ओला इलेक्ट्रिक ने Hyperservice प्रोग्राम के साथ कस्टमर्स को सर्विस में हो रही मुश्किलों को समाप्त करने की कोशिश की है। पिछले वर्ष दिसंबर में सर्विस की लगभग 77 प्रतिशत रिक्वेस्ट को समान दिन में पूरा किया गया है
केंद्र सरकार से ओला इलेक्ट्रिक को मैन्युफैक्चरिंग से जुड़ा लगभग 367 करोड़ रुपये का इंसेंटिव मिला है
बड़ी इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर कंपनियों में शामिल ओला इलेक्ट्रिक की दिसंबर में बिक्री में बढ़ोतरी हुई है। कंपनी ने 9,020 यूनिट्स की बिक्री की है। Ola Electric का मार्केट शेयर बढ़कर 9.3 प्रतिशत हो गया है। नवंबर में कंपनी का मार्केट शेयर 7.2 प्रतिशत का था। कंपनी को सर्विस में सुधार करने के लिए शुरू किए गए Hyperservice प्रोग्राम का फायदा मिला है।
VAHAN पोर्टल के डेटा के अनुसार, दिसंबर के दूसरे पखवाड़े में ओला इलेक्ट्रिक का मार्केट शेयर बढ़कर लगभग 12 प्रतिशत का रहा है। कंपनी के चेयरमैन, Bhavish Aggarwal ने बताया, "हमारी प्रायरिटी रफ्तार और अनुशासन के साथ सर्विस में सुधार करने की है। हमें कस्टमर्स के एक्सपीरिएंस और मार्केट शेयर में इसका नतीजा दिख रहा है।" कंपनी ने बताया कि उसने उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पंजाब और तमिलनाडु जैसे प्रमुख मार्केट्स में टॉप तीन EV कंपनियों में दोबारा अपनी जगह बना ली है।
ओला इलेक्ट्रिक ने Hyperservice प्रोग्राम के साथ कस्टमर्स को सर्विस में हो रही मुश्किलों को समाप्त करने की कोशिश की है। पिछले वर्ष दिसंबर में सर्विस की लगभग 77 प्रतिशत रिक्वेस्ट को समान दिन में पूरा किया गया है। कंपनी ने S1 Pro+ के साथ 4680 Bharat Cell वाले व्हीकल्स की डिलीवरी भी शुरू कर दी है। इस बैटरी पैक की मैन्युफैक्चरिंग देश में की गई है। इसके साथ अपना बैटरी पैक और सेल मैन्युफैक्चरिंग प्रोसेस रखने वाली भारत की यह पहली कंपनी बन गई है। S1 Pro+ में 5.2 kWh की बैटरी दी गई है। इस इलेक्ट्रिक स्कूटर में 13 kW की मोटर है। S1 Pro+ की रेंज लगभग 320 किलोमीटर की है। इसमें चार राइडिंग मोड - Hyper, Sports, Normal और Eco दिए गए हैं। कंपनी को 4680 Bharat Cell बैटरी पैक वाली Roadster X+ इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल के लिए भी सरकार से सर्टिफिकेशन मिला है। ओला इलेक्ट्रिक जल्द ही इस इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल की डिलीवरी भी शुरू करेगी।
दिसंबर में केंद्र सरकार से ओला इलेक्ट्रिक को मैन्युफैक्चरिंग से जुड़ा लगभग 367 करोड़ रुपये का इंसेंटिव मिला है। ऑटोमोबाइल एंड ऑटो कंपोनेंट्स के लिए प्रोडक्शन-लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) स्कीम के तहत यह इंसेंटिव दिया गया है। मिनिस्ट्री ऑफ हेवी इंडस्ट्रीज ने PLI स्कीम के तहत 366.78 करोड़ रुपये के इंसेंटिव जारी करने के लिए सैंक्शन ऑर्डर मिला है।
लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।
कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स शो की लेटेस्ट खबरें hindi.gadgets 360 पर और हमारे CES 2026 पेज पर देखें