भारत में 400 प्रतिशत बढ़े ऑनलाइन पेमेंट फ्रॉड: RBI

पिछले दो वर्षों में UPI से की गई ट्रांजैक्शंस की वैल्यू लगभग 137 प्रतिशत बढ़कर लगभग 200 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गई

भारत में 400 प्रतिशत बढ़े ऑनलाइन पेमेंट फ्रॉड: RBI

UPI की शुरुआत से डिजिटल पेमेंट्स तेजी से बढ़ी हैं

ख़ास बातें
  • UPI में मोबाइल ऐप्स के जरिए रकम भेजने की सुविधा मिलती है
  • इस सर्विस का श्रीलंका और मॉरीशस में लॉन्च किया गया है
  • पिछले कुछ महीनों में देश में डिजिटल रुपये का दायरा भी बढ़ा है
विज्ञापन
देश में पिछले वित्त वर्ष के दौरान ऑनलाइन पेमेंट से जुड़े फ्रॉड 400 प्रतिशत से अधिक बढ़कर 14.57 अरब रुपये के थे। यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) की शुरुआत से डिजिटल पेमेंट्स तेजी से बढ़ी हैं। इससे यूजर्स अपने स्मार्टफोन्स से पेमेंट्स को आसानी से ट्रांसफर कर सकते हैं। 

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के डेटा से पता चला है कि पिछले दो वर्षों में UPI से की गई ट्रांजैक्शंस की वैल्यू लगभग 137 प्रतिशत बढ़कर लगभग 200 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गई। फ्रॉड डिटेक्शन प्लेटफॉर्म Bureau के हेड ऑफ ग्रोथ, Nikhil Jois ने बताया कि डिजिटल पेमेंट्स की बढ़ती लोकप्रियता से फ्रॉड करने वालों के लिए टारगेट बड़ा हुआ है। उन्होंने कहा, "वित्तीय साक्षरता की कमी और टेक्नोलॉजी के कम इस्तेमाल से जनसंख्या का बड़ा हिस्सा इस तरह के फ्रॉड का शिकार बन सकता है। फ्रॉड करने वाले एडवांस हो रहे हैं, जबकि फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशंस और फिनटेक कंपनियां मार्केट शेयर और ग्रोथ के लिए जूझ रही हैं।" 

RBI ने उपभोक्ताओं को फाइनेंशियल फ्रॉड को लेकर जागरूक करने के लिए कई कैम्पैन शुरू किए हैं। UPI का विदेश में भी एक्सपैंशन किया जा रहा है। UPI सर्विस का श्रीलंका और मॉरीशस में लॉन्च किया गया है। मॉरीशस में RuPay कार्ड सर्विस को भी लॉन्च किया गया है। इससे श्रीलंका और मॉरीशस की यात्रा करने वाले भारतीयों के लिए UPI सर्विस उपलब्ध होगी। प्रधानमंत्री मोदी ने इसे मॉडर्न डिजिटल टेक्नोलॉजी के साथ ऐतिहासिक संबंधों को जोड़ने वाला बताया था। उन्होंने उम्मीद जताई कि नई फिनटेक सर्विसेज से दोनों देशों को मदद मिलेगी। मोदी का कहना था कि UPI ने भारत के साथ सहयोगियों को एकजुट करने की नई जिम्मेदारी संभाली है। 

UPI में मोबाइल ऐप्स के जरिए रकम भेजने की सुविधा मिलती है। पिछले कुछ महीनों में देश में डिजिटल रुपये का दायरा भी बढ़ा है। इससे RBI को पिछले वर्ष के अंत तक इसकी प्रति दिन 10 लाख ट्रांजैक्शंस का टारगेट पूरा करने में आसानी हुई है। पिछले वर्ष के अंत में कुछ बड़े सरकारी और प्राइवेट बैंकों ने एंप्लॉयी बेनेफिट स्कीम्स से जुड़ी रकम को एंप्लॉयीज के CBDC वॉलेट्स में ट्रांसफर किया था। सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC) या ई-रुपये को कैश के डिजिटल विकल्प के तौर पर डिस्ट्रीब्यूटेड लेजर टेक्नोलॉजी के जरिए तैयार किया गया है। 
Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

संबंधित ख़बरें

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. भारत में Model Y का नया वर्जन लॉन्च कर सकती है Tesla
  2. पाकिस्तान ने हटाया क्रिप्टोकरेंसीज से बैन, नए कानून से क्रिप्टो सेगमेंट को मिला कानूनी दर्जा
  3. भारत में स्मार्टफोन्स की शिपमेंट्स में बड़ी गिरावट, Vivo का मार्केट में पहला रैंक
  4. AI से काम आसान, लेकिन दिमाग को लग रही “शॉर्टकट” की आदत! स्टडी में बड़ा खुलासा
  5. Simple Ultra इलेक्ट्रिक स्कूटर हुआ लॉन्च, 400 किलोमीटर की रेंज का दावा 
  6. Android यूजर्स को बुरी लग सकती है ये रिपोर्ट, वफादारी में आगे निकले iPhone यूजर्स!
  7. boAt CineHead E1 लॉन्च: 150-इंच तक स्क्रीन साइज और Android सपोर्ट, कीमत Rs 8 हजार से कम
  8. Oppo Find X9s Pro में मिल सकता है MediaTek Dimensity 9500 चिपसेट, जल्द होगा लॉन्च
  9. Sony लाएगा पावरफुल पोर्टेबल PS6? नए लीक में हुए बड़े खुलासे
  10. Vivo X300 Ultra और Vivo X300 FE जल्द होंगे भारत में लॉन्च, Flipkart के जरिए होगी बिक्री
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »