• होम
  • अन्य
  • ख़बरें
  • भारत को मैन्युफैक्चरिंग में बड़ी ताकत बनाने की जरूरतः प्रधानमंत्री

भारत को मैन्युफैक्चरिंग में बड़ी ताकत बनाने की जरूरतः प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री ने कहा कि 'मेक इन इंडिया' मौजूदा दौर की जरूरत के साथ ही देश की मैन्युफैक्चरिंग पावर दुनिया को दिखाने का एक अवसर भी है

भारत को मैन्युफैक्चरिंग में बड़ी ताकत बनाने की जरूरतः प्रधानमंत्री

सेमीकंडक्टर्स में आत्मनिर्भर बनने को भी प्रधानमंत्री ने जरूरी बताया

ख़ास बातें
  • प्रधानमंत्री ने कहा कि मेक इन इंडिया से कई अवसर मिल सकते हैं
  • सरकार ने सेमीकंडक्टर्स के लिए इंसेंटिव स्कीम की घोषणा की थी
  • कुछ विदेशी कंपनियों ने सेमीकंडक्टर यूनिट लगाने में दिलचस्पी ली है
विज्ञापन
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश को सेमीकंडक्टर्स में आत्मनिर्भर बनाने की जरूरत बताई है। इसके साथ ही उन्होंने 'मेक इन इंडिया' पर जोर देते हुए कहा कि देश में अच्छी क्वालिटी वाली मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ाना होगा। उनका कहना था कि 'मेक इन इंडिया' मौजूदा दौर की जरूरत के साथ ही देश की मैन्युफैक्चरिंग पावर दुनिया को दिखाने का एक अवसर भी है। 

मोदी ने डिपार्टमेंट फॉर प्रमोशन ऑफ इंडस्ट्री एंड इंटरनल ट्रेड (DPIIT) के एक वेबिनार में कहा, "हमें मेक इन इंडिया पर फोकस करने और मजबूत और अच्छी क्वालिटी वाले प्रोडक्ट्स की मैन्युफैक्चरिंग करने की जरूरत है। हमें सेमीकंडक्टर्स को लेकर आत्मनिर्भर बनना होगा। हमारा लक्ष्य भारत को दुनिया के लिए भी एक मार्केटप्लेस बनाने का है। इस कोशिश से मैनपावर और स्किल डेवलपमेंट को बढ़ावा मिलेगा। इससे हम और मजबूत बनेंगे। मेक इन इंडिया के जरिए बहुत से अवसर मिलेंगे।"

केंद्र सरकार को इलेक्ट्रॉनिक्स चिप और डिस्प्ले मैन्युफैक्चरिंग प्लांट्स लगाने के लिए पांच कंपनियों की ओर से प्रपोजल मिले हैं। इनमें लगभग 1.53 लाख करोड़ रुपये का इनवेस्टमेंट किया जाएगा। वेदांता और फॉक्सकॉन के संयुक्त उपक्रम, IGSS वेंचर्स और ISMC ने 13.6 अरब डॉलर (लगभग 1.02 लाख करोड़ रुपये) के इनवेस्टमेंट के साथ इलेक्ट्रॉनिक चिप मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगाने की जानकारी दी है। इसके लिए सरकार की इसेंटिव स्कीम के तहत 5.6 अरब डॉलर (लगभग 42,000 करोड़ रुपये) की मदद मांगी गई है। सरकार 28-45 नैनोमीटर के चिप्स के लिए 40 प्रतिशत और 45-65 नैनोमीटर तक के चिप्स के लिए 30 प्रतिशत तक वित्तीय मदद उपलब्ध कराएगी। सरकार की ओर से डिजाइन और इनोवेशन को भी काफी महत्व दिया जा रहा है।

वेदांता और  Elest ने मोबाइल फोन्स और लैपटॉप में इस्तेमाल होने वाली डिस्प्ले मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स लगाने में 6.7 अरब डॉलर के इनवेस्टमेंट का प्रपोजल दिया है। इसके लिए इंसेंटिव स्कीम के तहत 2.7 अरब डॉलर की मदद मांगी गई है। केंद्र सरकार चिप डिजाइन और प्रोडक्ट डिजाइन पर भी इंसेंटिव दे रही है। इससे विदेशी कंपनियों की भारत में इस सेगमेंट में यूनिट्स लगाने में दिलचस्पी बढ़ी है। सेमीकंडक्टर और डिस्प्ले मैन्‍युफैक्‍चरर्स को आकर्षित करने के लिए केंद्र सरकार ने पिछले वर्ष के अंत में 10 अरब डॉलर की इंसेंटिव स्कीम को मंजूरी दी थी। इससे सेमीकंडक्टर्स को लेकर देश की स्थिति आगामी वर्षों में काफी मजबूत हो सकती है। 

 
Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. Oppo Find X10 Pro में मिल सकते हैं 200 मेगापिक्सल के डुअल कैमरा
  2. Yamaha ने भारत में लॉन्च किया EC-06 इलेक्ट्रिक स्कूटर, जानें प्राइस, स्पेसिफिकेशंस
  3. Samsung Galaxy S26 Ultra की 36 लाख यूनिट्स की हो सकती है मैन्युफैक्चरिंग, कंपनी को ज्यादा डिमांड की उम्मीद
  4. मोबाइल कैमरा का सीन बदल जाएगा? Oppo के फ्लैगशिप में मिलेंगे 200MP के 2 कैमरे!
  5. सुप्रीम कोर्ट की WhatsApp को चेतावनी, 'कानून नहीं मानना तो भारत से बाहर जाएं'
  6. ऐप चाइनीज, UPI हमारा! AliPay+ के साथ पार्टनरशिप पर सरकारों के बीच बातचीत शुरू
  7. iQOO 15R जल्द होगा भारत में लॉन्च, 7,600mAh की होगी बैटरी
  8. Redmi K90 Ultra में लगा होगा पंखा, बैटरी होगी इतनी बड़ी कि खत्म हो जाएगी चार्जिंग की टेंशन!
  9. मात्र 8,999 रुपये में खरीदें सैमसंग फोन, 10 हजार का कैशबैक अलग से, गजब है फ्लिपकार्ट पर Galaxy Days ऑफर
  10. Xiaomi 17 Ultra के इंटरनेशनल वेरिएंट में हो सकती है 6,000mAh की बैटरी
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »