पेट्रोल कारों के बराबर हो जाएंगे EV के प्राइसेजः नितिन गडकरी

EV के मार्केट में बड़ी हिस्सेदारी रखने वाली Tata Motors ने देश में EV के लिए चार्जिंग स्टेशंस की संख्या को दो वर्षों में दोगुना करने की योजना बनाई है

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ख़ास बातें
  • नई EV पॉलिसी की घोषणा जल्द की जा सकती है
  • अमेरिकी EV मेकर Tesla की भारत में बिजनेस शुरू करने की योजना है
  • केंद्र सरकार की योजना EV के चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को भी बढ़ाने की है
पेट्रोल कारों के बराबर हो जाएंगे EV के प्राइसेजः नितिन गडकरी

अमेरिकी EV मेकर Tesla की भारत में बिजनेस शुरू करने की योजना है

पिछले कुछ वर्षों में इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV) की लोकप्रियता बढ़ी है। हालांकि, EV के महंगा होने और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर कमी की वजह से इनकी बिक्री तेजी से नहीं बढ़ रही। ट्रांसपोर्ट एंड हाइवेज मिनिस्टर Nitin Gadkari का कहना है कि छह महीनों में इलेक्ट्रिक व्हीकल्स के प्राइसेज पेट्रोल से चलने वाली कारों के बराबर हो जाएंगे। 

Convergence India और Smart Cities India Expo को संबोधित करते हुए गडकरी ने कहा कि केंद्र सरकार की पॉलिसी इम्पोर्ट का विकल्प तैयार करना, कॉस्ट में कमी और पॉल्यूशन पर कंट्रोल करना और देश में मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ाना है। देश को तीसरी सबसे बड़ी इकोनॉमी बनाने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में सुधार की जरूरत है। गडकरी का कहना था, "हम सड़कों को बेहतर बनाकर लॉजिस्टिक्स की कॉस्ट घटा सकते हैं।" उन्होंने कहा कि देश की इकोनॉमी बहुत अच्छी है और सरकार स्मार्ट सिटीज और स्मार्ट ट्रांसपोर्ट को लेकर प्रतिबद्ध है। 

गडकरी ने बताया कि इलेक्ट्रिसिटी के इस्तेमाल वाले मास रैपिड ट्रांसपोर्ट पर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने रोड कंस्ट्रक्शन के खर्च को घटाने के लिए नई टेक्नोलॉजी और इनोवेशन को बढ़ावा देने की जरूरत बताई। EV की मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ाने के लिए जल्द ही नई EV पॉलिसी की घोषणा की जा सकती है। इस पॉलिसी में इम्पोर्टेड EV पर टैक्स में छूट के लिए चार्जिंग से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च किए जाने वाले फंड की लिमिट तय की जा सकती है। अमेरिकी EV मेकर Tesla की भारत में बिजनेस शुरू करने की योजना है। पिछले वर्ष एक EV पॉलिसी जारी की गई थी। इसमें टेस्ला जैसी EV कंपनियों को आकर्षित करने के लिए इम्पोर्टेड इलेक्ट्रिक व्हीकल्स पर टैक्स को लगभग 100 प्रतिशत से घटाकर 15 प्रतिशत किया गया था। हालांकि, इसके साथ यह शर्त थी कि कम टैक्स का फायदा उठाने वाले  EV मेकर्स को एक फैक्टरी लगाने में न्यूनतम 50 करोड़ डॉलर का इनवेस्टमेंट करना होगा। 

EV के मार्केट में बड़ी हिस्सेदारी रखने वाली Tata Motors ने देश में EV के लिए चार्जिंग स्टेशंस की संख्या को दो वर्षों में दोगुना करने की योजना बनाई है। हाल ही में कंपनी ने बताया था कि 2027 तक इन चार्जिंग स्टेशंस को बढ़ाकर लगभग चार लाख तक पहुंचाया जाएगा। इसके लिए चार्जवाइंट ऑपरेटर्स और इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन और भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन जैसी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के साथ टाटा मोटर्स की टाई-अप करने की योजना है। 

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आकाश आनंद

Gadgets 360 में आकाश आनंद डिप्टी ...और भी »

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