• होम
  • मोबाइल
  • ख़बरें
  • स्मार्टफोन की शिपमेंट्स में हो सकती है गिरावट, कंपोनेंट्स की बढ़ी कॉस्ट

स्मार्टफोन की शिपमेंट्स में हो सकती है गिरावट, कंपोनेंट्स की बढ़ी कॉस्ट

अगले वर्ष की दूसरी तिमाही में मेमोरी चिप्स की कॉस्ट में 40 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हो सकती है। इससे कंपोनेंट्स की सोर्सिंग पर स्मार्टफोन कंपनियों का खर्च बढ़ सकता है

स्मार्टफोन की शिपमेंट्स में हो सकती है गिरावट, कंपोनेंट्स की बढ़ी कॉस्ट

अफोर्डेबल रेंज के स्मार्टफोन्स पर इसका ज्यादा असर हो सकता है

ख़ास बातें
  • स्मार्टफोन की इंटरनेशनल शिपमेंट्स में 2.1 प्रतिशत की गिरावट हो सकती है
  • मिड और हाई-रेंज के स्मार्टफोन के प्राइसेज पहले ही 15 प्रतिशत तक बढ़े हैं
  • अगले वर्ष मेमोरी चिप्स की कॉस्ट में 40 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हो सकती है
विज्ञापन

देश में हाल ही में लॉन्च किए गए कुछ स्मार्टफोन्स का प्राइस इनके पिछले वर्जन की तुलना में अधिक था। इन स्मार्टफोन्स में OnePlus 15 और iQOO 15 शामिल हैं। इसका बड़ा कारण DRAMs जैसे महत्वपूर्ण कंपोनेंट्स की कॉस्ट बढ़ना है। दक्षिण कोरिया की इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी Samsung की आगामी स्मार्टफोन सीरीज में शामिल हैंडसेट्स के प्राइस भी महंगे होने का अनुमान है। इसका असर स्मार्टफोन्स की शिपमेंट पर भी पड़ सकता है। 

मार्केट रिसर्च फर्म Counterpoint की ग्लोबल स्मार्टफोन शिपमेंट ट्रैकर एंड फोरकास्ट रिपोर्ट में बताया गया है कि अगले वर्ष इंटरनेशनल लेवल पर स्मार्टफोन की शिपमेंट्स में 2.1 प्रतिशत की गिरावट हो सकती है। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि मेमोरी चिप्स की कमी और बिल ऑफ मैटीरियल्स (BoM) की बढ़ती कॉस्ट इसका बड़ा कारण है। इस वर्ष की शुरुआत में BoM की कॉस्ट में लगभग 30 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई थी। मिड और हाई-रेंज के स्मार्टफोन्स के प्राइसेज पहले ही 10-15 प्रतिशत तक बढ़ गए हैं। Counterpoint Research के डायरेक्टर, M S Hwang ने बताया कि 200 डॉलर (लगभग 18,200 रुपये) से कम प्राइस वाले अफोर्डेबल स्मार्टफोन्स पर इसका ज्यादा असर हो सकता है। 

अगले वर्ष की दूसरी तिमाही में मेमोरी चिप्स की कॉस्ट में 40 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हो सकती है। इससे कंपोनेंट्स की सोर्सिंग पर स्मार्टफोन कंपनियों का खर्च बढ़ सकता है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ( AI) से जुड़ी इंडस्ट्री में DRAMs का काफी इस्तेमाल हो रहा है। इससे स्मार्टफोन मैन्युफैक्चरर्स के लिए मुश्किल बढ़ी है। स्मार्टफोन के मार्केट में चाइनीज कंपनियों की बड़ी हिस्सेदारी है। स्मार्टफोन्स में इस्तेमाल होने वाले महत्वपूर्ण कंपोनेंट्स की कॉस्ट बढ़ने से Oppo, Huawei, Vivo और Xiaomi की शिपमेंट्स में कमी हो सकती है। इससे इन कंपनियों के मार्जिन में भी गिरावट होने की आशंका है। 

हाल ही में एक रिपोर्ट में बताया गया था कि स्मार्टफोन कंपनियां हैंडसेट के प्राइसेज में बढ़ोतरी किए बिना मार्जिन को बरकरार रखने के तरीकों को तलाश रही हैं। हालांकि, RAM के प्राइसेज में बढ़ोतरी जारी रहने से यह मुश्किल होगा। कुछ स्मार्टफोन कंपनियों ने 4 GB के RAM वाले वेरिएंट्स को वापस लाने की योजना बनाई है। हालांकि, इससे स्मार्टफोन्स के परफॉर्मेंस में कमी हो सकती है। इसके साथ ही प्रीमियम स्मार्टफोन्स के प्राइसेज को भी बढ़ाया जा सकता है।  

Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

आकाश आनंद

Gadgets 360 में आकाश आनंद डिप्टी न्यूज एडिटर हैं। उनके पास प्रमुख ...और भी

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News
Turbo Read

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. क्रिप्टो मार्केट में गिरावट से Trump Media को हुआ करोड़ों डॉलर का नुकसान 
  2. Amazon की सेल में Redmi के स्मार्टफोन्स पर भारी डिस्काउंट 
  3. 35 हजार सस्ता हो गया Galaxy S25 Ultra! Amazon सेल में आया सबसे बड़ा डिस्काउंट ऑफर
  4. Rollme VistaView AI स्मार्ट ग्लास हुए लॉन्च, 13MP कैमरा, 32GB स्टोरेज, जानें कीमत
  5. Amazon सेल में 10 हजार रुपये से सस्ते मिल रहे Samsung, Tecno जैसे ब्रांड्स के दमदार फोन!
  6. Apple की बढ़ीं मुश्किलें! चिप सप्लाई के लिए अब इस कंपनी का लेगी सहारा
  7. Vivo X500 सीरीज में मिल सकती है 7000mAh तक बैटरी! तीन मॉडल्स का खुलासा
  8. RedMagic 11S Pro में होगी सबसे धांसू गेमिंग पावर! 18 मई को होगा लॉन्च
  9. 21 हजार सस्ता मिल रहा OnePlus का यह दमदार फोन, 48MP का DSLR जैसा कैमरा! सबसे बड़ा डिस्काउंट
  10. Amazon की समर सेल में प्रमुख ब्रांड्स के लैपटॉप्स पर भारी डिस्काउंट
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »