सुरक्षा एजेंसियों ने चेतावनी दी है कि जम्मू और कश्मीर में विदेशी फंड को पहुंचाने के लिए 'क्रिप्टो हवाला' नेटवर्क का कथित तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है। इस गैर कानूनी जरिए से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल जम्मू और कश्मीर में आतंकवादियों के लिए होने का शक है। क्रिप्टो हवाला नेटवर्क में रकम के सोर्स का पता लगाना मुश्किल होता है।
एंटरप्राइज सॉफ्टवेयर मेकर Strategy ने पांच जनवरी से 11 जनवरी के बीच 13,627 बिटकॉइन की खरीदारी की है। पिछले सप्ताह भी कंपनी ने बताया था कि उसने 1,286 बिटकॉइन लगभग 11.6 करोड़ डॉलर में खरीदे हैं। इसके बाद कंपनी के शेयर में भी तेजी आई है। Strategy के पास मौजूद बिटकॉइन्स की मौजूदा वैल्यू लगभग 62 अरब डॉलर की है।
फाइनेंशियल स्टेबिलिटी रिपोर्ट में RBI ने कहा है कि स्टेबलकॉइन्स से जुड़ी कुछ कमजोरियों की वजह से वित्तीय स्थिरता के लिए बड़ा खतरा हो सकता है। क्रिप्टो के इकोसिस्टम में स्टेबलकॉइन्स एक महत्वपूर्ण हिस्से के तौर पर उभरे हैं। RBI ने बताया कि विदेशी करेंसी में डिनॉमिनेशन वाले स्टेबलकॉइन्स का इस्तेमाल बढ़ने से वित्तीय नियंत्रण कमजोर हो सकता है।
बड़े इंटरनेशनल क्रिप्टो एक्सचेंजों में शामिल Coinbase ने बताया था कि हैकर्स ने अमेरिका के बाहर उसके कॉन्ट्रैक्टर्स और वर्कर्स को रिश्वत देकर कस्टमर्स के संवेदनशील डेटा को चुराया था। इस मामले में हैकर्स ने दो करोड़ डॉलर की फिरौती की भी मांग की थी। Coinbase ने बताया था कि सायबर अटैक से उसे 40 करोड़ डॉलर का नुकसान होने का अनुमान है।
महाराष्ट्र में हेडक्वार्टर रखने वाले क्रिप्टो एक्सचेंजों से सबसे अधिक 293.40 करोड़ रुपये का TDS प्राप्त हुआ है। इसके बाद दूसरे स्थान पर कर्नाटक (133.94 करोड़ रुपये) और तीसरे स्थान पर गुजरात (28.63 करोड़ रुपये) है। राजधानी दिल्ली से यह टैक्स 28.33 करोड़ रुपये का है। TDS का यह डेटा उन लोकेशंस से जुड़ा है जहां क्रिप्टो एक्सचेंज मौजूद हैं। यह वास्तविक ट्रेड्स की लोकेशन पर बेस्ड नहीं है।
अक्टूबर में बिटकॉइन ने 1,26,000 डॉलर से कुछ अधिक का हाई बनाया था। इसके बाद अमेरिकी प्रेसिडेंट Donald Trump की चीन पर भारी टैरिफ लगाने की घोषणा और भारी बिकवाली से इसका प्राइस 30 प्रतिशत से ज्यादा गिरा है। Citigroup ने दूसरी सबसे अधिक वैल्यू वाली क्रिप्टोकरेंसी Ethereum के लिए इसी अवधि में 4,304 डॉलर का पूर्वानुमान दिया है।
अक्टूबर की शुरुआत में बिटकॉइन ने 1,26,000 डॉलर से कुछ अधिक का हाई बनाया था। इसके बाद से यह लगभग 30 प्रतिशत गिरा है। इसका असर अन्य क्रिप्टोकरेंसीज पर भी पड़ा है। हाल ही में इंटरनेशनल बैंकिंग फर्म Standard Chartered ने बिटकॉइन के लिए प्राइस टारगेट को घटाया था। Standard Chartered ने इस वर्ष के अंत तक बिटकॉइन के लिए दो लाख डॉलर के पिछले पूर्वानुमान को आधा घटाकर एक लाख डॉलर किया गया है।
उत्तर प्रदेश में इनवेस्टर्स की डिजिटल एसेट्स में दिलचस्पी बढ़ी है। उत्तर प्रदेश में क्रिप्टोकरेंसीज में इनवेस्टमेंट और ट्रेडिंग के लिए बिटकॉइन सबसे अधिक लोकप्रिय है। हालांकि, राज्य में इनवेस्टर्स ने स्मॉल-कैप, मिड-कैप और लार्ज-कैप क्रिप्टो टोकन्स में भी इनवेस्टमेंट किया है। देश में क्रिप्टो सेगमेंट में नॉन-मेट्रो शहरों की हिस्सेदारी तेजी से बढ़ी है।
एन्फोर्समेंट डायरेक्टरेट (ED) ने पंजाब और हिमाचल प्रदेश में कई स्थानों पर छापे मारे हैं। इसमें कथित तौर पर जाली क्रिप्टोकरेंसी पॉन्जी स्कीम और मल्टी-लेवल मार्केटिंग (MLM) स्कैम से कई इनवेस्टर्स के साथ लगभग 2,300 करोड़ रुपये का फ्रॉड किया गया है। ED ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत इस मामले की जांच शुरू की है।
पिछले वर्ष की शुरुआत से इस वर्ष सितंबर तक सायबर क्रिमिनल्स ने कम से कम 27 क्रिप्टो एक्सचेंजों के जरिए लगभग 624 करोड़ रुपये की गैर कानूनी रकम को खपाया है। होम मिनिस्ट्री के तहत आने वाले इंडियन सायबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) के रिकॉर्ड्स से पता चला है कि 2024-2025 के दौरान अपराध से मिली 25 करोड़ रुपये से अधिक की रकम को 12 विदेशी क्रिप्टो एक्सचेंजों के जरिए ट्रांसफर किया गया है।
इसमें पीड़ितों को इनवेस्टमेंट से जुड़े फ्रॉड और डिजिटल अरेस्ट के जरिए ठगा जाता था। इस मामले में दुबई में मौजूद अपराधियों तक लगभग पांच करोड़ रुपये की क्रिप्टोकरेंसी से जुड़ी ट्रेल का खुलासा किया गया है। हाल ही में इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने केरल में क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े लगभग 330 करोड़ रुपये के हवाला रैकेट का खुलासा किया था।
फ्लावर्स का एक्सपोर्ट करने वाली यह फर्म मालापुरम के दो व्यक्ति चला रहे थे। पिछले कई वर्षों से यह फर्म इंडोनेशिया को फ्लावर्स का एक्सपोर्ट कर रही थी। इन दोनों आरोपियों को बैंकिंग सिस्टम के बजाय क्रिप्टोकरेंसी के जरिए पेमेंट्स मिलती थी। इस मामले में रकम को छिपाने के लिए इन दोनों ने कथित तौर पर स्टूडेंट्स सहित विभिन्न व्यक्तियों के नामों पर कई क्रिप्टो वॉलेट्स बनाए थे।
वर्चुअल डिजिटल एसेट (VDA) सर्विस प्रोवाइडर्स को इंडियन कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम (CERT-In) के साथ सम्बद्ध ऑडिटर्स को नियुक्त करना होगा। मिनिस्ट्री ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी के तहत आने वाली नोडल एजेंसी, CERT-In को सायबरस्पेस की सुरक्षा की जिम्मेदारी दी गई है। क्रिप्टो एक्सचेंजों को यह निर्देश फाइनेंशियल इंटेलिजेंस यूनिट (FIU-IND) ने दिया है।
इस महिला ने फेसबुक पर खुद को Aadhya Gupta बताया था। दोनों के बीच कई दिनों तक बातचीत होने के बाद, इस महिला ने झावर को अधिक रिटर्न की पेशकश करने वाले एक क्रिप्टोकरेंसी प्लेटफॉर्म में रकम लगाने की सलाह दी थी। इस पर झावर ने जुलाई में इस क्रिप्टो प्लेटफॉर्म में रकम लगाना शुरू कर दिया था। हालांकि, इसमें प्रॉफिट को विड्रॉ नहीं कर पाने पर उन्हें पता चला कि यह एक स्कैम था।
इस मामले में आरोपी Rahul Arora को कुछ जगहों पर छापे मारकर गिरफ्तार किया गया है। इस आरोपी के पास से लगभग 2.8 करोड़ रुपये की क्रिप्टोकरेंसीज और लगभग 22 लाख रुपये की नकदी जब्त की गई है। CBI ने सायबर अपराधियों के खिलाफ 'Chakra-V' अभियान चलाया है। विदेश में सरकारी अधिकारियों और टेक सपोर्ट कंपनियों के प्रतिनिधियों की जाली पहचान बताकर लोगों को ठगने की सूचना मिलने के बाद CBI ने एक मामला दर्ज किया था।