• होम
  • इंटरनेट
  • ख़बरें
  • ताइवान ने कहा, हम सुरक्षित नहीं तो सेमीकंडक्टर्स की ग्लोबल सप्लाई भी नहीं होगी

ताइवान ने कहा, हम सुरक्षित नहीं तो सेमीकंडक्टर्स की ग्लोबल सप्लाई भी नहीं होगी

पिछले कुछ महीनों ने चीन ने ताइवान पर सैन्य दबाव बढ़ाया है। ताइवान को अमेरिका का समर्थन मिल रहा है। अमेरिका ने उसे हथियारों की सप्लाई भी दी है

ताइवान ने कहा, हम सुरक्षित नहीं तो सेमीकंडक्टर्स की ग्लोबल सप्लाई भी नहीं होगी

पिछले कुछ महीनों ने चीन ने ताइवान पर सैन्य दबाव बढ़ाया है

ख़ास बातें
  • सेमीकंडक्टर्स की मैन्युफैक्चरिंग में ताइवान का दबदबा है
  • चीन और ताइवान के बीच कई वर्षों से विवाद है
  • अमेरिका ने सेमीकंडक्टर्स का प्रोडक्शन बढ़ाने की कोशिशें शुरू कर दी हैं
विज्ञापन
ग्लोबल लेवल पर सेमीकंडक्टर्स की मैन्युफैक्चरिंग के हब ताइवान का कहना है कि अगर वह सुरक्षित रहेगा तभी सेमीकंडक्टर्स की सप्लाई भी बरकरार रहेगी। अमेरिका के दौरे पर गई ताइवान की इकोनॉमिक अफेयर्स मिनिस्टर Wang Mei Hua ने कहा कि अगर ताइवान सुरक्षित रहता है, तभी सेमीकंडक्टर्स की ग्लोबल सप्लाई की भी सुरक्षा हो सकेगी। 

पिछले कुछ महीनों ने चीन ने ताइवान पर सैन्य दबाव बढ़ाया है। ताइवान को अमेरिका का समर्थन मिल रहा है। अमेरिका ने उसे हथियारों की सप्लाई भी दी है। Reuters की रिपोर्ट में Wang के हवाले से कहा बताया गया है कि ताइवान सप्लाई चेन को बरकरार रखने के लिए अमेरिका के साथ आपसी सहयोग बढ़ाना चाहता है। उनका कहना था कि एडवांस्ड टेक्नोलॉजी में ताइवान की महत्वपूर्ण भूमिका है। अगर चीन की ओर से ताइवान में हस्तक्षेप किया जाता है तो इसका असर चीन पर भी पड़ेगा। उन्होंने कहा कि अगर दुनिया की सबसे बड़ी कॉन्ट्रैक्ट चिपमेकर ताइवान सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग कंपनी (TSMC) पर सैन्य ताकत से कब्जा किया जाता है तो वह अपना कामकाज रोक देगी।  

अमेरिका के विदेश मंत्री Antony Blinken ने कहा है कि अगर ताइवान को नुकसान होता है तो उसका ग्लोबल इकोनॉमी पर बहुत बुरा असर होगा। चीन और ताइवान के बीच कई वर्षों से विवाद है। चीन की कंपनियों की ताइवान से सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री के टैलेंट और टेक्नोलॉजी को गलत तरीके से हासिल करने की कोशिशें से भी ताइवान नाराज है। चीन ने पिछले कुछ महीनों में ताइवान के निकट अपना सैन्य अभ्यास भी बढ़ाया है। चीन का लक्ष्य ताइवान को अपने कब्जे में करना है। अमेरिका की ओर से ताइवान का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर समर्थन किया जाता है। हाल ही में अमेरिकी पार्लियामेंट की स्पीकर नैंसी पैलोसी ने चीन के विरोध के बावजूद ताइवान का दौरा भी किया था। 

सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री को बढ़ावा देने के लिए अमेरिका में पारित किए गए चिप्स एंड साइंस एक्ट के तहत सेमीकंडक्टर बनाने वाली कंपनियों को 52 अरब डॉलर की ग्रांट और इंसेंटिव दिए जाएंगे। इसके साथ ही अमेरिका में प्लांट्स लगाने पर 25 प्रतिशत का टैक्स क्रेडिट भी मिलेगा। इस एक्ट में अगले एक दशक में रिसर्च को मदद देने के लिए लगभग 200 अरब डॉलर का प्रावधान भी किया गया है। पिछले कुछ महीनों में चीन ने कंप्यूटर चिप्स में इनवेस्टमेंट बढ़ाया है। अमेरिका भी सेमीकंडक्टर के प्रोडक्शन को बढ़ाने की कोशिश कर रहा है और इसके लिए जापान, ताइवान और दक्षिण कोरिया के साथ टेक्नोलॉजी से जुड़ी पार्टनरशिप की जा रही हैं।  

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

आकाश आनंद

Gadgets 360 में आकाश आनंद डिप्टी न्यूज एडिटर हैं। उनके पास प्रमुख ...और भी

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. Apple यूजर्स के लिए खुशखबरी, iPhone 6 के लॉन्च के 12 साल बाद जारी हुआ सॉफ्टवेयर अपडेट, देखें
  2. Samsung Galaxy A07 5G जल्द होगा भारत में लॉन्च, लीक हुए प्राइसेज
  3. अमेरिका में इलेक्ट्रिसिटी की कॉस्ट बढ़ने से बिटकॉइन माइनिंग में हुई गिरावट
  4. HP HyperX Omen 15 गेमिंग लैपटॉप भारत में हुआ लॉन्च, जानें प्राइस, स्पेसिफिकेशंस
  5. 365 दिनों के लिए रोज 2.6GB डेटा, अनलिमिटेड कॉलिंग! BSNL ने पेश किया लिमिटेड पीरियड रीचार्ज प्लान
  6. कहीं से भी ऑनलाइन बदलें Aadhaar का मोबाइल नंबर, 28 जनवरी को लॉन्च होगा नया फीचर
  7. WhatsApp में Ads नहीं देखने तो देने होंगे पैसे? आने वाला है नया पेड सिस्टम
  8. कार में बिना केबल के चलेगा Android Auto, Apple CarPlay! जानें Ultraprolink के इस नए डिवाइस की कीमत
  9. Vivo X200T vs Motorola Signature vs OnePlus 13s: 2026 में कौन सा फोन है बेस्ट?
  10. मोबाइल टावर की जरूरत हो जाती खत्म, लेकिन Elon Musk के सपने पर भारत ने लगाया ब्रेक!
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »