टेस्ला ने पिछले वर्ष Model Y L को चीन में पेश किया था। यह कंपनी के स्टैंडर्ड मॉडल Y का लॉन्ग-व्हीलबेस और थ्री-रो वाला वर्जन है। इस इलेक्ट्रिक SUV में छह सीट दी गई हैं
इस इलेक्ट्रिक SUV की मैन्युफैक्चरिंग चीन के शंघाई में कंपनी की गीगाफैक्टरी में की जा रही है
इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV) के इंटरनेशनल मार्केट में बड़ी हिस्सेदारी रखने वाली टेस्ला की भारत में अपने Model Y का नया वर्जन लॉन्च करने की तैयारी है। देश में पिछले वर्ष अपने बिजनेस की शुरुआत करने वाली Tesla को कस्टमर्स से ठंडा रिस्पॉन्स मिल रहा है। बिलिनेयर Elon Musk की इस कंपनी की भारत में बिक्री अनुमान से बहुत कम रही है।
एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, टेस्ला ने पिछले वर्ष Model Y L को चीन में पेश किया था। यह कंपनी के स्टैंडर्ड मॉडल Y का लॉन्ग-व्हीलबेस और थ्री-रो वाला वर्जन है। इस इलेक्ट्रिक SUV में छह सीट दी गई हैं। यह उन कस्टमर्स के लिए बेहतर है जिन्हें अधिक केबिन स्पेस की जरूरत होती है। कंपनी के Model Y L को अगले सप्ताह भारत में लॉन्च किया जा सकता है। इस इलेक्ट्रिक SUV की मैन्युफैक्चरिंग चीन के शंघाई में कंपनी की गीगाफैक्टरी में की जा रही है। देश में पिछले वर्ष टेस्ला के मॉडल Y की सिर्फ 227 यूनिट्स की बिक्री हुई है।
देश में Model Y के लिए दो वेरिएंट्स - रियर व्हील ड्राइव और लॉन्ग-रेंज रियर व्हील ड्राइव को उपलब्ध कराया गया है। मॉडल Y का शुरुआती प्राइस 59.89 लाख रुपये का है। इसके लॉन्ग-रेंज रियर व्हील ड्राइव वेरिएंट का प्राइस 67.89 लाख रुपये है। कंपनी ने इनवेंटरी को घटाने के लिए इस इलेक्ट्रिक SUV पर दो लाख रुपये के डिस्काउंट की पेशकश की थी। इंटरनेशनल मार्केट में मॉडल Y का ऑल-व्हील ड्राइव (AWD) वेरिएंट भी उपलब्ध है। इस इलेक्ट्रिक SUV के रियर-व्हील ड्राइव वेरिएंट की सिंगल चार्ज में रेंज लगभग 500 किलोमीटर की है। यह 5.9 सेकेंड्स में 0 से 100 km/h की स्पीड पर पहुंच सकती है।
मॉडल Y के लॉन्ग रेंज रियर-व्हील ड्राइव की रेंज 620 किलोमीटर से कुछ ज्यादा की है। यह 5.6 सेकेंड्स में 0 से 100 km/h की स्पीड तक पहुंच सकती है। चीन में टेस्ला की फैक्टरी से मॉडल Y का फुली बिल्ड यूनिट के तौर पर इम्पोर्ट किया जाता है। इस वजह से इस इलेक्ट्रिक SUV पर भारी इम्पोर्ट ड्यूटी लगती है। देश में टैरिफ अधिक होने से मॉडल Y के प्राइसेज अन्य इंटरनेशनल मार्केट्स की तुलना में ज्यादा हैं। इसका असर कंपनी की सेल्स पर भी पड़ रहा है। इंटरनेशनल मार्केट में पिछली कुछ तिमाहियों में टेस्ला की सेल्स में कमी हुई है। इसका कारण चीन जैसे बड़े मार्केट्स में कॉम्पिटिशन का बढ़ना है। पिछले वर्ष टेस्ला को चीन की BYD ने वार्षिक सेल्स में पीछे छोड़ दिया था।
लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।
विज्ञापन
विज्ञापन
पाकिस्तान ने हटाया क्रिप्टोकरेंसीज से बैन, नए कानून से क्रिप्टो सेगमेंट को मिला कानूनी दर्जा
भारत में स्मार्टफोन्स की शिपमेंट्स में बड़ी गिरावट, Vivo का मार्केट में पहला रैंक