• होम
  • विज्ञान
  • ख़बरें
  • स्‍टील के रॉकेट बनाएगी चीनी कंपनी, Elon Musk की स्‍पेसएक्‍स से सीधे मुकाबले की तैयारी! जानें डिटेल

स्‍टील के रॉकेट बनाएगी चीनी कंपनी, Elon Musk की स्‍पेसएक्‍स से सीधे मुकाबले की तैयारी! जानें डिटेल

Stainless Steel Rocket : एयरोस्‍पेस से जुड़े एक इवेंट में कंपनी के सीईओ ने दी जानकारी।

स्‍टील के रॉकेट बनाएगी चीनी कंपनी, Elon Musk की स्‍पेसएक्‍स से सीधे मुकाबले की तैयारी! जानें डिटेल

Photo Credit: @raz_liu

दो स्‍टेज वाले इस लॉन्‍चर की पृथ्‍वी की निचली कक्षा में पेलोड क्षमता 20 मीट्रिक टन होगी।

ख़ास बातें
  • चीनी कंपनी कर रही रीयूजेबल रॉकेट पर काम
  • स्‍टेनलेस स्‍टील का रॉकेट डेवलप करने की योजना
  • लैंडस्‍पेस नाम की कंपनी तैयार कर रही है रॉकेट
विज्ञापन
Stainless Steel Rocket : अं‍तरिक्ष के क्षेत्र में रीयूजेबल रॉकेट का इस्‍तेमाल बढ़ रहा है। अमेरिकी स्‍पेस कंपनी ‘स्‍पेसएक्‍स' काफी वक्‍त से रीयूजेबल रॉकेट उड़ा रही है। ये रॉकेट बार-बार यूज में लाए जाते हैं, जिससे किसी भी मिशन की कॉस्‍ट में कमी आती है। भारत भी रीयूजेबल रॉकेट डेवलप करने की दिशा में आगे बढ़ा है। चीन में इस पर अलग तरह से काम हो रहा है। वहां के एक स्‍पेस स्‍टार्टअप लैंडस्‍पेस (Landspace) ने रीयूजेबल स्टेनलेस स्टील रॉकेट (stainless steel rocket) को डेवलप करने की योजना बनाई है। 

चीन के शहर चोंगकिंग में एयरोस्‍पेस से जुड़े एक इवेंट में कंपनी के सीईओ ने यह जानकारी दी। सीईओ झांग चांगवु की प्रेजेंटेशन से पता चला कि कंपनी अपने रॉकेट में स्‍टेनलैस प्रोपलैंट टैंक्‍स औेर क्‍लसटर्स को अमल में लाएगी। दो स्‍टेज वाले इस लॉन्‍चर की पृथ्‍वी की निचली कक्षा में पेलोड क्षमता 20 मीट्रिक टन होगी।  
 

वेबसाइट spacenews ने इस ऐलान को अहम माना है, क्‍योंकि हाल में अमेरिकी स्‍पेस कंपनी ‘स्‍पेसएक्‍स' ने दुनिया के सबसे हैवी रॉकेट ‘स्‍टारशिप' को टेस्‍ट किया है। चीन और अमेरिका की प्रतिस्‍पर्धा किसी से छुपी नहीं है। अंतरिक्ष के क्षेत्र में अमेरिका को चीन से लगातार चुनौती मिल रही है। 

हालांकि लैंडस्‍पेस ने यह नहीं बताया है कि वह अपने स्‍टेनलैस स्‍टील रॉकेट को कबतक लॉन्‍च करेगी। ऐसा लगता है कि प्रोजेक्‍ट शुरुआती फेज में है। मुमकिन है कि कंपनी को मैन्‍युफैक्‍चरिंग के दौरान भी कई चुनौतियों का सामना करना होगा। इनमें स्‍टील का वजन, उसकी क्‍वॉलिटी जैसी चुनौतियां प्रमुख हो सकती हैं। 

भारत भी रीयूजेबल रॉकेट के निर्माण की योजना बना रहा है।  भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के चेयरमैन एस सोमनाथ ने पिछले साल बंगलूरू स्पेस एक्सपो (BSX) के दौरान यह घोषणा की थी। GSLV Mk III के बाद इसरो का अगला लॉन्‍च वीकल एक री-यूजेबल रॉकेट हो सकता है, जिसके इस्‍तेमाल से सैटेलाइट्स को लॉन्च करने की लागत कम होने की उम्मीद है। कहा जाता है कि भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी, री-यूजेबल रॉकेट के लिए स्‍पेस इंडस्‍ट्री, स्टार्टअप और न्यूस्पेस इंडिया लिमिटेड (NSIL) के साथ काम करेगी।
 
Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

संबंधित ख़बरें

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. DoT की चेतावनी, सिम के गलत इस्तेमाल पर लगेगा 50 लाख का जुर्माना और 3 साल की जेल
  2. AI की रफ्तार से बराक ओबामा को भी लगा डर, AI नहीं उसका खुद सीखना है बड़ी चिंता
  3. Vivo Y600K Turbo जल्द हो सकता है लॉन्च, Google Play Console पर लिस्टिंग
  4. Ai+ Nova Tab के जल्द लॉन्च की तैयारी, 11.97 इंच टचस्क्रीन
  5. Bose ने ओपन ईयर ईयरबड्स किए लॉन्च, 30 फीट दूर से भी रहेंगे कनेक्ट, बैटरी चलेगी 9 घटे तक
  6. Samsung Galaxy S26 FE की सेल शुरू, 7 हजार डिस्काउंट के साथ खरीदें
  7. OnePlus Ace 7 सीरीज में लार्ज कूलिंग फैन के साथ मिल सकता है नया थर्मल मैनेजमेंट सिस्टम
  8. Redmi Note 17 Pro Max 5G vs Pova 8 Pro 5G vs Vivo V70 FE: 50 हजार में कौन सा रहेगा बेहतर?
  9. GST कट के बाद बढ़ गई Dishwasher की सेल, सस्ती हुईं बर्तन धोने वाली मशीनें; 49% बढ़ी बिक्री
  10. iPhone 18 Pro छोड़ो, Apple ला रही सबसे खूबसूरत, सबसे बड़ा फोन iPhone 20 Pro!
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »