Twitter से सैंकड़ों वर्कर्स को बाहर करने के बाद दोबारा हायरिंग करेंगे Elon Musk

मस्क ने स्टाफ को एक मीटिंग के दौरान बताया कि ट्विटर में अब हायरिंग की जाएगी। इसके लिए स्टाफ से रेफरल देने को भी कहा गया है

Twitter से सैंकड़ों वर्कर्स को बाहर करने के बाद दोबारा हायरिंग करेंगे Elon Musk

इसके लिए स्टाफ से रेफरल देने को भी कहा गया है

ख़ास बातें
  • पिछले महीने के अंत में मस्क ने ट्विटर को खरीदने की डील पूरी की थी
  • इसके बाद से वह कंपनी में बड़े बदलाव कर रहे हैं
  • ट्विटर के स्टाफ के लिए रूल्स कड़े किए जा रहे हैं
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माइक्रोब्लॉगिंग साइट Twitter के नए मालिक Elon Musk ने बताया है कि कंपनी में और छंटनी करने की योजना नहीं है और एडवर्टाइजमेंट सेल्स और इंजीनियरिंग डिविजंस के लिए हायरिंग की जाएगी। इसके साथ ही मस्क ने कहा कि जाली एकाउंट्स को रोकने को लेकर सफलता मिलने तक कंपनी ने Twitter Blue का रीलॉन्च टाल दिया है। 

Verge की एक रिपोर्ट के अनुसार, मस्क ने स्टाफ को एक मीटिंग के दौरान बताया कि ट्विटर में अब हायरिंग की जाएगी। इसके लिए स्टाफ से रेफरल देने को भी कहा गया है। इस महीने की शुरुआत में ट्विटर के लगभग 7,500 वर्कर्स में से आधे से अधिक की छंटनी की गई थी। इसके बाद मस्क ने वर्कर्स को कार्य के घंटे बढ़ाने और अधिक मेहनत करने या कंपनी छोड़ने का फरमान दिया था। इससे नाराज होकर ट्विटर के कई वर्कर्स ने इस्तीफा दे दिया था। मस्क की ओर से स्टाफ के वर्क फ्रॉम होम या रिमोट लोकेशन से वर्क पर बैन लगाने और जॉब में अधिक घंटे लगाने के खिलाफ कंपनी के एक डिसएबल्ड वर्कर ने मुकदमा दायर किया है। इस मामले में कहा गया है कि कंपनी के अक्षमताओं वाले वर्कर्स को इस्तीफा देने के लिए मजबूर किया गया है क्योंकि वे मस्क के प्रोडक्टिविटी के मापदंडों को पूरा नहीं कर सकते। 

अमेरिका में सैन फ्रांसिस्को की अदालत में यह कानूनी मामला दायर करने वाले इंजीनियरिंग मैनेजर Dmitry Borodaenko ने बताया है कि ट्विटर ने उन्हें ऑफिस में रिपोर्ट करने से इनकार करने पर कंपनी से निकाल दिया है। Borodaenko का कहना है कि ट्विटर के वर्कर्स को ऑफिस बुलाने या इस्तीफा देने से जुड़ा मस्क का ऑर्डर फेडरल अमेरिकन्स विद डिसएबिलिटीज एक्ट का उल्लंघन है। इस एक्ट के तहत डिसएबल्ड वर्कर्स को उचित छूट देने का प्रावधान है। Borodaenko ने अपनी शिकायत में कहा है कि उन्हें डिसएबिलिटी की वजह से कोरोना होने का रिस्क है। 

इसी अदालत में दायर एक अन्य मामले में कंपनी पर हजारों कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स को संघीय कानून के तहत आवश्यक 60 दिनों का नोटिस दिए बिना कंपनी से बाहर करने का आरोप लगाया गया है। इससे पहले ट्विटर के वर्कर्स के लिए स्थायी तौर पर कहीं से भी वर्क करने की व्यवस्था थी। कंपनी ने महामारी के दौरान रिमोट लोकेशन से वर्क की शुरुआत की थी। मस्क ने कहा था कि वह ऐसी व्यवस्था के खिलाफ हैं और प्रत्येक मामले के आधार पर इसकी अनुमति दी जाएगी। 


(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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आकाश आनंद

Gadgets 360 में आकाश आनंद डिप्टी न्यूज एडिटर हैं। उनके पास प्रमुख ...और भी

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