इंफोसिस की बढ़ी मुश्किल, वर्कर्स की छंटनी पर केंद्र सरकार का सख्त रवैया

इंफोसिस ने बताया था कि जिन वर्कर्स को बर्खास्त किया गया है वे इंटरनल टेस्ट्स को पास नहीं कर सके थे

विज्ञापन
Written by आकाश आनंद, अपडेटेड: 13 फरवरी 2025 22:00 IST
ख़ास बातें
  • पिछले सप्ताह इंफोसिस ने लगभग 300 फ्रेशर्स की छंटनी करने की पुष्टि की थी
  • कंपनी ने बताया था कि ये वर्कर्स इंटरनल टेस्ट्स को पास नहीं कर सके थे
  • इन वर्कर्स को कुछ महीने पहले ही कंपनी ने जॉइन कराया था

इन वर्कर्स को कुछ महीने पहले ही कंपनी ने जॉइन करिया था

बड़ी सॉफ्टवेयर कंपनियों में शामिल Infosys को फ्रेशर्स की छंटनी करने की वजह से मुश्किल का सामना करना पड़ सकता है। मिनिस्ट्री ऑफ लेबर एंड एंप्लॉयमेंट ने कर्नाटक की लेबर मिनिस्ट्री को इंफोसिस में फ्रेशर्स की छंटनी के विवाद का समाधान करने के लिए जरूरी कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। 

IT वर्कर्स की यूनियन Nascent Information Technology Employees Senate (NITES) ने इससे पहले लेबर मिनिस्ट्री के सामने इंफोसिस के मैसुरु कैम्पस में फ्रेशर्स की छंटनी का मुद्दा उठाया था। लेबर मिनिस्ट्री ने कहा है, "इस मामले की जांच कर्नाटक सरकार से करने का निवेदन किया जाता है।" पिछले सप्ताह इंफोसिस ने लगभग 300 फ्रेशर्स की छंटनी करने की पुष्टि की थी। कंपनी ने बताया था कि ये वर्कर्स इंटरनल टेस्ट्स को पास नहीं कर सके थे। हालांकि, NITES ने बताया है कि इंफोसिस ने लगभग 700 वर्कर्स की छंटनी की है। इन वर्कर्स को कुछ महीने पहले ही कंपनी ने जॉइन कराया था। 

NITES ने कहा है कि बर्खास्त किए गए फ्रेशर्स को गोपनीयता से जुड़े एग्रीमेंट साइन करने के लिए बाध्य किया गया था, जो छंटनी के विवरण छिपाने की कोशिश है। NITES ने इस छंटनी और इसके दायरे में आए वर्कर्स पर असर को लेकर आशंका जताई है। लेबर मिनिस्ट्री को लिखे पत्र में NITES ने कहा था,  "हमें प्रभावित वर्कर्स की ओर से मिली कई शिकायतों से यह पता चला है कि इंफोसिस ने हाल ही में जॉइन करने वाले फ्रेशर्स को जबरदस्ती बर्खास्त किया है। इन वर्कर्स की ऑफर लेटर मिलने के बाद जॉइनिंग में दो वर्ष की देरी हुई थी।" 

हालांकि, इंफोसिस ने बताया था कि जिन वर्कर्स को बर्खास्त किया गया है वे इंटरनल टेस्ट्स को पास नहीं कर सके थे। कंपनी ने कहा है कि यह तरीका हायरिंग के दौरान वर्कर्स की ओर से साइन किए गए एग्रीमेंट के अनुसार है। NITES का कहना है कि कंपनी ने पूर्व नोटिस और मुआवजे के बिना अपने मैसुरु कैम्पस से सैंतड़ों वर्कर्स को बर्खास्त किया है। इन वर्कर्स को बर्खास्त करने के बाद उन्हें कैम्पस को छोड़ने के लिए कहा गया था और उन्हें डराने के लिए सिक्योरिटी गार्ड्स और बाउंसर्स का इस्तेमाल किया गया था। इससे पहले भी कुछ सॉफ्टवेयर कंपनियों पर वर्कर्स की बिना कोई मजबूत कारण बताए छंटनी करने के आरोप लगे थे। 
 
 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

Gadgets 360 में आकाश आनंद डिप्टी ...और भी

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. 200W पावर आउटपुट के साथ 25,000mAh पावरबैंक Ugreen ने किया लॉन्च, जानें कीमत और फीचर्स
  2. Motorola Edge 70 Max भारत में हो रहा 15 जुलाई को लॉन्च, अभी जानें स्पेसिफिकेशंस के बारे में
  3. Oppo Find N7 में मिल सकती है 6,500mAh की बैटरी
  4. सरकार ने इलेक्ट्रॉनिक्स पार्ट्स से हटा दी कस्टम ड्यूटी, अब स्मार्टफोन, लैपटॉप और टीवी बनाने की लागत होगी कम
#ताज़ा ख़बरें
  1. Tecno Camon 50 Ultra 5G जल्द होगा भारत में लॉन्च, 6,500mAh की बैटरी
  2. Samsung के सबसे स्टाइलिश फोन का हो सकता है The End! सामने आया बड़ा लीक
  3. Apple का iPhone 17 की मैन्युफैक्चरिंग घटाने का प्लान, कॉस्ट का बढ़ा प्रेशर
  4. Samsung के नए 2026 AI AC लॉन्च, इनमें मानसून के लिए मिलेंगे 3 खास फीचर्स
  5. Galaxy Z Fold 8, Fold 8 Ultra का प्राइस हो गया लीक, 5000mAh तक बैटरी के साथ 22 जुलाई को देंगे दस्तक!
  6. Vivo T5 Lite 5G जल्द होगा भारत में लॉन्च, 6,500mAh की बैटरी
  7. Sony IER-M500 ईयरबड्स हुए लॉन्च, यूनीक कलर, पारदर्शी डिजाइन के साथ जानें खास फीचर्स
  8. Asus Vivobook 14, Vivobook 15 लैपटॉप भारत में लॉन्च, 16GB रैम, Intel Core 7 सीरीज प्रोसेसर, जानें कीमत
  9. Oppo Find N7 में मिल सकती है 6,500mAh की बैटरी
  10. EPFO 2.01 Live: PF ट्रांसफर से लेकर क्लेम तक बदल जाएंगे कई नियम; जानिए क्या नया मिलेगा
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.