Data Security

Data Security - ख़बरें

  • फोन बेचने से पहले सिर्फ Factory Reset काफी नहीं, इन 7 बातों का रखें ध्यान
    पुराना स्मार्टफोन बेचने से पहले सिर्फ Factory Reset कर देना काफी नहीं है। फोन किसी दूसरे व्यक्ति को देने से पहले जरूरी डेटा का बैकअप लेना, Google या Apple Account हटाना और ई-सिम को नए फोन में स्थानांतरित करना जरूरी है। इसके अलावा SIM और मेमोरी कार्ड निकालना चाहिए। बैंकिंग, UPI और Authenticator जैसे जरूरी ऐप्स की जानकारी भी पहले नए फोन में सुरक्षित कर लेनी चाहिए। पुराने फोन से जुड़े स्मार्टवॉच, ईयरबड्स और दूसरे Bluetooth डिवाइस का कनेक्शन हटाना भी जरूरी है। सभी चीजें जांचने के बाद फोन को पूरी तरह रीसेट करें और आखिर में यह जरूर देखें कि स्क्रीन पर सिर्फ शुरुआती सेटअप दिखाई दे रहा है।
  • Hotel का Free WiFi अच्छा लगता है? चुटकी में हैकर्स के हाथ लग सकता है आपका पासवर्ड और प्राइवेट डेटा
    Microsoft ने CaptiveCrunch नाम के साइबर अटैक कैंपेन का खुलासा किया है, जिसमें Hotel, Airport और Conference Center जैसे स्थानों के Public WiFi नेटवर्क को निशाना बनाया जा रहा है। Microsoft के मुताबिक, Storm-2945 नाम का अटैकिंग ग्रुप DNS और HTTP ट्रैफिक में बदलाव करके यूजर्स को अपने कंट्रोल वाले इंफ्रास्ट्रक्चर पर रिडायरेक्ट कर सकता है। इसके बाद Windows या Browser Update जैसी दिखने वाली फर्जी स्क्रीन के जरिए Malware डाउनलोड करवाया जाता है। कंपनी ने यात्रियों को Guest WiFi को Untrusted Network मानने और WiFi कनेक्ट करने के बाद दिखने वाले संदिग्ध Software Updates को इंस्टॉल न करने की सलाह दी है।
  • Bank of Baroda ग्राहकों का डेटा लीक, बैंक ने जारी किया बयान; क्या आपका पैसा सुरक्षित?
    Bank of Baroda ने हाल ही में सामने आए कथित डेटा लीक मामले पर सफाई देते हुए कहा है कि यह घटना एक कर्मचारी के ईमेल अकाउंट के हैक होने से जुड़ी थी। बैंक के अनुसार, उसके कोर बैंकिंग सिस्टम तक किसी तरह की अनधिकृत पहुंच नहीं बनाई गई और वे पूरी तरह सुरक्षित हैं। सोशल मीडिया पर 1TB डेटा और ग्राहकों के Aadhaar विवरण लीक होने के दावों के बाद बैंक ने फॉरेंसिक जांच शुरू कर दी है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बैंक ने अपनी साइबर इंश्योरेंस पॉलिसी के तहत भी क्लेम दर्ज कराया है।
  • बैंक, UPI और सोशल मीडिया... कुछ भी नहीं रहेगा सुरक्षित? एक्सपर्ट बोले - सेकंडों में तोड़ दूंगा Password
    इजरायल के साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट प्रोफेसर आइजैक बेन-इजरायल का कहना है कि भविष्य के Quantum Computer मौजूदा Encryption तकनीक और Password सुरक्षा को बेहद कम समय में तोड़ सकते हैं। उनके अनुसार, बैंकिंग, सरकारी सिस्टम और ऑनलाइन सेवाओं में इस्तेमाल होने वाले मौजूदा सिक्योरिटी स्टैंडर्ड्स को Quantum Computing चुनौती दे सकती है। इससे निपटने के लिए Post-Quantum Cryptography और Quantum Communication जैसी नई तकनीकों पर काम किया जा रहा है। एक्सपर्ट का अनुमान है कि इस टेक्नोलॉजी को व्यावहारिक रूप से डेवलप होने में अभी लगभग 10 साल लग सकते हैं, जबकि आम लोगों तक इसका एक्सेस बनने में इससे भी अधिक समय लग सकता है।
  • वॉलेट में एल्यूमिनियम फॉयल लपेटकर चोरी होने से बच जाएंगे पैसे? जानें कैसे काम करती है यह वायरल ट्रिक
    सोशल मीडिया पर वॉलेट को एल्यूमिनियम फॉयल में लपेटने की ट्रिक कई बार वायरल होती हैं। दावा किया जाता है कि इससे RFID और NFC कार्ड का डेटा चोरी होने का खतरा कम हो जाता है। विशेषज्ञों के मुताबिक, एल्यूमिनियम फॉयल कुछ हद तक रेडियो सिग्नल को ब्लॉक कर सकता है और अस्थायी Faraday Cage की तरह काम करता है। हालांकि यह सिर्फ RFID आधारित सिग्नल को प्रभावित करता है और फिशिंग, UPI फ्रॉड, कार्ड स्किमिंग, डेटा ब्रीच या अन्य साइबर हमलों से सुरक्षा नहीं देता। ऐसे में इसे पूरी डिजिटल सुरक्षा का विकल्प नहीं माना जा सकता।
  • भारत के सबसे बड़े परमाणु प्लांट से जुड़ा डेटा लीक? हजारों डॉक्यूमेंट्स पहुंचे डार्क वेब पर!
    भारत के सबसे बड़े कुडनकुलम न्यूक्लियर पावर प्लांट से जुड़े कथित संवेदनशील डॉक्यूमेंट्स डार्क वेब पर लीक होने का दावा किया गया है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, रैनसमवेयर ग्रुप World Leaks ने करीब 19 हजार फाइलें अपलोड की हैं, जिनमें कथित तौर पर ब्लूप्रिंट, सप्लायर डिटेल्स और अन्य रिकॉर्ड शामिल हैं। हालांकि, इन दस्तावेजों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। इस बीच Reliance Group ने थर्ड-पार्टी डेटा सेंटर Yotta के सर्वर पर अपने डेटा में Partial Breach की पुष्टि की है और कहा है कि मामले की जानकारी सरकार को दे दी गई है।
  • UMANG App में यूजर्स का डेटा खतरे में? सरकारी ऐप की सिक्योरिटी को लेकर बड़ा दावा
    एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि केंद्र सरकार के UMANG पोर्टल में कई सुरक्षा खामियां मौजूद थीं, जिनकी वजह से EPFO, LPG बुकिंग और Aadhaar से जुड़ी जानकारी जोखिम में पड़ सकती थी। साइबर सिक्योरिटी रिसर्चर्स के मुताबिक, ये कमजोरियां लंबे समय से मौजूद हो सकती हैं। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने इन खामियों की पुष्टि करते हुए कहा है कि जरूरी सुधार और सुरक्षा उपाय लागू किए जा रहे हैं। मंत्रालय के अनुसार, संबंधित APIs में मौजूद प्लेन टेक्स्ट डेटा को एन्क्रिप्ट किया गया है और सिस्टम की लगातार निगरानी की जा रही है।
  • Digital Arrest में ₹4 हजार करोड़ से ज्यादा गंवा चुके हैं भारतीय, आप भी भूलकर न करें ये गलतियां
    भारत में Digital Arrest Scam तेजी से बढ़ता साइबर अपराध बन गया है। सरकार के आंकड़ों के विश्लेषण के अनुसार, 2022 से मई 2026 के बीच इस तरह की ठगी से जुड़े 2.97 लाख से ज्यादा मामले दर्ज हुए और लोगों को 4,057.7 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। ठग खुद को पुलिस, CBI, ED या दूसरी सरकारी एजेंसियों का अधिकारी बताकर लोगों को वीडियो कॉल पर डराते हैं और उनसे पैसे ट्रांसफर करा लेते हैं। साइबर क्राइम एजेंसियां साफ कर चुकी हैं कि भारत में Digital Arrest जैसी कोई कानूनी प्रक्रिया नहीं है। ऐसे में किसी भी संदिग्ध कॉल पर सतर्क रहना जरूरी है।
  • 'पैसे नहीं दिए तो सब लीक...', Tata Electronics को हैकर्स की धमकी; 630GB डेटा, Apple-Tesla सीक्रेट्स खतरे में?
    Apple और Tesla की सप्लायर Tata Electronics साइबर सिक्योरिटी घटना को लेकर चर्चा में है। कंपनी ने स्वीकार किया है कि कुछ हफ्ते पहले उसके कुछ सिस्टम्स प्रभावित हुए थे। वहीं World Leaks नाम के एक रैनसमवेयर ग्रुप ने दावा किया है कि उसने कंपनी का 630GB से ज्यादा डेटा चुराकर डार्क वेब पर प्रकाशित कर दिया है। साइबर सिक्योरिटी रिसर्चर्स के अनुसार, कथित लीक में Apple और Tesla से जुड़े दस्तावेज भी शामिल हो सकते हैं। इस घटना के बाद Apple ने जांच शुरू कर दी है। हालांकि, लीक हुए दस्तावेजों की प्रामाणिकता की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
  • Instagram यूजर्स सावधान! 20 हजार से ज्यादा अकाउंट हुए हैक, Meta ने मानी गलती
    Meta ने स्वीकार किया है कि उसके AI आधारित Instagram अकाउंट रिकवरी सिस्टम में मौजूद एक खामी के कारण 20 हजार से ज्यादा अकाउंट्स प्रभावित हुए। रिपोर्ट्स के अनुसार हमलावरों ने High Touch Support (HTS) टूल का गलत फायदा उठाकर पासवर्ड रीसेट लिंक हासिल किए और अकाउंट्स का कंट्रोल अपने हाथ में ले लिया। Meta ने प्रभावित सिस्टम को बंद कर दिया है और अतिरिक्त सिक्योरिटी जांच लागू की है। घटना के बाद AI आधारित कस्टमर सपोर्ट सिस्टम की सुरक्षा को लेकर नए सवाल उठने लगे हैं।
  • भारत में स्पैम कॉल्स का कहर: 66% कॉल Spam, रोज 2-3 कॉल, दुनिया में 5वां स्थान!
    Truecaller की लेटेस्ट रिपोर्ट के अनुसार, भारत दुनिया का पांचवां सबसे ज्यादा स्पैम कॉल झेलने वाला देश है। देश में स्पैम इंटेंसिटी 66% दर्ज की गई है, यानी हर तीन में से दो अनजान कॉल स्पैम हो सकती हैं। रिपोर्ट बताती है कि भारत में टेलीमार्केटिंग कॉल्स के साथ-साथ फ्रॉड कॉल्स भी तेजी से बढ़ रही हैं। हर दिन कई यूजर्स को 2–3 स्पैम कॉल्स मिलना आम हो गया है, जिससे अनजान नंबर पर भरोसा कम होता जा रहा है। यह ट्रेंड दिखाता है कि स्पैम अब सिर्फ परेशानी नहीं, बल्कि एक बड़ा कम्युनिकेशन इश्यू बन चुका है।
  • खोए-चोरी हुए फोन को 2 मिनट में कहीं से भी करें लॉक, जानें आसान तरीका
    फोन खो जाने या चोरी होने पर डेटा सुरक्षित रखना सबसे जरूरी होता है। ऐसे में Android और iPhone दोनों में ऐसे फीचर्स मिलते हैं, जिनसे आप दूर बैठकर फोन को लॉक कर सकते हैं। Android में Find My Device और iPhone में Find My फीचर की मदद से यह काम आसानी से किया जा सकता है। इसके जरिए फोन को लॉक करने के साथ-साथ मैसेज दिखाना या जरूरत पड़ने पर डेटा डिलीट करना भी संभव है। हालांकि इसके लिए कुछ सेटिंग्स पहले से ऑन होना जरूरी है। सही जानकारी से आप अपने फोन और डेटा को सुरक्षित रख सकते हैं।
  • पॉपुलर ट्रैवल बुकिंग ऐप पर साइबर अटैक, WhatsApp पर टारगेट हो रहे हैं यूजर्स!
    Booking.com ने कन्फर्म किया है कि एक सिक्योरिटी ब्रीच में कुछ यूजर्स की पर्सनल और बुकिंग डिटेल्स तक अनऑथराइज्ड एक्सेस हो सकता है। इसमें नाम, ईमेल, फोन नंबर और बुकिंग से जुड़ी जानकारी शामिल है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कुछ यूजर्स को पहले ही फिशिंग मैसेज मिल चुके हैं, जिससे संकेत मिलता है कि हैकर्स इस डेटा का गलत इस्तेमाल कर सकते हैं। कंपनी ने कहा है कि उसने इस गतिविधि को कंट्रोल करने के लिए कदम उठाए हैं और प्रभावित बुकिंग्स के PIN अपडेट किए गए हैं। हालांकि कितने यूजर्स प्रभावित हुए, इसकी जानकारी सामने नहीं आई है।
  • GTA 6 डेवलपर Rockstar Games पर साइबर अटैक, डेटा लीक की धमकी, हैकर्स ने मांगी फिरौती!
    Rockstar Games ने एक थर्ड-पार्टी डेटा ब्रीच की पुष्टि की है, जिसमें कंपनी की कुछ सीमित जानकारी एक्सेस की गई है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, ShinyHunters नाम के हैकर ग्रुप ने सिस्टम में सेंध लगाई और फिरौती की मांग की है। हालांकि Rockstar का कहना है कि यह डेटा नॉन-मटेरियल है और इसका असर प्लेयर्स या कंपनी के ऑपरेशन्स पर नहीं पड़ा है। यह घटना GTA 6 के लॉन्च से पहले सामने आई है, जिससे एक बार फिर सिक्योरिटी को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
  • 50 ऐप्स में मिला खतरनाक वायरस, पूरा फोन अपने कंट्रोल में ले सकते हैं हैकर्स!
    Android यूजर्स के लिए बड़ा खतरा सामने आया है, जहां Google Play Store के 50 ऐप्स में NoVoice मालवेयर पाया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, इन ऐप्स को 23 लाख से ज्यादा बार डाउनलोड किया गया था। यह मालवेयर यूजर्स के डिवाइस में घुसकर डेटा चोरी कर सकता है और सिस्टम पर कंट्रोल हासिल कर सकता है। खास बात यह है कि यह Play Store के जरिए फैला, जिससे इसकी गंभीरता और बढ़ जाती है। फिलहाल Google ने इन ऐप्स को हटा दिया है और यूजर्स को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

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