• होम
  • इंटरनेट
  • ख़बरें
  • Google में हो सकती है हजारों वर्कर्स की छंटनी, स्टाफ के लिए कड़ा होगा रिव्यू सिस्टम

Google में हो सकती है हजारों वर्कर्स की छंटनी, स्टाफ के लिए कड़ा होगा रिव्यू सिस्टम

पिछले वर्षों की तुलना में कम वर्कर्स ही हाई रेटिंग हासिल कर सकेंगे। नया रिव्यू सिस्टम अगले वर्ष से लागू किया जाएगा

Google में हो सकती है हजारों वर्कर्स की छंटनी, स्टाफ के लिए कड़ा होगा रिव्यू सिस्टम

अमेरिका में टेक सेक्टर में पिछले कुछ महीनों में बहुत सी कंपनियों ने छंटनी की है

ख़ास बातें
  • पिछले वर्षों की तुलना में कम वर्कर्स ही हाई रेटिंग हासिल कर सकेंगे
  • कंपनी के वर्कर्स में से छह प्रतिशत कम रैंकिंग वाली कैटेगरी में होंगे
  • गूगल का अनुमान है कि केवल 22 प्रतिशत वर्कर्स को ही ऊंची रेटिंग मिलेगी
विज्ञापन
इंटरनेट सर्च से जुड़ी Google में वर्कर्स के लिए नया परफॉर्मेंस रिव्यू सिस्टम लागू किया जा रहा है। इससे बड़ी संख्या में वर्कर्स को लो परफॉर्मेंस रेटिंग्स मिलने का रिस्क होगा। पिछले वर्षों की तुलना में कम वर्कर्स ही हाई रेटिंग हासिल कर सकेंगे। नया रिव्यू सिस्टम अगले वर्ष से लागू किया जाएगा। 

CNBC की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि गूगल का अनुमान है कि कंपनी के फुल टाइम वर्कर्स में से छह प्रतिशत कम रैंकिंग वाली कैटेगरी में आएंगे। इससे उनकी जॉब के लिए रिस्क बढ़ जाएगा। हालांकि, कंपनी ऐसे वर्कर्स को सुधार का मौका दे सकती है। कंपनी के मौजूदा सिस्टम में केवल दो प्रतिशत वर्कर्स को निचली रैंकिंग मिलती है। गूगल के स्टाफ के लिए चुनौती बढ़ जाएगा क्योंकि हाई रैंकिंग वाले वर्कर्स को भी रेटिंग बढ़ाने के लिए कोशिश करनी होगी। गूगल का अनुमान है कि केवल 22 प्रतिशत वर्कर्स ही सबसे ऊंची दो कैटेगरी में आएंगे। मौजूदा सिस्टम में यह आंकड़ा लगभग 27 प्रतिशत का है। 

गूगल के CEO, Sundar Pichai ने हाल ही में कंपनी की एक मीटिंग में छंटनी की आशंका जताई थी। अगर गूगल से निचली रैंकिंग वाले छह प्रतिशत वर्कर्स को निकाला जाता है तो यह संख्या 10,000 वर्कर्स तक हो सकती है। अमेरिका में टेक सेक्टर में पिछले कुछ महीनों में बहुत सी कंपनियों ने छंटनी की है। इनमें Meta, Amazon और Twitter शामिल हैं। बिलिनेयर एलन मस्क ने माइक्रोब्लॉगिंग साइट ट्विटर को टेकओवर करने के बाद पिछले महीने कंपनी के लगभग आधे वर्कर्स की छंटनी की थी। सोशल मीडिया साइट फेसबुक को चलाने वाली मेटा से भी बड़ी संख्या में स्टाफ की छंटनी की गई है। 

भारत में कॉम्पिटिशन कमीशन ऑफ इंडिया (CCI) ने एंड्रॉयड मोबाइल डिवाइसेज को लेकर अपनी दबदबे वाली स्थिति का गलत इस्तेमाल करने के लिए गूगल पर अक्टूबर में लगभग 1,338 करोड़ रुपये की पेनल्टी लगाई थी। इसके साथ ही गूगल को ऐसे कारोबारी तरीकों को बंद करने और इनसे बचने का आदेश दिया था। गूगल ने CCI के ऑर्डर को अपीलेट ट्राइब्यूनल NCLAT में चुनौती दी है। गूगल के प्रवक्ता ने कहा, "हमने एंड्रॉयड पर CCI के ऑर्डर के खिलाफ अपील करने का फैसला किया है। हमारा मानना है कि यह हमारे उन भारतीय यूजर्स और कारोबारों के लिए बड़ा धक्का है जो एंड्रॉयड के सिक्योरिटी फीचर्स पर विश्वास करते हैं। 
Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

आकाश आनंद

Gadgets 360 में आकाश आनंद डिप्टी न्यूज एडिटर हैं। उनके पास प्रमुख ...और भी

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. India U19 vs Pakistan U19 LIVE Streaming: भारत-पाकिस्तान की क्रिकेट वर्ल्डकप में भिड़ंत आज, यहां देखें फ्री!
  2. Moltbook: 14 लाख AI एजेंट मिलकर उड़ा रहे इंसानों का मज़ाक, AI की इस दुनिया में इंसानों की 'नो एंट्री!'
  3. 7000mAh बैटरी के साथ Huawei Nova 14i का ग्लोबल लॉन्च, जानें कीमत और फीचर्स
  4. IKEA लाई 'चूहा' ब्लूटूथ स्पीकर, एक बार चार्ज में 24 घंटे तक बजाएं, बच्चों को भी लुभाएगा
  5. Oppo Reno 15 Pro को Rs 7500 सस्ता खरीदने का मौका, 200MP का है कैमरा
  6. Samsung Galaxy S26 होगा iPhone Air से भी हल्का! 50MP कैमरा के साथ डिजाइन लीक
  7. सस्ते मोबाइल भूल जाओ! नए स्मार्टफोन की औसत कीमत Rs 37 हजार के पार
  8. Xiaomi ने 34 इंच बड़ा, 180Hz कर्व डिस्प्ले गेमिंग मॉनिटर किया लॉन्च, जानें कीमत
  9. Samsung Galaxy S26 Ultra की पहली झलक! डिजाइन, कलर्स समेत खास फीचर्स का खुलासा
  10. 100 फीट बड़े 4 एस्टरॉयड धरती से टकराने वाले हैं? जानें NASA का अलर्ट
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »