EV बनाने के लिए लाइसेंस लेने की तैयारी में JSW Group

JSW ऐसे सिंगल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर सकता है जिसके जरिए कम से कम तीन मिड-साइज स्पोर्ट्स यूटिलिटी व्हीकल (SUV) बनाए जा सकें

EV बनाने के लिए लाइसेंस लेने की तैयारी में JSW Group
ख़ास बातें
  • इसके लिए चीन की ऑटोमोबाइल कंपनी Leapmotor से बातचीत की जा रही है
  • JSW Group की योजना MG Motor में हिस्सेदारी लेने की भी है
  • MG Motor का मालिकाना हक चीन की SAIC Motor के पास है
विज्ञापन
स्टील से लेकर एनर्जी तक के बिजनेस से जुड़े JSW Group ने भारत में इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV) बनाने के लिए चीन की ऑटोमोबाइल कंपनी Leapmotor के साथ टेक्नोलॉजी के लाइसेंस पर बातचीत शुरू की है। इस टेक्नोलॉजी लाइसेंसिंग एग्रीमेंट के तहत, JSW देश में अपने ब्रांड के EV बनाने के लिए Leapmotor के प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करेगा। 

इस बारे में जानकारी रखने वाले सूत्रों ने बताया कि JSW ऐसे सिंगल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर सकता है जिसके जरिए कम से कम तीन मिड-साइज स्पोर्ट्स यूटिलिटी व्हीकल (SUV) बनाए जा सकें। Leapmotor इसमें जीनियरिंग से जुड़ी मदद भी करेगी। हालांकि, यह पता नहीं चला है कि JSW कब तक प्रोडक्शन शुरू कर सकता है। इसके अलावा JSW Group की योजना MG Motor की भारत में यूनिट में हिस्सेदारी खरीदने की भी है। MG Motor का मालिकाना हक चीन की SAIC Motor के पास है। देश का EV मार्केट शुरुआती दौर में है। इस मार्केट में Tata Motors की सबसे अधिक हिस्सेदारी है। पिछले वित्त वर्ष में देश में बिक्री कुल कारों में EV की हिस्सेदारी दो प्रतिशत से कम थी। 

एक सूत्र ने बताया, "JSW की योजना अपने ब्रांड के तहत कारें बेचने के लिए। इसके लिए इसे इनवेस्टमेंट या किसी ऑटोमोबाइल कंपनी के साथ ज्वाइंट वेंचर के बजाय टेक्नोलॉजी की अधिक जरूरत है।" यह चीन की कुछ अन्य ऑटोमोबाइल कंपनियों के साथ भी बातचीत कर रहा है। इन सूत्रों ने नाम जाहिर करने से मना कर दिया क्योंकि इस बारे में बातचीत अभी चल रही है और कोई फैसला नहीं किया गया है। 

इस बारे में Leapmotor ने कोई टिप्पणी करने से मना कर दिया। JSW Group ने भी इसे लेकर कोई जानकारी नहीं दी है। हालांकि, इसके चेयरमैन Sajjan Jindal ने बताया था कि MG Motor में हिस्सेदारी खरीदने के लिए बातचीत की जा रही है।  EV के मार्केट में ग्रोथ तेजी से बढ़ रही है। केंद्र सरकार का लक्ष्य 2030 तक EV सेल्स को बढ़ाकर 30 प्रतिशत करने का है। ग्लोबल EV कंपनी Tesla भी देश में इलेक्ट्रिक व्हीकल्स बनाने के लिए सरकार के साथ बातचीत कर रही है। टेस्ला ने लगभग दो वर्ष पहले बेंगलुरु में अपनी सब्सिडियरी को रजिस्टर्ड कराया था। हालांकि, कंपनी को देश में बिजनेस शुरू करने में काफी देर हुई है। टेस्ला की फैक्टरी की वार्षिक कैपेसिटी लगभग पांच लाख यूनिट्स हो सकती है।  
 
Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

आकाश आनंद

Gadgets 360 में आकाश आनंद डिप्टी न्यूज एडिटर हैं। उनके पास प्रमुख ...और भी

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. Elon Musk की नेटवर्थ 600 अरब डॉलर घटी, Tesla और SpaceX  के शेयर्स में गिरावट का असर
  2. भारत में जल्द लॉन्च होगा Boltt स्मार्टफोन, 20,000 रुपये से कम हो सकता है प्राइस
  3. Oppo F35 सीरीज जल्द होगी भारत में लॉन्च, 2 मॉडल हो सकते हैं शामिल
  4. इलेक्ट्रिक पैसेंजर व्हीकल्स की सेल्स 81 प्रतिशत बढ़ी, Tata Motors का टॉप रैंक बरकरार
  5. जापान ने बनाया 'इंसानों का फ्रिज'! वीडियो शेयर कर हर्ष गोयनका बोले- इसे हर सड़क किनारे लगा देना चाहिए
  6. iQOO Z11 में मिलेगा नए डिजाइन वाला कैमरा मॉड्यूल, भारत में इस महीने होगा लॉन्च
  7. WhatsApp पर ये गलती भर देगी फोन की स्टोरेज, सेटिंग में आज ही करें ये बदलाव, दो बार नहीं सेव होंगे फोटो
  8. रेगिस्तान में भी उगेंगे पेड़? 14 साल के बच्चे ने बनाया हवा से पानी निकालने वाला सिस्टम, ऐसे करता है काम
  9. Samsung Galaxy F70 Pro 5G vs OnePlus N6 vs Poco M8 5G: कौन सा है बेहतर?
  10. अब चाभी या बैग खोने की टेंशन नहीं! JioTag 2 ब्लूटूथ ट्रैकर भारत में लॉन्च, जानें कीमत
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »