AI का इस्तेमाल बढ़ने के बावजूद इंजीनियर्स की हायरिंग जारी रखेगी Google

हाल ही में कंपनी ने बताया था कि Google One सब्सक्रिप्शन सर्विस के 15 करोड़ सब्सक्राइबर्स से ज्यादा हो गए हैं

AI का इस्तेमाल बढ़ने के बावजूद इंजीनियर्स की हायरिंग जारी रखेगी Google

कंपनी की Google One सब्सक्रिप्शन सर्विस के 15 करोड़ सब्सक्राइबर्स से ज्यादा हो गए हैं

ख़ास बातें
  • पिछले कुछ वर्षों में AI का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है
  • गूगल के CEO, सुंदर पिचाई ने बताया कि इससे प्रोडक्टिविटी बढ़ी है
  • गूगल ने भी AI में अरबों डॉलर का इनवेस्टमेंट किया है
विज्ञापन
बड़ी टेक कंपनियों में शामिल Google को ऑपरेट करने वाली Alphabet के CEO, Sundar Pichai ने कहा है कि कंपनी में इंजीनियर्स की हायरिंग जारी रहेगी। उनका कहना था कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल बढ़ने के बावजूद यह वर्कर्स की जगह नहीं ले सकता। 

Bloomberg Tech conference में पिचाई ने बताया कि ह्युमन टैलेंट के विकल्प के बजाय AI एक एक्सेलरेटर के तौर पर कार्य करता है। इससे कंपनी को टेक्नोलॉजी के इमर्जिंग एरिया में अधिक मौकों का फायदा उठाने में आसानी होती है। पिचाई ने कहा, "मुझे उम्मीद है कि हमारे मौजूदा इंजीनियरिंग बेस को अगले वर्ष तक बढ़ाया जाएगा।" पिचाई का यह नजरिया अन्य कंपनियों से अलग है जो AI को कॉस्ट घटाने के एक जरिए के तौर पर देखती हैं। 

अमेरिकी टेक्नोलॉजी और ई-कॉमर्स कंपनी Amazon, सॉफ्टवेयर कंपनी Microsoft और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Facebook को ऑपरेट करने वाली Meta ने पिछले कुछ महीनों में हजारों वर्कर्स की छंटनी की है। ये कंपनियां AI में अपना इनवेस्टमेंट बढ़ा रही हैं। इससे टेक इंडस्ट्री में ह्युमन वर्कर्स की जगह AI के लेने की आशंका बढ़ी है। पिचाई ने बताया कि AI से इंजीनियर्स की प्रोडक्टिविटी बढ़ी है। AI की मदद से कुछ टास्क किए जा रहे हैं और इससे अधिक प्रभाव वाले कार्य में इंजीनियर्स को लगाया जा सकता है। हालांकि, गूगल ने भी AI में अरबों डॉलर का इनवेस्टमेंट किया है। 

हाल ही में कंपनी ने बताया था कि Google One सब्सक्रिप्शन सर्विस के 15 करोड़ सब्सक्राइबर्स से ज्यादा हो गए हैं। इस सर्विस में सब्सक्राइबर्स को क्लाउड स्टोरेज और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ( AI) फीचर्स के लिए भुगतान करना होता है। Google One की सर्विस शुरू होने के लगभग छह वर्ष बाद पिछले वर्ष फरवरी में इसके सब्सक्राइबर्स की संख्या 10 करोड़ से अधिक हुई थी। इसके साथ ही गूगल ने AI फीचर्स के एक्सेस वाला पेड प्लान पेश किया था। इस प्लान का प्राइस 19.99 डॉलर प्रति माह का था। हालांकि, Google One के फ्री यूजर्स के लिए AI फीचर्स का एक्सेस उपलब्ध नहीं है। इस सर्विस के फाइल स्टोरेज जैसे फीचर्स के लिए कम प्राइस वाला प्लान है। पिछले कुछ वर्षों से Alphabet को OpenAI के ChatGPT जैसे AI चैटबॉट्स से कड़ी टक्कर मिल रही है। Alphabet को Google One सर्विस के सब्सक्रिप्शंस बढ़ने से लॉन्ग-टर्म में वित्तीय स्थिति को मजबूत करने में सहायता मिल सकती है। 
Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

आकाश आनंद

Gadgets 360 में आकाश आनंद डिप्टी न्यूज एडिटर हैं। उनके पास प्रमुख ...और भी

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News
Turbo Read

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. Tesla की जल्द Cybercab लॉन्च करने की तैयारी, रोबोटैक्सी का है टारगेट 
  2. Google के Pixel स्मार्टफोन्स की भारत में बढ़ सकती है मैन्युफैक्चरिंग, चीन को लगेगा झटका
  3. Oppo Find X10 में मिल सकता है 6.59 इंच डिस्प्ले, 200 मेगापिक्सल प्राइमरी कैमरा
  4. BGMI Lite का इंतजार खत्म! 25 अगस्त से शुरू होगा प्री-रजिस्ट्रेशन, जानें पूरी डिटेल
  5. iQOO Z11 में मिलेगा 32 मेगापिक्सल का फ्रंट कैमरा, भारत में इस सप्ताह होगा लॉन्च
  6. Jio बंद नहीं कर रहा ₹299 वाला प्लान! लेकिन यहां है एक बड़ा ट्विस्ट
  7. फोन-टैबलेट खरीदने वालों को झटका! दूसरी बार महंगे हुए Samsung के ये स्मार्टफोन, Xiaomi Pad 8 के भी बढ़े दाम
  8. Poco M8x 5G में मिलेगी 7,900mAh बैटरी, इस सप्ताह होगा लॉन्च
  9. सोशल मीडिया पर फोटो पोस्ट करते हैं तो सावधान! GPS के बिना भी AI खोज सकता है आपकी लोकेशन
  10. Infinix Hot 70 Pro के भारत में लॉन्च की तैयारी, 6,000mAh हो सकती है बैटरी
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »