho क्लाउड पर शिफ्ट, 180 करोड़ आया खर्च!
    केंद्र सरकार ने अपने आधिकारिक ईमेल सिस्टम को अपग्रेड करते हुए करीब 16.68 लाख ईमेल अकाउंट्स को Zoho के क्लाउड-बेस्ड प्लेटफॉर्म पर माइग्रेट कर दिया है। MeitY के मुताबिक इस प्रक्रिया पर अब तक 180.10 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। यह माइग्रेशन NIC के जरिए किया गया और इसका उद्देश्य एक सुरक्षित और sovereign ईमेल सिस्टम तैयार करना है, जिसमें डेटा का पूरा नियंत्रण सरकार के पास रहे। प्रति यूजर ईमेल अकाउंट की लागत 170 से 300 रुपये प्रति माह के बीच है, जो स्टोरेज कैपेसिटी पर निर्भर करती है।
  • WhatsApp प्राइवेसी सेटिंग्स की फुल गाइड, यहां समझे अकाउंट को सेफ रखने के सभी तरीके
    WhatsApp में कई प्राइवेसी सेटिंग्स दी गई हैं, जो यूजर्स को अपनी पर्सनल जानकारी कंट्रोल करने की सुविधा देती हैं। इसमें Last Seen, Profile Photo, Status, Groups और Read Receipts जैसे ऑप्शन्स शामिल हैं, जिन्हें “Everyone” से लेकर “Nobody” तक कस्टमाइज किया जा सकता है। इसके अलावा Two-Step Verification, End-to-End Encrypted Backup और App Lock जैसे फीचर्स सिक्योरिटी को और मजबूत बनाते हैं। अगर इन सेटिंग्स को सही तरीके से सेट किया जाए, तो यूजर अपनी चैट्स और प्रोफाइल को अनजान लोगों से काफी हद तक सुरक्षित रख सकते हैं।
  • 71 बिलियन स्पैम कॉल के बाद अब Airtel का मैसेजिंग पर फोकस, Google के साथ मिलाया हाथ
    Bharti Airtel और Google ने भारत में सुरक्षित RCS मैसेजिंग अनुभव देने के लिए सहयोग की घोषणा की है। कंपनी के मुताबिक, इस पहल में Airtel की नेटवर्क इंटेलिजेंस को Google के RCS प्लेटफॉर्म और स्पैम प्रोटेक्शन सिस्टम के साथ जोड़ा जाएगा। इससे मैसेज सेंडर की पहचान वैलिडेशन, DND प्राथमिकताओं का पालन, स्पैम बिजनेस मैसेज ब्लॉकिंग और मैलिशियस लिंक फिल्टरिंग जैसे रियल टाइम सुरक्षा उपाय लागू होंगे। Airtel का दावा है कि उसने अब तक 71 बिलियन स्पैम कॉल और 2.9 बिलियन स्पैम SMS ब्लॉक किए हैं। नई सर्विस Google Messages ऐप के जरिए उपलब्ध होगी।

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